नई दिल्ली 28, Mar 2026

लेख

1 - कौन सा खेला खेलेंगी ममता बैनर्जी पश्चिम बंगाल में

2 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

3 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

4 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

5 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

6 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

7 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

8 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

9 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

10 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

11 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

12 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

13 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

14 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

15 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

16 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

17 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

18 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

19 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

20 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

21 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

22 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

23 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

24 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

25 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

26 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

27 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

28 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

29 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

30 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

31 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

32 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

33 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

34 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

35 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

36 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

37 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

38 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

39 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

40 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

41 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

42 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

43 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

44 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

45 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

46 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

47 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

48 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

49 - ठेके आन फिटनेस सेंटर ऑफ छा गए केजरीवाल जी तुस्सी

50 - मुख्य सुरक्षा अधिकारी हुए पंचतत्वों विलीन

डीटीसी और कलस्टर बसों की प्रतिदिन राईडरशिप में 20 प्रतिशत की कमी

 

 दिल्ली: सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था जनता के अनुपात के अनुसार अधिक दबाव में है और डीटीसी बेड़े में बसों की संख्या सिर्फ 3213 रह गई है जो 13 वर्षों में सबसे कम हैजनता के बीच यह जानकारी आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में सामने आई है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि आम आदमी पार्टी द्वारा 2019 में डीटीसी में महिलाओं को मुफ्त यात्रा जारी करने को भाजपा ने भी जारी रखा लेकिन केजरीवाल सरकार की तरह रेखा गुप्ता सरकार भी दिल्ली की सड़कों से लगातार हटती डीटीसी बसों को रोक नही सकी है जिसके कारण पिछले वर्षों में डीटीसी और कलस्टर बसों की प्रतिदिन राईडरशिप में 20 प्रतिशत की कमी आई है। रेखा गुप्ता सरकार द्वारा दिल्ली वासियों को बेहतर परिवहन व्यवस्था देने की सोच इस बात से उजागर होती है कि पिछले 2025-26 में डीटीसी का बजट 9110 करोड़ थावहीं 2026-27 इस वर्ष डीटीसी के बजट में 736 करोड़ की कटौती करके 8374 करोड़ रखा है।

रेखा गुप्ता सरकार दिल्ली में महिलाओं को डीटीसी के अंतर्गत चलने वाली बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा तो दे रही हैलेकिन आर्थिक सवेक्षण 2025-26 में डीटीसी और बसों की संख्या जनसंख्या के अनुपात के अनुसार लगातार कम हो रही और भाजपा का महिलाओं को मुफ्त यात्रा दावा धोखा साबित हो रहा है। बस स्टैंड पर घंटों बसों को इंतजार करने के बावजूद बसें नही आती हैकई बार तो एक ही स्टेंड पर सैंकड़ों सवारी बसों का इंतजार करते दिखाई देते है जिनमें महिलाओं की संख्या अधिक होती है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण में 2013-14 में डीटीसी की 5223 बसें थीजो 38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2025-26 में सिर्फ 3213 बसें रह गई है। 

गरीब और जरुरतमंद महिलाओं को पिंक कार्ड बनाने के लिए केन्द्र पर लम्बी लाईनों में 4-5 घंटें इंतजार करना पड़ता है और तकनीकी खराबी और दस्तावेजों की अनिवार्यता के कारण या उसी दिन पिंक कार्ड बन नही पाता है या उन्हें अधिकारी मना कर रहे है। भारी दिक्कत प्रवासी महिलाओं को हो रही है। आधार कार्ड की मांग के बाद दिल्ली में रह रही महिलाएं जो यूपी बिहार या हरियाणा की मूल निवासी दस्तावेज रखती हैउनको अधिक परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा जनता के हित में की गई घोषणाएं दिल्ली वालों के लिए परेशानी साबित हो रही है। 

दिल्ली की करोड़ जनसंख्या के अनुपात अनुसार दिल्ली में लगभग 13000 से अधिक बसें सड़कों पर होनी चाहिए लेकिन अभी डीटीसी और कलस्टर बसों को जोड़कर सिर्फ 6966 है। उन्होंने कहा कि सड़क पर चलने वाली बसों की औसत संख्या में कटौती हुई है। 2019-20 में जहां प्रतिदिन 3222 बसें सड़कों पर चलती थी वहीं 2025-26 में यह संख्या घटकर 2615 रह गई हैजो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि बसों की कमी और जनता के विश्वास में कमी के कारण 2013-14 में प्रतिदिन 43.5 लाख यात्री के अनुपात में 2025-25 में यह संख्या घटकर 24.3 लाख रह गया है। पिछले 13 वर्षों में 44 प्रतिशत की कमी आई है।

तीन मेट्रो कॉरिडोर का काम पूरा होने से दिल्ली बनेगा मेट्रो इंफ्रास्ट्रक्चर का सबसे बड़ा राज्य

 

दिल्ली: पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए जल्द ही दिल्ली सरकार लेकर आयेगी रिहायशी इलाकों में घरेलू इस्तेमाल के लिए बोरवेल का प्रावधान  । इस व्यवस्था के तहत घर में बोरवेल लगाने के लिए आवेदन किया जा सकेगा एवं निर्धारित शुल्क जो कि न्यूनतम होगा लेकर बोरवेल लगाने की अनुमति दी जाएगी । साथ ही दिल्ली जल बोर्ड की प्रक्रिया को सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने के लिए ई केवाईसी योजना को भी लागू किया जायेगा । मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार का 103700 करोड़  का बजट पास हुआ । मुख्यमंत्री के अनुसार इस साल  का बजट ढाँचागत विकास पर आधारित है ।आने वाले समय में मुनक नहर पर एलिवेटेड कॉरिडोर एवं तीन मेट्रो कॉरिडोर का काम पूरा होने से दिल्ली बनेगा मेट्रो इंफ्रास्ट्रक्चर का सबसे बड़ा राज्य ।

यदि बात हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की की जाए तो मुख्य मंत्री का मानना है कि उपचार अधिकार है उपकर नहीं । इस बार स्वास्थ्य के लिए 12645 करोड़ का प्रावधान है । माधोपुर , सिरजपुर, हस्तसाल एवं ज्वालापुरी  के अस्पतालों के निर्माण के लिए 515 करोड़ का प्रावधान रखा गया है ।200  करोड़ की लागत से पूर्वी दिल्ली स्थित जीटीबी अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण होगा । 2026- 27   के दौरान 700 नये आरोग्य मंदिर खोले जाने का लक्ष्य है। आयुष्मान योजना में  ट्रांसजेंडर को भी शामिल किया गया है  और अंत में अनमोल योजना के तहत नवजात  जातकों के लिए 56 जांचें पूरी तरह से निशुल्क होंगी । मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मेडिकल कॉलेजों में स्नातक स्तर पर 820 एवं स्नातकोत्तर के लिए 762 सीटों का लक्ष्य रखा गया है ।

केंद्र द्वारा ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी कम किए जाने पर उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रोल पर कर ₹13 से घटाकर ₹3 प्रति लीटर और डीजल पर ₹10 से शून्य कर दिया गया है। यह निर्णय वैश्विक परिस्थितियों के बीच देशवासियों को सीधी राहत देता है और यह सुनिश्चित करता है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी रहें। बजट सत्र के दौरान याने के चारों दिन विपक्ष सदन से नदारद था ।विधानसभा के परिसर से बाहर नारे लगते हुए दिखाई दिया । 

