नई दिल्ली 10, Jul 2026

लेख

1 - रक्त रंजित राजनीति से मिली मुक्ति बंगाल में पहली बार निखरा कमल

2 - कैसे होंगे केरल के सियासी समीकरण

3 - कौन सा खेला खेलेंगी ममता बैनर्जी पश्चिम बंगाल में

4 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

5 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

6 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

7 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

8 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

9 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

10 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

11 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

12 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

13 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

14 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

15 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

16 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

17 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

18 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

19 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

20 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

21 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

22 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

23 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

24 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

25 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

26 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

27 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

28 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

29 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

30 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

31 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

32 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

33 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

34 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

35 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

36 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

37 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

38 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

39 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

40 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

41 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

42 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

43 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

44 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

45 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

46 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

47 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

48 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

49 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

50 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

पहली बरसात जहां गर्मी से राहत लाई भारी जल जमाव की समस्या नही

दिल्ली: वर्षों बाद दिल्ली वालों ने विगत 3 दिन में दिल्ली में हुई मानसून की पहली बरसात का स्वागत किया क्योंकि यह पहली बरसात जहां गर्मी से राहत लाई  साथ में भारी जल जमाव की समस्या नही लाई। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि पिछले दस वर्ष के बुरे अनुभवों की श्रृंखला को तोड़ते हुए दिल्ली वालों ने इस बार मानसून की पहली बरसात का पूरा आनंद लिया क्योंकि घंटो चली बरसात के बावजूद भी दिल्ली में कहीं से भी जल जमाव के कारण सामान्य कामकाज अथवा जनजीवन पर ब्रेक लगने के समाचार सामने नही आये।

मुख्यमंत्री मंत्री  रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली जलबोर्ड, लोकनिर्माण विभाग एवं दिल्ली नगर निगम ने संयुक्त रूप से डीसिलटिंग कार्य किया जिसके परिणामस्वरूप दिल्ली का ड्रेनेज सिस्टम भारी बरसात झेलने को तैयार था और वर्षों बाद दिल्ली वाले मानसून की पहली बरसात का आनंद ले पाये। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है की हम दिल्ली वालों का अनुभव रहा था की पहली दो बड़ी बरसात दिल्ली को जलमग्न कर देती थीं और सरकारें बहाना करती थीं की यह बरसात की शुरुआत है और आगे स्थिती सुधर जायेगी पर दिल्ली वालों के लिए मानसून कष्टकारी रहता था।
 
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दिल्ली में विगत डेढ माह में जहां नालों की सीवर की सफाई की गई तो वहीं 169 वाटरलागिंग स्पोट एवं 445 खतरे वाले स्पोट चिन्हित कर 167 पंप हाउस, 754 मोवेबल पम्प 28 जून से पहले लगा कर दिल्ली को पहली बरसात के लिए तैयार रखा गया और हम कह सकते हैं दिल्ली सरकार अपने पहले बड़े प्रयास में सफल रही। विगत तीन दिन में से अकेले आज बृहस्पतिवार सुबह लगभग 100 एम.एम. से अधिक बरसात हुई पर  दिल्ली में रिंग रोड़, अरटिरयल रोड्स के साथ फ्लाइ ओवर लूपस पर जल जमाव पर सरकार काबू रख पाई और जनजीवन सामान्य रहा। पुरानी दिल्ली एवं पूर्वी दिल्ली के कुछ स्थानों पर समस्या रही पर उसमें स्थानीय "आप" विधायकों एवं पार्षदों की लापरवाही दोषी है और सरकार आगे इन पर विशेष ध्यान देगी।

भारी बारिश से जल-जमाव और ट्रैफिक जाम से जनता हुई परेशान

दिल्ली: पिछले दो दिनों में हुई भारी मॉनसून बारिश के कारण दिल्ली-NCR इलाके में जगह-जगह पानी भर गया और भारी ट्रैफिक जाम लग गया। हालात को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) को 'रेड अलर्ट' जारी करना पड़ा क्योंकि कई मुख्य सड़कों पर पानी भर गया था, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कत हुई।दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के  अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इसके बावजूद, दिल्ली के PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने दावा किया कि जल-जमाव वाली 45 संवेदनशील जगहों की 179 CCTV कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही थी। लेकिन उन्होंने यह साफ नहीं किया कि शहर के कई इलाकों में घंटों तक पानी क्यों जमा रहा और जमा हुए पानी को जल्दी निकालने के लिए कोई भी जिम्मेदार अधिकारी वहां मौजूद क्यों नहीं था। 

बदकिस्मती यह रही है कि न तो पिछली AAP सरकार और न ही मौजूदा BJP सरकार ने जर्जर सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर (नागरिक सुविधाओं के ढांचे) को ठीक करने के लिए कोई ठोस और निर्णायक कदम उठाए—जैसे कि मॉनसून की बारिश शुरू होने से पहले नालियों और सीवरों की ठीक से सफाई करना और पुराने ड्रेनेज सिस्टम को बदलना। दिल्ली के PWD मंत्री को सड़कों पर भरे पानी और ट्रैफिक जाम जैसी ज़मीनी हकीकत का शायद अंदाज़ा नहीं है। यह बात उनके उस अस्पष्ट बयान से साफ़ हो गई जिसमें उन्होंने कहा कि भारी मॉनसून बारिश (जब दिल्ली में 24 घंटे में 100 मिमी से ज़्यादा बारिश हुई) के दौरान प्रशासन का बाढ़ से निपटने का काम तेज़ी से हुआ—जो कि सच से बहुत दूर था। उन्होंने कहा कि मंत्री ने यह भी दावा किया कि बारिश का पानी आसानी से निकल गया क्योंकि पंपिंग और ड्रेनेज सिस्टम को अपग्रेड किया गया था, फिर भी आम लोगों को ये सिस्टम कहीं नज़र नहीं आए; उन्हें अपनी मंज़िल तक पहुँचने के लिए पानी से भरी सड़कों और मुख्य रास्तों से गुज़रना पड़ा।

onli वायरल हो रही मीडिया तस्वीरों में जगह-जगह पानी भरा हुआ दिख रहा था, लेकिन मंत्री ने गैर-ज़िम्मेदाराना और चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि ये तस्वीरें "कंप्यूटर से बनाई गई थीं या डिजिटल रूप से बदली गई थीं" ताकि जनता को गुमराह किया जा सके। उन्होंने मॉनसून की बारिश के दौरान जल-जमाव और ट्रैफिक जाम की पुरानी समस्या से निपटने के लिए तुरंत कदम उठाने में सरकार की पूरी नाकामी को स्वीकार नहीं किया।
 
 प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष का मानना है  कि पिछली AAP सरकार की तरह, मौजूदा सरकार भी अपनी गलतियाँ नहीं मानती है। मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों की खोखली बातों के अलावा ज़मीनी स्तर पर नागरिक बुनियादी ढाँचे को बेहतर बनाने के लिए कोई वास्तविक काम नहीं होता है। जैसे श्री वर्मा का पहले का दावा था कि एक ही दिन में 3400 से ज़्यादा गड्ढों वाली सड़कों की मरम्मत की गई, लेकिन राजधानी में कई सड़कें अभी भी टूटी-फूटी और गड्ढों वाली हैं और इतनी गंभीर लापरवाही के लिए किसी भी PWD अधिकारी को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया गया है। 

संगत का खजाना खाली कोर्ट में रेहन पर ज़मीन रखे जाने पर कालका सिरसा को चंपत राय की संज्ञा

दिल्ली: हाईकोर्ट में कर्मचारियों की बकाया राशि कीं कोर्ट की निगरानी में पेमेंट शेड्यूलिंग के लिए दिल्ली सिक्ख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी द्वारा गत 7 जुलाई को गुरुद्वारे की भूमि को रेहन पर रखे जाने पर राजीनामा दिए जाने पर शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष प्रमजीत सिंह सरना ने कड़ी आपत्ति जताते हुए प्रबंधन के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका एवं दिल्ली सरकार के  मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा पर निशाना साधते हुए दे डाली चंपत राय की संज्ञा कहा कि संगत का खजाना खाली एवं गुरुद्वारे की संपत्ति कोर्ट में रहन पर रखने की तैयारी है ।

उन्होंने रेहन पर रखी गई ज़मीन का ब्यौरा देते हुए बताया कि 10 एकड़ ज़मीन शाहदरा में है एवं 300 एकड़ ज़मीन बिघर हरियाणा में है । इनमें से एक ज़मीन पंथक के लिए ऐतिहासिक है क्यूँकि वहाँ पर बाबा हरबंस सिंह का अंतिम संस्कार हुआ था । अपने कार्यकाल की तुलना करते हुए सरना ने जोर देकर कहा कि जब उन्होंने पद छोड़ा था तब प्रबंधन के पास 125 क़रोड़ रुपये का सरप्लस फण्ड था लेकिन कुप्रबंधन के कारण  आज नौबत आ गई है देनदारियों को चुकाने के लिए ज़मीन रेहन पर रखनी पड़ रही है ।

