नई दिल्ली 11, Feb 2026

लेख

1 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

2 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

3 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

4 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

5 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

6 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

7 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

8 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

9 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

10 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

11 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

12 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

13 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

14 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

15 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

16 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

17 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

18 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

19 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

20 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

21 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

22 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

23 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

24 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

25 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

26 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

27 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

28 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

29 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

30 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

31 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

32 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

33 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

34 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

35 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

36 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

37 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

38 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

39 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

40 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

41 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

42 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

43 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

44 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

45 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

46 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

47 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

48 - ठेके आन फिटनेस सेंटर ऑफ छा गए केजरीवाल जी तुस्सी

49 - मुख्य सुरक्षा अधिकारी हुए पंचतत्वों विलीन

50 - दिल्ली में यमुना का पानी का बीओडी लेवेल 50 के पार

प्रोफेसर देवेंद्रपाल सिंह भुल्लर की रिहाई की अर्जी एक बार फिर खारिज किए जाने पर रोष

दिल्ली: सेंटेंस रिव्यू बोर्ड द्वारा प्रोफेसर देवेंद्रपाल सिंह भुल्लर की रिहाई की अर्जी  फिर एक बार ख़ारिज किए जाने पर  शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रोफेसर भुल्लर अपनी सजा पूरी करने के बावजूद भी जेल में बंद हैं । बार बार दावों के बावजूद  दिल्ली सरकार में केबिनेट मिनिस्टर मनजिंदर सिंह सिरसा सिख क़ैदियों को रिहा करवाने में असफल रहे हैं । नैतिकता के आधार पर उन्हें अपने पद से इस्तीफा  दे देना चाहिए ।

मीडिया से रूबरू हो कर उन्होंने जानकारी दी कि सिख अधिकारों के रक्षक के तौर पर मनजिंदर सिंह सिरसा की पब्लिक इमेज सामने आई है । सिरसा ने अपने रसूख और कमिटमेंट के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन ज़मीनी नतीजे राजनीतिक इच्छाशक्ति की पूरी कमी दिखाते हैं। सरना ने आगे कहा कि ऐसी बार-बार नाकामियों के बाद भी पद पर बने रहना नैतिक मूल्यों को कुर्बान करने जैसा है। सिख समुदाय से कहा गया था कि सत्ता में उनकी आवाज़ देश को रिप्रेजेंट करेगी। लेकिन आज यह दावा खोखला साबित हो रहा है। अगर सिरसा इतने साफ़ मामले में न्याय पक्का नहीं कर सकते, तो उन्हें मंत्री बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है ।

भार तीय जनता पार्टी की भी आलोचना करते  हुए उन्होंने सिखों के साथ अपने रिश्तों में दोगलापन करने का लगाया आरोप  कहा कि भारतीय जानता पार्टी ने सिंबल के ज़रिए चुनावी गुडविल चाहा, जबकि जेल में बंद सिखों की रिहाई की कानूनी और तय मांगों को पूरा करने से इनकार कर दिया। सत्ता में बैठे लोगों का मैसेज बहुत परेशान करने वाला है। पगड़ी फोटो के लिए पहनी जाती है, लेकिन जब बंद दरवाजों के पीछे फैसले लिए जाते हैं, तो सिखों की चिंताओं और मांगों को नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है।

