नई दिल्ली 23, Jun 2024

लेख

1 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

2 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

3 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

4 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

5 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

6 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

7 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

8 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

9 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

10 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

11 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

12 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

13 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

14 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

15 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

16 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

17 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

18 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

19 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

20 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

21 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

22 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

23 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

24 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

25 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

26 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

27 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

28 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

29 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

30 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

31 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

32 - ठेके आन फिटनेस सेंटर ऑफ छा गए केजरीवाल जी तुस्सी

33 - मुख्य सुरक्षा अधिकारी हुए पंचतत्वों विलीन

34 - दिल्ली में यमुना का पानी का बीओडी लेवेल 50 के पार

35 - फूक के कदम रखिए वरना हो सकता है आपका भी अगला नंबर

36 - महंत नरेंद्र गिरी की मौत पर लगे सवालिया निशान

37 - अकाली दल बादल ने लगाई हैट्रिक

38 - सबके साथ,सबके विकास,सबके विश्वास एवं सबके प्रयास से ही लक्ष्य प्राप्ति संभव

39 - जबरन कराया गया बच्ची का अंतिम संस्कार

40 - सिने जगत के ट्रेज्डी किंग को देश का आखरी सलाम

41 - कोरोना से जंग मे योग ही एक आशा की किरण

42 - संक्रमण काल का मंत्र फिट रहें दुरूस्त रहें

43 - एक बार फिर लहराया पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का परचम

44 - हिंसा एवं टकराव की बिसात पर बंगाल की राजनीति

45 - ट्रेक्टर रैली के नाम पर बलवाइयों का तांडव

46 - 72 वें गणतंत्र दिवस का आकर्षण राम मंदिर की झांकी

47 - किसान आंदोलन का रूख कहीं पंजाब में संभावित चुनाव तो नहीं

48 - बिहार में फिर एक बार यूपीए का परचम

49 - बिहार में इस बार का चुनावी मुद्दा है विकास

50 - जातिगत एवं सांप्रदायिक एंगल से चमकती राजनीति

एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

फिर एक बार  देश में कमल की सरकार संभावित । प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी का तीसरी बार प्रधानमंत्री बनना लगभग तय । 18 वीं लोकसभा की 543 सीटों पे हाल ही में हुए चुनावों में  बीजेपी को 240, कांग्रेस को 99 , समाजवादी पार्टी को 37, टीएमसी को 29 , डीएमके 22, जेडीयू को 12, वाईएसआआरसीपी को 4,आरजेडी को 4, आप को 3 एवं अन्य को 90 सीटें हासिल हुई ।

और यदि बात दिल्ली की जाए तो दिल्ली की सातों लोक सभा सीटें बीजेपी के पाले में गई । बीजेपी एवं कांग्रेस दोनो ही के दिल्ली स्थित मुख्यालयों में जशन का माहौल दिखाई दिया ।

कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे एवं पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से कार्यकर्ताओं का आभार प्रकट किया ।

बीजपी मुख्यालय में प्रधान मंत्री नरेंद्र भाई मोदी ने गृह मंत्री अमित भाई शाह , राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं एवं देश के नागरिकों का आभार प्रकट किया ।


आंकड़ों के इस खेल में जहां बिजेपी एवं उसके घटकों को सत्ता हासिल हुई वहीं इंडिया  गठबंधन को भी कहीं  ना कहीं मजबूती मिली है...

केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

सुप्रीम कोर्ट से मिली केजरीवाल को मिली बड़ी राहत। हुए चुनाव प्रचार के लिए 1जून तक जमानत पर रिहा 2 जून को होना पड़ेगा अदालत में सरेंडर। साथ ही लगाई जमानत के दौरान सियासी मामलों में दखलंदाजी पर रोक । यानि कि इस दौरान नहीं निभा पायेंगे मुख्यमंत्री का दायित्व ।

केजरीवाल के जमानत पर  बाहर आने के  साथ ही राजनीति गलियारों में सरगर्मियां सक्रिय हैं ।इंडिया गठबंधन को मिल सकती है राहत वहीं आम आदमी पार्टी को चुनाव प्रचार में  मिलेगी नई ऊर्जा । हालांकि भाजपा का मानना है चुनाव प्रचार भर के लिए ही तो जमानत पर रिहा हुए हैं अभियोग अभी भी बरकरार है ।

केजरीवाल गत 23 मार्च से दिल्ली शराब घोटाले के मुख्य आरोपी के रूप में तिहाड़ जेल में बंद हैं एवं ईडी की मामले पर तहकीकात जारी है एवं मामला  राउज  एवेन्यू कोर्ट में लंबित है। 

सात चरण में लोक सभा चुनाव होने से देश भर में चुनावी माहौल है  । दिल्ली में मतदान की तारीख 25 मई है । कल  केजरीवाल करेंगे पार्टी के मुख्यालय में प्रेस वार्ता। अब देखना यह है सत्ता के इस महायज्ञ में  केजरीवाल की आहुति क्या रंग लाती है... 

मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

 

सत्ता के इस महाभोज की अग्नि आखिर धीमी क्यों हो गई है ? ना पहले वाला उत्साह राजनीतिक दलों में दिखाई दे रहा है ऑर ना ही मतदाता घर से निकलकर वोट डालने के लिए तैयार हैपहले दो चरण याने कि 190 सीटों पर मतदान गिरा है लेकिन मतदान की दर पिछली दफा से कम यानि की 62 फीसदी रही है I जो कि मौजूदा परिवेश के मद्देनजर विचारणीय है I 

मतदाता का उदासीन रवैये के पीछे आखिर माजरा क्या है ? कहीं कही उसने अपने जेहन में बैठा लिया है कि सत्ता में जो भी आए हालत बदलने वाले नहीं I विकल्प की संभावना नहीं है इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता I

  

ऐसा नहीं है कि मामला बिलकुल ठंडा   पड़ गया है I चरणानुसार राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव प्रचार के लिए महा रैलियों के आयोजन के समाचार भी कालांतर मिल ही रहे हैं I व्यक्तिगत सम्पर्क का अभाव साफ झलकता हैसियासत में बदलाव के आसार ना के बराबर हैं


कड़वा करेला खाया है तो मुँह का स्वाद तो बिगड़ेगा ही साथ ही खून भी साफ होगा I  कहीं कहीं छाले पड़ने की सम्भावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता  ।


मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर मतदाताओं के लिये कहीं ना कहीं जरुरी है अपने अधिकारों का इस्तेमाल....

क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

आखिर क्यूं नहीं देना चाहते केजरीवाल दिल्ली के मुख्य मंत्री पद से इस्तीफा । चलाना चाहते हैं जेल से ही सरकार? राजनीति की बारीकियों एवं तथ्यों का विश्लेषण कर फूक फूक कर कदम रखने वाले केजरीवाल के दिमाग क्या खिचड़ी पर रही है का खुलासा तो समय के साथ हो ही जायेगा।

केजरीवाल को दिल्ली के 2873 करोड़ के शराब घोटाले में मुख्य आरोपी मान तथ्यों की पुष्टि के लिए दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद किया गया है। दिल्ली उच्च ने न्यायालय ने उनकी जमानत की अर्जी खारिज कर दी है। इस बाबत उनके द्वारा दाखिल की गई अपील्र की सुनवाई की तारीख सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 15 अप्रैल तय की गई है ।

 

दिल्ली में जल्द ही लोकसभा चुनाव संभावित हैं एवं विधान सभा चुनाव भी निकट भविष्य होने वाले हैं । ऐसे में जेल में रहकर सियासत चलाना चौसर की बिसात पर राजनीति की गोट तो नहीं।  

यह तो तय है कि आने वाले चुनावों में आम आदमी पार्टी  एवं उनके समर्थन में इंडिया गठबंधन के अन्य घटक इसे चिनावीर मुद्दा बनाकर केश करवाने की कोशिश करेंगे। खमियाजा थोड़ा सही भुगतना पड़ सकता है भारतीय जनता पार्टी को ।

चुनाव परिणाम  जो भी हो फिलहाल दिल्ली प्रशासनिक अनियमितताओं से जूझ रही है । आरोपों एवं प्रत्यारोपों के सिलसिले के साथ केजरीवाल के इस्तीफे की मांग जोर पकड़ती जा रही है ।

2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

प्लेटफॉर्म पर पोस्ट्स की श्रृंखला में श्री अमित शाह ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद पर मोदी सरकार के कड़े प्रहार के परिणाम स्वरूप आज ये समस्या खत्म होने की कगार पर है। उन्होंने कहा कि वामपंथी उग्रवाद-प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधी पर्याप्त इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण से मोदी सरकार ने यहां के गरीबों के दिलों को जीता है

 

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी जी की विज़नरी नीतियों के कारण आज वामपंथी उग्रवाद अपना आधार खो चुका है। श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने वामपंथी उग्रवाद-प्रभावित क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा के प्रति होलिस्टिक अप्रोच अपनाते हुए वामपंथी उग्रवाद पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकारों को साथ लेकर चलते हुए लोगों का विश्वास जीता है

 

गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 2004-14 के मुकाबले 2014-23 के दशक में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या 6035 से 69 प्रतिशत कम होकर 1868 हो गई है। इसी प्रकार वामपंथी उग्रवाद की घटनाएं 14,862 से कम होकर 7,128 रह गई हैं। वामपंथी उग्रवाद के कारण सुरक्षाबलों की मृत्यु की संख्या 2004-14 में 1750 से 72 प्रतिशत घटकर 2014-23 के दौरान 485 हो गई है और नागरिकों की मृत्यु की संख्या 68 प्रतिशत घटकर 4285 से 1383 रह गई है। इसी प्रकार, हिंसा वाले ज़िलों की संख्या 2010 में 96 थी, जो 2022 में 53 प्रतिशत घटकर 45 रह गई। इसके साथ-साथ हिंसा रिपोर्ट करने वाले पुलिस स्टेशनों की संख्या 2010 में 465 से घटकर 2022 में 176 रह गई।

कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

 ७५ वीं गणतंत्र दिवस परेड में इस बार दिखी शौर्य की झलक I परेड के कमांडर थे लेफ़्तिनेंट जनरल भावनीश कुमार एवं उप कमांड संभाली थी मेजर जनरल सुमीत मेहता I शामिल होने वली जयदातर टुकड़ियों की कमांड थी  स्त्री  शक्ति के हाथ I कर्तव्य पथ से शुरू होकर लाल क़िले पर समाप्त होने वाली इस परेड की सलामी ली थी भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू  एवं मुख्य अतिथि थे फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुअल मेक्रोन I 