उनका आरोप है कि मौजूदा प्रबंधन जानबूझकर डॉलाइट ऑडिट रिपोर्ट को पंथक से छिपा रहा है ।यदि कुछ झोल झाल नहीं है तो रिपोर्ट को पब्लिक डोमेन में क्यूँ नहीं सार्वजनिक किया जा रहा है । समय समय पर हलफ़नामों के ज़रिए नियमों के पालन पर नजर रखने का हाई कोर्ट का फ़ैसला वित्तीय स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है एवं प्रबंधन के कामकाज में पारदर्शिता पर बल देता है । हाल ही में प्रबंधन द्वारा एक प्रेसवार्ता में कालका काहिलो की दावेदारी की 90 फीसदी स्टाफ उनके पास है  पर पलटवार करते हुए जागो पार्टी से मनजीत सिंह जीके ने पलटवार करते हुए कहा कि क्या स्टाफ ने केस वापस ले लिया है ? किश्तों में स्टाफ की बकाया राशि का भुगतान 2034 तक पूरा होना है । 

पंथक के दोनों ही नेताओं का मानना है कि आज देनदारी के 600 क़रोड़ की है जो 2034 में 12-13 सौ करोड़ के लगभग हो जाएगी । 

रोहिणी ज़ोन के सेक्टर-16 स्थित एमसीडी स्कूल के पास पांच मंजिला इमारत ढही

दिल्ली: दिल्ली के रोहिणी ज़ोन के सेक्टर-16 स्थित एमसीडी स्कूल के पास पांच मंजिला इमारत गिरने की खबर बेहद दुखद और चिंताजनक है। काफ़ी लोगों के दवे होने की आशंका बताई जा रही है।राजधानी में लगातार हो रही ऐसी घटनाएं भाजपा शासित एमसीडी की कार्यप्रणाली और निर्माण कार्यों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। इस रोहिणी ज़ोन से भाजपा के महापौर प्रवेश वाही आते है, वहीं इस तरह की घटना होना बेहद गंभीर मामला है। एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने निशाना साधते हुए कहा कि आख़िर भाजपा शासन में अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार पर लगाम कब लगेगी? दिल्लीवासियों की सुरक्षा से बार-बार खिलवाड़ क्यों हो रहा है? इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

सिर्फ 5, 20 और 15 मिनट की बारिश ने भाजपा की चार इंजन सरकार के सभी दावों की पोल खोल कर रख दी है भाजपा मुख्यमंत्री कहती हैं कि PWD के नाले साफ हैं, महापौर दावा करते हैं कि MCD की नालियां साफ हैं, लेकिन हकीकत यह है कि पूरी दिल्ली जलभराव से जूझ रही है। सड़कें तालाब बन गईं, लोग घंटों जाम में फंसे, बच्चे स्कूल जाने में परेशान हैं और हर बारिश के साथ करंट व हादसों का खतरा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने जानकारी  देते हुए कहा कि उन्होंने मानसून से पहले ही महापौर और MCD आयुक्त को पत्र लिखकर चेताया था और सदन में भी तैयारियां पूरी करने की मांग उठाई थी, लेकिन भाजपा सरकार ने कोई गंभीर कार्रवाई नहीं की। दिल्लीवासियों का समय, सुरक्षा और जीवन से खिलवाड़ करने वाली इस बदइंतजामी की पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार और भाजपा शासित MCD की है।

यूजीसी-एनईटी परीक्षा से ठीक पहले पीडीएफ प्रसारित 90 सवाल सोशियोलॉजी के असली पेपर से मेल खाते हैं

दिल्ली: पिछले सप्ताह हुई यूजीसी-एनईटी परीक्षा को लेकर सामने आए गंभीर आरोप बेहद चौंकाने वाले हैं। लोकसभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी ने ट्विटर के माध्यम से प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि  एनईटी पेपर लीक के कुछ ही हफ्तों बाद अब खबरें आ रही हैं कि  यूजीसी - एनईटी परीक्षा से ठीक पहले 100 पन्नों की एक पीडीएफ प्रसारित हुई। यह पीडीएफ उस क्वेश्चन पेपर सेटिंग  की है, जो सिर्फ़ एनटीए के पास उपलब्ध होती है। पीडीएफ के लगभग 90 सवाल सोशियोलॉजी के असली प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं।

वही प्रश्नपत्र 2.25 लाख रुपये में बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में बेचा जा रहा था। रोहतक के छात्र नेता दीपक धनकड़ ने आरोप लगाया है कि 28 और 29 जून की रात अभ्यर्थियों को पढ़ाये गए कुछ विषयों के प्रश्न 100 फी सदी वास्तविक पेपर से मैच हुए । छात्र नेता ने कथित प्रश्न पत्र की फॉरेंसिक जाँच किए जाने की माँग की है । इसी नेटवर्क ने सीएसआईआर - एनईटी,एचटीईटी और एडीए  जैसी आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा भी किया गया है । 

एनईईटी और एनईटी में बार-बार सामने आए घोटालों के बावजूद  भी मोदी सरकार आंखें मूंदकर सो रही है । उनके लिए लाखों छात्रों की रात-रात जागकर की गई सालों की मेहनत कोई मायने नहीं रखती। सारा देश जानता है कि प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से किसी भी तरह की जवाबदेही या कार्रवाई की उम्मीद करना बेकार है । न जांच होगी, न छात्रों को न्याय मिलेगा। बदलाव का सिर्फ एकमात्र औज़ार हमारी सम्मिलित आवाज़ है । देश भर के छात्रों की गूंज, जो भारत में शिक्षा में क्रांति लाकर रहेगी।

पंजाब में पुलिस की ज़्यादतियों पर श्वेत पत्र जारी करने की माँग



दिल्ली: सतलुज फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने केंद्र सरकार से पंजाब में 15 साल तक चली उग्रवाद के खिलाफ पुलिस कार्यवाही के दौरान किए गए अत्याचारों पर श्वेत पत्र जारी करने की माँग । उनका मानना है कि न्याय सुनिश्चित करने और इतिहास को ना भुलाये जाने से बचाये  जाने के लिए सच्चाई को आधिकारिक तौर पर दर्ज किया जाना जरूरी है । सतलुज फिल्म पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता शहीद भाई जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है । 

उन्होंने शहीद भाई जसवंत सिंह खालड़ा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने इस दौरान गायब हुए लोगों एवं कथित तौर पर गैर कानूनी तरीके से किए गए अंतिम संस्कारों का सिलसिले वार ब्यौरा तैयार किया । उनके द्वारा किया गया यह काम  हकीकत एवं संघर्ष के सबसे अहम अध्यायों में से एक है । अशांति के उस दौर में हुई ज्यादतियों का आधिकारिक तौर पर ब्यौरा जनता के सामने रखना सरकार की  नैतिक जिम्मेदारी बनती है । भाई खालड़ा का बलिदान उनके द्वारा किया गया कार्य तत्कालीन न्याय प्रणाली एवं मानवाधिकार पर सवालिया निशान लगाता है ।पंथक के वरिष्ठ नेता मनजीत सिंह  जीके ने भी भाई खालड़ा को श्रद्धाजलि अर्पित की । 

गुरुद्वारा रकाबगंज परिसर में स्थित शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के कार्यालय में इस फिल्म की स्क्रीनिंग के पंथक के वरिष्ठ नेता एवं आमोखास साक्षी बने ।

16 माह माह में दिल्ली में 2386 नई ई. बसें

दिल्ली: सरकार द्वारा 300 नई ई. बसें बसें डी.टी.सी. के बेड़े में जोड़ने का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने स्वागत करते हुए कहा कि  भाजपा शासित रेखा गुप्ता सरकार द्वारा मात्र 16 माह के शासन में दिल्ली को 2386 नई ई. बसें ला कर सफलता का एक कीर्तिमान बनाया है जबकि इसके ठीक विपरीत अरविंद केजरीवाल सरकार ने दस साल में एक भी बस नही खरीद कर अपनी असफलता प्रमाणित की थी। आज दिल्ली में डी.टी.सी. के पास 1759 सी.एन.जी. और 4538 ई. बसों के साथ कुल 6297 बसों की स्वच्छ प्रदूषण रहित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था है। 

शेनज़ेन एवं बेज़िंग चीन के बाद आज दिल्ली के पास दुनिया में सर्वाधिक बड़ा ई बसों का बेड़ा है। उन्होंने कहा है कि अपनी सत्ता के 10 वर्ष में दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करने के लिए, दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ करने में शून्य योगदान देने वाले अरविंद केजरीवाल को आज ईंधन क्वालिटी पर सवाल खड़े करते देख दिल्ली एवं देश की जनता स्तब्ध है। जैसे जैसे पंजाब चुनाव नज़दीक आ रहा है अरविंद केजरीवाल का सत्ता खोने का भय बढ़ता जा रहा है और वह खुद को राजनीतिक रूप से मीडिया में दिखाने के लिए नीट परिक्षा से लेकर ईंधन क्वालिटी तक हर विषय पर बोल रहे हैं पर पंजाब में बढ़ते नशे एवं अपराध के आलावा खुद पंजाब के मुख्य मंत्री की सिख धर्म के प्रति अवमानना पर चुप्पी साधे हैं।

देश में 22 करोड़ बाइक 8 करोड़ कारें ई-20 के लिए नहीं बनी हैं इस्तेमाल से कबाड़ हो जाएंगी

दिल्ली: ई-20 पेट्रोल थोपने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रही मोदी सरकार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लिया आड़े हाथ कहा कि सरकार ने ऑटो कंपनियों मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर और हीरो मोटोकॉर्प ने झूठ बुलवाया कि ई-10 वाहन में ई-20 के इस्तेमाल से कोई नुकसान नहीं होगा। जबकि टोयोटा, मारुति सहित अन्य कंपनी ने ओनर मैनुअल में माना है कि 10 फीसद से ज्यादा एथेनॉल इस्तेमाल नहीं करना है, फिर भी दिक्कत आए तो इसे भी नहीं करना है। उन्होंने कहा कि मैं सभी ऑटो कंपनियों को चिट्ठी लिखूंगा और लिखित में मांगूंगा कि ई-20 से गाड़ी की माइलेज गिरने या पार्ट्स खराब होने की भरपाई करने का आश्वासन दें। अगले हफ्ते मैं पीएम को भी चिट्ठी लिखूंगा और पूछूंगा कि अगर किसी गाड़ी में कोई दिक्कत आती है तो उसका हर्जाना सरकार देगी या कंपनी?

“आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार पूरे देश पर जबरदस्ती ई-20 पेट्रोल थोप रही है। लोगों का जबरदस्त विरोध है, लेकिन इस विरोध के बावजूद केंद्र सरकार अपनी जिद्द पर अड़ी हुई है। उस जिद्द का कारण क्या है, यह तो नहीं पता, लेकिन केंद्र सरकार टस से मस नहीं हो रही है। रोज झूठ पर झूठ बोला जा रहा है, कभी एक मंत्री झूठ बोल रहा है, तो कभी दूसरा मंत्री। झूठ के पुलिंदे दिए जा रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा लोगों को मनाने और यह समझाने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं कि वे ई-20 इस्तेमाल कर लें।उन्होंने कहा कि 3 जुलाई को केंद्र सरकार ने छह ऑटो मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को बुलाया और कहा कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जनता को बताएं कि ई-20 ठीक है। ये छह कंपनियां मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर , हीरो मोटोकॉर्प, हुंडई मोटर, बजाज ऑटो और टीवीएस मोटर कंपनी हैं। इन सभी से कहा गया कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस करें और जनता को बताएं कि ई20 सही पेट्रोल है। अगर किसी का व्हीकल ई-10 है, तब भी ई-20 चलेगा। उनका व्हीकल ई-20 नहीं है, तब भी चलेगा। उनका व्हीकल अगर ई-0 या ई-5 पर चलने वाला है, तब भी ई-20 पेट्रोल चलेगा। 

इन छह में से तीन कंपनियों ने सरकार को यह कहते हुए मना कर दिया कि वे इतना बड़ा झूठ नहीं बोल सकतीं। लेकिन मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लाेस्कर और हीरो मोटोकॉर्प ने प्रेस कांफ्रेंस में जनता से झूठ बोला। इन तीनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि अगर किसी का व्हीकल ई-0, ई-5 या ई-10 है और अगर वे उसमें ई-20 पेट्रोल डाल दें, तो कोई दिक्कत नहीं है। सिर्फ 5-7 फीसद माइलेज गिरेगी, लेकिन फ्यूल टैंक, फ्यूल सिस्टम और इंजन को कोई भी नुकसान नहीं होगा। इन तीनों कंपनियों ने जनता से झूठ बोला। जब लोग गाड़ी खरीदते हैं, तो गाड़ी के साथ एक ओनर मैनुअल मिलता है। उसमें सारी शर्तें होती हैं। वह एक तरह से उपभोक्ता और ऑटो कंपनी के बीच का कॉन्ट्रैक्ट होता है।
उन्होंने ई-20 वाहन के बारे में बताते हुए कहा कि 2023 से पहले जितने व्हीकल बने हैं, जो एथेनॉल के लिए नहीं, बल्कि शुद्ध पेट्रोल के लिए बने थे, उनमें अगर 10 फीसद एथेनॉल इस्तेमाल भी कर लें, तो कोई दिक्कत नहीं होती। उन्हें ई-10 कंप्लायंट बोलते हैं। 2023 से पहले बने हुए व्हीकल, जिनमें या तो शून्य एथेनॉल या 10 फीसद तक एथेनॉल इस्तेमाल किया जा सकता है, उसे ई-10 बोलते हैं। 2023 के बाद से भारत में सारे व्हीकल ई-20 बनने लग गए।
 
सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जाकर ये कंपनियां कहती हैं कि ई-20 इस्तेमाल कर लें, ई-10 में कोई दिक्कत नहीं होगी। इन कंपनियों ने झूठ बोला। मैं इन तीनों से कहना चाहता हूं कि अपने ग्राहकों को धोखा मत दो। अपने ग्राहकों से झूठ मत बोलो। सरकारें आती-जाती रहती हैं। वैसे भी यह सरकार अब ज्यादा दिन चलने वाली नहीं है। ग्राहक ही राजा होता है। अगर लोगों ने उनका माल खरीदना बंद कर दिया, तो उसके बाद वे कहां जाएंगे? उन्होंने कहा कि बुधवार को वह झूठ बोलने वाली इन तीनों कंपनियों को चिट्ठी लिखूंगा और उनसे कहूंगा कि उनका ओनर मैनुअल तो यह कहता है और वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ और कहते हैं। वे लिखित में दे दें कि अगर किसी गाड़ी की माइलेज 10 फीसद से ज्यादा कम हो जाती है, तो क्या वे उस व्यक्ति को माइलेज के लिए मुआवजा देंगे? अगर ई-20 इस्तेमाल करने से गाड़ी खराब हो जाती है या टूट-फूट होती है, तो क्या वे उस गाड़ी के पुर्जे को बदलने का मुआवजा देंगे? वे एक बार हां कह दें, पूरे देश में उनके प्लांट के सामने गाड़ियों की लाइन लग जाएगी।
 
आगे कहा कि वह दूसरी कंपनियों को भी चिट्ठी लिखूंगा, जिन्होंने सरकार के कहने के बावजूद झूठ नहीं बोला। उनसे बस यह पूछूंगा कि एक बार स्पष्ट कर दें कि क्या वे भी मानते हैं कि ई10 में ई20 पेट्रोल इस्तेमाल किया जा सकता? बुधवार को मैं सभी कंपनियों को एक चिट्ठी लिखूंगा और अगले हफ्ते प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखूंगा कि उनके इस गलत कदम का नुकसान जनता क्यों भुगते? वे यह बता दें कि अगर लोगों की गाड़ी का माइलेज कम होता है, तो हर्जाना उनकी सरकार देगी या कंपनी देगी? अगर लोगों की गाड़ी का इंजन या फ्यूल सिस्टम खराब होता है, तो हर्जाना तो देना ही पड़ेगा। जनता हर्जाना क्यों भुगते? हर्जाना मोदी जी की सरकार देगी या कंपनी देगी?सरकार ने एक और झूठ चला रखा है कि भारत कोई पहला देश थोड़ी है जो एथेनॉल इस्तेमाल कर रहा है। और भी बहुत से देश हैं जो एथेनॉल इस्तेमाल कर रहे हैं, वहां तो लोग शोर नहीं कर रहे। यह आधा सच है। बाकी देशों में जो एथेनॉल इस्तेमाल हो रहा है, वह ई10 से कम हो रहा है। नॉर्मल गाड़ियां भी ई10 तक तो इस्तेमाल कर लेती हैं, उससे ज्यादा नहीं कर पातीं। जर्मनी, अमेरिका, फ्रांस और थाईलैंड में अभी तक ई10 से कम इस्तेमाल होता है।
 
 जापान में ई3 इस्तेमाल होता है और वहां ई10 का टारगेट 2030 रखा गया है। उन्होंने 7-8 साल का फेज आउट पीरियड दिया है। ई3 से ई10 तक जाने के लिए जापान ने 7 साल रखे हैं। ई20 का टारगेट जापान ने 2040 रखा है। आज से 16 साल बाद ई20 में जाने के लिए जापान 16 साल का समय लेगा। थाईलैंड ने 2008 में ट्रायल और पायलट बेसिस पर कुछ पेट्रोल पंपों पर ई20 ट्राई किया था। आज 2026 हो गया है, 18 साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक वहां दोनों विकल्प मौजूद हैं। लोग ई20 ले सकते हैं या ई10 ले सकते हैं। वहां 18 साल का फेज आउट पीरियड चल रहा है। पूरी दुनिया में ब्राजील अकेला देश है जहां ई100 इस्तेमाल होता है, यानी जीरो पेट्रोल। वहां इन गाड़ियों को फ्लैक्सी फ्यूल व्हीकल कहा जाता है। ब्राजील ने ट्रांजिशन के लिए 50 साल लिए। 1931 में ब्राजील में ई5 लाया गया था और 1985 में ई20 लाया गया। उन्हें 50 साल लग गए। 1975 में ब्राजील ने ट्रांजिशन शुरू किया और 1975 से 1985 के बीच 10 साल का समय लिया। 1985 से आज तक उन्होंने और समय लिया। अब ब्राजील में लोगों को विकल्प मिलता है कि वे ई100 ले लें, ई20 ले लें या ई30 ले लें। वहां ई30 बेसिक है। उन्होंने इतने सालों में अपने सारे वाहनों को इसके अनुकूल बना लिया है।
 
