नई दिल्ली 11, Aug 2020

लेख

1 - भूमि पूजन के साथ शुरू हुई राम लला के गृह निर्माण की तैयारी

2 - उत्तर एवं पूर्वोत्तर भारत पर छाया प्राकृति का प्रकोप

3 - साइबर वार ने लिया खतरनाक मोड़

4 - सीमा तनाव के पीछे चीन की दोहरी मानसिक्ता

5 - कोरोना संक्रमण काल में भी सक्रिय है पासों की बिसात पर राजनीति

6 - अनानास मे विस्फोटक पदार्थ डालकर हाथी की हत्या

7 - उड़ीसा एवं वेस्ट बंगाल में तबाही का मंजर

8 - जारी है प्रवासी मजदूरों का भारी संख्या में पलायन

9 - कश्मीर में आज भी सक्रिय जहिादी गतिविधियाँ

10 - परस्पर सदभाव संवाद एवं शांति से होगी कोविड 19 पर विजय

11 - पालघर हत्याकांड की सीबीआई जाँच की माँग

12 - समरथ को नहीं दोष गोसाई

13 - जिला एवं तहसील स्तर पर प्रकाशनों की दुर्दशा का भी जरूरी है संज्ञान

14 - आगामी सप्ताह सख्ति से होगा लाक डाउन के नियमों का अनुपालन

15 - ध्यान एवं शारिरिक क्रियाओं के माध्यम से फिट रहिये स्वस्थ्य रहिये

16 - कोविद 19 से निपटने का महामंत्र संयम और संकल्प

17 - मध्य प्रदेश में बढ़ी कांग्रेस की सिरदर्दी

18 - कुछ इस अंदाज में मिले ट्रंप और मोदी

19 - झाड़ू ने किया हाथ और कमल का सफाया

20 - वायदों की बिसात पर दिल्ली की राजनीति

21 - 71 वें गंतंत्र दिवस परेड का आकर्षण सीआरपीएफ का मोटर सवार महिला दस्ता

22 - साधना एवं व्यायाम पर आधारित फालुन दाफा

23 - नागरिक्ता संशोधन कानून पर हो रही है वोट बेंक की राजनीति

24 - एनआरसी के नाम पर तुष्टिकरण की राजनीति

25 - झारखंड में समय की कसौटी पर है चाणक्य का चक्रव्युह

26 - चोसर की बिसात पर है महाराष्ट्र की सियासत

27 - राम लला को मिला उनका मालिकाना हक

28 - माकूल इंतेजामात के साथ मनाया जा रहा है छट महोत्सव

29 - दीपावली की हार्दिक शुभेच्छा

30 - एक बार फिर कमल खिला हरियाणा और महाराष्ट्र में

31 - इंसाफ की तलाश में भटक रहे हैं पीएमसी बैंक के खाताधारी

32 - विदेश नीति बनाम अर्थ नीति

33 - विजय दशमी के दिन होती है रावण की पूजा

34 - महाराष्ट्र और हरियाणा में सक्रिय राजनीतिक सरगर्मियाँ

35 - कुछ इस अंदाज में दिखे ट्रंप और मोदी

36 - गणपति बप्पा मोरया पुध्चे बरस तू लोकरया

37 - 9 राज्यों में गहराया प्राकृति का प्रकोप

38 - गो गो गो गोविंदा

39 - जम्मू-कश्मीर की पंचायतों में भी लहराया तिरंगा

40 - जम्मू-कश्मीर में बदलते परिवेश

41 - राम मंदिर एक परिकल्पना

42 - तीन बार रहीं दिल्ली की मुख्य-मंत्री हुई अलविदा

43 - राहुल गाँधी के इस्तीफे ने लिया नाटकीय मोड़

44 - रहना है स्लिम-ट्रिम तो नियमित रूप करो से योगा

45 - दीदी पर है हावी जय श्री राम फोबिया

46 - फिर इस बार मोदी सरकार

47 - स्याही और थप्पड़ बने चुनावी ढ़ाल

48 - कहीं इस बार फिर

49 - क्या फिर से खेलेंगे नरेंद्र मोदी एक नई पारी

50 - राजनीति का सितारा हुआ पंचतत्वों में विलीन

भूमि पूजन के साथ शुरू हुई राम लला के गृह निर्माण की तैयारी

आखिर 492 साल बाद राम लला को एक बार फिर मिला इनका घर । जी हम बात कर रहे हैं अयोध्या स्थित राम जन्म भूमि की जिसे बाबर द्वारा 1525 में तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी एवं मुस्लिम समाज में बाबरी मस्जिद के नाम से जाना जाता है ।


प्रधान-मंत्री नरेंद्र भाई मोदी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंचालक डा मोहन भागवत, उत्तर-प्रदेश के मुख्य-मंत्री योगी आदित्य नाथ एवं साधु संतों की मौजूदगी में किया रखी शिला एवं संपन्न हुआ भूमि पूजन ।


नक्शा तैयार होने के बाद शुरू होगी मंदिर के निर्माण की प्रक्रिया । राम लला को  जल्द ही मिलेगा उनका घर साथ ही अयोध्या को मिलेगा का नया स्वरूप । सुप्रिम कोर्ट द्वारा 70 साल से लंबित मामले पर दिये ऐतिहासिक फैसले के बाद राम जन्म भूमि को स्वरूप दिये जाने का यह पहला चरण है ।


फिलहाल राम जन्म भूमि से लगभग दो किलोमीटर स्थित राम जन्म भूमि कार्यशाला में पत्थरो को तराशने का काम पुरजोरों पर है । मंदिर के निर्माण में लगभग 35000 घनफुट पत्थरों की खपत अनुमानित है । यह कार्यशाला राम जन्म भूमि न्यास द्वारा संचालित है ।


राम मंदिर के निर्माण में राजस्थान के बंसीपुर से लाये गये पत्थरों की औसतन आयु को 1000 साल आंका गया है । 1000 साल तक इन पत्थरों की गुणवता में कोई  फरक नहीं पड़ेगा । पूर्व निर्घारित ढ़ाँचे से वास्तिविक ढ़ाँचे का आकार दुगना होगा गर्भ गृह के ऊपर अब शिखर होगी पहले के दो गुंबद की योजना के बजाय अब 5 गुंबद होंगे ।


मंदिर की ऊँचाई भी अब पहले की निर्धारित से अधिक याने कि 161 फिट होगी । भवन निर्माण की शैली उत्तर भारत पर आधारित नगारा स्टाइल होगी । निर्माण कार्य शुरू होने के बाद मंदिर के निर्माण में 3 से 3.5 साल लग जायेंगे । फिलहाल अयोध्या ही नहीं पूरे देश में जश्न का माहौल है ।


इन सबके बीच नहीं भुलाया जा सकता इस मुहिम को जीवंत रखने में विश्व हिंदू परिषद की स्वर्गीय अशोक सिंघल की भूमिका एवं कोठारी बंधुओं के बलिदान को.....