इस बार की गणतंत्र दिवस परेड का मुख्य आकर्षण थे फ्रांस की सेन्य टुकड़ी एवं बेंड I साथ ही दिखाई दी बदलते भारत की तस्वीर I हर बार की तरह इस बार भी बीएसएफ के जांबाज सिपाहियों ने  दिखाये  बुलट पर रोमांचक करतब I यह बात ऑर थी की इस बार यह करतब महिला कर्मियों द्वारा दिखाए  गए l परेड की शुरूवात्त महाराष्ट्र से आई टोली द्वारा शंखनाद के साथ हुई I

 

उत्तर प्रदेश की झांकी दिखी राम लल्ला की झलक। हर बार की तरह इस बार भी दिल्ली पुलिस के २९ पुलिसकर्मियों एवं अधिकारियों को गेलेंटरी, राष्ट्रपति एवं उत्कृष्ट सेवा पदक से संमानित किया  गया I दिल्ली पुलिस की रियल हीरोज की इस सूची में शामिल हैं सहायक पुलिस आयुक्त ललित मोहन नेगी एवं सहायक उप निरीक्षक शंभु दयाल l 

कर्तव्य पथ से विशिष्ठ एवं अति विशिष्ठ व्यक्ति एवं टेलिविजन के माध्यम से बदलते भारत की इस तस्वीर के साक्षी बने l 

विभिन्न राज्यों से भी गणतंत्र दिवस मनाए जाने के समाचार मिले हैं .....

फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

500  साल के संघर्ष के बाद राम लल्ला को  उनका आशियाना मिल ही गया । फाइनली  वह अपने आशियाने  में  हो गये हैं विराजमान । आज अयोध्या  में  गर्भ गृह में आयोजित राम लल्ला की बाल मूर्ति  के प्राण प्रतिष्ठा समारोह  का भारत ही नहीं पूरा विश्व  साक्षी  बना ।  मुख्य  जजमान  थे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , राष्ट्रीय  स्वयंसेवक संघ के सरसंचालक डॉ मोहन भागवत, उत्तर प्रडेश के मुख्यमंत्री योगी  आदित्य नाथ ,  राज्यपाल  आनंदी बेन  पटेल एवं राम  जन्म भूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गेपालदास । 


सिने जगत से अमिताभ बच्चन ,  क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेन्दुलकर, उद्योगपति मुकेश एवं  नीता अंबानी सहित  देश विदेश की जानीमानी हस्तियाँ  जिनमें साधु संत भी शामिल हैं कार्यक्रम का हिस्सा बनी ।राम लल्ला के बाल्यकाल की यह मूर्ति कर्नाटक में उपलब्ध काले पत्थर से मैसूर के शिल्पकार हैं मैसूर के अरुण योगिराज । यह वही शिल्पी हैं जिन्होंने केदारनाथ और दिल्ली के इंडिया गेट में प्रतिस्थापित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा बनाई  थी । मंदिर का  आर्किटेक्चर  कुछ कुछ गुजराती शैली में निर्मित दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से मिलती जुलती है ।

 
ऑरेंगज़ेब के शासनकाल में तुगलकी फरमान की तहत रामंदिर को तोड़कर बाबरी मस्जिद का निर्माण  किया गया । निहंग फक़ीर सिंह एवं उनके 26  निडर साथियों ने 1850  मुगल शासकों से  युद्ध  में फ़तह हासिल कर बाबरी मस्जिद को अपने क़ब्ज़े में ले लिया एवं  वहाँ पर भगवान राम की पूजा एवं हवन किया था । इस बाबत एफ़आईआर भी दर्ज है । उसके बाद समय समय पर यह आंदोलन जोर पकड़ता रहा । सियासतें आई एवं चली गई लेकिन मंदिर के निर्माण का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी  के नेतृत्व में शासित  सरकार को मिला । 

राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

राजस्थान में हो  रहे  विधान सभा चुनावों में ऊँट किस छोर करवट लेगा फ़िलहाल यह तय कर पाना असंभव है I यदि इतिहास के पन्नों को खंगाला जाय तो राजस्थान में पाली बदलती  है एक बार कांग्रेस तो दूसरी बार भारतीय जनता पार्टी I राजस्थान मे 200 में से 199 विधान सभा सीटों पर आज वोट डाले जा रहे  हैं I जिन्मे से 150 सीटों पर सत्ता पर आसीन कांग्रेस एवं भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधी टक्कर है I  5.25 करोड़ मतदाता इन वोट डालकर इन विधान सभा सीटों पर उम्मितवारों की भागीदारी सुनिश्चित करेंगे I

 

राजस्थान  के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जोधपुर की सरदारपुरा सीट से,पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे झालावाड़ ज़िले की झलरापाटन, पूर्व विधानसभा। अध्यक्ष डॉ सी पी जोशी राजसंसद की नाथद्वारा, पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट टोंक, उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ चुरु ज़िले की तरनगर, उप नेता प्रतिपक्ष डॉ सतीश पुनिया जयपुर की आमेर, कांग्रस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासार सीकर ज़िले की लक्ष्मणगढ़ विधानसभा सीट से चुनाव लड़कर फिर से अपना भाग्य अजमा रहे हैं I

 

राजस्थान के चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी की नेता डॉ अलका गुर्जर का कहना है कि उनकी पार्टी सुशासन के लिए चुनाव लड़ रही है I यदि उनकी सुनी जाए तो आज यहाँ की सरकार एवं प्रशासन भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है I कानून व्यवस्था की बहाली, महिलाओं के संमान एवं अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए उनकी पार्टी का सत्ता में आना जरुरी है वहीं कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार सचिन पायलट का मानना है कि पिछले १० साल में केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के शासन के दौरान महँगाई एवं बेरोजगारी बढ़ी है जिसका फ़ायदा कांग्रेस को मिलेगा I 

तमाम अटकलों एवं क़वायदों के बावजूद भी बाज़ी  किसके हाथ लगेगी याने कि राजस्थान का ऊँट किस छोर  करवट लेगा इसका ख़ुलासा समय आने पर हो ही जाएगा फ़िलहाल दौर है मतदान का आइए जागरूक मतदाता के रूप में अपने अधिकारों का प्रयोग करें...

एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

एक बार फिर गणपति मय हुईं माया नगरी। अनंत चतुर्दशी का दिन हो और धमाल ना होना नामुमकिन है। बप्पा की विदाई याने विसर्जन का दिन धमाल तो बनता है । गिरगाँव चौपाटी हो या फिर भांडूप और या फिर परेल कोलीवाडा सड़क पर गणपति की छोटी - बड़ी प्रतिमा के आगे ढोल नगाड़े की तर्ज पर ठिरकती भक्तों की भीड़।

जेट सिक्यूरिटी के बीच विसर्जन के लिये जाते हुवे दक्षिण मुंबई  के लाल बाग,के राजा के कुछ अपने अलग ही अंदाज में दिखाई दिये I उनकी एक झलक के लिये के लिये उमड़ती दर्शनार्थियों की भीड़ ।माया नागरी की तर्ज पर राजधानी दिल्ली भी नहीं रही अछूती । यहाँ से भी गली कूचों से लेकर सार्वजनिक स्थलों पर गणपति की छोटी बड़ी प्रतिमा के सामने डीजे की डीजे की तर्ज पर धमाल मचाये जाने के समाचार मिले हैं।

 

हर बार की तरह इस बार भी फिर से वापिस लौटकर आने का वायदा करके । तो आइये हम भी शामिल हो जाये इस जश्न का हिस्सा गणपति बप्पा मोरया पुढ़ल बरस तू लोकर आ.....

पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

नैशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट एसोसिएशन(इंडिया) के सार्वजानिक मंच से राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने किया ऐलान पत्रकारिता की आड़ में चल रहे फर्जीवाड़े के खिलाफ छेड़ी जायेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम। इससे पहले फेक न्यूज के खिलाफ मुहीम चलाई गई थी जिसे अच्छा रिस्पॉन्स मिला।

 यूनियन की लड़ाई किसी सरकार विशेष से ना  होकर पत्रकारों के अस्तित्व एवं बुनियादी अधिकारों के लिये है। जिसमें आजीविका, सुरक्षा एवं अस्मिता भी शामिल है। साथ ही पत्रकारिता की साख को बनाये रखना भी जरूरी है।

एनयूजे (आई) के बेनर तले जयपुर के NIMS परिसर में आयोजित पत्रकार समागम में देश भर से 1500 से भी अधिक पत्रकार शामिल हुये । केन्द्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत एवं फग्गन सिंह, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय एवं NIMS के चेयरमैन डॉ पंकज सिंह सहित राष्ट्रीय एवं राज्यस्तरीय राजनीतिज्ञ, समाजसेवी एवं पत्रकारों ने शिरकत की। 

 केंदीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने भारत की संस्कृति को सनातन बनाये रखने में  पत्रकारों का बड़ा  योगदान बताया।  समागम में  मीडिया काउंसिल के गठन, पत्रकार का राष्ट्रीय रजिस्टर आदि महत्तवपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई । वयवस्था की जिम्मेदारी जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान ने अपने अध्यक्ष राकेश शर्मा के नेतृत्व में निभाईं ।

इसमें दो राय नहीं कि जब भी सामाजिक मूल्यों का पतन होता है समाज का यह चौथा स्तंभ जिसे पत्रकार के नाम से जाना जाता है अपनी लेखनी के माध्यम से चेतना जगाने के लिये खड़ मिलता है। इनके लिये सियासत की अब कुछ तो जवाबदेही  बनती है ....  

भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

धूम -धाम से मनाया जा रहा है देश भर में 77 वाँ स्वतंत्रता दिवस I प्रधान मंत्री नरेंद्र भाई मोदी ने लाल किले की प्राचीर से ध्वजारोहण कर की समारोह की शुरुवात I सियसतदानों ने लाल किले पर तो आमो-खास ने टीवी पर देखकर ऑर कई  एक  छत से  पतंग  उड़ाकर मना रहे हैं स्वातंत्रता दिवस I 

सीमावर्ती इलाकों से अर्ध सैनिक बालों एवं सेना के जवानों  द्वारा भी ध्वजारोहण करके स्वतंत्रता दिवस मनाये जाने के समाचार मिले हैं I दिल्ली के मूख्यामंत्री द्वारा अपने आवास पर सीआरपीएफ़ के जवानों एवं स्टाफ के साथ ध्वजारोहण कर मनाया  स्वतंत्रता दिवस I 

लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी ने अपने 90 मिनट के उद्बोधन में दिया अपने दस साल के कार्यकाल का लेखा-जोखा रखा  2047 तक देश को विकसित करने का लक्ष्य I साथ ही भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद को विकास का दुश्मन बताते हुये खत्म करने की अपील .....

एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

हाल ही में हो रहे पश्चिम बंगाल में पंचायती चुनावों के दौरान हिंसक वारदातों  में  मरने वालों का आंकड़ा 18 पार I मतदान के दौरान कूच बिहार के बूथ नंबर 6/84 में गुस्साये मतदाताओं द्वारा कथित रूप से मतपेटी जलाये जाने के समाचार मिले हैं I डायमंड हरबर, साऊथ 24 परगना  आदि इलाकों से मतपेटी लूटे जाने के समाचार भी मिले हैं I नंदी ग्राम  से बीजेपी के एमएलऐ सुवेन्दु  द्वारा टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हिंसक हमले किये जाने के आरोप भी लगाए हैं I  इन सबके बीच वहाँ का प्रशासन मौन है I

पश्चिम बंगाल की राजनीति को यूँ  ही रक्त रंजित राजनीति नहीं कहा जाता, 70 के दशक से लेकर अब तक सियासतें बदलती रही लेकिन हिंसा का दौर बदस्तूर है I यदि गृह मंत्रालय के आंकड़ों पर गौर फरमाया जाये तो 2018 के पंचायती चुनावों के दौरान पश्चिम बंगाल में 23 राजनीतिक  हत्यायेँ हुई I एनसीअरबी द्वारा जारी अकड़ों  के अनुसार 2010 से 2019 के मध्य यह आंकड़ा 161 पर पहुच  गया I 1971 में सिद्धार्थ शंकर रे के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद से राजनीतिक हत्याओं का जो दौर शुरू हुआ उसने पहले की तमाम हिंसा को पीछे छोड़ दिया I 

 

70 के दशक में भी वोटरों को आतंकित कर  सीपीएम की पकड़ मजबूत करने के लिए यहाँ  पर  हिंसा होती रही है 1998 में ममता बनर्जी की ओर  से टीएमसी के गठन के बाद वर्चस्व की लड़ाई में हिंसा का नया दौर शुरू हुआ 1988 पंचायत चुनावों के दौरान कई इलाकों में भारी हिंसा हुई। 2021 में विधानसभा  चुनावों के दौरान  हुई हिंसक वरदातों के दौरान हुई बीजेपी कार्यकर्ताओं  की  मौत  की जांच उच्च न्यायालय ने सीबीआई  को सौंपी है I 50 से भी अधिक मामलों  में चार्ज शीट अदालत  में पेश कर दी है I

यदि मौजूदा चुनावों की बात की जाये तो 73887 सीटों पर हो रहे मतदान में 2.06 लाख उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं  I   इन चुनावों में टीएमसी, बीजेपी ,सीपीआई एवं कांग्रेस के बीच मल्लयुद्ध  है I दोपहर एक बजे तक मतदान की दर 36.36  फीसदी थी I रक्त रंजित राजनीति के परिणामों का खुलासा तो समय आने पर  हो ही जायेगा.......

नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

 कर्नाटक में हाल ही में हुऐ विधानसभा चुनावों में जीत किसी की संभावना कांग्रेस की प्रबल। मौजूदा सरकार पर विपक्ष द्वारा लगाये गये भ्रष्टाचार के आरोपों का कहीं न कहीं न कहीं बीजेपी को भुगतना पड़ सकता है खामियाजा । नहीं होगा आसान कांग्रेस द्वारा रचाये गये चक्रव्यूह को भेद पाना ।

224 विधानसभा सीट एवं 5.3 करोड़ पंजीकृत मतदाता वाले इस कर्नाटक में 72.67 फीसदी मतदान पड़ा जिसपर 3632 उम्मीदवारों का भविष्य निर्भर करता है । चुनावी माहौल में विकास एवं भ्रष्टाचार की लड़ाई अंतिम क्षणों में बजरंगबली एवं राम के बीच मलयुद्ध में तब्दील हो गई ।

 

परिणाम जो भी हों कांग्रेस शासित राज्यों के दो मुख्यमंत्रियों भूपेश बघेल एवं बोमई का मानना है कि आने वाले परिणामों में बीजेपी को खासा सबक मिलेगा । और यदि बात  टीवी चैनल एवं सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर दिखाये जा रहे एक्जिट पोल्स की की जाये तो यहां पर कांग्रेस को आगे एवं बीजेपी को दूसरे नंबर पर बताया जा रहा है । 

 इस बार का चुनावी जुमला अगले 60 सालएल मोदी रहा । कर्नाटक में बाजी पंजे की तय है। बीजेपी के लिऐ बहुत कठिन है डगर पनघट की...

रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

कोर्ट में कनविक्शन के बाद लोक सभा सदस्यता रद्द हो जाने के बाद कांग्रेस के बी बहुचर्चित नेता राहुल गांधी ने तोड़ी खामोशी कहा कि वह देश में लोकतंत्र को बचाने के लिऐ लड़ाई लड़ रहे हैं एवं सदस्यता रद्द किये जाने के बावजूद भी बंद नहीं बंद होगी उनकी आवाज । यदि उन्हे संसद में मौका नहीं मिला तो संसद के बाहर से जारी रखेंगे अपना संघर्ष । एक बार फिर पार्टी के सार्वजनिक मंच से उठाये वही सवाल । अदानी एवं मोदी जी के बीच क्या रिश्ता है एवं अदानी की कंपनी में लगाये गये 2000 करोड़ रुपये किसके हैं I उनका आरोप है कि देश के ऐयरपोर्ट अदानी को रूल बदलकर दिये गये I निरस्त सांसद का कहना है कि इस बाबत उनोहने सबूत एवं डॉक्युमेंट्स के साथ पत्रव्यवहार कर जवाब  भी मांगे थे I गौर फरमाने की बात यह है कि सूरत कोर्ट द्वारा मोदी सरनेम केस में दो साल की सजा सुनाने के बाद, शुक्रवार लोक सभा स्पीकर ने उनकी सदस्यता रद्द कर दी  I