अर भारत में 6 फरवरी 2023 को ट्रायल बेसिस पर पूरे देश के केवल 1900 पेट्रोल पंपों पर ई20 लाया गया था और मात्र 3 साल बाद, 1 अप्रैल 2026 को पूरे देश के 90 हजार पेट्रोल पंपों पर इसे जबरदस्ती थोप दिया गया। हमारे देश में 22 करोड़ मोटरसाइकिलें ऐसी हैं जो ई20 के अनुकूल नहीं हैं और वे ई20 इस्तेमाल नहीं कर सकतीं। 8 करोड़ कारें ऐसी हैं जो ई20 के अनुकूल नहीं हैं और वे ई20 इस्तेमाल नहीं कर सकतीं। सरकार की इस जिद्द की वजह से 30 करोड़ वाहन रिस्क पर हैं। इन 30 करोड़ वाहनों का कबाड़ा हो जाएगा।उन्होंने कहा कि मेरी मोदी जी से हाथ जोड़कर विनती है कि वे जिद्द न करें और मान जाएं। जनता केवल एक ही चीज मांग रही है कि विकल्प दे दिया जाए। वे ई20 रखें, लेकिन जब आदमी पेट्रोल पंप पर जाए तो उसे ई0 भी मिलना चाहिए, ई10 भी मिलना चाहिए और ई20 भी मिलना चाहिए। इनके अलग-अलग दाम रख दिए जाएं। जिसके जो समझ में आए, जिसकी जेब जो अनुमति दे, जिसका जो विचार बने और जिसकी जो बुद्धि अनुमति दे, वह वही पेट्रोल खरीद ले।

 

डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जन्म जयंती पर प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं वृक्षारोपण

दिल्ली: डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जन्म जयंती पर दिल्ली भाजपा नेताओं ने उनके मूर्ति पर आज प्रातः पुष्पांजलि अर्पित की और वृक्षारोपण किया। पार्टी के  प्रदेश अध्यक्ष  हर्ष मल्होत्रा के साथ पुष्पांजलि अर्पित करने वालों में प्रमुख थे दिल्ली भाजपा के संगठन महामंत्री  पवन राणा, दिल्ली विधानसभाध्यक्ष  विजेन्द्र गुप्ता, विधानसभा उपाध्यक्ष  मोहन सिंह बिष्ट, दिल्ली सरकार में मंत्री  प्रवेश साहिब सिंह, सांसद  मनोज तिवारी, दिल्ली भाजपा के महामंत्री  विष्णु मित्तल, उपाध्यक्ष  दिनेश प्रताप सिंह, गजेन्द्र यादव एवं  योगिता सिंह, कोषाध्यक्ष  सतीश गर्ग, निवर्तमान अध्यक्ष  वीरेन्द्र सचदेवा, पूर्व अध्यक्ष डा. हर्षवर्धन एवं  आदेश गुप्ता, पूर्व प्रभारी  श्याम जाजू, कार्यालय मंत्री  बृजेश राय एवं प्रवक्ता यासिर जिलानी आदि।

इस अवसर पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा की डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं उनके आदर्श सदा हर राष्ट्रवादी भारतीय विशेषकर भाजपा कार्यकर्ता के दिल में बसते हैं। उन्होंने  कहा की डा. मुखर्जी आज भी उस नेता के रूप में याद किए जाते हैं जिन्होंने सत्ता से ज्यादा राष्ट्र को महत्व दिया और अपने प्राणों की आहुति देकर "एक राष्ट्र, एक विधान" का संदेश दिया।

अपनी माँगों को लेकर रामलीला महासंघ के प्रतिनिधि पहुँचे संसद लोकसभा अध्यक्ष के साथ हुआ संवाद

 

दिल्ली: रामलीला महासंघ के नेतृत्व में दिल्ली की रामलीलाओं का एक प्रतिनिधि मंडल संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष श्री बिरला जी से मिला| महासंघ के अध्यक्ष  अर्जुन कुमार ने कहां की दिल्ली में राम लीलाएं प्राचीन काल से चली आ रही हैं दिल्ली में सभी एजेंसियां फ्री ग्राउंड देती हैं, दिल्ली विकास प्राधिकरण भी अपने ग्राउंड रामलीलाओं के लिए निशुल्क दे तथा रामलीलाओं को फ्री बिजली प्रदान की जाए| इस अवसर पर  ओम बिरला लोकसभा अध्यक्ष का रामलीला महासंघ की और से अर्जुन कुमार एवं सुभाष गोयल ने गदा एवं रामायण की प्रति भेंट कर सम्मान किया गया| इस अवसर पर आए हुए सभी प्रतिनिधियों को लोकसभा, राज्यसभा का अवलोकन करवाया गया|आज संसद भवन में देश की विभिन्न रामलीला समितियों के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला जी की पहल पर आयोजित की गई।

बैठक में चांदनी चौक से सांसद श्री प्रवीन खंडेलवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस मीटिंग में  रामलीला महासंघ केअध्यक्ष  अर्जुन कुमार तथा महामंत्री  सुभाष गोयल भी शामिल हुए। अपने संबोधन में लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला ने कहा कि रामलीला केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपराओं, नैतिक मूल्यों और सामाजिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सदियों से चली आ रही रामलीला की परंपरा ने भारतीय समाज को मर्यादा, कर्तव्य, त्याग, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया है तथा इसका संरक्षण और निरंतरता सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि देशभर की रामलीला समितियाँ भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं की सशक्त वाहक हैं। इन समितियों ने पीढ़ी-दर-पीढ़ी भगवान श्रीराम के आदर्शों और जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आधुनिकता के इस दौर में भी हमारी सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक आयोजनों को नई पीढ़ी से जोड़ने के लिए नवाचार, तकनीक और जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।रामलीला सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम है। समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर यह आयोजन भारतीय जीवन दर्शन की व्यापकता और समावेशी भावना को सुदृढ़ करता है।
 
बैठक में उपस्थित रामलीला समितियों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव एवं अनुभव साझा किए तथा रामलीला के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया।इस अवसर पर सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा, “रामलीला भारत की सांस्कृतिक आत्मा का जीवंत उत्सव है। यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कारों और राष्ट्रीय चरित्र का प्रतिबिंब है। लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला जी द्वारा रामलीला समितियों को संसद भवन में आमंत्रित कर संवाद स्थापित करना हमारी सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रामलीला समितियाँ भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर की संरक्षक हैं और इनके माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्श समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचते हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह गौरवशाली परंपरा आने वाली पीढ़ियों तक और अधिक सशक्त रूप में पहुंचे।”
 
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री बिरला के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में देशभर की रामलीला समितियों को नई ऊर्जा और दिशा प्राप्त होगी तथा भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं को और अधिक मजबूती मिलेगी।

मिथक और फैंटेसी का दमदार विस्फोट नागबंधन

भारतीय मिथकों और भव्य विजुअल्स की तलाश कर रहे दर्शकों के लिए नागबंधन एक शानदार सिनेमाई अनुभव बनकर उभरती है। रहस्य, फैंटेसी और एडवेंचर से भरपूर यह फिल्म शुरुआत से ही अपनी दुनिया में खींच लेती है। निर्माताओं ने फिल्म को बड़े स्केल और दमदार प्रोडक्शन के साथ पेश किया है, जो हर फ्रेम में नजर आता है। निर्देशक अभिषेक नामा ने मिथोलॉजी और फैंटेसी को बैलेंस करते हुए कहानी को दिलचस्प बनाए रखा है। विराट कर्णा का कॉन्फिडेंट प्रदर्शन, नाभा नटेश की भावनात्मक पकड़ और ऋषभ साहनी का प्रभावशाली विलेन अवतार फिल्म को मजबूती देते हैं। महेश मांजरेकर अपनी मौजूदगी से अलग ही वजन जोड़ते हैं।

फिल्म के विजुअल्स और VFX इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं, जबकि इंटरवल और क्लाइमेक्स के एक्शन सीक्वेंस खास तौर पर रोमांच पैदा करते हैं। कुछ जगह कहानी की रफ्तार धीमी होती है, लेकिन ट्विस्ट और ग्रैंड सीन्स इसे संभाल लेते हैं। कुल मिलाकर, नागबंधन एक विजुअली रिच, एंटरटेनिंग और थिएटर के लिए बनी फिल्म है — जिसे बड़े पर्दे पर देखने का कुछ अलग ही मजा रहेगा । यकीन मानिये आप रोमांचित हो जायेंगे एवं आपके शरीर के तंतु खुल जायेंगे । 

प्रदेश भाजपा की समन्वय बैठक में वर्तमान राजनीतिक परिपेक्ष पर चर्चा

दिल्ली: प्रदेश भाजपा मुख्यालय में  मीडिया विभाग टीम एवं 12 नवगठित जिला भाजपा की मीडिया टीमों की संयुक्त बैठक में वर्तमान राजनीतिक परिप्रेक्ष्य पर चर्चा हुई । प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रवीण शंकर कपूर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में  विधायक अभय वर्मा ने संबोधित किया । जिला मीडिया प्रभारी एवं प्रवक्ताओं की इस बैठक की शुरुवात व्यक्तिगत परिचय से हुई एवं विधायक अभय वर्मा ने दिल्ली के मौजूदा राजनीतिक परिवेश की जानकारी देते हुए विस्तृत रूप से चर्चा की ।
प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रवीण शंकर कपूर ने नव नियुक्त मीडिया प्रभारियों को मीडिया विभाग की कार्यपद्धति एवं मीडिया संबोधन के नियमों की जानकारी दी ।

देशी प्रजातियों के पौधे हैं पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम

दिल्ली: ओडिशा के पर्यावरण प्रेमी एवं 'ग्रीन क्रूसेडर' के रूप में पहचान बना चुके श्री सत्यनारायण दास ने देशी पौधों के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश दिया है। नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि भारतीय वनस्पतियों में अनेक ऐसे पौधे हैं, जो वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि वह इन उपायों को लेकर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मिलना चाहते हैं, ताकि दिल्ली जैसे देश के सर्वाधिक प्रदूषित महानगर में इन प्राकृतिक समाधानों को व्यापक स्तर पर अपनाया जा सके।
 
सत्यनारायण दास ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि लोगों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। उनका कहना है कि मनुष्य को सबसे अधिक सुख और शांति प्रकृति से मिलती है, लेकिन उसकी रक्षा के लिए समय निकालने को समाज तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने परिवार और आने वाली पीढ़ी के लिए एक-एक पौधा लगाने का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण का बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो सकता है।
 
उन्होंने लोगों से विशेष रूप से देशी प्रजातियों के पौधे लगाने की अपील करते हुए कहा कि शहरी क्षेत्रों में कंक्रीट के बढ़ते विस्तार और भूजल स्तर में गिरावट जैसी समस्याओं से निपटने के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप वृक्षारोपण आवश्यक है। उन्होंने तुलसी, करी पत्ता, गुर्जला सहित कई उपयोगी पौधों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये पौधे पर्यावरण के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी हैं। उनके अनुसार, प्रत्येक घर में तुलसी का पौधा होना चाहिए, क्योंकि यह पर्यावरण को बेहतर बनाने के साथ सकारात्मक वातावरण भी निर्मित करता है।
ग्रीन क्रूसेडर ने बताया कि वह अब तक 15 हजार से अधिक पौधों की निःशुल्क नर्सरी लोगों को वितरित कर चुके हैं। इन पौधों की नर्सरी वह स्वयं तैयार करते हैं और बिना किसी शुल्क के लोगों को उपलब्ध कराते हैं। दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने प्रेस क्लब ऑफ इंडिया सहित राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में भी पौधरोपण किया।
 
उन्होंने कहा कि वर्तमान में बढ़ती आयु के कारण वह प्रतिदिन लगभग 40 से 50 पौधे ही लगा पाते हैं, जबकि पहले यह संख्या 50 से 60 तक होती थी। उनका मानना है कि किसी एक व्यक्ति के प्रयास से पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता, इसलिए समाज के प्रत्येक नागरिक को इस अभियान से जुड़ना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों के नाम पर कम-से-कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल का संकल्प लें। उनका विश्वास है कि सामूहिक जनभागीदारी से ही स्वच्छ, हरित और प्रदूषणमुक्त भारत का सपना साकार किया जा सकता है।

भगवान श्री राम और सनातन धर्म सिर्फ वोट बटोरने का एक जरिया

दिल्ली: आज तक अयोध्या स्थित राम मंदिर के दर्शन करने नहीं गए भाजपा में नंबर दो के नेता और देश के गृहमंत्री अमित शाह पर एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग एवं आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक दुर्गेश पाठक ने  साधा निशाना  कहा कि अमित शाह को देश को बताना चाहिए कि राम मंदिर निर्माण के बाद से आज तक वह रामलला के दर्शन करने क्यों नहीं गए? उन्होंने कहा कि देशवासी तो अमित शाह को सबसे बड़ा राम भक्त मानते थे। वह हर चुनाव में भगवान राम के नाम पर वोट मांगते हैं, लेकिन सच तो ये है कि उनकी आस्था भगवान राम में है ही नहीं।  

“आप” के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक दुर्गेश पाठक ने कहा कि पूरे देश में भगवान राम के नाम पर वोट मांगने वाले अमित शाह की बातें सुनकर ऐसा लगता है कि पृथ्वी पर उनसे ज्यादा भगवान राम में आस्था रखने वाला कोई व्यक्ति है ही नहीं। लेकिन सच्चाई यह है कि राम मंदिर बनने के बाद से आज तक वह कभी दर्शन करने नहीं गए। अगर अमित शाह की भगवान राम में इतनी ही आस्था है और वह दिन भर उनके नाम पर वोट मांगते हैं, तो वह मंदिर दर्शन करने क्यों नहीं गए? इसका सीधा मतलब यह है कि वह केवल राजनीतिक फायदे के लिए भगवान राम का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन वास्तव में उनका भगवान राम में कोई भरोसा नहीं है। अमित शाह को सार्वजनिक रूप से आकर यह बताना चाहिए कि वे आज तक भगवान राम के मंदिर दर्शन करने क्यों नहीं गए।
 
उधर, एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा हर चुनाव में भगवान श्री राम और सनातन धर्म के नाम पर वोट मांगती है, लेकिन अमित शाह आज तक एक बार भी श्री राम मंदिर के दर्शन करने नहीं गए। अमित शाह ने हजारों बार राम मंदिर के नाम पर वोट मांगे और रामलला ने उन्हें अपने नाम पर चुनाव जितवाए, लेकिन खुद को सनातनी कहने वाले अमित शाह एक बार भी राम मंदिर के दर्शन करने नहीं गए। अमित शाह और भाजपाइयों के लिए सनातन धर्म और राम मंदिर सिर्फ एक दिखावा है तथा भगवान श्री राम और सनातन धर्म उनके लिए वोट बटोरने का एक जरिया है।

आईएसआई की शय पर हो रही थी दिल्ली में दहशतगर्दी की तैयारी

दिल्ली: तीन को पंजाब से एवं एक को दिल्ली से गिरफ्तार कर क्राइम ब्रांच एनडीआर द्वारा गठित एक टीम ने ईएसआई हैंडलर शहज़ाद भाटी की शय पर चलाए जा रहे आतंकी नेटवर्क जो कि अवैध हथियारों की सप्लाई के धंधे में भी लिप्त था ,किया नस्तेनाबूत । बताया जा रहा है कि यह लोग दिल्ली में दहशतगर्दी की वारदात को अंजाम देने वाले थे । गिरफ्तार अभियुक्तों में शुभदीप सिंह, गुरजंत सिंह उर्फ ऋषि एवं साजन सिंह अमृतसर के रहने वाले हैं एवं उनका एक अन्य साथी गगनप्रीत सिंह फतेहगढ़ साहिब का रहने वाला है । 



आरंभिक जाँच से पता चला है कि शुभदीप सिंह का गाँव पंजाब बॉर्डर से तीन किलोमीटर के अंदर था । उसे ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर द्वारा हथियार एवं नशीले पदार्थ मिलते थे और वह नेटवर्क के माध्यम से इन्हें ठिकाने लगाता था । गुरजंत सिंह एवं साजन सिंह चचेरे भाई हैं यह दोनों पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ विदेशी नंबरों का इस्तेमाल कर संपर्क में रहते थे । गगनदीप  सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में रहता था और उसे पुलिस दिल्ली में पुलिस थाने, पिकेट की वीडियो बनाने  एवं फायरिंग का काम दिया गया था । साजन सिंह को इससे पहले भी पंजाब पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था । 

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पुलिस को यह सफलता गुप्त सूचना एवं तकनीकी सर्विलेंस के आधार पर दिल्ली एवं पंजाब के विभिन्न ठिकानों पर दबिश के बाद हासिल हुई ।  पहली गिरफ्तारी मजीठा रोड अमृतसर से शुभदीप  सिंह की हुई थी एवं उसके कब्जे से एक जिगाना पिस्टल, चार जिन्दा कारतूस एवं दो मोबाइल बरामद हुए । पड़ताल के बाद पता चला कि वह आईएसआई के पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद के संपर्क में था जो उसे असला एवं मादक पदार्थ सप्लाई करता था । उसकी निशानदेही पर अन्य तीन की गिरफ्तारी हुई । गगनप्रीत को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया । इनके पास से असला एवं आपत्तिजनक  सामग्री बरामद हुई । 

अभियुक्त फिलहाल हिरासत में हैं एवं तहक़ीक़ात जारी है ।

उत्तर द पुत्तर का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया में मचा धमाल

फिल्म उत्तर दा पुत्तर का ऑफिशियल ट्रेलर रिलीज हो गया है, जिसे मशहूर अभिनेता मनोज बाजपेयी ने लॉन्च किया । ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर धमाल मचा हुआ है । फिल्म की कहानी “करम बड़े या किस्मत?” जैसे दिलचस्प सवाल के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें इमोशन, ट्विस्ट और मनोरंजन का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिल रहा है। ट्रेलर में कहानी की झलक दर्शकों को आखिर तक बांधे रखने का वादा करती है।
फिल्म का निर्माण संदीप कपूर और प्रिया कपूर ने प्रोमोडोम मोशन पिक्चर्स के बैनर तले किया है। फिल्म का लेखन और निर्देशन रविंदर सिवाच ने किया है, जो संदीप कपूर की कहानी पर आधारित है।
यह टेलर उसी विचार को आगे बढ़ाते हुए फिल्म के कॉमेडी, पारिवारिक ड्रामा और व्यंग्य के मिश्रण की झलक देता है। प्रोमोडोम मोशन पिक्चर्स इससे पहले जुगाड़, अनारकली ऑफ आरा और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म भोंसले "जैसी कंटेंट-ड्रिवन फिल्मों के लिए जानी जाती है और अब "उत्तर दा पुत्तर’" के साथ एक और अलग कहानी लेकर आ रही है।
फिल्म में अनु कपूर, पवन मल्होत्रा, रुखसार रहमान, बृजेंद्र काला, जीवेशु अहलूवालिया, राजेंद्र सेठी, समिट गुलाटी और नितिन अरोड़ा जैसे दमदार कलाकार नजर आएंगे। यह 24 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