उत्तर एवं पूर्वोत्तर भारत पर छाया प्राकृति का प्रकोप

निरंतर बारिश के चलते भूस्खलन एवं जलभराव के कारण उत्तर एवं पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न राज्य जिन्में आसाम, उत्तराखंड एवं हिंमाचल प्रदेश भी शामिल हैं, में हर साल की तरह इस बार भी छाया प्राकृति का प्रकोप । चरमरा गई है संचार व्यवस्था रास्ते एवं बुनियादी सेवायें हुई ठप्प । अस्त-व्यस्त हुआ जन-जीवन ।


आसाम में भी जलभराव एवं जलावेग से 23 जिलों के 70 लाख लोग प्रभावित हैं । जलभराव एवं जलावेग से मरने वालों का आंकड़ा 80 पार कर गया है । आसाम राज्य आपदा प्रबंधन प्रधिकरण के अनुसार इन इलाकों से अब तक 50000 लोगों को रेसक्यु कर 521 राहत शिविरों में भेजा गया है । ब्रहमपुत्र,धनश्री, जियाभराली, कोपिली आदि नदियों का पानी खतरे के निशान को पार कर गया है ।


उत्तराखंड एवं हिंमाचल प्रदेश में निरंतर बारिश हुए भूस्खलन के कारण लगभग सभी मार्ग हुए अवरूद्ध जिन्में राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल हैं । यहाँ भी भूस्खलन एवं जलावेग के कारण गाँव ढ़ह गये । हेक्टेयरों में जमीन जहाँ पर काश्तकारी होती थी उजड़ने एवं मवशियों के मरने के समाचार मिले हें । यहाँ पर भी  आपदा प्रबंधन का स्थाननीय प्रशासन की मदद से राहत कार्य जारी है ।


निरंतर बारिश के चलते जलभराव एवं जलावेग एवं भूस्खलन का होना स्वाभाविक है । विचारणीय है तो बस इन आपदाओं से होने वाली जानोमाल की क्षति । कहीं ना कहीं जरूरी है इनसे निपटने के लिये सुलझी हुई नीति के तहत रूपरेखा....

साइबर वार ने लिया खतरनाक मोड़

परमाणु एवं केमिकल वार से कहीं ज्यादा खतरनाक है साइबर वार । हेकिंग के माध्यम से नेटवर्क में अवरोध पैदा कर ध्वस्त हो सकती है किसी भी देश का बुनियादी ढ़ाँचा  एवं अर्थव्यवस्था । यहाँ तक की ध्वस्त किये जा सकते हैं सैन्य ठिकाने । कुल मिलाकर हेकिंग के जरिये किसी भी व्यवस्था के ढ़ाँचे को हिलाना । 

भारत ने भी सुरक्षा के मध्यनजर लगाया 59 से भी अधिक मोबाइल एप्लिकेशनस पर बेन । जिन्में ज्यादातर एप्लिकेशन चीन द्वारा निर्मित हैं और इनका नियंत्रण चीन में हैं । इनमें टिक-टोक,हेलो एवं वीचेट जैसी सामाजिक मीडिया प्लेटफार्म एप्लिकेशन भी शामिल हैं जिनके माध्यम से निजी डेटा इधर से उधर होने की संभावना बनी रहती है ।


हाल ही में फोरन कोरस्पोंडेंट क्लब साउथ एशिया द्वारा आयोजित आनलाइन परिचर्चा में एमपी के एडिजी एवं अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम विशेषज्ञ श्री वरूण कपूर की प्रेजेंटेशन के अनुसार साइबर वल्ड की दुनिया में जहाँ 7 बिलियन मोबाइल उपभोगता,2 बिलियन फेसबुक यूजर्स ,1 मिलियन आनलाइन बायर्स हैं एवं 144 बिलियन मेल्स का आदान-प्रदान प्रतिवर्ष होता है , बचाव का एक ही मार्ग उचित जानकारी एवं सही निर्णय ।


गुगल को जानकारी के लिये इस्तेमाल करने वालों का आंकड़ा 2 बिलियन सालाना है । साइबर सिक्युरिटी वेंचरस के हवाले से साइबर वार से होने वाले नुकसान का आंकलन 2021 तक 6 त्रिलियन यूएस डालर प्रतिवर्ष अनुमानित है । 2015 में यह नुकसान 3 त्रिलियन डालर था ।


साइबर क्राइम के माध्यम और शिकार बनते हैं नेटवर्क सब्सक्राइबर्स एवं यूजर्स । उनके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली आन लाइन एप्लिकेशनस । जिन्में मोबाइल एप्लिकेशन भी शामिल हैं । 2022 तक दुनिया भर में नेटवर्क यूजर्स का आंकड़ा  6 विलियन पार कर जायेगा जो कि उस समय की जनसंख्या का 75 प्रतिशत होगा । 2017 में यह आंकड़ा 3.8 बिलियन था । याने की उस समय की जनसंख्या का 50 प्रतिशत ।


भारत भी इस वक्त साइबर वार के दौर से गुजर रहा है । भारत में नेटवर्क यूजर्स की संख्या 560 मिलियन है और 2023 में यह आंकड़ा 650 मिलियन पार कर जायेगा । भारत नेटवर्क इस्तेमाल करने वाला चीन के बाद दूसरे नंबर का सबसे बड़ा देश है ।


अब गौर फरमाते हैं भारत में साइबर क्राइम से होने वाले नुकसान पर । स्टेटिस्टा के हवाले से 2017 में साइबर क्राइम के जरिये से भारतीय उपभोकताओं को हुए नुकसान का आंकलन 18 बिलियन यूएस डालर था । भारत ही नहीं अमेरिका जैसे संपन्न विश्व के अनेक देश हैं साइबर अटेक से प्रभावित ।



भारत में भी नीति आयोग के नेतृत्व में साइबर संस्थानों के माध्यम से सुरक्षा के मध्य-नजर नीति निर्धारण का सिलसिला जारी है ...... 
 