निरस्तीकरण को लेकर देश के राजनीतिक हलकों में मिली जुली प्रतिक्रियाये हैं I जहां  कांग्रेस का मानना है कि राहुल के खिलाफ इस एक्शन से देश में लोकतंत्र की दशा को लेकर दुनिया में खराब संदेश जाते हैं वहीं बीजेपी के नेताओं ने  कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया है I केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि ऐसी स्थितियों में लोकसभा स्पीकर को अयोग्यता घोषित करने का अधिकार है. कोर्ट के फैसले के बाद यह निर्णय लेना बहुत जरूरी था. स्पीकर सही फैसला लिया है I केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी की ओर से मोदी सरनेम को लेकर की गई टिप्पणी ओबीसी की छवि खराब करने की कोशिश है. और यह अपमान करने जैसा है I

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल के  अनुसार कल से  कांग्रेस छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी आंदोलन I देश भर में पार्टी के कार्यकर्ता सभी राज्य मुख्यालयों और गांधी प्रतिमाओं पर संकल्प सत्याग्रह करेंगे I हालांकि   विपक्ष के सभी घटक राहुल के पक्ष में हैं लेकिन खुदा ना खस्ता  यह निरस्तीकरण जारी रहता है तो फायदा  किसको.......

उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

पूर्वोत्तर  राज्यों याने कि त्रिपुरा, मेघालय एवं नागालैंड में हाल ही में हुऐ विधानसभा चुनावों में फिर  एक बार बीजेपी एवं उसके सहयोगी दलों को मिली है मजबूती । स्वयं प्रधान मंत्री नरेंद्र भाई मोदी  का मानना है कि पूर्वोत्तर राज्यों के ज़्यादातर मतदाता क्रिश्चन याने कि अल्पसंख्यक समुदाय से हैं , का  बीजेपी पर भरोसा बढ़ा है I  कहीं न कहीं कांग्रेस की पकड़ हुई है ढीली I 60 सीटों  वाली इन राज्यों की विधान सभा में चुनाव प्रक्रिया पूरी हुई है I यदि बात त्रिपुरा की की जाये तो यहाँ पर बीजेपी को दूसरी बार बहुमत हासिल हुआ है I नागालेंड में भी पार्टी का एनडीपीपी के साथ मिलकर सरकार बनाना लगभग तय है I   

 

मेघालय में फिलहाल किसी को बहुमत नहीं मिला है I यहाँ बीजेपी ने पहली लगभग सभी सीटों पर चुनाव लड़ा लेकिन असफलता हाथ लगी  I पिछली बार 2 सीटों पर एवं इस बार 3 सीटों  पर जीत हासिल की है I प्रधान मंत्री नरेंद्र भाई मोदी का स्टेंड है कि यदि यहाँ पार्टी  सरकार बनाने  में एनपीपी का साथ देगी I बीजेपी  को मिली इस भारी सफलता में प्रधान मंत्री नरेंद्र भाई मोदी एवं गृह मंत्री अमित भाई शाह के साथ असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा  का भी हाथ माना जा रहा  है  I तीनों राज्यों में कांग्रेस  को नुकसान खासा नुकसान हुआ है । त्रिपुरा में लेफ्ट से गठबंधन करने के बाद कांग्रेस दो सीटों में तो  बढ़त मिली है लेकिन रहना तो पड़ेगा सरकार से दूर ही । नगालैंड में कांग्रेस का आंकड़ा जीरो रहा ।  मेघालय में भी कांग्रेस की हालत पतली रही है इस बार यह आंकड़ा  21 से  घटकर 5 सीटों पर सिमट रह गया । 

7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

इस बार के बजट में किये गये फेर बदल कुछ इस प्रकार हैं। 7 लाख की  आमदनी पर टैक्स नहीं । इससे 50 फी सदी करदाताओं को मिलेगी राहत । 3 से 6 लाख की आमदनी पर  5 फी सदी, 6 से 9 लाख की आमदनी पर 10 फी सदी, 9 से 12  लाख  की आमदनी पर 15 फी सदी एवं 12 से 15 लाख  की आमदनी पर 20 फी सदी करभार पड़ेगा । 15 लाख रूपये से अधिक आमदनी वालों को  30 फी सदी  कर का भुगतान करना  पड़ेगा । टैक्स पर 3 लाख रूपये की छूट एवं आयकर रिबेट को बढ़ाकर 7 लाख रूपये कर दिया गया है ।

सोना चांदी हुऐ महंगे खिलौने, टीवी, इलेक्ट्रिक व्हीकल एवं मोबाइल पार्ट होंगे सस्ते । सरकार ने घटा दी कस्टम ड्यूटी ।  अब घर बनाने का सपना होगा पूरा । प्रधान मंत्री आवास योजना के बजट में 66 फी सदी इजाफा । मिल सकेगा 50 साल तक का इंट्रस्ट फ्री लोन । रेलवे की भी होगी काया पलट । 