पंजाब की सरकार ने केजरीवाल के इशारे पर लिया यू टर्न


 दिल्ली: पंजाब की सरकार ने केजरीवाल के इशारे पर लिया यू टर्न । केंद्र सरकार की योजना वीबी जी राम हुई पंजाब में लागू । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब की भगवंत मान सरकार ने  दिसंबर 2025 में विशेष सत्र बुलाकर इसी वीबी जी राम जी योजना का विरोध किया था। लेकिन आज मात्र 6 महीने बाद, पंजाब की बदहाल आर्थिक स्थिति को देखते हुए उसी योजना को लागू कर दिया है, क्योंकि उन्हें पता है कि इस योजना के माध्यम से केंद्र सरकार से ₹700 से ₹800 करोड़ की राशि प्राप्त होगी।

पंजाब सरकार पर 4.07 लाख करोड़ का कर्जा है जो कि इस साल के अंत तक 4.47 लाख करोड़ रुपया हो जाएगा । भाजपा के  राष्ट्रीय प्रवक्ता को अंदेशा है कि पंजाब में रेवन्यू का बड़ा हिस्सा कर्जा चुकाने में खर्च किया जा रहा है । इस योजना के लिए मिलने वाली धनराशि का दुरुपयोग किया जा सकता है। इसलिए हम इस योजना के तहत होने वाले खर्च और धन के उपयोग पर कड़ी निगरानी रखेंगे। राष्ट्रीय प्रवक्ता ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा एक सभा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पर की गई हास्यपद टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया भी व्यक्त की है । विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी जिसकी 22  राज्यों में सरकार है के अध्यक्ष पर टिप्पणी आपत्तिजनक है निंदनीय है । बताया जा रहा है कि एक सार्वजनिक सभा उन्होंने कहा था कि रिसेंटली ए गाय कम आई डोंट नो हु इस ही  नितिन । 

भाजपा के सांसद डॉ संभित पात्रा ने तो इस टिप्पणी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इस प्रकार के बयान से सिद्ध होता है कि वह पॉलिटिक्स के लिए फिट नहीं हैं । उन्हें अपनी प्रतिद्वंद्वी पार्टी के अध्यक्ष के बारे में जानकारी ही नहीं है ।

धुरी में वेब लिंक लॉन्च कर मावां-धीयां सत्कार योजना शुरू

पंजाब: लाखों महिलाओं का इंतजार खत्म हुआ। आज भगवंत सिंह मान सरकार ने अपनी आखिरी और सबसे बड़ी गारंटी पूरी करते हुए महिलाओं के बैंक खाते में 1000 रुपए की सम्मान राशि डाल दी। धुरी में मुख्यमंत्री ने एक वेब लिंक लॉन्च कर मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना का शुभारम्भ किया। सरकार ने एक साथ तीन महीने की किश्त जारी की है। सामान्य वर्ग की महिलाओं को 3000 और दलित महिलाओं के खाते में 4500 रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। 2022 में आम आदमी पार्टी ने पांच गारंटी दी थी। आज आखरी चुनावी वादा भी पूरा हो गया। उधर, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने योजना के शुभारम्भ पर पंजाब की महिलाओं को बधाई दी है।

 
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया एक्स के  माध्यम से कहा कि आज पंजाब के लिए बहुत बड़ा दिन है। पंजाब की माताओं और बहनों के लिए बहुत बड़ा दिन है। अब तक सबने पंजाब को लूटा। भगवंत मान पंजाब के पहले मुख्यमंत्री है, जिन्होंने पंजाब को नहीं लूटा और सारा सरकारी पैसा लोगों तक पहुंचाया। पंजाब को लूटने वाले आज माताओं और बहनों को गालियां दे रहे हैं, भगवंत मान को गालियां दे रहे हैं। लेकिन वो समझ लें कि अब पंजाब बदल चुका है। अब पंजाब तेज़ी से विकास की राह पर चल रहा है। 
 
उधर, धुरी में स्कीम का शुभारम्भ कर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज से बैंक का प्रोसेस शुरू हो गया है और किसी भी वक्त फोन पर मैसेज की आवाज आ सकती है। आज से सम्मान राशि आनी शुरू हो जाएगी। लोगों को बच्चों की फीस भरनी है, पढ़ाई या किसी और काम पर खर्च करना है या कोई उधार चुकाना है। मेरे पास कई दिनों से बहुत सी वीडियो आ रही हैं जिनमें महिलाएं कह रही थीं कि उन्होंने दो तारीख का वादा करके उधार लिया है कि दो जुलाई को पैसे आएंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना में जनरल कैटेगरी की महिलाओं को 1000 रुपए और दलित माताओं को 1500 रुपए मिलेंगे। यह बहुत बड़ी योजना है और इसे तब शुरू किया गया है जब यह पक्का हो गया कि इसे किसी भी हाल में बंद नहीं करना है। इस योजना के तहत हमेशा पैसे आएंगे और यह स्कीम वापस नहीं ली जाएगी। 
 
इस दौरान भगवंत सिंह मान ने विरोधियों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि विरोधी पार्टी वाले कहते हैं कि 1000 या 1500 रुपए से महिलाओं का क्या होगा। विरोधियों ने कभी गरीबी नहीं देखी है। इसलिए शायद उनके लिए यह कुछ न हो, लेकिन मैंने गरीबी देखी है, जहां लोग पांच रुपए की चाय पत्ती तक का हिसाब रखते हैं। उन्होंने कहा कि रीति-रिवाजों, बेटी के बच्चों को शगुन देने के लिए माताओं को अब अपने पति या बेटों की तरफ नहीं देखना पड़ेगा। अब महिलाओं के पास अपने पैसे होंगे और उनका सम्मान बना रहेगा। इसीलिए इस योजना का नाम मावां-धीयां सत्कार योजना रखा गया है। पहले शादियों में लड़की वालों के गांव से आए बारातियों को शगुन देकर उनका सम्मान किया जाता था, जिससे लड़की को गर्व महसूस होता था कि उसके मायके से लोग आए हैं। मैरिज पैलेस कल्चर ने यह रिवाज खत्म कर दिया है।
 
उन्होंने महिलाओं से कहा कि वे मुझे अपना बेटा या भतीजा समझ लें, मैं उनका विश्वास नहीं तोडूंगा। यह विश्वास ट्रांसफर हो रहा है, आज से आपके फोन पर विश्वास के मैसेज आने शुरू होंगे। भाषण के बीच ही महिलाओं के फोन पर पैसे आने के मैसेज आने पर उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि पहला मैसेज आ गया है और अब मोबाइल बोल रहे हैं तथा पैसे आ रहे हैं। कई रैलियों में पुरुष भी बहुत खुश होकर तालियां बजाते थे क्योंकि महिलाओं को पैसे मिलने से उनका भी आर्थिक बोझ हल्का होगा। यह पंजाब की सभी माताओं-बहनों का सत्कार है। अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी इसी सोच के साथ बनी थी कि आम जनता का पैसा किसी न किसी रूप में वापस आम जनता को ही मिलेगा। चाहे आम आदमी क्लीनिक और अस्पताल बनाकर, सड़कें बनाकर, नौकरियां देकर, बिजली फ्री करके या नहरों का पानी देकर, किसी भी तरीके से पैसा आम लोगों तक पहुंचना चाहिए।
 
उन्होंने बताया कि महिलाओं के खातों में जुलाई, अगस्त और सितंबर के तीन महीनों के पैसे एक साथ आ रहे हैं। अगर किसी घर में तीन माताएं हैं तो उनके 9000 रुपए एक साथ आएंगे। महिलाओं के पैसे आने पर उन्हें बधाई देते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन मैसेजों को सोशल मीडिया पर डाला करो ताकि उन विरोधी पार्टी वालों का मुंह बंद हो जाए जो कहते थे कि यह स्कीम कभी लागू नहीं होगी।

 