सीमा तनाव के पीछे चीन की दोहरी मानसिक्ता

चीन द्वारा पैदा की गई एलओसी पर तनावपूर्ण स्थिति महज एक इतफाक या फिर है एक सोची समझी साजिश के तहत वैश्विक महामारी कोविद 19 में हुई अपनी धूमिल हुई छवि से ध्यान भटकाना । चीन के बने उत्पाद के दुनिया भर के देशों द्वारा बहिष्कार किये जाने से चीन में आर्थिक मंदी की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता ।


गौर फरमाने की बात यह है कि चीन से शुरू हुए कोरोना वायरस संक्रमण जिसे कोविद 19 के नाम से भी जाना जाता है,ने आज वैश्विक महामारी का रूप ले लिया है । इस वायरस के  संक्रमण का आंकड़ा 86,29,305 पार हो गया है और इसके संक्रमण से मरने वालों की संख्या  4,58,706 है । दुनिया का शायद ही कोई ऐसा देश हो जो इस महामारी से ना जूझ रहा हो ।


खुद चीन में ही शुरूआती दौर में संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा गैर अधिकारिक तौर पर 1000 के पार था । अब तक चीन में कुल मिलाकर संक्रमण से 4634 मौतें हुई हैं । और यहाँ संक्रमण की दर एक मिलयन पर 59 है । जो कि अन्य देशों के मुकाबले में बहुत कम है । भारत में कोरोना संक्रमण से अब तक 12948 मौते हुई जबकि भारत में संक्रमण शुरूआत चीन से तीन महीने बाद हुई थी ।


अब चीन की योजना पाकिस्तान और नेपाल के सहयोग से सीमा पर भारत पर दबाव डलवाना है । पाकिस्तान तो पाकिस्तान नेपाल के सैनिकों द्वारा सीमा पर गोलाबारी के समाचार मिले थे । हाल ही में लद्दाख की गलवान घाटी में एलओसी में हुई भारत चीन की मुठभेड़ में भारत के 20 जवान फर्ज को अंजाम देते हुए शहीद हुए एवं 76 घायल हुए । यह लड़ाई हथियारो से नहीं चीन द्वारा कटिली तारों से लिपटे हुए डंडों से दम अजमाइश थी ।


शहीद जवानों में 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग अफिसर करनल बी संतोष बाबू सहित 1 मेजर,2 केपटन,4 लेफटिनेंट सहित अन्य रेंक के जवान शामिल हैं । जवानों को श्रद्धांजली के साथ देश में आज हो रहा है टीवी डिबेट एवं मीडिया के बेनर तले बौधिक स्तर पर चिंतन । हाल ही में विदेशी पत्रकार क्लब साउथ एशिया  द्वारा आयोजित एक वेबनार में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं हारवर्ड युनिवर्सिटी में प्रोफेसर रह चुके डा. सुब्रमणियम स्वामि का मत है कि चीन द्वारा एलओसी पर अतिक्रमण को बिना युद्ध के हटाया जाना असंभव है ।


सर्वदलिय बैठक के बाद प्रधान-मंत्री नरेंद्र भाई मोदी ने दिया सेना को फ्री हेंड । अब सेना कर सकेगी स्थिति के अनुसार । मंथन के इस दौर में भी देश के एक बड़े राजनीतिक खेमें में अब भी छाई है खामोशी । सैनिकों की शाहदत पर शोक सभा का आयोजन तो होता है परंतु जब बात चीन या पाकिस्तान की आती है सेन्य कार्यवाही के सबूत माँगे जाते हैं या फिर अपना  लिया जाता है उदासीन रवैया ।


चीन द्वारा सीमाओं के अतिक्रमण के मध्यनजर अंतरराष्ट्रिय राजनतिक दबाव के साथ  जरूरी है बलपूर्वक वापिस खदेड़ा जाना । युद्ध की संभावनाओं से भी इंकार नहीं किया जा सकता.....
 
 

कोरोना संक्रमण काल में भी सक्रिय है पासों की बिसात पर राजनीति

कोरोना वायरस के संक्रमण काल में भी सक्रिय है  देश में राजनीतिक सरगर्मियाँ । चल रहा है वर्चुअल रैलियों का दौर वो भी  उस समय जब देश दो महीने की पूर्णबंदी के बाद सामान्य जन-जीवन बनाये रखने के लिये आर्थिक संकट के दौर से जूझ रहा है । यह बात और है कि आयोजकों ने इसे जनसंवाद का नाम दिया है और इनका आयोजन केंद्रिय नेतृत्व द्वारा राज्यवार हो रही हैं । हाल ही में केंद्रिय गृह मंत्री अमित भाई शाह ने पश्चिम बंगाल जन संवाद वर्चुअल रैली को संबोधित किया । उसी प्रकार केंद्रिय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महाराष्ट्र जन संवाद वर्चुअल रैली में अपने विचारों को रखा ।


केंद्रिय मंत्री सुश्री स्मृति इरानी भी दिल्ली जन संवाद वर्चुअल रैली को संबोधित करने वाली हैं । रैली में वह देंगी मोदी सरकार की एक साल की उपलब्धियों का लेखा-जोखा । अन्य केंद्रिय मंत्रियों द्वारा भी विभिन्न राज्यों के लिये की जा रही हैं वर्चुवल रैली । भारतीय जनता पार्टी द्वारा इस प्रकार कि 75 रैलियाँ सुनियोजित हैं । देश इस वक्त वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहा है । संक्रमण का आंकड़ा 297535 पार कर गया है और संक्रमण से मरने वालों की संख्या 8498 है । लगभग 147195 लोग ठीक होकर सामान्य जीवन में लौट आये हैं । संक्रमण का आंकड़ा निरंतर बढ़ता जा रहा है ।

देश आर्थिक मंदी के दौर से जूझ रहा है । धीरे-धीरे उद्योग-धंढ़ो को खोला जा रहा है । तमाम घोष्णाओं के बावजूद देश का एक बड़ा हिस्सा जिन्में  नौकरी पेशा, उद्यमी एवं व्यसायी भी शामिल हैं आजीविका एवं बुनियादी जरूरतों की जुगाड़ में संघर्षरत है ।इन वर्चुअल रैलियों के आयोजन के पीछे का मकसद जो भी हो देश के राजनीतिक हल्कों में हड़कंप मच गया है । विपक्ष ने इन रैलियों को लेकर केंद्र पर साधा निशाना । राजस्थान के कांग्रेसी खेमें में हलचल स्पष्ट दिखाई दे रही है । आनन-फानन में यहाँ के मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत ने विधायकों और समर्थकों की मीटिंग बुलाई है ।


विधायकों और समर्थकों को जयपुर से बाहर एक प्राइवेट रिजोर्ट में ठहराया गया है । 19 जून को राज्य सभा चुनाव संभावित हैं । दिल्ली से आलाकमान द्वारा पार्टी के वरिष्ठ नेता रणदीप सूरजावाला को जयपुर भेजे जाने के समाचार मिले हैं । वह विधायकों एवं समर्थकों के साथ बैठक करेंगे । राज्य-सभा चुनाव से पहले दल विशेष द्वारा अपने विधायकों और समर्थकों की बैठक लिया जाना स्वाभाविक है और जरूरी भी है । समर्थकों के बागी होने की संभावना बनी रहती है । यूँ कि किस्सा  कुर्सी का है । मध्य-प्रदेश की राजनीतिक घटनाक्रम कांग्रेस के लिये एक सबक है । किसी ने ठीक ही कहा है कि दूध का जला फूक-फूक कर कदम रखता है ।


भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश में राजनीतिक हल-चल आम है विचारणीय है तो बस वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमणकाल में पासों की बिसात पर चमकती राजनीति.....