बजट को लेकर देश के राजनीतिक घटकों में मिली जुली प्रतिक्रियायें हैं । जहां बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने  इस बजट को लो कल्याणकारी बताया वहीं कांग्रेस पार्टी ने इसे आर्थिक एवं सामाजिक रूप से हाशिये में पर गये मजदूर, आदिवासी एवं दलितों के लिऐ  भद्दा मजाक बताया है। यदि वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन की मानी जाये तो  देश 5 ट्रिलियन डालर की अर्थव्यस्था की और अग्रसर है । यह बजट डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाला है 

 

यदि बात आम आदमी पार्टी की हो तो उसका मानना है कि इस बजट में डीजल पेट्रोल एवं अन्य जरूरी चीजों पर लगने वाली जीएसटी की दर में कोई फेर बदल नहीं है । यह बजट  सुपर रिच लोगों को फायदा एवं देश को 15 लाख करोड़ के कर्जे में डुबोने वाला बजट है ।

 

 

गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम लेकिन हिमाचल के चुनाव परिणाम आशाजनक ही रहे । तमाम कवायदों के बावजूद सरकार कांग्रेस की ही बनना तय । यदि गुजरात की बात कही जाये तो बीजेपी का  गुजरात में लंबा इतिहास रहा है ।

गुजरात में 182 एवं हिमाचल में 88 विधान सभा सीटों पर मतदान हुआ । जहां गुजरात में 156 सीटों पर विजय हासिल कर फिर एक बार फिर बीजेपी एक शक्तिशाली पार्टी के रूप में उभर के आई है । वहीं हिमाचल में 40 सीटों पर  जीतकर कांग्रेस ने अपनी पैठ बनाई है ।

 

आम आदमी पार्टी की दोनो ही राज्यों स्थिति नाजुक ही रही । गुजरात में कांग्रेस की हालत भी पतली ही रही कुल मिलाकर 17 सीटों पर ही जीत हासिल हुई । और इन सब के बीच बीजेपी को लगा  दिल्ली  निगम चुनावों में झटका l यहाँ 134  सीटों पर जीतकर आम आदमी पार्टी ने साबित की निगम पर दावेदारी l बीजेपी को हासिल हुई 104 सीटों पर जीत l

गुजरात की जीत को ऐतिहासिक जीत बताते हुऐ प्रधान मंत्री नरेंद्र भाई मोदी ने गुजरात की जनता का आभार प्रकट किया है वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पार्टी को राष्ट्र स्तर पर ले जाने  के लिये गुजरात एवं पूरे देश को दी बधाई ।

बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

चुनावी गर्मी के साथ सक्रिय हुई दिल्ली के राजनीतिक हलकों सरगर्मियां। आगामी 4 दिसंबर को दिल्ली की 250 निगम सीटों पर मतदान संभावित है । इस बार भारतीय जनता पार्टी एवं आम आदमी पार्टी के बीच कांटे की टक्कर है । समय की रफ्तार के साथ अब कहीं न कहीं ढ़ीली हो गई है कांग्रेस की पकड़ ।

गौर फरमाने की बात यह है कि पिछले 15 सालों से दिल्ली नगर निगम पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है ।  लंबे इतिहास में चूक की संभावनाओं से भी इंकार नहीं किया जा सकता। सिख सियासत से जुड़ी हुऐ शिरोमणी अकाली दल  की दिल्ली शाखा ने भी ऐलान किया है जो पार्टी बंदी सीखों के हित की बात करेगी पंथक उसके साथ रहेगी। गौर फरमाने की बात यह है कि 36 बंदी सिख देश की विभिन्न जेलों में बंद हैं I

आम आदमी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी पर 15 सालों में दिल्ली को कचरे का ढेर बनाने का आरोप लगाया है तो पलट में भारतीय जनता पार्टी ने  लगाया नई एक्साइज पालिसी के माध्यम से दिल्ली को नशे का शहर  बनाने  का आरोप । साथ ही जताई  मोटा पैसा लेकर सीटों के आवंटन की संभावना ।फिलहाल रोड शो एवं रैलियों का दौर है।  दिल्ली में पल्यूशन भी एक मुद्दा है I निगम को स्वावलंबी एवं इसकी सेवाओं को जन जन तक पहुंचाने के लिये डिजिटलाइजेशन के आश्वासन चुनावी घोषणा पत्रों का एक हिस्सा है I

इस बार के निगम चुनावों में भी कहीं न कही भारतीय जनता पार्टी का पलड़ा  भारी जान पड़ता है । आम आदमी पार्टी द्वारा पटकी दिये जाने  की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता ...

सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

तमाम राजनीतिक कवायदों के बावजूद भक्तों में उत्साह की कमी नहीं है I दिल्ली ही नहीं भारत के विभिन्न  स्थानों  से धूम-धाम से हो छट माइय्या की पूजा के समाचार  मिले हैं I दिल्ली में यमुना  मे प्रदूषण के चलते  पूजा स्थलों को परिसीमित किये जाने कारण वैकल्पिक घाटों में छट पूजा के इंतेजामात किये गये हैं I आईटीओ स्थित यमुना घाट पर छट पूजा समिति द्वारा वैकल्पिक घाट का निर्माण किया गया है I शकर पुर से लगे हुये  यमुना के किनारे डीडीएमए द्वारा लगाये गये प्रतिबंध के कारण आईटीओ के पास  बने पूजा स्थल पर ही छट माइय्या के भक्तों की आवाजावी है I सीमित स्थान पर व्यवस्था करना आयोजकों के लिये अपने-आप में एक बड़ी चुनौती है I