9 साल से एमसीडी की पार्किंग खड़ी हैं 75 इलेक्ट्रिक गाड़ियां

दिल्ली: 9 साल से एमसीडी की पार्किंग खड़ी हैं  75 इलेक्ट्रिक गाड़ियां । एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग का कहना है कि सिविक सेंटर स्थित एमसीडी मुख्यालय की बी-2 और बी-3 पार्किंग में वर्षों से ये गाड़ियां धूल खा रही हैं, जबकि दूसरी ओर भाजपा की चार इंजन सरकार नई ईवी पॉलिसी का ढिंढोरा पीट रही है। 2017-18 में करोड़ों रुपए खर्च कर खरीदी या लीज़ पर ली गईं ये गाड़ियां आज तक इस्तेमाल नहीं हुईं। यह जनता के टैक्स के पैसे की खुली बर्बादी है। हर बार जब भाजपा के महापौर से जवाब मांगा जाता है, तो सिर्फ़ जांच कराएंगे कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जाता है। अगर भाजपा की चार इंजन सरकार वास्तव में ईवी पॉलिसी को लेकर इतना गंभीर है, तो सबसे पहले एमसीडी में वर्षों से खड़ी इन 75 इलेक्ट्रिक गाड़ियों का हिसाब दे। दिल्ली की जनता अपने मेहनत की कमाई के हर रुपये का जवाब मांग रही है। भाजपा सरकार और महापौर को अब जवाबदेही से भागना नहीं, जवाब देना होगा।
 नेता प्रतिपक्ष  ने कहा कि एक तरफ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता प्रदूषण कम करने के लिए ईवी पॉलिसी लाने की बात कह रही हैं, वहीं दूसरी तरफ भाजपा शासित एमसीडी के सिविक सेंटर की माइनस टू पार्किंग में साल 2017-18 से 75 इलेक्ट्रिक गाड़ियां धूल फांक रही हैं। इन गाड़ियों का कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा है और भाजपा के एक के बाद एक कई महापौर आने के बावजूद हालात जस के तस हैं। ये गाड़ियां अफसरों को देने और ईवी पॉलिसी को बढ़ावा देने के लिए किराए पर ली थीं। अब इनका कॉन्ट्रैक्ट भी खत्म हो चुका है, लेकिन एमसीडी ने भारी-भरकम पेनल्टी और किराए के रूप में कंपनियों को इन गाड़ियों की असल कीमत से भी ज्यादा पैसा चुका दिया है।
भाजपा के दोहरे चरित्र पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि एक तरफ नई ईवी पॉलिसी का ढिंढोरा पीटा जा रहा है और दूसरी तरफ दिल्ली की जनता के टैक्स के पैसे की खुलेआम बर्बादी की जा रही है। जब इस बारे में वर्तमान महापौर से पूछा गया, तो उन्होंने भी सिर्फ जांच कराने की बात कही। इससे पहले पूर्व महापौर राजा इकबाल सिंह और उनसे पहले के महापौर भी केवल जांच का ही आश्वासन देते रहे। 2017 में भी एमसीडी में भाजपा की ही सत्ता थी और उन्हीं के समय की लाई गई ये गाड़ियां आज तक खड़ी बर्बाद हो रही हैं।

जहाँ धर्म और विज्ञान दोनों मिल जाते हैं वह है दुर्लभ दर्शन

दिल्ली: अब आप एक जगह बैठ कर ही देश के प्रसिद्ध मंदिरों का दर्शन एवं वहाँ होने वाले समस्त पूजा-अनुष्ठान देख पाएँगे, और वह भी मंदिर में अपनी प्रत्यक्ष उपस्थिति जैसे अनुभव के साथ। दुर्लभ दर्शन द्वारा तैयार की गई विशेष 6D VR टेक्नोलॉजी के ज़रिए यह सब अनुभव संभव हो पाएगा। दुर्लभ दर्शन, आशुतोष राणा के साथ मिल कर, विश्व के पहले 100 से अधिक 6D अनुभव वाले केंद्र खोलेगा। फ़िलहाल इस सुविधा का आनंद देश के ग्यारह प्रसिद्ध मंदिरों में लिया जा सकेगा। विशेष बात यह होगी कि इस वर्चुअल रियलिटी में आप 3D दृश्य के साथ-साथ मंदिर के वातावरण में मौजूद जल, वायु और सुगंध की भी हूबहू अनुभूति कर सकेंगे।
इस अनुभव को जीवंत कराने के लिए प्रख्यात फ़िल्म अभिनेता आशुतोष राना बतौर ब्रांड एम्बेसडर और मेंटर, दुर्लभ दर्शन से जुड़ गए हैं. दिल्ली में मीडिया से रूबरू होकर  आशुतोष राना ने दुर्लभ दर्शन के बारे में बात करते हुए बताया कि “धर्म का अपना विज्ञान होता है और विज्ञान का अपना धर्म, पर जहाँ धर्म और विज्ञान दोनों मिल जाते हैं, वह दुर्लभ दर्शन है। यह विश्व का पहला 6D आध्यात्मिक अनुभव होगा, जिसका आनंद आप VR टेक्नोलॉजी के माध्यम से कहीं भी बैठ कर ले सकेंगे। हर मंदिर के अनुभव में उस मंदिर की पौराणिक कहानियाँ व आध्यात्मिक महत्व के साथ मंदिर में होने वाली प्रत्येक पूजा-पद्धति व आरती इत्यादि की भी सूक्ष्म जानकारी सीधी-सरल भाषा में होगी।”देश के ग्याहर प्रसिद्ध मंदिरों की इस श्रंखला का आरंभ, एक जुलाई से “श्रीराम की अयोध्या” और “उज्जैयिनी के महाकाल” अनुभव अनुभव से हो रहा है जिन में प्रख्यात अभिनेता आशुतोष राना बतौर प्रस्तोता (एंकर) इन प्रमुख मंदिरों का महत्व व मंदिरों से जुड़ी कहानियाँ बताएँगे और दर्शन कराएँगे । इन ग्यारह आध्यात्मिक कहानियों को साहित्यकार आलोक श्रीवास्तव ने लिखा है। आलोक श्रीवास्तव पहले शिव तांडव स्तोत्र का भावानुवाद भी कर चुके हैं जो आशुतोष राना के स्वर में अत्यंत लोकप्रिय है ।
ग्यारह आध्यात्मिक यात्राओं के 6D VR अनुभव
 दुर्लभ दर्शन और TechXR Innovations के Founder, IIT Kanpur Alumnus और पूर्व IRS अधिकारी प्रशान्त मिश्रा ने बताया कि “सुप्रसिद्ध अभिनेता और ‘राम राज्य’ जैसी चर्चित पुस्तक के लेखक आशुतोष राना, हमारे devotional platform दुर्लभ दर्शन के ब्रांड एम्बेसडर और मेंटर के तौर पर अब हमें मार्गदर्शित करेंगे। दुर्लभ दर्शन ने भारत के प्रमुख मंदिरों में immersive experience centers - दुर्लभ दर्शन केंद्र की स्थापना की है जिसमें मंदिर विशेष में होने वाले गर्भगृह के अनुष्ठान, आरतियों की अनुभूति ऐसे होगी, जैसे आप स्वयं वहां उपस्थित हों। साथ ही दुर्लभ दर्शन मोबाइल VR किट द्वारा घर बैठे 60 से अधिक दिव्य स्थलों की यात्रा का अनुभव किया जा सकता है। दुर्लभ दर्शन अब आशुतोष राणा जी के साथ 11 दिव्य आध्यात्मिक स्थलों की इमर्सिव यात्रायों की सीरीज ला रहा है जिस में आप दुर्लभ दर्शन केंद्रों में बैठ कर 6D VR तकनीक के माध्यम से जल वायु एवं सुगंध की अनुभूति के साथ, वहां होने वाले अनुष्ठान्नों का अनुभव कर सकेंगे, वहाँ अपनी उपस्थिति अनुभव कर सकेंगे एवं मंदिर से सम्बंधित पौराणिक महत्व और कहानियों को जान सकेंगे। आशुतोष राना और दुर्लभ दर्शन का यह अपने तरीके का पहला प्रयोग है जिसमें आध्यात्मिक अनुभव को VR में इतना सजीव दिखाया जा रहा है। यह साझेदारी भारत की आध्यात्मिक भावना और आधुनिक टेक्नोलॉजी को साथ लेकर चलने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। Durlabh Darshan का उद्देश्य है — हर भक्त तक “मन भर दर्शन” पहुँचाना। भक्ति-गीतों, भजनों और अद्भुत दृश्यों के रोमांचित अनुभव से भरी इन फ़िल्मों का संगीत युवा संगीतकार सौरभ मेहता ने दिया है।”
आशुतोष राना को इन अनुभवों का चेहरा बनाने के प्रश्न पर फाउंडर प्रशांत मिश्रा ने बताया कि “आशुतोष राना केवल एक शानदार अभिनेता ही नहीं, बल्कि हमारी भारतीय संस्कृति, धर्म, दर्शन, अध्यात्म की भी उन्हें गहरी समझ व गहरा अध्ययन है। उनकी प्रसिद्ध पुस्तक “राम राज्य” ने श्रीराम के आदर्शों को आधुनिक समय के संदर्भ में सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। सोशल मीडिया पर लाखों लोग उनके विचार, जीवन दर्शन और लेखन से जुड़े हुए हैं। भारत ही नहीं, दुनिया भर में बसे भारतीय परिवारों तक उनकी बातें पहुँचती हैं।करीब तीन दशकों के फिल्मी सफर में उन्होंने हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मराठी फिल्मों में 80 से अधिक फिल्मों में काम किया है और कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त किए हैं, और लेखन के लिए अखिल भारतीय साहित्य पुरस्कार उन्हें प्राप्त हुआ है। इसीलिए हम उन्हें केवल ब्रांड एम्बेसडर के रूप में नहीं, बल्कि अपने मेंटर के रूप में भी लाए हैं। उनका अनुभव, ज्ञान और आध्यात्मिक समझ व संवेदना हमें नई दिशा देगी।
Durlabh Darshan ने आलोक श्रीवास्तव को भी अपने upcoming immersive projects के creative writing के लिए जोड़ा है। आलोक श्रीवास्तव वही रचनाकार हैं जिनके लिखे “शिव तांडव” को आशुतोष राना की आवाज़ में करोड़ों लोगों ने पसंद किया। दोनों कलाकार पहले भी प्रसिद्ध नाट्य प्रस्तुति “हमारे राम” में साथ काम कर चुके हैं और अब इमर्सिव devotional storytelling के नए मंच पर फिर साथ आ रहे हैं। दुर्लभ दर्शन के साथ मिलकर यह टीम ग्यारह धार्मिक 6D इमर्सिव अनुभव की सीरीज तैयार कर रही है जिसमें 2 प्रोजेक्ट्स कम्पलीट हो चुके हैं : “श्री राम की अयोध्या ” एवं “उज्जयनी के महाकाल” इन अनुभव को चयनित दुर्लभ दर्शन केंद्र में 1 जुलाई से दिखाया जाएगा।
अगले चरण में यह टीम को श्रद्धालुओं के बीच लाएगी- चार धाम यात्रा, द्वादश ज्योतिर्लिंग, भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ, जगन्नाथ रथ यात्रा, दक्षिण भारत के महान मंदिर, वृन्दावन परिक्रमा, कैलाश मानसरोवर यात्रा, द्वारकाधीश एवं राम वन गमन पथ इत्यादि। आशुतोष राना के साथ अपने कार्य के अनुभव को अद्भुत बताते हुए आलोक श्रीवास्तव जी ने कहा “आशुतोष राना जी मात्र एक अभिनेता नहीं हैं, हमारे धर्म, दर्शन अध्यात्म और पौराणिक महत्व की जितनी गहरी जानकारी और अध्ययन उन्हें hai वह बहुत कम लोगों को होता है। इसीलिए किसी भी विषय पर उनका दिया हुआ ब्रीफ़ मुझ जैसे एक लेखक के लिए किसी बड़े विश्वविद्यालय के पाठ जैसा होता है।”
क्या है Durlabh Darshan और यह किस समस्या का समाधान करता है
भारत के प्रसिद्ध मंदिरों में हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु इस भावनाओं के साथ पहुँचते हैं कि उन्हें अपने आराध्य के समीप से मनभर दर्शन हो सकें और निर्बाध रूप से उनकी प्रार्थना कर सकें. लेकिन अत्यधिक भीड़ के चलते प्रत्येक श्रद्धालु को इस तरह के दर्शन हो पाना संभव नहीं होता है.अक्सर श्रद्धालुओं को क्षणिक एवं दूर से दर्शन करने पर ही संतोष करना पड़ता है एवं उनके मन में कहीं न कहीं ये इच्छा होती है कि कुछ और समय अपने आराध्य का साथ मिल जाता, निकट से दर्शन हो जाते . भक्तों की इस आतंरिक इक्छा की पूर्ती करने का विनम्र प्रयास है दुर्लभ दर्शन। दुर्लभ दर्शन की 6D technology 100 प्रतिशत मेड इन इंडिया है एवं इसका पेटेंट का आवेदन भी दिया जा चुका है, जो किसी भी साइज के अनुभव केंद्र को 6D immersive अनुभव केंद्र में परिवर्तित कर सकती है। durlabh darshan ki yah 6D machines , VR headset से जुड़ जाती है और समय विशेष पर जल , वायु एवं सुगंध का अनुभव जोड़ देती हैं . ये दुर्लभ दर्शन केंद्र भारत के प्रमुख मंदिरों के सहयोग से मंदिर परिसर के प्रांगण में अथवा समीप स्थान पर खोले गए हैं, जहाँ पर श्रद्धालु 10 से 15 मिनट तक ऐसा महसूस करता है जैसे वह मंदिर विशेष के गर्भग्रह में स्वयं उपस्थित है।। Durlabh Darshan अब तक लाखों भक्तों को सेवा दे चुका है और इसके अनेक केंद्र अभी तक देश के 7 राज्यों में संचालित हैं । कंपनी का Durlabh Darshan mobile app भी घर बैठे VR headset के माध्यम से 60+ मंदिरों, तीर्थ यात्राओं और विशेष पूजाओं का immersive अनुभव देता है ।
कंपनी का commerce vertical Shubh Darshan smart frames और idols के माध्यम से घर में devotional technology ला रहा है।Augmented Reality की मदद से भक्त मंत्रों के साथ guided abhishek सीख और कर सकते हैं, जिससे घर की पूजा और अधिक भावपूर्ण और सरल बनती है, और ये संस्कार आने वाली पीढ़ी तक दिए जा सकते हैं। एक संकल्प के कारण chhodi IRS की नौकरी दुर्लभ दर्शन के बनने की कहानी भी कम रोचक नहीं है. दुर्लभ दर्शन और TechXR Innovations pvt ltd के फाउंडर - प्रशांत मिश्रा ने टेक्नोलॉजी के माध्यम से आम जन की समस्या का समाधान खोजने के अपने इस संकल्प के कारण अपनी पंद्रह वर्ष पुरानी IRS की नौकरी को छोड़ कर is कम्पनी की स्थापना की. IIT Kanpur से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में BTECH करने के बाद प्रशांत मिश्रा UPSC में आईपीएस एवं IRS जैसी सेवाओं में चयनित हुए। अपनी जन्म भूमि मध्य प्रदेश से प्रेम के चलते इन्होने IRS ज्वाइन किया और भारत सरकाऱ में 15 बर्षों तक सेवा दी। लेकिन प्रशांत का लगाव टेक्नोलॉजी से इतना था कि अपने घर पर ही उन्होंने छोटी सी लैब खोल ली और ऑफिस के बाद उसमें नयी नयी चीज़ें सीखते और प्रयोग करने लगे। सेवा में रहते हुए ही उन्होंने पेटेंट दाखिल किया और उनके इनोवेशन को भारत सरकार ने 5G hackathon , Best Innovation जैसे कई अवार्ड दिए। आज उनकी स्टार्टअप ने देशभर में 250 से ज्यादा युवाओं को रोजगार दिया है।