रिनोवेशन के नाम पर दिल्ली में कितने शीश महल बने यह आँकड़े बताते हैं

दिल्ली: विधान सभा के पटल पर सीएजी रिपोर्ट पर अपने अभिभाषण में मुख्यमंत्री सुश्री रेखा गुप्ता ने शीश महल के अलावा किये कई अन्य खुलासे कहा कि रिनोवेशन के नाम पर कितने शीश महल बने यह आँकड़े बताते हैं । रिनोवेशन के नाम पर खुली लूट हुई । आम आदमी पार्टी के शासनकाल में मंत्रियों के आवास के रिनोवेशन पर खुलेआम सरकारी पैसा जो जन कल्याण पर लगाना चाहिए था पानी की तरह बहाया गया । राखी बेड़लान 2 करोड़  33  लाख , राम निवास 3  करोड़ 23 लाख , गोपाल  राय 2 करोड़  55 लाख ,सत्येंद्र जैन  2 करोड़, सौरभ भारद्वाज 1 करोड़, आतिशी 67 लाख , मनीष सिसोदिया 7 करोड़ 50 लाख, इमरान हुसैन 3 करोड़  एवं राजेंद्र पाल गौतम 3 करोड़ 

सीएजी रिपोर्ट, जिसको केजरीवाल साहब ने वर्षों तक रोके रखा, को नैतिक पतन का दस्तावेज बताते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली की जनता को आम आदमी, आम आदमी, आम आदमी बोलकर, उन्होंने अपने आप को राजा और दिल्ली की जनता को दास समझा। जब दिल्ली में हजारों लोग मर रहे थे, तब पूर्व मुख्यमंत्री अपने पचास एयरकंडीशनर अपने घर में लगाकर, सत्तर पंखे लगाकर, वो कौन सा महल बनाया था।अठारह लाख रुपये की कॉफी । घर में तो कोई आता नहीं था, ना किसी अधिकारी को आने की इजाजत थी, विधायक को और ना जनता को। आख़िर  वो कॉफी पीता कौन था?

नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से विधायक एवं दिल्ली सरकार में मंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा  ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने 58 करोड़ अगर शीश महल पर नहीं, आईसीयू और वेंटिलेटर पर खर्च होते, तो दिल्ली में हज़ारों जानें बच सकती थीं। कोविड के दौरान  दिल्ली में ज़रूरी अस्पताल नहीं बने, ऑक्सीजन और आईसीयू बेड नहीं थे। लेकिन उसी वक्त आदेश था  ‘शीश महल बनाओ’ – मोस्ट अर्जेंट । 11 साल में आम आदमी पार्टी ने किसी जनता की फ़ाइल पर मोस्ट अर्जेंट नहीं लिखा, सिर्फ लिखा तो अपने महल के लिए।

हैरानी की बात यह है कि ना  कायदा ना कानून ना टेंडर और ना ही कैबिनेट की  मंजूरी नियमों को ताक पर रख कर किया गया है शीश महल का निर्माण ।  रिपोर्ट पर उचित कार्यवाही  और  गुनहगारों को सजा के  लिए रिपोर्ट को पार्लियामेंट्री एक्शन कमेटी को भेजने की माँग की है ।

अदालती आदेशों के बाद धर्म परिवर्तन की घटनाओं पर रोक लगने की उम्मीद

 

दिल्ली: सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा ईसाई धर्म अपनाने पर अनुसूचित जाति (एससी) की सुविधाएं मिलने पर लगाई गई रोक के फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि इससे धर्म परिवर्तन, खासकर पंजाब में, रुकने में मदद मिलेगी। कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला बहुत स्वागतयोग्य है कि अनुसूचित जातियों (एससी) की सुविधाएं केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के लोगों को मिलेंगी और यदि कोई ईसाई बनता है तो वह एससी वर्ग को मिलने वाली सुविधाएं नहीं ले सकेगा।

उन्होंने कहा कि पंजाब में लालच देकर लोगों का धर्म परिवर्तन कर उन्हें ईसाई बनाया जा रहा था और इस मुद्दे को दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने कई बार जोर-शोर से उठाया है। उन्होंने बताया कि करीब 2000 लोगों की सिख धर्म में वापसी भी करवाई गई है। अब जब सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला आया है, तो पूरी उम्मीद है कि इससे धर्म परिवर्तन की मुहिम, खासकर पंजाब में, धीमी पड़ेगी और लोग समझेंगे कि यदि लालच में आकर ईसाई धर्म अपनाया तो वे एससी वर्ग की सुविधाओं से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि एससी वर्ग के बच्चों को नौकरियों में आरक्षण, शिक्षा में आरक्षण और अन्य सुविधाएं मिलती हैं, जो ईसाई बनने पर नहीं मिलेंगी। उन्होंने केंद्र सरकार और राज्यों की सरकारों से अपील की कि सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को सख्ती से लागू किया जाए ताकि धर्म परिवर्तन की मुहिम पर रोक लगाई जा सके।

दिल्लीवासियों को लोकलुभावने बजट दिखाकर हाथ में झुनझुना थमा दिया: देवेन्द्र यादव

 

दिल्ली बजट पर तीखी और विस्तृत प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने इसे ट्रिपल इंजन सरकार के दो बजट में ट्रिपल धोखा” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट भूतवर्तमान और भविष्य - तीनों के साथ विश्वासघात है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लंबी-लंबी बातों के जरिए धीरे से बड़ा झटका” दिया है।वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट अनुमान पेश किया गया हैजिसमें 16,700 करोड़ रुपये कर्ज के माध्यम से जुटाने की योजना है। इसके अलावा एसएएससीआई योजना के तहत 2,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऋण लेने का भी प्रावधान हैपिछले वर्ष यह राशि 921 करोड़ था। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2025-26 के लाख करोड़ रुपये के बजट में भी 15,000 करोड़ रुपये कर्ज से जुटाने की योजना थीलेकिन 43 प्रतिशत से अधिक आवंटित बजटजो विभिन्न परियोजनाओं और कार्यक्रमों पर खर्च होना थावह खर्च ही नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य 97035.38 करोड़ था लेकिन 2025-26 के संसोधित अनुमान से स्पष्ट होता है कि सरकार 18,459 करोड़ रुपये सरकार जुटा ही नहीं सकीजिसकी वजह से तमाम योजनायें केवल घोषणा तक ही सिमित रहा।  उन्होंने कहा कि संसोधित अनुमान के आंकडें बताते है कि दिल्ली सरकार का फिसकल डेफिसिट 22 प्रतिशत से अधिक पहुँच गया है! अतः ऐसे बजट एफआरबीएम एक्ट का उलंग्न है।

केंद्र प्रायोजित योजनाओं से इस वर्ष 3,931.16 करोड़ रुपये राजस्व मिलने का अनुमान लगाया गया हैजो पिछले वर्ष के 4,127.82 करोड़ के अनुमान से काफी कम है। यह केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली के साथ भेदभाव के कांग्रेस के आरोपों को और मजबूत करता है। स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय मिशन के तहत 1,500 करोड़ रुपये की संभावित सहायता को भी उन्होंने पुरानी घोषणा” बतायाजिसमें पिछले वर्ष भी कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। उन्होंने आगे कहा कि इस वर्ष जीएसटी और वेट के माध्यम से 3,200 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा गया हैजबकि पिछले वर्ष इसी मद में 8,136 करोड़ की ऐतिहासिक बढ़ोतरी की गई थीजिस पर कांग्रेस ने सवाल उठाए थे। कुल कर राजस्व में भी 5,300 करोड़ रुपये की वृद्धि का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र से पर्याप्त सहयोग न मिलने के कारण दिल्ली की जनता पर करों का बोझ बढ़ाया जा रहा है और कर्ज लेकर बजट घोषणाएं की जा रही हैंजिनमें से अधिकांश परियोजनाएं साल के अंत तक पूरी नहीं हो पातीं।

 

उन्होंने यह भी कहा कि सामान्य केंद्रीय अनुदान की राशिजो पिछले वर्ष 7,968.01 करोड़ रुपये थीघटकर इस वर्ष लगभग 3,931 करोड़ रह गई है। वहींस्टांप और रजिस्ट्रेशन से राजस्व संग्रह का लक्ष्य भी 2,000 करोड़ रुपये बढ़ाया गया है। आबकारी नीति पर लोक लेखा समिति (पीएसी) की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में मनीष सिसोदिया के निर्णयों से 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान की बात कही गई है। लेकिन यह रिपोर्ट सच्चाई उजागर करने से ज्यादा उसे छिपाने का प्रयास प्रतीत होती हैतभी इसे बजट के भारी-भरकम दस्तावेजों के बीच दबा दिया गया।