रिहायशी इलाकों के पार्कों एवं धार्मिक स्थलों में कृत्रिम तलाब बनाकर पूजा की व्यवस्था की गई है I वहाँ से भी छट भक्तों द्वारा छट पर्व मनाये जाने के समाचार मिले हैं I  तामम पाबंदियों के बावजूद भक्तों में उत्साह का माहौल है I छट पर्व उत्तर एवं पूर्व भारत का एक ऐतिहासिक पर्व है जिसे कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी के दिन मनाया जाता  है I यह पर्व चार दिन तक चलता है I छट माइय्या की पूजा  पानी में खड़े होकर की जाती है I सूर्य अस्त एवं उदय के समय अर्क  दिया जाता है I मुरादें  पूरी होने पर या मुराद मांगने के लिये भक्त पूजा स्थल तक रेंगते हुये जाते  हुये दिखाई देते  हैं I रात भर रंगारंग कार्यक्रम चलते हैं I ढ़ोल-नगाड़ों के बीच छट माइय्या के भजनो की आवाज हर जगह गूँजती है I

छट पर्व  की  व्यवस्था के दौरान यमुना के पानी में अमोनिया फासफोरस से बने झाग के थक्कों के नामपर हुई जमकर राजनीति I जहाँ दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने दिल्ली की आम आदमी सरकार पर केमिकल डाल कर इन झाग के थक्कों को छिपाने का अभियोग लगाया है  वहीं  भारतीय जनता पार्टी के बाहरी दिल्ली के सांसद प्रवेश वर्मा , पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी  एवं सिख नेता मंजिन्दर सिंह सिरसा ने कालिंदी कुंज घाट पर इन झाग के थक्कों को जहरीले केमिकल से खतम किये जाने का आरोप लगाया है I ऑर अंत में दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने कालिंदी कुंज घाट पर काम कर रहे संबंधित  विभाग के अधिकारियों  को उनका काम करने से रोकने एवं बदसलूकी करने का आरोप लगाते हुये  बीजेपी के तेजेंदर बग्गा एवं एक अन्य नेता के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है I

वैसे अब भी आईटीओ  के पास अब भी यमुना में कहीं-कहीं झाग के थक्के हैं I इन सबके बीच एक बार फिर दिल्ली छट माइय्या मय हो गई .....

जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

आज विजयदशमी याने कि दशहरे के दिन जहाँ दुनियाभर में रावण के पुतले को जलाया जाता है , दिल्ली से चंद किलोमीटर दूर एक गाँव ऐसा है जहाँ  रावण  को जलाया नहीं जाता अपितु उसकी पूजा होती है I जी हां हम बात कर रहे हैं ग्रेटर नोएडा के बिसरक गांव की । दशहरे के दिन यहाँ छा जाती है खामोशी I

यहाँ के लोगों का मानना है कि रावण इसी गाँव का रहने वाला था । यहाँ रावण द्वारा शिव मंदिर है  रावण ने अपने हाथों से शिव लिंग की स्थापना की थी । मंदिर के मुख्य द्वार पर रावण के पिता माता वा रावण की मूर्तियाँ हैं । मंदिर परिसर में निर्माण कार्य जारी है । मंदिर के महंत का कहना है कि निर्माणाधीन हिस्से में कुबेर, विश्वकर्मा और रावण की मूर्तियाँ प्रतिस्थापित की जायेंगी । साथ ही धर्मशला का निर्माण कार्य भी जारी है जहाँ पर भक्तों  के रुकने के लिए माकूल व्यवस्था होगी ।  


 
यहाँ स्थित श्री मोहन मंदिर योगाश्रम ट्रस्ट परिसर में रावण के प्रतीक को स्थापित किये  जाने के विरोध में अगस्त के महीने में कुछ नकाबपोश युवकों के समुह ने जबरन घुसकर प्रतीक को नष्ट कर दिया ।  आपसी समझौता होने से मामले की प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई । लेकिन मामला मीडिया की सुर्खियों में रहा ।

बिसरख के अतिरिक्त तीन जगह और रावण के मंदिर हैं । विभन्न सूत्रों से प्राप्त जानकारी और उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार कानपुर में दशानन रावण मंदिर, मध्य-प्रदेश के विदीशा में रावण ग्राम का रावण मंदिर और आंध्र-प्रदेश के काकिनाडा में रावण का मंदिर । इसके अतिरिक्त मध्य-प्रदेश के ही मंडसौर में भी रावण का मंदिर है । यहाँ के लोगों का मानना है कि यहाँ रावण और मंडोदरी की शादी हुई थी । इस नाते रावण यहाँ का दामाद है ।

राजस्थान के मंडोर में रावण के मंदिर के तो प्रमाण नहीं मिले लेकिन यहाँ के दवे ब्राहमणों का मानना है कि वे रावण के वंशज हैं । यहाँ दशहरे के दिन रावण का श्राद्ध और पिंड दान दिया जाता है । लंका  पर चढाई करने के लिये श्वेत रामेश्वरम पुल बनाये जाने से पहले शिव लिंग की स्थापना करने वाला और भगवान राम को विजई भवो का आशीरवाद देने वाला  ब्राहमण भी रावण ही था ।
 

जहाँ भी रावण का मंदिर है वहाँ शिवालय भी है । क्योंकि भगवान शिव रावण के आराध्य देव हैं । पूरे देश मे जहां दशहरे के दिन रावण दहन होता है वहीं यहां रावण का पूजा जाना यह सोंचने को मजबूर कर देता है कि क्या रावण वास्तव में गलत था......

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

Mobile : 91-9811440461

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