 

अनानास मे विस्फोटक पदार्थ डालकर हाथी की हत्या

केरल में विस्फोटक पदार्थ भरे अनानास को खाकर एक हथनी की मौत को लेकर देश फैली सनसनी । बड़ी बात हथनी पेट से थी । अनानास खाने के बाद तड़फती हुई  हथनी नदी के पानी में घुस गई और वहीं ढ़ेर हो गई । विस्फोट से उसकी जीब और मुह नष्ट हो गया । मरते वक्त भी शायद उसे अपने पेट में पल रहे बच्चे की चिंता थी ।


मामला केरल के मल्लापुरम जिले के थिरूविजामकुन्नू जंगलात क्षेत्र की कोट्टापदम ग्रामपंचायत के अंतर्गत आता है । यहाँ 27 मई को वेल्लियार नदी में एक हथनी मृत पाई गई । क्षेत्रिय जंगलात अधिकारियों का मानना है कि हथनी खाने की तलाश में साइलेंट वेली नेशनल पार्क से भटकती हुई यहाँ पहुँची होगी । सोशल मीडिया एवं न्यूज चेनलों पर सुर्खियों में आने के बाद मामले ने तूल पकड़ा ।


पूर्व केंद्रिय मंत्री मेनका गाँधी ने राज्य सरकार और इलाके के वर्तमान सांसद राहुल गाँधी की निष्क्रियता पर निशाना साधते हुए के वन मंत्री से इस्तीफे की माँग की है । राज्य के मुख्यमंत्री ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही का आशवासन दिया है । जंगलात विभाग द्वारा मामले की तहकीकात जारी है । जंगलात विभाग ने  वारदात के मध्य-नजर गश्त बड़ा दी है ।

सबसे बड़े शिक्षित राज्य केरल में जहाँ हाथी की पूजा होती है विचारणीय है तो बस विस्फोटक पदार्थ खिलाकर हाथी की हत्या.....

 

उड़ीसा एवं वेस्ट बंगाल में तबाही का मंजर

उड़ीसा एवं वेस्ट बंगाल में जारी है तबाही का मंजर । बवंडर एवं भयंकर बारिश से चरमरा गई है प्रशासनिक व्यवस्था । मार्ग हुए अवरूद्ध ठप हुई संचार व्यवस्था । स्वयं प्रधान-मंत्री नरेंद्र भाई मोदी लेने पहुँचे संज्ञान  और की वेस्ट बंगाल की मुख्य-मंत्री ममता बेनर्जी से मुलाकात ।


क्षेत्रीय मौसम विभाग के अनुसार  20 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 30 मिनट पर भूस्खलन चालू हुआ और साड़े चार घंटे तक चला । याने कि सात बजे समाप्त हुआ । समुद्री किनारों पर हवा का दबाव 150 -160 किलोमीटर प्रति घंटा एवं कोलेकता में हवा का दबाव 112 किलोमीटर दर्ज हुआ । बवंडर का ज्यादा असर दक्षिण परगना में दिखाई दिया सागर द्वीप के पास के रिहायशी इलाकों में भूस्खलन के समाचार मिले हैं ।


उड़ीसा के जिले भी बवंडर से प्रभावित हुए हैं । बालासौर,भदरक,केंद्रपाड़ा,जाजपुर एवं मयूर भंज । दामरा में हवा का दबाव 120 किलोमीटर प्रतिघंटा,पारादीप में में 106 किलोमीटर प्रतिघंटा एवं बालासौर में 91 किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज हुआ । विशेषज्ञों का मानना है कि बवंडर का दबाव 2019 एवं 2009 से ज्यादा था ।


सूत्रों के अनुसार बवंडर से पूरे  वेस्ट बंगाल एवं उड़ीसा में भारी नुकसान पहुँचा है । लगभग 6 लाख 58 हजार  लोगों को विस्थापित किया गया है जिनमें से 5 लाख वेस्ट बंगाल के हैं । बवंडर से मरने वालों का आंकड़ा 72 पार कर गया है ।


केंद्र ने बवंडर ग्रस्त इलाकों के लिये वेस्ट बंगाल को 1000 करोड़ एवं उड़ीसा को 1500 करोड़ की राहत राशि दिये जाने की घोषणा की है । एनडीआरएफ द्वारा स्थाननीय प्रशासन की मदद से जलभराव एवं प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी है ।

निरंतर बारिश वा बवंडर के चलते  जलभराव एवं भूस्खलन  स्वाभाविक हैं ,विचारणीय है तो बस इन प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जान-माल की क्षति । कहीं न कहीं जरूरी है इनसे निपटने के लिये राज्य एवं केंद्र सरकारों द्वारा सुलझी हुई नीति के तहत रूपरेखा...

जारी है प्रवासी मजदूरों का भारी संख्या में पलायन

भारी संख्या में महानगरों से हो रहे प्रवासी मजदूरों के पलायन को लेकर कांग्रेस ने  उठाये सवाल एवं की कोविड 19 के संक्रमण के दौरान छाई मंदी के मध्य-नजर प्रवासी मजदूरों एवं जरूरतमंद गरीबों के विस्थापन संबंधी राष्ट्र व्यापी नीति की माँग ।


हालांकि प्रधान-मंत्री नरेंद्र भाई मोदी द्वारा दिये गये अपने राष्ट्र के नाम संदेश में पुख्ता इंतेजामात का दावा करते हुए जहाँ हैं वहीं पर रहने की ताकीद की थी । राज्य सरकारों द्वारा भी माकूल इंतेजामात की संकेत मिलते रहे हैं । मकान मालिकों से भी अपने यहाँ रह रहे प्रवासी मजदूरों से भाड़ा न लेने की ताकीद की थी ।


स्कूलों को आश्रय गृह में तब्दील कर दिया गया एवं सरकारी तंत्र के साथ धार्मिक एवं सामाजिक संस्थानों जिनके साथ  औद्योगिक एवं राजनीतिक दल भी शामिल हैं ने जरूरतमंदों के लिये भोजन व्यवस्था की । कई जगह सूखे राशन वितरण के भी संकेत मिले हैं ।