 

अनधिकृत कॉलोनियों के विकास के लिए वर्ष 2025-26 में आवंटित बजट का आधे से भी कम उपयोग किया गया। केंद्र की योजनाओं में भी समन्वय की कमी रही। आयुष्मान भारतपीएम आवास योजनापीएम-उषापीएमकेवीवाई और पीएम किसान आदि में या तो सहयोग नहीं मिला या प्राप्त धन का उपयोग नहीं किया गया। शहरी परिवहनकेंद्रीय सड़क निधि और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए घोषित धनराशि भी प्राप्त नहीं हो सकी। 

नेता प्रतिपक्ष का स्पीकर को पत्र, सदन में विपक्ष की अनुपस्थिति पर सवाल उठाने पर दिया करारा जवाब

दिल्ली: विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखकर नेता प्रतिपक्ष सुश्री आतिशी ने सदन में विपक्ष की अनुपस्थिति पर सवाल उठाने पर दिया  करार जवाब। उन्होंने स्पीकर द्वारा विपक्ष की अनुपस्थिति को लोकतांत्रिक जिम्मेदारी का उल्लंघन बताने पर कहा कि विपक्ष के विधायकों को असंवैधानिक तरीके से बार-बार निलंबित कर उनकी आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने स्पीकर से मांग की कि हमारे विधायकों का निलंबन वापस लिया जाए। इसके बाद विपक्ष के सभी विधायक बजट सत्र में जरूरी शामिल होंगे।विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में उनके बयान को पूरी तरह अनुचित बताते हुए कहा है कि पिछले एक साल से विधानसभा को एक लोकतांत्रिक संस्था के रूप में कार्य करने की अनुमति नहीं दी जा रही है और विपक्ष की आवाज को व्यवस्थित रूप से दबाया जा रहा है, जहां जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों को मामूली उकसावे पर निलंबित कर सदन से बाहर निकाल दिया जाता है। पत्र में इस सत्तावादी दृष्टिकोण के सबसे ज्वलंत उदाहरण के रूप में शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष के चार विधायकों संजीव झा, कुलदीप कुमार, जरनैल सिंह और सोमदत्त के निलंबन का उल्लेख किया, जिन्हें न केवल पूरे सत्र के लिए सदन से बाहर रखा गया, बल्कि विधानसभा परिसर में प्रवेश तक की अनुमति नहीं दी गई और सत्र समाप्त होने के बाद भी उन्हें समिति की बैठकों में भाग लेने से रोका गया, जो कि अनुशासन नहीं, बल्कि उनकी आवाज को कुचलने के उद्देश्य से दी गई सजा है।
उन्होंने सदन के संचालन में अपनाए जा रहे दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां भाजपा विधायकों द्वारा दो दिनों तक सदन की कार्यवाही बाधित करने पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, वहीं विपक्षी विधायकों के खिलाफ पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है, जो दिल्ली विधानसभा के इतिहास में अभूतपूर्व है।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि विपक्ष बजट सत्र में भाग लेकर दिल्ली की जनता की चिंताओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी भावना के साथ ‘‘आप’’ विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने 21 मार्च 2026 को अध्यक्ष से मिलकर रचनात्मक भागीदारी की इच्छा भी जताई थी। पत्र के अंत में उन्होंने पुरजोर मांग की है कि चारों विधायकों का निलंबन तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए, क्योंकि भय, बहिष्कार और पक्षपात पूर्ण कार्यवाही के माहौल में सार्थक भागीदारी संभव नहीं है, और जैसे ही विधायकों के निलंबन को वापस लिया जाएगा, सभी विपक्षी विधायक सदन की गरिमा, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बहाल करने के लिए कार्यवाही में पूर्ण एवं जिम्मेदारी के साथ भाग लेंगे।

दिल्ली सरकार का ग्रीन बजट 2025 - 26 103700 करोड़ अनुमानित

दिल्ली: इस साल का दिल्ली सरकार का अनुमानित बजट 103700 करोड़ है । दिल्ली की मुख्यमंत्री सुश्री रेखा का कहना है कि  यह बजट ‘विकसित दिल्ली’ के संकल्प को गति देने वाला है, दिल्ली के सर्वांगीण विकास, जनभागीदारी और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक ठोस कदम है। 74000 करोड़ टैक्स से एवं 900 करोड़ गैर राजस्व से जुटाने का लक्ष्य । इस बार के बजट में विकास पर्यावरण एवं शहर के बुनियादी ढाँचे पर केंद्रित है  जिसे ग्रीन बजट का नाम दिया गया है ।

बजट के कुछ अंश कुछ  इस प्रकार हैं ,  शिक्षा पर 19148 करोड़, स्वास्थ्य पर 12645 करोड़, पर्यावरण पर 22236 करोड़ एवं समाज कल्याण के लिए 2392 करोड़ का प्रावधान है । इस वित्तीय वर्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग के  लिए 7406 करोड़ प्रस्तावित है । महिला समृद्धि योजना के लिए 5110 करोड़ का प्रावधान है । 260  करोड़ के बजटीय प्रावधान के अंतर्गत होली और दिवाली पर महिलाओं को मुफ्त गैस सिलेंडर दिए जायेंगे । दिल्ली लखपति बिटिया योजना के अंतर्गत जन्म से लेकर ग्रेजुएशन तक बेटियों के अकाउंट में सरकार 61000 रुपये डालेगी । ग्रेजुएशन होने पर यह राशि 1.20 लाख हो जाएगी । इसके लिए 128 करोड़ रुपये का प्रावधान है ।

सुरक्षा के मद्देनज़र डार्क स्पॉट्स में अतिरिक्त 50000 कैमरे और उनके रखरखाव के लिए 225 करोड़ का प्रावधान है । महिलाओं को कौशल बाजार से जोड़ने के लिए महिला हाट का प्रावधान है जिसे रानी हाट के नाम से जाना जाएगा । इसके लिए 10 करोड़ का प्रावधान है । यदि बात परिवहन व्यवस्था की की जाए तो इसके लिए 8374 करोड़ का बजट प्रस्तावित है । 2029 तक दिल्ली की सड़क पर 12000 बसें दौड़ने लगेंगी । यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से होगी । दिल्ली इलेक्ट्रिकल व्हीकल पालिसी 2.0 के लिए 200 करोड़ का प्रावधान है । 

दिल्ली में जल एवं सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ बनाने के लिए 9000 करोड़ का प्रावधान है । अधूरे अस्पतालों को पूरा करना दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी । मुख्यमंत्री ने अन्य मसलों पर भी विस्तृत चर्चा की ।

विधायकों के निलंबन के खिलाफ ‘‘आप’’ ने ‘लोकतंत्र की अर्थी’ यात्रा निकली

  
दिल्ली: आम आदमी पार्टी ने  अपने चार विधायकों का निलंबन वापस लेने की मांग को लेकर विधानसभा के बाहर ‘लोकतंत्र की अर्थी’ यात्रा निकाल कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान ‘‘आप’’ विधायकों ने ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ के जमकर नारे लगाए। विधानसभा में जाने से रोकने पर ‘‘आप’’ विधायकों और पुलिस के बीच जमकर तीखी बहस हुई। उन्होंने कहा कि जब भाजपा के पास सवालों के जवाब नहीं होते है, तब सत्ता के नशे में चूर विपक्ष की आवाज़ कुचलने लगती है। विधानसभा के बाहर ‘लोकतंत्र की अर्थी’ यात्रा सिर्फ़ एक विरोध नहीं है, बल्कि भाजपा की तानाशाही के खिलाफ जनता का आक्रोश है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की हत्या करने वालों को इतिहास कभी माफ नहीं करता और जनता हर अन्याय का हिसाब लेती है। तानाशाही की ये राजनीति अब नहीं चलेगी।

विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर होता है, लेकिन भाजपा ने इसे सत्ता के अहंकार का अड्डा बना दिया है। विपक्ष की आवाज़ को कुचलने के लिए चुने हुए विधायकों को सस्पेंड करते हैं, सड़क पर बैरिकेड्स लगाकर पुलिस के डंडे दिखाते हैं। सच ये है कि भाजपा जनता के सवालों से भाग रही है। बिजली, पानी, अस्पतालों की बदहाली और हालिया पालम अग्निकांड की पीड़ा से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश हो रही है। हम दिल्ली की जनता के सवाल सड़क से लेकर सदन तक उठाएंगे। तानाशाही के सामने झुकेंगे नहीं, बल्कि डंटकर लड़ेंगे। 
भाजपा लोकतंत्र की हत्या करने पर तुली हुई है। विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर होता है जहां जनता की आवाज उठाई जाती है। इसमें सत्ता पक्ष भी अपनी बात रखता है और विपक्ष भी आवाज उठाता है। लेकिन भाजपा ने यह सोच लिया है कि विपक्ष को आवाज नहीं उठाने दी जाएगी। यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि लोकतंत्र की हत्या है। अगर विपक्ष की आवाज को इस तरह दबाया जाएगा और जनता के मुद्दे उठाने पर विपक्षी विधायकों को दो महीनों तक विधानसभा से निष्कासित रखा जाएगा, तो इसका सीधा मतलब यही है कि लोकतंत्र की हत्या हो गई है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा द्वारा की जा रही लोकतंत्र की इस हत्या के खिलाफ आज आम आदमी पार्टी का विधायक दल अपनी आवाज उठा रहा है। हम अभी विधानसभा की ओर बढ़ रहे हैं। हमारा भाजपा से यह अनुरोध है कि वे हमारे निष्कासित विधायकों को भी विधानसभा में प्रवेश करने दें। अगर वे लोग लोकतंत्र का सम्मान करते हैं और इस देश के संविधान की उस मूल भावना की कद्र करते हैं जिसमें सबको अपनी बात कहने का अधिकार दिया गया है, तो वे हमारे निष्कासित विधायकों को भी अंदर जाने दें। अगर ऐसा नहीं हुआ तो आम आदमी पार्टी का कोई भी विधायक इस सत्र में भागीदारी नहीं करेगा।
उन्होंने आगे कहा कि हम कोई अपराधी नहीं, बल्कि दिल्ली के लोगों के चुने हुए विधायक हैं। एक-एक विधायक दो से ढाई लाख दिल्लीवासियों का प्रतिनिधित्व कर रहा है और उनकी आवाज उठा रहा है। अगर हम ऐसे सवाल उठाते हैं जो भाजपा को पसंद नहीं हैं, तो क्या हमें बोलने नहीं दिया जाएगा? अगर हम कह रहे हैं कि गंदा पानी आ रहा है, पावर कट हो रहे हैं, अस्पतालों में दवाइयां नहीं हैं या दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है, तो क्या वे आवाजें विधानसभा तक नहीं पहुंचनी चाहिए? क्या इन जन मुद्दों को उठाने वालों को पुलिस द्वारा रोका जाएगा? बैरिकेड्स पर पुलिस बड़े-बड़े डंडे लेकर खड़ी है। क्या वे चाहते हैं कि जो विधायक अपने इलाके की जनता की आवाज उठाएं, उन्हें लाठियों से पीटा जाए? यह बिल्कुल इस बात का प्रमाण है कि भाजपा के राज में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।
स्पीकर से बातचीत के सवाल पर उन्होंने बताया कि शनिवार को हमारे एक विधायक प्रतिनिधिमंडल की स्पीकर के साथ बैठक हुई थी। उन्हें एक पत्र भी सौंपा गया था और हमने उनसे आग्रह किया था कि इसका कोई समाधान निकाला जाए। लेकिन अभी तक भाजपा या स्पीकर की तरफ से कोई रास्ता नहीं निकाला गया ।आतिशी ने कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि पालम अग्निकांड में नौ लोगों की जान जाने का जिम्मेदार आखिर कौन है? भाजपा ने 1 लाख करोड़ रुपए के बजट का डंका बजाया था, लेकिन वह बजट कहां गया? फायर डिपार्टमेंट के पास काम करने वाली एक भी सीढ़ी या लोगों को बचाने वाला एक भी नेट नहीं निकला। सबकी आंखों के सामने उस परिवार ने अपने बच्चे को नीचे फेंका और उसे पकड़ने वाला कोई नहीं था।

शहीद भगत सिंह का साहस और वैचारिक स्पष्टता करोड़ों भारतीयों को प्रेरित करती है

दिल्ली: अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरू और सहदेव  के बलिदान दिवस पर आज दिल्ली भाजपा कार्यालय में आयोजित एक सादे समारोह में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा के साथ पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एवं विधायक  सतीश उपाध्याय द्वारा स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ भगत सिंह पार्क मालवीय नगर में आयोजित एक कार्यक्रम में शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के समाचार भी मिले हैं।महामंत्री एवं सांसद  योगेन्द्र चांदोलिया, मीडिया प्रमुख  प्रवीण शंकर कपूर, मीडिया रिलेशन प्रमुख  विक्रम मित्तल, प्रवक्ता  यासिर जिलानी, सह कार्यालय मंत्री  अमित गुप्ता और स्थानीय दिल्ली गेट मंडल अध्यक्ष  राकेश वर्मा, सीताराम बाजार मंडल  प्रेम चंद सैनी एवं चांदनी महल मंडल अध्यक्ष  सुनील शर्मा सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता समारोह में सम्मिलित हुए।

भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ने शहीद भगत सिंह, सुखदेव  और राजगुरु को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के वे अमर नायक बताते हुए कहा कि इन तीनों क्रांतिकारियों ने 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारों से ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला दी थी और 23 मार्च 1931 को लाहौर जेल में उन्हें फांसी दी गई, जिसे आज हम 'शहीद दिवस' के रूप में मनाते हैं। इनका बलिदान केवल एक राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि देश के युवाओं के लिए देशभक्ति की एक मशाल थी। आज भी उनका साहस और वैचारिक स्पष्टता करोड़ों भारतीयों को प्रेरित करती है। इन महान सपूतों का बलिदान इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।

ऋतिक रोशन ने रयान गोसलिंग की फिल्म प्रोजेक्ट हेल मेरी के एलियन ‘रॉकी’ से की दोस्ती

ग्लोबल सिनेमा के सबसे रोमांचक सहयोगों में से एक में, भारतीय सुपरस्टार ऋतिक रोशन ने ‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’ की टीम के साथ मिलकर इस फिल्म को भारतीय दर्शकों के सामने एक खास अंदाज़ में प्रस्तुत किया है। इस खास वीडियो को आप यहाँ देख सकते हैं:

https://www.instagram.com/reel/DWGUOMsgJ2r/?igsh=ZmJ4OWgyeDFxN2Uw  वीडियो में एक भावनात्मक क्रॉसओवर दिखाया गया है, जिसमें Koi… Mil Gaya के ऋतिक और जादू के साथ-साथ ‘प्रोजेक्ट हेल

