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दिल्ली में त्रुटिपूर्ण ओ जोन को हटाने की प्रक्रिया शुरू । भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सांसद मनोज तिवारी एवं सांसद रामबीर सिंह विदुड़ी ने जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली की 92 कालोनियों एवं कुछ गाँवों को कांग्रेस शासनकाल में ओ जोन में डाल दिया गया था । ओ जोन श्रेणी में वे इलाके आते हैं जिनमें बाढ़ का पानी भर जाता था । दोनों ही नेताओं ने यमुना किनारे बसी दिल्ली के निवासियों जिनके बीच ओ जोन को लेकर विगत दिनों तनाव बढ़ रहा है को आश्वस्त किया है कि केन्द्र एवं दिल्ली सरकारों के साथ ही दिल्ली भाजपा संगठन भी उनकी ओ जोन घोषित क्षेत्र को लेकर चिंता के प्रति संवेदनशील है एवं किसी भी प्रचीन बसे गांव या पहले नियमित हो चुकी कॉलोनी को टूटने नही दिया जाएगा ।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी यह स्पष्ट कर दिया है कि ओ जोन की पुरानी आबादी में किसी भी तरह की तोड़-फोड़ नहीं की जाएगी । इस बाबत शीघ्र ही शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिलकर उन्हें सही तथ्यों से अवगत कराया जाएगा ताकि 15 लाख लोगों के साथ न्याय हो सके । दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश केवल नए निर्माण को लेकर है। उन्होंने इन क्षेत्रों के लोगों से अपील की है कि वे तब तक कोई नया निर्माण नहीं करें, जब तक इस बारे में अंतिम फैसला नहीं आ जाता।
उन्होंने आम आदमी पार्टी के बुराड़ी विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि वह खुद सरकारी जमीन पर मकान बनाकर रह रहे हैं । क्यूँकि उन्हें अपने आशियाने के उजड़ने का डर है इसलिए वह लोगों के मन में डर पैदा कर रहे हैं।