तमाम इंतेजामात के बावजूद प्रवासी मजदूरों का पलायन जारी है । ऐसा क्या है कि वो अपनी जान की परवाह किये बिना अपने गाँव जाने के लिये मीलों का सफर  पेदल ही तय करने के लिये झुंड बना कर निकल लिये ।


कभी दिल्ली के आनंद विहार बस अडडे तो कभी मुंबई के बांद्रा स्टेशन के बाहर प्रवासियों का भारी तादाद में जमवाड़ा पिछले दिनों नजर आया । इतना ही नहीं सिमेंट मिक्सर में छिपकर लखनउ जा रहे 18 प्रवासियों को इंदोर में बाहर निकाला गया ।


रेल की पटरियों के किनारे मीलों तक पैदल चलना फिर थककर रेलवे लाइन पर सो जाना । हाल ही ओरंगाबाद में माल गाड़ी के नीचे पटरियों में सोये कुछ मजदूर के कुचले जाने का मामला मीडिया की सुर्खियों में नजर आया ।


हालांकि प्रधान मंत्री नरेंद्र भाई मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिये 20 लाख करोड़ रूप्ये के पेकेज का ऐलाान किया है जो कि जीडीपी का लगभग 10 प्रतिशत है । प्रधान मंत्री राज्यों के मुख्य मंत्रियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं ।


माकूल इंतेजामात एवं तमाम कवायदों के बावजूद प्रवासी मजदूरों के पलायन के मध्यनजर सियासतदानों के लिये अब जरूरी है, मौजूदा रूपरेखा का पुनः मुल्यांकन एवं पूर्ण बंदी के दौरान एवं बाद में सुलझी हुई विस्थापन नीति...

कश्मीर में आज भी सक्रिय जहिादी गतिविधियाँ

हम सीमा के उस पार कोविड 19 के संक्रमण के प्रकोप से निपटने के लिये जीवन रक्षक दवाइयाँ भेजते हैं । बदले में सीमा के उस पार से भेजे जाते हैं आतंकवादी । हमने उन्हें अपनाने के लिये हटाई जम्मू कशमीर से 370 लेकिन आज भी वहाँ पर सक्रिय हैं जिहाद के नाम पर अलगाववादी गतिविधियाँ ।


देश भर में सबसे सस्ता खाने का अनाज एवं रियायतों के पुलिंदे के बावजूद कहीं न कहीं झलक जाता है अलगाववाद । घर एवं धार्मिक स्थल बन जाते हैं आंतकवादियों के ठिकाने ।


सियासत एवं आवाम के बीच की कशमकश के बीच चपेटे में आते हैं स्थिति पर काबू पाने के लिये गये अर्ध सैनिक बल एवं पुलिस के जवान । मुठभेड़ में मारे गये जवानों की मौत को शाहदत का जामा पहनाकर कुछ दिन माहौल गर्म । उसके बाद सियासी बजार ठंडा ।

बाटला हाउस एंकाउंटर में ढे़र हुए आतंकवादियों के लिये टसुवे बहाने वाले राजनीतिज्ञ एवं संसद पर हुए हमले के मुख्य आरोपी अफजल गुरू की फाँसी की मुखालफत करने वाले खेमें में नजर आती है वही चिरपरिचत खामोशी ।

विचारणीय है तो बस जिहादियों के फितूर के मध्य-नजर सैन्य-अर्ध सैनिक बलों के जवानों की कुर्बान जिंदगियाँ और इनके बीच सिसकती हुई दो आँखें ...

परस्पर सदभाव संवाद एवं शांति से होगी कोविड 19 पर विजय

महामारी के इस इस दौर में पीड़ित हैं वे हमारे अपने हैं । सबके लिये राहत कार्य ही हमारा एक मात्र संकल्प यह विचार हैं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंचालक डा. मोहन भागवत के । वह वर्तमान परिदृश्य और हमारी भूमिका पर राष्ट्र को आनलाइन उदबोधित कर रहे थे । कोविड 19 पर विजय पाने के लिये उन्होने परस्पर सदभाव संवाद एवं शांति पर बल दिया ।

कोविड 19 के संक्रमण से निपटने में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भी निभा रहा है महत्वपूर्ण भूमिका । देश भर में अपने 55725 स्थानों पर अपने 300809 स्वयंसेवकों के माध्यम से चल रहा है राहत कार्य ।  देश में आपदा की स्थिति हो या फिर प्रशासनिक व्यवस्था ।

संघ अपने स्व्यंसेवकों के माध्यम से सियासत का कंधे से कंघा मिलाकर सहयोग करता आ रहा है । क्या फरक पड़ता है कि सरकार भारतीय जनता पार्टी की हो या कांग्रेस की ।


विभाजन के विस्थापितों के राहत कार्य में संघ की भूमिका के मघ्य-नजर देश के प्रथम प्रधान-मंत्री पंडित जवाहर लााल नेहरू ने पहली गणतंत्र दिवस परेड में संध को शामिल होने का न्यौता दिया था ।


दशकों से संघ देश को विश्व की मानवता के नेतृत्व योग्य बनाने में सियासत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रयासरत है....

 

पालघर हत्याकांड की सीबीआई जाँच की माँग

पूर्ण बंदी के दौरान देश भर में सुरक्षा इंतेजामात के मध्य-नजर मुंबई से मात्र 90 किलोमीटर पालघर में अचानक 200 लोगों का जमवाड़ा वो भी पुलिस स्टेशन के सामने । दो साधुओं को पुलिस ठाने से बाहर लाया जाता है और भीड़ पत्थर, डंडों एवं लाठियों से पीटकर- पीटकर साघुओं को मार डालती है । यहाँ तक की उनके ड्राइवर को भी नहीं बख्शा जाता ।


16 अप्रेल को घटे इस कांड का सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने पर राज्य सरकार 48 घंटे बाद संज्ञान लेती है । उससे पहले इसे चोरी की अफवाह के तहत हत्या माना जा रहा था । मृतक साधुओं के संबंध जूना अखाड़े से बताये जा रहे हैं । वे कांदीवली से सिलवासा अपने गुरू के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे ।

संत कल्पवृक्ष गिरी  70 साल के एवं सुशील गिरी 35 साल के थे । हालांकि प्रदेश के मुख्य-मंत्री उद्धव ठाकरे ने इसे अफवाह के कारण हत्या मानते हुए राजनीति का जामा पहनाने से बाज आने की तकीद की है । अब तक 110 लोगों को गिरफतार किया जा चुका है ।

मामले की जाँच महाराष्ट्र केडर के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी कर रहे हैं । देश के संत समाज में मामले को लेकर अक्रोश है । घटनाक्रम का विश्लेषण करते हुए  मौका ए वारदात में पुलिस एवं लोकल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते मामले की सीबीआई से जाँच कराने की माँग की है ।


जहाँ संतों की हत्या को लेकर पूरे देश में सनसनी है वहीं समय-समय पर असहिष्णुता की मुखलफत करने वाला समाज का एक बुद्धिजीवी वर्ग जिन्में नेता,अभिनेता और चंद पत्रकार भी शामिल हैं खामोश हैं । यह वही वर्ग है जो असहिष्णुता को लेकर राष्ट्रीय संमान लौटाने की बात करता है ।

पालघर में संतों की हत्या का खुलासा तो समय के साथ हो ही जायेगा । गुनाहगारों को सजा भी मिलेगी  विचारणीय है तो बस फिरकापरस्ती की राजनीति....