मैरी’ का एलियन ‘रॉकी’ भी नज़र आता है।  ‘रॉकी’, ऋतिक रोशन से उनका प्रतिष्ठित गीत ‘एक पल का जीना’ का हुक स्टेप सीखता हुआ दिखाई देता है। इस नई अंतरिक्षीय दोस्ती पर ऋतिक के पुराने एलियन मित्र ‘जादू’ की मज़ेदार प्रतिक्रिया भी देखने को मिलती है। यह बॉलीवुड और हॉलीवुड का यह अनोखा संगम, ऋतिक और जादू की लोकप्रिय ऑन-स्क्रीन दोस्ती के नॉस्टेल्जिया को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, ताकि ‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’ को भारतीय दर्शकों तक और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।

https://www.instagram.com/p/DSFH8D3iJAE/?igsh=YjRsN2l3aGJkMHpu 

 ‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’, एंडी वेयर (जिन्होंने The Martian लिखी है) के बेस्टसेलिंग उपन्यास पर आधारित है। ऋतिक रोशन ने दिसंबर २०२५ में इस पुस्तक के प्रति अपना प्रेम सोशल मीडिया पर व्यक्त किया था, जिससे यह सहयोग और भी स्वाभाविक और विशेष बन गया है। यह दो अलग-अलग फिल्मों—‘कोई… मिल गया’ और ‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’—की मानव-एलियन मित्रता को एक साथ जोड़ता है। इस सहयोग पर बात करते हुए, सोनी पिक्चर्स रिलीज़िंग इंटरनेशनल, इंडिया के जनरल मैनेजर और प्रमुख शॉनी पंजीकरण ने कहा कि “‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’ एक ऐसी भव्य और महत्वाकांक्षी फिल्म है, जिसे भारत के दर्शक बड़े पर्दे पर देखना पसंद करते हैं। हमें खुशी है कि ऋतिक रोशन इस फिल्म को भारत में समर्थन दे रहे हैं। उनकी इस कहानी के प्रति गहरी रुचि और दर्शकों से उनका सशक्त जुड़ाव उन्हें इस फिल्म के लिए एक आदर्श प्रतिनिधि बनाता है।”प्रसिद्ध निर्देशक जोड़ी फ़िल लार्ड और क्रिस्टोफर मिलर द्वारा निर्देशित ‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’ की कहानी रायलैंड ग्रेस (रायन गॉसलिंग) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक अकेला अंतरिक्ष यात्री है। वह एक रहस्यमयी अंतरिक्ष यान पर बिना अपनी पहचान और मिशन की स्मृति के जागता है।

फिल्म में सैंड्रा हूलर, लियोनेल बायसी, केन लियांग और मिलाना व्यंतृब जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नज़र आएंगे। आमेजन एमजीएम स्टूडियोज द्वारा प्रस्तुत और सोनी पिक्चर रिलीजिंग इंटरनेशनल  द्वारा वितरित ‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’ भारत में २६ मार्च २०२६ को रिलीज़ होगी। यह फिल्म अंग्रेज़ी, हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में आईमैक्स®️ और अन्य प्रीमियम बड़े प्रारूपों में प्रदर्शित की जाएगी।

डिप्टी चेयरमैन और नेता सदन ने अपने ही कार्यकर्ताओं का काम करने से साफ मना कर दिया:प्रवीण कुमार

 

दिल्ली: भाजपा की चार इंजन की सरकार की नाकामी से सिर्फ आम जनता ही दुखी और नाराज नहीं है, बल्कि भाजपा के कार्यकर्ता भी खासे नाराज हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी सामने भी आने लगी है। बीते 18 मार्च को रोहिणी जोन में भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपनी ही पार्टी के एमसीडी में नेता सदन और डिप्टी चेयरमैन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा कार्यकर्ता इसलिए नाराज हो गए, क्योंकि रोहिणी जोन के डिप्टी चेयरमैन ने वार्ड के अंदर फैले कूड़े की समस्या सुनने से इन्कार कर दिया। इस बात से कार्यकर्ता बेहद आहत हुए और नारे लगाने लगे। शनिवार को आम आदमी पार्टी के एमसीडी में सह प्रभारी प्रवीण कुमार ने प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा अपने ही नेता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की वीडियो दिखाते हुए ये बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार से इस समय पूरी दिल्ली परेशान है। चार इंजन की सरकार दिल्ली को पूरी तरह से तहस-नहस करने में लगी हुई है। आम जनता के साथ-साथ अब भाजपा के कार्यकर्ता भी बेहतर की उम्मीद छोड़ चुके हैं। इन कार्यकर्ताओं ने बड़ी मेहनत करके भाजपा की सरकार बनाई थी। अब ये भी अपनी सरकार से परेशान हो चुके हैं। उन्होंने रोहिणी जोन कार्यालय में भाजपा कार्यकर्ता की अपने ही नेता के खिलाफ नारेबाजी करने की एक वीडियो दिखाते हुए कहा कि यह कार्यकर्ता एमसीडी में नेता सदन और रोहिणी जोन के डिप्टी चेयरमैन नरेंद्र सोलंकी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ये कार्यकर्ता अपने किसी काम को लेकर रोहिणी जोन के दफ्तर पहुंचे थे। रोहिणी जोन के चेयरमैन अमित जैन भी बैठते हैं। रोहिणी जोन में आम आदमी पार्टी का चेयरमैन है, जबकि डिप्टी चेयरमैन भाजपा से हैं।  डिप्टी चेयरमैन और नेता सदन ने अपने ही कार्यकर्ताओं का काम करने से साफ मना कर दिया। इसी के विरोध में भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने नारेबाजी की। भाजपा के पदाधिकारियों में विधायक प्रतिनिधि सुभाष कटवाल, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ से हेमंत सिंघल, महिला मोर्चा से रजनी और युवा मोर्चा से विनोद शेखावत मौजूद हैं। ये लोग काम नहीं होने से नाराज होकर अपने नेताओं के विरोध में नारेबाजी की। 
इस समय पूरी दिल्ली भगवान भरोसे चल रही है। भाजपा ने दिल्ली को पूरी तरह से तहस नहस कर दिया है। हम भाजपा के कार्यकर्ताओं के साथ सहानुभूति रखते हैं और उनका जो भी काम था, वह तत्काल प्रभाव से होना चाहिए। हमारे चेयरमैन और हमारे पार्षद प्रदीप मित्तल उनका जो भी काम है, उसे पूरा कराएंगे। आम आदमी पार्टी विपक्ष में रहकर भी भाजपा को यह सिखाएगी कि लोगों के काम कैसे किए जाते हैं। एमसीडी सह-प्रभारी प्रीति डोगरा ने कहा कि अब भाजपा के कार्यकर्ता और पदाधिकारी उनके खिलाफ खड़े हो गए हैं। भाजपा कार्यकर्ता का ही काम नहीं हो पा रहा है, तो वे दिल्ली की जनता का क्या काम करेंगे? ये लोग सिर्फ झूठ बोलकर, फर्जीवाड़ा और बड़े बड़े वादे करके सत्ता में आकर बैठ गए हैं, लेकिन दिल्ली चलाने में पूरी तरह से विफल हैं। भाजपा कार्यकर्ता ही सवाल पूछ रहे हैं कि उनके काम क्यों नहीं हो रहे हैं? इस पर नेता सदन जाकर छुप गए हैं और उन्होंने अभी तक किसी को कोई जवाब नहीं दिया है। क्या यही भाजपा की रणनीति है और क्या वे इसी तरह से पांच साल तक दिल्ली की सरकार चलाएंगे? एक साल में भाजपा ने दिल्ली की हालत बद से बदतर कर दी है। तो आने वाले चार वर्षों में क्या होने वाला है?
उन्होंने कहा कि आज हर आदमी भाजपा से परेशान है। एमसीडी, केंद्र और दिल्ली समेत हर जगह इनकी चार इंजन की सरकार है, लेकिन यह पूरी तरह से विफल हो चुकी है। मैं दिल्ली की मुख्यमंत्री से पूछना चाहती हूं कि क्या सिर्फ झूठे वादे करके सत्ता हथियाना ही उनका काम था? वे दिल्ली की जनता को क्यों नहीं समझ रही हैं? पालम अग्निकांड में इतना बड़ा हादसा हो गया और वह सिर्फ एक लापरवाही की वजह से हुआ। वहां मौजूद लोग खुद कह रहे हैं कि अगर फायर ब्रिगेड थोड़ा समय पर आ जाती, तो शायद दस में से एक दो लोगों की जान बचाई जा सकती थी। भाजपा की लापरवाही से दिल्ली में दिन प्रतिदिन अपराध बढ़ता जा रहा है और हम अपनों को खोते जा रहे हैं। अभी भी समय है, सुधर जाएं। यह दिल्ली की जनता है, जो सरकार बनाना जानती है तो बिगाड़ना भी जानती है।