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

Mobile : 91-9811440461

editor@dhanustankar.com

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समाचार

1 - पहली बरसात जहां गर्मी से राहत लाई भारी जल जमाव की समस्या नही

2 - भारी बारिश से जल-जमाव और ट्रैफिक जाम से जनता हुई परेशान

3 - संगत का खजाना खाली कोर्ट में रेहन पर ज़मीन रखे जाने पर कालका सिरसा को चंपत राय की संज्ञा

4 - रोहिणी ज़ोन के सेक्टर-16 स्थित एमसीडी स्कूल के पास पांच मंजिला इमारत ढही

5 - यूजीसी-एनईटी परीक्षा से ठीक पहले पीडीएफ प्रसारित 90 सवाल सोशियोलॉजी के असली पेपर से मेल खाते हैं

6 - पंजाब में पुलिस की ज़्यादतियों पर श्वेत पत्र जारी करने की माँग

7 - 16 माह माह में दिल्ली में 2386 नई ई. बसें

8 - देश में 22 करोड़ बाइक 8 करोड़ कारें ई-20 के लिए नहीं बनी हैं इस्तेमाल से कबाड़ हो जाएंगी

9 - डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जन्म जयंती पर प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं वृक्षारोपण

10 - अपनी माँगों को लेकर रामलीला महासंघ के प्रतिनिधि पहुँचे संसद लोकसभा अध्यक्ष के साथ हुआ संवाद

11 - मिथक और फैंटेसी का दमदार विस्फोट नागबंधन

12 - प्रदेश भाजपा की समन्वय बैठक में वर्तमान राजनीतिक परिपेक्ष पर चर्चा

13 - देशी प्रजातियों के पौधे हैं पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम

14 - भगवान श्री राम और सनातन धर्म सिर्फ वोट बटोरने का एक जरिया

15 - आईएसआई की शय पर हो रही थी दिल्ली में दहशतगर्दी की तैयारी

16 - उत्तर द पुत्तर का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया में मचा धमाल

17 - पंजाब की सरकार ने केजरीवाल के इशारे पर लिया यू टर्न

18 - धुरी में वेब लिंक लॉन्च कर मावां-धीयां सत्कार योजना शुरू

19 - 9 साल से एमसीडी की पार्किंग खड़ी हैं 75 इलेक्ट्रिक गाड़ियां

20 - जहाँ धर्म और विज्ञान दोनों मिल जाते हैं वह है दुर्लभ दर्शन

21 - CCTV से पता चला है कि राम मंदिर में 40 दिन में 70 चोरियाँ

22 - चार्जिंग स्टेशनों की कमी ना इंफ्रास्ट्रक्चर, फिर एक और प्रदूषण के नाम पर वाहवाही लूटने का स्टंट

23 - सोची-समझी प्लानिंग के तहत 650 करोड़ का स्वास्थ्य घोटाला

24 - आपातकाल में जेल गये 115 लोकतंत्र सेनानियों का अभिनंदन

25 - दो दशकों से अधिक पत्रकारिता के बाद नीरू शर्मा की पहली फिल्म ‘बांद्रा बॉय’

26 - अकाल तख्त साहिब के सामने रखेंगे भगवंत मान फर्जी वीडियो का सच

27 - बाबा बंदा सिंह बहादुर ने सरहिंद की ईंट से ईंट बजा दी थी

28 - बार बार पेपर लीक और रद्द होने से कहीं न कहीं टूटता है उम्मीदवार का मनोबल

29 - दिगंबर जैन संतों और मयूर पिच्छी पर टिप्पणी को लेकर मेनका गांधी को आपत्ति पत्र

30 - भगवंत मान की वीडियो की सरकारी लैब से जांच हो गई थी तो फिर पंजाब सरकार द्वारा निजी लैब से जांच क्यों

31 - मध्यप्रदेश में कथित जमीन की खरीद को श्वेतपत्र जारी कर सार्वजनिक किया जाए

32 - कालका और काहलों की अगुवाई में सिख प्रतिनिधि मंडल उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से मिला

33 - सारे सबूत खत्म करने और गवाहों को पलटने के लिए समय दिया जा रहा है