समरथ को नहीं दोष गोसाई

पूर्व प्रधान मंत्री एच डी देवीगोडा के पौत्र एवं पूर्व मुख्य मंत्री कुमार स्वामी के सपुत्र का विवाह समारोह आज मीडिया की सुर्खियों में है । कंप्लीट लाक डाउन की धज्जियाँ सरे आम उड़ी इस विवाह समारोह में 2000 लोगों के शामिल होने के समाचार हैं ।

कोविड 19 से निपटने के लिये देश में कंप्लीट लाक डाउन के दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र भाई मोदी की ताकीद पर  देश के 130 करोड़ नागरिक अपने घरों में सिमटे हुए हैं और सोशल डिस्टिंग का अनुपालन कर रहे हैं ।

हलांकि परिवार के सदस्यों का कहना है कि विवाह में केवल 60 लोग शामिल हुए थे । 60 लोगों के लिये 10 केमरा मेन/फोटोग्राफरों की मौजूदगी समझ से परे है ।कंप्लीट लाक डाउन के उलंघन करने वालों से प्रशासन सख्ति से निपट रहा है ।

अंतिम यात्रा में भी 10 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकते । ऐसे में बड़े पैमाने पर ऐसे समारोह का आयेजन बिना प्रशासनिक ढ़ील के असंभव है । कोविड 19 से निपटने के लिए जूझ रहे हमारे कोरोना वारियरस के मनोबल के मध्यनजर विचारणीय है तो बस राम चरित मानस की पंक्ति समरथ को नहीं दोष गोसाई याने कि  नियमों के अनुपालन में दोहरे मानदंड...

जिला एवं तहसील स्तर पर प्रकाशनों की दुर्दशा का भी जरूरी है संज्ञान

समाचार पत्र एवं मीडिया हाउस में तालाबंदी से हई पत्रकार एवं गैर मीडियाकर्मी की छंटनी के समाचारों से पत्रकार संगठनों में मचा हड़कंप । पत्रकारों के संगठनों द्वारा प्राप्त सूचना के अनुसार  देश के प्रतिष्ठित प्रकाशान संस्थानों और चेनलों में कर्मचारियों की हो रही है छटनी । टाइम्स आफ इंडिया ने संडे मेगजीन की पूरी टीम को बरखास्त कर दिया है । न्यूज नेशन से भी 16 इंगलिश डिजिटल कार्मिक एवं क्विंट से आधे कार्मिकों की छटनी के समाचार मिले हैं । इंडिया टुडे की छटनी की लिस्ट भी लगभग तैयार है । 46 रिपोर्टर,6 केमरामेन एवं 17 प्रोडयुसरों का बाहर निकलना लगभग तय है । हिंदुस्तान टाइम्स मराठी संस्करण का भी प्रकाशन 30 अप्रेल सेे बंद होना लगभग तय  है ।


पत्रकारों के अग्रणी संगठन नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट (इंडिया),प्रेस एशोसियेश एवं वर्किंग न्यूज पेपर केमरामेन एशोसियेशन ने इस मामले में सरकार से संज्ञान लेने की अपील की है । बडे़ प्रकाशन एवं मीडिया संस्थानों के मामले पत्रकार संगठनों  द्वारा समय-समय पर उठाये जाते रहे हैं । यह बात और है कि संगठन की गतिविधियों एवं आयोजित धरने प्रदर्शनों में दो एक पदाधिकारियों के अलावा शायद ही कोई प्रतिष्ठिात प्रकाशन का मुलाजिम नजर आये । नजर आते हैं तो जिला और तहसील स्तर पर निकलने वाले समाचार पत्रों के मालिक/संपादक या उनसे जुड़े पत्रकार । जिन्की परेशानियों के प्रति स्वयं संगठन ही उदासीन हैं । वंदे मातरम और कल्पांत या फिर गुलाब भारत जैसे छोटे प्रकाशनों की दशा भी उतनी ही विचारणीय है । कहीं न कहीं जरूरी है प़त्रकार संगठनों और सरकार दोनों का ही संज्ञान....
 

आगामी सप्ताह सख्ति से होगा लाक डाउन के नियमों का अनुपालन

प्रधान-मंत्री नरेंद्र भाई मोदी ने अपने राष्ट्र के नाम संदेश में कोविद 19 से निपटने में 130 करोड़  लोगों की भूमिका का आभार प्रकट करते हुए किया 3 मई तक कंप्लीट लाक डाउन का एलाान । इस दौरान पहले हफ्ते याने कि 20 अप्रेल तक कंपलीट लाक डाउन का सख्ति से करना होगा अनुपालन और की जाएगी  जिलावर समीक्षा ।


होट स्पाट रहित स्थानों को 20 अप्रेल के बाद बुनियादी सेवाओं में छूट मिलेगी । हाट स्पाट मिलने पर छूट वापिस और अनिवार्य होगा नियमों का सख्ति से अनुपालन । प्रधान-मंत्री ने की देशवासियों से सहयोग की अपेक्षा के साथ  7 ताकीदें - परिवार के बड़े बुजुर्गों का विशेष ध्यान, लाक डाउन एवं सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ति से अनुपालन,रोग  प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिये आयुष के नुस्खों का अनुपालन, आरोग्य  सेतू एप्लीकेशन की डाउनतोडिंग,जरूरत मंदों की मदद, अपने मुलाजिमों के प्रति सहानभूतिपूर्ण रवैया और अंत में करोना वारियर का संमान ।

ध्यान एवं शारिरिक क्रियाओं के माध्यम से फिट रहिये स्वस्थ्य रहिये

कंप्लीट लाक डाउन के दौरान जरूरी है कि घर के अंदर रहते हुए फिट रहें तंदरूस्त रहें । खुद को फिट एवं तंदरूस्त रहने के लिये हम घर में रहकर कर सकते हैं नियमित रूप से योगासन एवं शारीरिक क्रियायें । योगासन से मिलती जुलती एक पद्धति है फालुन दाफा । बौद्ध भिक्षुओं द्वारा साधित घ्यान एवं शारिरिक क्रियाओं पर आधारित इस पद्धति का जन्म चीन में हुआ । 114 देशों में 10 करोड़ से भी अधिक आज इसके अनुयाई हैं ।


फालुन का अर्थ है विधान चक्र और दाफा के मायने हैं महान मार्ग । बौद्धिक विकास के साथ इस पद्धति मे शारीरिक विकास के लिये पाँच प्रकार के व्यायामों का सामावेश है । नियमित अभ्यास से साधक को बौद्धिक एवं शारीरिक विकास के साथ सत्य,करूणा एवं सहनशीलता से आत्मसात होता है ।


विस्तृत जानकारी के लिये लाग आन करें -

www.falundafa.org www.falundafaindia.org  https://hi.falundafa.org/falun-dafa-contacts-india.html

योगासन एवं शारीरिक क्रियाओं  का अभ्यास जाँच पड़ताल के पश्चात योग्य प्रशिक्षक के सानिध्य में ही किया जाना चाहिये......