संवादात्मक मंचों के माध्यम से मिलेगी औद्योगिक क्षेत्रों को विकास की नई दिशा

दिल्ली मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में झिलमिल एवं फ्रेंड्स कॉलोनी औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित औद्योगिक क्षेत्रों की एक महत्वपूर्ण बैठक में सक्रिय रूप से भाग लिया। इस बैठक में राजधानी दिल्ली के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से आए अनेक एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की, जिससे यह बैठक उद्योग, प्रशासन एवं सरकार के बीच संवाद और समन्वय स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरी। बैठक का मुख्य उद्देश्य दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों, चुनौतियों एवं संभावनाओं पर चर्चा करना तथा आगामी बजट के संदर्भ में उद्योग जगत की अपेक्षाओं और सुझावों को सरकार तक पहुँचाना था। इस अवसर पर उद्योग प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को विस्तार से रखा और सरकार से अपेक्षा की कि इन मुद्दों पर शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए।
इस प्रतिनिधिमंडल में डॉ. अनिल गुप्ता, राकेश बंसल, नरेंद्र छाबड़ा,विनीत जैन , हरीश गर्ग, दीपाराम चौधरी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इन सभी ने अपने अनुभव एवं सुझावों के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति को बैठक में प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया। बैठक के दौरान यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छता, यातायात व्यवस्था तथा सुरक्षा जैसे विषयों पर निरंतर सुधार की आवश्यकता है।
प्रतिनिधियों द्वारा विशेष रूप से आगामी बजट को ध्यान में रखते हुए उद्योगों को राहत देने, व्यापार को सुगम बनाने तथा छोटे एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने से संबंधित मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। इसके साथ ही यह भी सुझाव दिया गया कि औद्योगिक क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं का विकास, डिजिटल प्रक्रियाओं को बढ़ावा तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाना आवश्यक है, जिससे उद्यमियों को व्यवसाय संचालन में सहूलियत मिल सके।
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि उद्योगों के विकास के लिए सरकार, प्रशासन एवं उद्योग जगत के बीच निरंतर संवाद और सहयोग अत्यंत आवश्यक है। यदि सभी पक्ष एक साथ मिलकर कार्य करें, तो न केवल समस्याओं का समाधान संभव है, बल्कि औद्योगिक विकास को भी नई गति मिल सकती है। इस संदर्भ में ऐसे संवादात्मक कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी अवगत कराया कि दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत उद्यमी देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, अतः उनके लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह अपेक्षा व्यक्त की कि सरकार उद्योगों के हित में सकारात्मक कदम उठाएगी और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस निर्णय लिए जाएंगे।बैठक के दौरान सभी प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा करते हुए यह विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की पहल से उद्योगों और सरकार के बीच बेहतर समझ विकसित होगी और आने वाले समय में उद्योगों को अधिक सहयोग एवं सुविधाएँ प्राप्त होंगी। इस संवाद को उद्योग जगत के लिए एक सकारात्मक एवं आशाजनक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
इस बैठक में दिल्ली के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने यह सिद्ध किया कि उद्योग जगत अपने अधिकारों एवं विकास के प्रति सजग है और वह सरकार के साथ मिलकर कार्य करने के लिए तत्पर है। सभी प्रतिभागियों ने इस बैठक को अत्यंत उपयोगी, सार्थक एवं उद्योग हित में महत्वपूर्ण बताया।अंत में, दिल्ली मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने इस महत्वपूर्ण बैठक के आयोजन के लिए संबंधित सभी पक्षों का आभार व्यक्त किया और आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे संवादात्मक मंचों के माध्यम से उद्योगों की समस्याओं का समाधान किया जाता रहेगा और दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों को विकास की नई दिशा प्राप्त होगी।

27 साल के कुशासन का परिणाम दिल्ली में हर विधानसभा क्षेत्र में फायर स्टेशन नही

दिल्ली : पालम में हुए दुखद अगणि हादसे पर खेद प्रकट करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि wदिल्ली की मुख्य मंत्री ने जांच के आदेश दिये हैं और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के उपाय करने के साथ ही ऐसी घटनाएं होने पर त्वरित बचाव कार्य की व्यवस्था भी करने पर भी सरकार ध्यान देगी। साथ ही आम आदमी पार्टी नेताओं अरविंद केजरीवाल एवं सौरभ भारद्वाज द्वारा आज पालम में हुए दुखद अगणि हादसे पर की गई ओछी ब्यानबाज़ी की कड़ी निंदा की । चाहें  केजरीवाल द्वारा एक एक्स पोस्ट के माध्यम से जारी संवेदना संदेश हो या फिर सौरभ भारद्वाज द्वारा प्रेस सम्मेलन में दिया गया ब्यान दोनों में जनता के प्रति संवेदना कम उनकी राजनीतिक हताशा अधिक दिख रही थी। कोई भी हादसा दुखद होता है और हर सरकार ऐसे हादसे पर जनता के प्रति जवाबदेह है पर बेहतर होता मात्र एक साल पुरानी भाजपा सरकार पर दोषारोपण करने की जगह "आप" नेता यह बतायें की 2015 से 2024 तक एक दशक में दिल्ली में अर्पित होटल करोल बाग, अनाज मंड़ी फिल्मिस्तान, कमर्शियल बिल्डिंग मुंड़का, पेंट फैक्ट्री अलीपुर, कमर्शियल बिल्डिंग भगीरथ प्लेस, कमर्शियल बिल्डिंग कटरा लेहसवान, न्यूनैटल अस्पताल विवेक विहार जैसे बड़े हादसों के बावजूद उनकी अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में अगणि शमन इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवलप करने के लिए क्या किया था।

 उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी हादसों पर राजनीति करने में विश्वास नही रखती । दिल्ली सरकार दिल्ली अगणि शमन विभाग को अपग्रेड करने पर गम्भीरता से काम करेगी।
 उन्होंने विगत सरकारों पर ठीकरा फोड़ते हुए कहा कि  कांग्रेस एवं आम आदमी पार्टी के 27 साल के कुशासन का परिणाम है की दिल्ली में आज भी हर विधानसभा क्षेत्र में अपना फायर स्टेशन नही है। "आप" सरकार के शासन में दिल्ली अगणि शमन विभाग को लेकर दिल्ली में कोई कार्य नही हुआ, ना विशेषज्ञ सिफारिश अनुसार दिल्ली में 85 फायर स्टेशन खोलने पर काम हुआ और अकेले 2023-24 में दिल्ली में आग लगने की घटनाओं में 1303 मौतें हुईं।

 

गिप्पी ग्रेवाल को गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से धमकी

चंडीगढ़: पंजाब से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां मशहूर पंजाबी गायक गिप्पी ग्रेवाल को कथित तौर पर कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की ओर से जान से मारने की धमकी मिली है। इस मामले ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष  सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर यह जानकारी साझा की। उन्होंने दावा किया कि गिप्पी ग्रेवाल को यह धमकी उस समय मिली, जब हाल ही में उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई थी।

सुखबीर सिंह बादल ने अपने पोस्ट में एक ऑडियो क्लिप भी साझा की, जिसमें एक व्यक्ति खुद को गोल्डी बराड़ बताते हुए गायक को धमकी देता हुआ सुनाई दे रहा है। उन्होंने इस मामले को पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के समक्ष उठाते हुए राज्य में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। अपने पोस्ट में बादल ने लिखा कि, “यह जानकर बेहद दुख हुआ कि हमारे सुपरस्टार गिप्पी ग्रेवाल को कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से धमकी मिली है, वह भी उस समय जब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उनकी सुरक्षा वापस ले ली। पंजाब में अब कोई भी सुरक्षित नहीं है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।


उन्होंने आगे मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि इससे पहले भी पंजाब अपने एक बेहतरीन गायक सिद्धू मूसावाला को खो चुका है, जिसकी हत्या के पीछे सुरक्षा में कमी को एक बड़ा कारण बताया गया था। बादल ने आरोप लगाया कि यदि गिप्पी ग्रेवाल के साथ कोई भी अप्रिय घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की होगी। फिलहाल, इस मामले को लेकर पुलिस या राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, इस घटना के बाद पंजाब में कलाकारों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता और भी बढ़ गई है।