कोविद 19 से निपटने का महामंत्र संयम और संकल्प

आज भारत ही नहीं दुनिया भर के देश जूझ रहे हैं कोविद 19 के प्रकोप से । जी हाँ हम बात कर रहे हैं केरोना वायरस की । चीन में जन्में इस वायरस ने महामारी का रूप लेकर चीन समेत दुनिया भर के देशों को अपने चपेटे में ले लिया है ।


केवल भारत में 170 लोग करोना वायरस से संक्रमित पाये गये हैं । जिन्में से 20 लोग ठीक हो गये हैं । प्रधान-मंत्री नरेंद्र मोदी ने 130 करोड़ देशवासियों से की सहयोग की अपील । उनके अनुसार इस महामारी से निपटने के लिये जरूरी है संयम और संकलप । सक्रमक होने के कारण सोशल डिसटेंसिंग से बहुत कुछ हद तक इस बिमारी से नियंत्रण पाया जा सकता है और सफाई महामंत्र है ।

आगामी 22 मार्च को प्रधान-मंत्री ने जनता करफयू की अपील और देशवासियों से की है अपील की है कि वह सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक घर पर रहने की की है ताकीद । एहतियात के तौर पर स्कूल बंद कर दिये गये हैं और आफिस एवं बिजनेस हाउस से वैकल्पिक तौर पर 50 प्रतिशत स्टाफ से कार्य निष्पादित करने की अपील की है । 10साल और उससे कम उम्र बच्चों एवं 65 से अधिक आयु वालों को घर से बाहर ना निकलने की ताकीद है ।


विश्व युद्ध से ज्यादा खतरनाक इस करोना वायरस से निपटने के लिये कहीं ना कहीं जरूरी है आत्म संयम और दृध संकल्प....

 

मध्य प्रदेश में बढ़ी कांग्रेस की सिरदर्दी

होली के दिन कांग्रेस को लगा करारा झटका । कांग्रेस के प्रभावशाली युवा नेता और गाँधी परिवार के कभी करीबी रह चुके ज्योतिर आदित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ मिलाया भारतीय जनता पार्टी से हाथ । पार्टी की प्रारंभिक सदस्ष्ता ग्रहण करने के बाद खुला राज्य सभा सदस्य का रास्ता ।


कांग्रेस पार्टी में आंतरिक फूट की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता ।  सिंधिया के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के 22विधायकों ने राज्यपाल को अपने इस्तीफे सौंप दिये हैं । सिंधिया ने राज्य सभा में भारतीय जनता पार्टी की और से नांमकन दाखिल कर दिया है ।


सिंधिया का तो राज्य सभा सदस्य बनना लगभग तय ही है लेकिन कहीं ना कहीं चरमरा गई है कमलनाथ सरकार की कुर्सी और बढ़ गई है कांग्रेस की सिरदर्दी । मध्य प्रदेश की सियासत में बदलाव संभावित है । हालांकि अपने समर्थकों को साथ लेकर कमलनाथ ने की है राज्यपाल से मुलाकात ।


फिलहाल कमलनाथ मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री हैं । लेकिन विधान सभा में बहुमत साबित करना नहीं होगा आसान । 230 सीटों वाली विघान सभा मे फिलहाल 228 सदस्य हैं और सदन में बहुमत साबित करने के लिये 104 सदस्यों का होना जरूरी है ।


बागी और समर्थक विधायक अपने-अपने खेमों में सुरक्षित स्थानों पर हैं । मध्य प्रदेश में सियासी उठल-पुठल का अंजाम जो भी हो कहीं न कहीं कांगेस के लिये जरूरी है आत्म-मंथन......
 

कुछ इस अंदाज में मिले ट्रंप और मोदी

अमेरिका के हाउडी मोदी की तर्ज पर नमस्ते ट्रंप के बेनर तले भारत में कुछ इस प्रकार हुआ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का स्वागत । अहमदाबाद के सरदार वल्लभ भाई इंटरनेश्नल एयरपसोर्ट से मोटेरा स्टेडियम के 10.5 किलोमीटर रास्ते में 21 स्थानों पर रंगारंग कार्यक्रम के साथ गर्मजोशी के साथ हुआ राष्ट्रपति ट्रंप का स्वागत ।


मोटेरा स्टेडियम के मंच से राष्ट्रपति ट्रंप ने किया सार्वजनिक ऐलान दोनों देश मिलकर करेंगे कट्टर इस्लामिक आतंकवाद का मुकाबला । साथ ही  पड़ोसी मुल्क से आतंकी गतिविधियों पर लगाम की ताकीद । उन्होने अपने भाषण में सात बार प्रधान मंत्री नरेंद्र भाई मोदी का नाम । साबरमती आश्रम में भी  नजर आये राष्ट्रपति ट्रंप प्रधान मंत्री नरेंद्र भाई मोदी के साथ ।


राष्ट्रपति ट्रंप सपरिवार भारत के दौरे पर हैं और वो अहमदाबाद से आगरा होते हुए दिल्ली पहुँचेंगे । अहमदाबाद की तर्ज पर हुआ आगरा में भी 21 स्थानों पर हुआ राष्ट्रपति ट्रंप का स्वागत । अहमदाबाद में प्रधान मंत्री नरेंद्र भाई मोदी और आगरा में उत्तर प्रदेश के मुख्य-मंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में हुआ स्वागत समारोह का आयोजन ।


राष्ट्रपति  ट्रंप की भारत यात्रा को लेकर देश के राजनीतिक हल्कों में मिली-जुली प्रतिक्रियायें हैं  और कहीं न कहीं मची हुई है पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में हलचल । तमाम राजनीतिक कवायदों और विरोधाभास के बावजूद मिलेगी मजबूती भारत एवं अमेरिका के संबंधों में ।


पड़ सकती है इस बार राष्ट्रवाद से आतंकवाद पर मार । मोदी और ट्रंप की जुगलबंदी के परिणामों का खुलासा तो समय के साथ हो ही जायेगा....

झाड़ू ने किया हाथ और कमल का सफाया

दिल्ली के राजनीतिक समीकरण ने पलटी बाजी । झाड़ू ने किया हाथ और कमल का सफाया । फिर एक और  पारी खेलेंगे अरविंद केजरीवाल । दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम कुछ इस प्रकार रहे । आम आदमी पार्टी को 62  एवं भारतीय जनता पार्टी को 8 सीटें मिली । कांग्रेस का हुआ सूपड़ा साफ ।


केंद्र में मोदी और दिल्ली में केजरीवाल । दोहरी मानसिकता या फिर विकल्प का आभाव। जश्न एवं मायूसी से उभरकर उतरना पड़ेगा दोनों को ही   मतदाता की कसौटी पर खरा । कहीं न कहीं जरूरी है राष्ट्र स्तर के राजनीतिक दलों के लिये आत्म मंथन ....

वायदों की बिसात पर दिल्ली की राजनीति

दिल्ली में सक्रिय हैं राजनीतिक सर्गमियाँ । आगामी 8 फरवरी को 70 विधान सभा सीटों के लिये मतदान संभावित हैं । 1.42 करोड़ मतदाता करेंगे उमीदवारों के भविष्य का निर्धारण । नामांकन प्रक्रिया समाप्त हो  गई है और चुनाव प्रचार का दौर है ।


वायदों के बिसपात पर यहाँ के राजनीतिक समीकरण कुछ उलझे से हैं । फिलहाल दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है । पिछले विधान सभा चुनावों के समीकरण कुछ इस प्रकार हैं आम आदमी पार्टी  67 $ भरतीय जनता पार्टी  3  $ कांग्रेस  0 = 70 ।


इस बार आम आदमी पार्टी,भारतीय जनता पार्टी एवं कांग्रेस के साथ मैदान में उतरी हैं जनता दल युनाइटेड एवं लोक शक्ति पार्टी । हालांकि दोनो ही पार्टियाँ सीमित स्थानों पर चुनाव लड़ेंगी । जनता दल युनाइटेड 2 सीटों बुराड़ी एवं संगम विहार और लोक शक्ति पार्टी सीलमपुर की एक सीट पर चुनाव लड़ेगी ।


घोषणा पत्र के वायदे जो भी हों चुनावी मुद्दे रहेंगे नागरिक सुरक्षा कानून, एनआरसी और सपनों के सौदागर अरविंद केजरीवाल द्वारा मतदाताओं को दिखाये गये सपने । दिल्ली में मतदान की औसत दर 65 प्रतिशत है और 75 फीसदी मतदाता अनाधिकृत कलोनियों और झुग्गी झोपड़ी से आता है  और इनके बीच 20 फीसदी अल्प-संख्यक सामुदाय ।


तमाम अटकलों और कवायदों और उलझे हुए पेचों के मध्य-नजर नहीं होगा आसान राजनीति के चाणक्य के लिये भेद पाना सपनों के सौदागर की व्युह रचना । फिलहाल जीत की गूँज,कांगेस वाली दिल्ली खुशहाल दिल्ली एवं अच्च्छे बीते पाँच साल लगे रहो केजरीवाल के बीच तीकोना संघर्ष......
 

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

Mobile : 91-9811440461

editor@dhanustankar.com

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समाचार

1 - देश भर में कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है हर्षो-उल्हास से

2 - 12 महीने में 50 लापता बच्चे खोज निकालो पर समय से पहले पदोन्नति

3 - श्रीलंका पीपुल्स पार्टी को मिली एक तिहाई बहुमत से जीत

4 - पुलिस परिवार की विशाखा यादव को प्रशासनिक सेवा परिक्षा में छठा दर्जा

5 - भारी बारिश के कारण मुंबई हुई अलर्ट

6 - दिल्ली के पत्रकार के खिलाफ पश्चिम बंगाल की छवि खराब करने का मुकदमा

7 - जान की परवाह किये बिना बदमाशों को धर दबोचा

8 - चंद दशकों में बाघों के प्राकृतिक आवास क्षेत्र में हो रही कमी

9 - गेहलोत सरकार को गिराने की कोशिश के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन

10 - सोमू वीरराजू आंध्र प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के नये अध्यक्ष

11 - एसीपी संकेत कौशिक को पुलिस संमान के साथ अंतिम विदाई

12 - पैसा हड़पने के लिये 3 लाख की फर्जी लूट को दिया अंजाम

13 - पत्रकार विक्रम जोशी की निर्मम हत्या के विरोध मे धरना प्रदर्शन

14 - मध्य-प्रदेश के राज्यपाल लाल जी टंडन हुए अलविदा

15 - चंद्रकांत पाटिल गुजरात के एवं नमग्याल लद्दाख के बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष

16 - हर्बल तेल के व्यापार में सांझेदारी के नाम पर ठगी

17 - पटना सहित अन्य प्रभावित जिलों में 31 जुलाई तक लाकडाउन

18 - लावारिस दुधमंही बच्ची की देखभाल कर रही कांस्टेबल की पत्नी

19 - रक्षा मंत्री राजनाथ ने की लेह स्थित सैन्य ठिकानो की समीक्षा

20 - हत्या की साजिश नाकाम करने के लिये पुलिस टीम संमानित

21 - अब भी बरकरार है संकट गहलोत सरकार पर

22 - कोरोना से निपटने के लिये नियमों का अनुपालन जरूरी

23 - चंद घंटों में गुमशुदा बच्ची को तलाश कर उसके परिवार को सौंपा

24 - वांछित हिस्ट्रीशीटर विकास दूबे की एनकांउंटर में गोली लगने से मौत

25 - सूरमा भोपाली हुए दुनिया से अलविदा

26 - वांछित हिस्ट्रिशीटर विकास दूबे का सहयोगी मुठभेड़ में ढ़ेर

27 - जान की परवाह न करते हुए धर दबोचा दो पेशेवर हत्यारों को

28 - ऐतिहासिक स्मारक आज से जनता के लिये खुले

29 - दिल्ली से किडनेप हुई लड़की पटियाला में बरामद

30 - इंद्रमणी पांडे बने संयुक्त राष्ट्र संध में भारत के नये राजदूत

31 - दो पुलिसकर्मियों ने दिया ब्लड प्लाजमा दान

32 - ग्लोबल टाइम्स एवं चीन की नतियों के खिलाफ पत्रकारों का प्रदर्शन

33 - भ्रामक विज्ञापनों के माध्यम से शराब सप्लाई के नाम पर होती ठगी