अब झाड़ू से पूरा देश करेंगे साफ- केजरीवाल

पणजी : दिल्ली की निचली अदालत से कट्टर ईमानदार साबित होने के बाद मंगलवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल गोवा में भाजपा और पीएम नरेंद्र मोदी पर जमकर बरसे। फर्जी शराब घोटाले में आरोप मुक्त होने पर पणजी में आयोजित बधाई समारोह में उन्होंने कहा कि सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते चलकर आम आदमी पार्टी सबसे बड़ी अग्नि परीक्षा को पास कर ली है। अब हम झाड़ू से गोवा समेत पूरे देश को साफ करेंगे। भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि हमारी टॉप लीडरशीप की छवि खराब करने के लिए हमें भ्रष्ट साबित करने की कोशिश की गई। लेकिन कोर्ट ने कह दिया है कि केजरीवाल और आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार हैं। इसमें इतना भी सबूत और गवाह नहीं है कि मुकदमा चलाया जा सके।
उन्होंने पीएम मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर तीखे हमले बोलते हुए कहा कि इन्हें सत्ता की हवस है। इसी के चलते इन्होंने हमें गिरफ्तार किया, दिल्ली का काम ठप करके जनता को परेशान किया और दिल्ली का चुनाव चोरी कर लिया। उन्होंने पीएम मोदी से कहा कि आपने मुझे निपटाने के लिए सबकुछ कर लिया, लेकिन आज भी केजरीवाल दहाड़ रहा है। अब केजरीवाल न झुकेगा और न रूकेगा। अगर आपको मुझे निपटान है तो मुझसे ज्यादा काम करके एक लंबी लकीर खींचो या फिर आपको मेरी हत्या करानी पड़ेगी।
आम आदमी पार्टी का नेतृत्व अग्नि परीक्षा से निकल कर आया है। इतिहास गवाह है कि जब-जब कोई सच्चाई के रास्ते पर चलता है, तो उसे अग्नि परीक्षा देनी ही पड़ती है। सच्चाई के रास्ते पर चलना आसान नहीं है; कदम-कदम पर कांटे और पत्थर होते हैं तथा लोगों पर तरह-तरह के इल्जाम लगाए जाते हैं। हमने रामायण में भी सुना है कि जब भगवान श्रीराम रावण को हराकर लंका से निकले और अयोध्या की तरफ आए, तो सीता माता को भी अपनी पवित्रता साबित करने के लिए अग्नि परीक्षा देनी पड़ी थी। उसी तरह सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते पर चल रही आम आदमी पार्टी को भी पिछले चार-पांच सालों से बदनाम करने की कोशिश की गई। पार्टी पर लगातार एक के बाद एक प्रहार हुए और हम लोग भी इस अग्नि परीक्षा से गुजर कर बाहर आए हैं।
एक ही राजनीतिक पार्टी के पांच सबसे वरिष्ठ नेताओं मुझे (मुख्यमंत्री), मनीष सिसोदिया (डिप्टी सीएम), सत्येंद्र जैन (स्वास्थ्य मंत्री), विजय नायर और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को जेल में डाल दिया गया। शीर्ष “आप” नेताओं के ऊपर तरह-तरह से दबाव बनाया गया कि केजरीवाल को छोड़ कर भाजपा में आ जाओ। लेकिन हमारा एक भी नेता नहीं टूटा। क्योंकि अगर हमने कुछ गलत किया होता, तो आज मैं लोगों के सामने सिर उठाकर खड़ा नहीं हो पाता। अगर हमने कुछ गलत किया होता, तो हमें भाजपा में जाना पड़ता, क्योंकि वे हमें हमेशा के लिए जेल में रख सकते थे। जिन लोगों को ये एजेंसियां पकड़ती हैं और वे डरकर भाजपा में चले जाते हैं, उसका मतलब यही होता है कि उन्होंने कुछ गलत किया है। उन्हें पता होता है कि अगर वे भाजपा में नहीं गए, तो उन्हें हमेशा के लिए जेल में डाल दिया जाएगा, इसलिए उन्हें भाजपा में जाना पड़ता है। लेकिन हमें पता था कि हमें झूठा फंसाया गया है और केस बिल्कुल फर्जी है। हमें भरोसा था कि आज नहीं तो कल बाहर आना ही है। हमें पता था कि कोर्ट में यह मामला टिकने वाला नहीं है, इसीलिए हम मजबूती से डटे रहे। सबसे बड़ी अग्नि परीक्षा में ‘‘आप’’ हुई पास, अब झाड़ू से पूरा देश करेंगे साफ।

कांग्रेस विचारधारा में विश्वास रखने वाला कोई भी युवा अपना आवेदन क्यूआर कोड स्केन कर कर सकता है

दिल्ली: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष  देवेन्द्र यादव ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा देश में चलाए जा रहे नेशनल टेलेंट हंट कार्यक्रम को दिल्ली में भी लॉच कर दियाजिसका उदेश्य कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास रखने वाले और मौजूदा परिस्थितियों में अपनी आवाज को जिलाराज्य और राष्ट्रीय स्तर पर परिपक्वता के साथ सुदृढ़ तौर पर रखने वाली नई पीढ़ी के युवाओं से आवेदन मांगे गए है। कोई भी युवा आवेदन क्यूआर कोड स्केन करके ऑनलाइन तरीके से 15 अप्रैल तक कर सकते है। इच्छुक अभ्यार्थियों के आवेदन के पश्चात जिला वार उनके चयन की प्रक्रिया शुरु की जाएगी। इसके लिए एक टेलेंट हंट संगठन कमेटी का भी गठन किया गया। जिसका कन्वीनर पूर्व विधायक व कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन श्री अनिल भारद्वाज और को-कन्वीनर अनुज आत्रेय को बनाया गया है।


संवाददाता सम्मेलन को प्रदेश अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिल्ली प्रभारी श्री काजी निजामुद्दीनपूर्व राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमती अमी याजनिकपूर्व विधायक व कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन  अनिल भारद्वाज ने सम्बोधित किया और वाईस चेयरमैन अनुज आत्रेय तथा सोशल मीडिया चेयरमैन राहुल शर्मा मौजूद थे।


प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता विपक्ष श्री राहुल गांधी के दिशा निर्देश पर देश सहित दिल्ली में कांग्रेस की विचारधारा में जमीनी मुद्दां पर अपनी सोच की अभिव्यक्ति को बुलंद करने वाले युवाओं को टेलेंट हंट के जरिए उन्हें नेशनलराज्य और जिला स्तर पर कांग्रेस का प्लेटफॉर्म मुहैया कराने के अवसर प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी देश भर में नेशनलराज्य और जिला स्तर पर तीन प्रमुख क्षेत्रों प्रवक्तारिसर्च कोऑर्डिनेटर और पब्लिसिटी कोऑआर्डिनेटर में प्रतिभावान युवाओं की खोज कर रही है। उन्होंने कहा कि नेशनल टैलेंट हंट का मूल उदेश्य जमीनी स्तरराज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी से संचार तंत्र को सशक्त बनाने के साथ युवाओं की आवाज को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर देना है। ताकि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी की आवाज बन सकें।

कट्टरपंथ के विरुद्ध विहिप का आक्रोश


दिल्ली: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कल दिल्ली के प्रह्लादपुर में सूरज की नृशंस हत्या के विरोध में एक विशाल आक्रोश प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कट्टरपंथ के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि दिल्ली अब और अधिक कट्टरपंथ को स्वीकार नहीं करेगी। सभा में 'सूरज हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं' के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजधानी में "डाबर का तेल लगाकर बाबर के वजूद को खत्म करने" का संकल्प लेते हुए आक्रामक तेवर दिखाए और न्याय की मांग की।
इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सभा को संबोधित करते हुए कड़ा बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि इंद्रप्रस्थ (दिल्ली) से आज यह स्पष्ट संदेश जा रहा है कि अन्याय और पाप के दिन अब समाप्त हो चुके हैं और समाज अब ऐसी घटनाओं पर शांत नहीं बैठेगा। इस आक्रोश प्रदर्शन में विहिप बजरंग दल इंद्रप्रस्थ प्रांत के संयोजक जगजीत सिंह गोल्डी  की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर सूरज के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और प्रशासन से दोषियों के विरुद्ध त्वरित और कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

हैदराबाद में ऐतिहासिक गुरुद्वारे से जुड़े ढांचे को गिराये जाने एवं ज़मीन के विवाद पर चिंता

नई दिल्ली: हैदराबाद में गुरुद्वारा बाराम्बाला साहिब से जुड़ी ज़मीन के चारों ओर सुरक्षा बाड़ गिराए जाने पर गंभीर चिंता जताते हुए शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने जानकारी दी कि उन्होंने  तेलंगाना सरकार से कोर्ट के आदेशों और इलाके में सिख समुदाय की लंबे समय से मौजूदगी का सम्मान करने की अपील की है। यह विवाद अट्टापुर में सिख कैंटोनमेंट की ज़मीन से जुड़ा है, जहाँ सिख समुदाय 1832 से मौजूद है। निज़ाम के महाराजा रणजीत सिंह से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मांगने के बाद सिख सैनिकों को हैदराबाद में तैनात किया गया था। बाद में यह बस्ती उन सिख सैनिकों के वंशजों का घर बन गई।
स्थानीय गुरुद्वारा कमेटी की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, अभी इस इलाके में करीब 1,200 सिख परिवार रहते हैं, जहाँ उन्होंने पीढ़ियों से घर, गुरुद्वारे, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन और एक खेल का मैदान बनाया है। ज़िला अधिकारियों ने पहले सर्वे किया था और माना था कि सिख समुदाय लगभग दो सदियों से इस ज़मीन पर रह रहा है। अधिकारियों की सौंपी गई रिपोर्ट में सिफारिश की गई थी कि रिहायशी प्लॉट को मामूली कीमत पर रेगुलराइज़ किया जाए और धार्मिक और पढ़ाई-लिखाई के कामों के लिए इस्तेमाल होने वाली ज़मीन संबंधित संस्थानों को मुफ़्त में दी जाए।

तेलंगाना हाई कोर्ट ने अधिकारियों को ज़मीन को रेगुलराइज़ करने पर विचार करने का निर्देश दिया था और आदेश दिया था कि सिख समुदाय के शांतिपूर्ण कब्ज़े में कोई खलल नहीं पड़ना चाहिए। इसके बावजूद, स्थानीय अधिकारियों और पुलिस ने कथित तौर पर 15 मार्च को निशान साहिब के पास लगभग 6,044 वर्ग गज ज़मीन के एक हिस्से के चारों ओर लगी टेम्पररी बाड़ को गिरा दिया। गुरुद्वारा कमेटी की तरफ़ से दी गई रिप्रेजेंटेशन के मुताबिक, यह बाड़ असामाजिक तत्वों द्वारा जगह का गलत इस्तेमाल रोकने और धार्मिक जगह की पवित्रता की रक्षा के लिए लगाई गई थी। कमेटी ने कहा कि यह ढांचा टेम्पररी था और इसका मकसद सिर्फ़ निशान साहिब के पास कूड़ा फेंकने, गैर-कानूनी पार्किंग और दूसरी गतिविधियों को रोकना था।
शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि इस तोड़फोड़ से सिखों की भावनाओं को ठेस पहुंची है और उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से दखल देने की मांग की। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि अधिकारी समुदाय के ज़मीन के कब्ज़े में दखल न दें और बाड़ को ठीक करें, साथ ही प्रॉपर्टी को रेगुलर करने के लंबे समय से रुके हुए प्रोसेस में तेज़ी लाएं। सिख समुदाय पीढ़ियों से इस इलाके में शांति से रह रहा है और उसने हैदराबाद की सामाजिक और शिक्षा से जुड़ी ज़िंदगी में योगदान दिया है। उनकी ऐतिहासिक मौजूदगी को माना जाना चाहिए और उनके अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए।

दिल्ली में नशीले पदार्थों का हो रहा है पौषण

दिल्ली: देश की राजधानी में नशा तस्करी की सच्चाई बताने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ ही विभागीय कार्रवाई होने पर आम आदमी पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है। "आप" के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज का कहना है कि पुलिस अधिकारी के खुलासे के बाद दिल्ली पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्रालय को नशा तस्करी की जड़ों तक पहुंचना चाहिए था, उन्हें पकड़ना चाहिए था, जिससे नशे पर लगाम लगता, लेकिन यहां तो उल्टा पुलिस पर ही कार्रवाई कर पुलिस महकमे का मनोबल तोड़ा जा रहा है। ऐसे में सरकार से दिल्ली के अंदर नशे के कारोबार को कंट्रोल करने की कैसे उम्मीद कर सकते हैं?
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले दिनों दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने पब्लिक के सामने खुलासा करते हुए मुख्यमंत्री और भाजपा विधायकों पर नशा तस्करों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था। उस पुलिस अफसर का मनोबल बढ़ाने की जगह पुलिस कमिश्नर ने उसके खिलाफ ही कार्रवाई के निर्देश दे दिए। इस कार्रवाई से अब संदेश साफ है कि मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन करते रहो। चाहे मुख्यमंत्री का आदेश अपराधियों और नशीले पदार्थों के तस्करों को रिहा करने का हो या फिर उन्हें संरक्षण देने के लिए ही क्यों न हो। पुलिस अधिकारियों को हर स्थिति में चुप रहना चाहिए।
नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है। चाहे झुग्गी हो, अनऑथराइज़ कॉलोनी हो या बड़ी सोसाइटी के पार्क — हर जगह नशा बिकता और होता दिखाई दे रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि छोटे-छोटे बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। सवाल यह है कि अगर पुलिस पर ही राजनीतिक दबाव होगा, तो दिल्ली में नशे का कारोबार कैसे रुकेगा? दिल्ली के युवाओं का भविष्य बचाने के लिए नशे के इस नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई ज़रूरी है।

धार्मिक स्थलों के 500 मीटर के दायरे में मांस व मदिरा की दुकानों पर रोक लगाने की मांग

दिल्ली: भगवान महावीर देशना फाउंडेशन के डायरेक्टर मनोज कुमार जैन ने दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू,मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता,महापौर सरदार राजा इक़बाल सिंह,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा तथा एमसीडी आयुक्त श्री संजीव खिरवार से एक महत्वपूर्ण जनभावना से जुड़े विषय पर संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी होने के साथ-साथ विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों का संगम है। यहाँ मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च एवं अन्य उपासना स्थलों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना और प्रार्थना के लिए आते हैं। ऐसे पवित्र स्थलों के आसपास का वातावरण शांत, स्वच्छ और श्रद्धापूर्ण बनाए रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
 
दिल्ली  के कई क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों के आसपास मांस (नॉन-वेज) और मदिरा की दुकानें संचालित हो रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएँ आहत होती हैं और इन पवित्र स्थलों की गरिमा भी प्रभावित होती है। साथ ही इन दुकानों से निकलने वाली गंदगी, दुर्गंध और अस्वच्छता भी आसपास के वातावरण को प्रभावित करती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया कि दिल्ली में मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च और अन्य उपासना स्थलों के 500 मीटर के दायरे में मांस और मदिरा की दुकानों के संचालन पर रोक लगाने तथा जहाँ ऐसी दुकानें संचालित हो रही हैं, उन्हें बंद कराने के लिए आवश्यक आदेश जारी किए जाएँ। इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लिए जाने से राजधानी में सभी धर्मों के प्रति सम्मान की भावना और अधिक मजबूत होगी तथा धार्मिक स्थलों की पवित्रता और गरिमा भी बनी रहेगी। 

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

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