तिलक नगर में हुआ विशाल विश्व हिंदू सम्मेलन का आयोजन

दिल्ली: गणेश नगर एवं महावीर नगर (तिलक नगर) में रविवार को एक विशाल हिंदू सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में श्रीमन जगद्गुरु स्वामी महायोगी जी महाराज की विशेष उपस्थिति रही, जिन्होंने अपने आशीर्वचनों से उपस्थित जनसमूह को सनातन मूल्यों से जुड़ने का संदेश दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत प्राध्यापिका अर्थशास्त्री डॉ. हरीश जी ने की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता महेंद्र दीवानजी थे ।  वंदेमातरम् गायन से प्रारंभ हुए कार्यक्रम में श्री सनातन धर्म मंदिर गणेश नगर की महिला भजन मंडल की ओर से राम नाम के भजनों की सुन्दर प्रस्तुति की. भजन प्रस्तुत करते हुए मंडल के दिपक धवन, इंदु गुप्ता , सोना रावत व अन्य  सदस्यों ने उपस्थितों को मंत्र मुग्ध कर दिया । जिसके उपरान्त स्थानीय समाजसेवी कर्मवीर त्यागी जी एवं उनकी टीम द्वारा ताइक्वांडो का प्रदर्शन किया । जबकि श्री हरीश पुरोहित जी और स्वयंसेवकों ने आत्मरक्षा की नियुध कला तकनीकों का प्रदर्शन कर लोगों को आत्मसुरक्षा के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर श्री राकेश सब्बरवाल जी ने “पंच परिवर्तन” विषय पर प्रेरक उद्बोधन दिया।इसी के साथ स्थानीय छात्र छात्राओं ने “पंच परिवर्तन” पर एक नुक्कड़ नाटिका भी प्रस्तुत की । इस हिंदू सम्मेलन के अंतर्गत विगत 1 फरवरी को श्री सनातन धर्म मंदिर गणेश नगर में चित्रकला सभा स्पर्धा व हनुमान चालीसा पठन स्पर्धा का आयोजन किया गया था, कार्यक्रम में इन  स्पर्धाओं के विजेताओं को प्राध्यापिका अर्थशास्त्री डॉ. हरीश जी, हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री पंकज गुप्ता जी व सचिव श्री सुमीत अलघ के हांथों सम्मानित किया गया । हनुमान चालीसा स्पर्धा के विजेताओं ने सामूहिक चालीसा पठन की प्रस्तुति दी । कार्यक्रम में दिलीप जी एवं उनकी टीम द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही।
हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति के सचिव श्री सुमीत अलघ प्रस्तावना करते हुए समाज में संस्कार, सुरक्षा और संगठन की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। समिति के अध्यक्ष श्री पंकज गुप्ता जी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सम्मेलन समाज को सांस्कृतिक रूप से जागरूक और संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मंच का संचालन श्री राकेश सब्बरवाल एवं श्री राकेश शर्मा ने किया। सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर संघचालक श्री अमर सिंह जी, स्थानीय पार्षद श्री हरीश ओबेरॉय जी तथा विश्व हिंदू परिषद के प्रांत उपाध्यक्ष सेठ राम निवास गुप्ता जी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।श्री सनातन धर्म मंदिर, गणेश नगर समिति सहित क्षेत्र की अन्य धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं ने आयोजन में सहयोग दिया और उनके सदस्य बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का समापन भारत माता की सामूहिक आरती, प्रसाद वितरण के साथ समाज में एकता, संस्कार और सनातन संस्कृति को मजबूत करने के संकल्प के साथ किया गया।

बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रेया नारायण ने क्यों कहा उसने बुलाया था

साहब,बीवी और गैंगस्टर', 'सुपरनानी', 'लाल रंग', 'रॉकस्टार' और 'कुछ करिए' जैसी कई बॉलीवुड फिल्मों में काम कर चुकी बॉलीवुड अभिनेत्री श्रेया नारायण ने हाल में अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर एक वीडियो जारी कर कहा-उसने बुलाया था।

  
इस वीडियो के आते ही कई लोगों को कौतूहल हुआ कि श्रेया को किसने और कहाँ बुलाया था। हालांकि, वीडियो के अगले ही हिस्से में साफ हो गया कि 'उसने बुलाया था' दरअसल लेखक पीयूष पांडे के क्राइम फिक्शन का नाम है, और श्रेया ने इस सनसनीखेज कहानी पर केंद्रित किताब को लेकर सनसनीखेज अंदाज में ही वीडियो पोस्ट किया। श्रेया ने इस अनूठे वीडियो को लेकर कहा, "मैं 'उसने बुलाया' था की कहानी को सबसे पहले पढ़ने वालों में हूं। ये देश की हर लड़की से जुड़ी एक बहुत जरुरी कहानी है। ये एक क्राइम फिक्शन है, लेकिन मैं इसमें लोगों की उत्सुकता पैदा करना चाहती थी, और इसलिए मैंने थोड़ा सनसनीखेज स्टाइल में वीडियो बनाया। इस उपन्यास पर फिल्म या वेबसीरिज बनने की पूरी संभावना है, और इसलिए मैं चाहती थी कि इसे पढ़ा जाए।"

‘उसने बुलाया था’ एक ऐसी युवती की कहानी है जो मनोविज्ञान (साइकोलॉजी) में शोध कर रही है और एक अप्रत्याशित घटना उसे अपराधी घोषित करते हुए अदालत की देहरी पर पहुंचा देती है, जहां रोज होने वाले खुलासे इसे देश का सबसे सनसनीखेज मामला बना देते हैं। दिलचस्प ये कि पत्रकार-लेखक पीयूष पांडे जिस वक्त इस कहानी पर काम कर रहे थे, तब श्रेया नारायण ने ही उनसे कहा कि कहानी पर फिल्म बनने की पूरी संभावना है, इसलिए पहले स्क्रीनप्ले लिखा जाना चाहिए। पीयूष पांडे कहते हैं,"मेरी कहानी पर कई दिग्गजों ने भरोसा जताया था। 'नाम शबाना' और 'द डिप्लोमेट' जैसी फिल्म के निर्देशक शिवम नायर को मैंने प्लॉट सुनाया तो उन्होंने शानदार कहा। फिर, 'चक दे' जैसी कई फिल्में लिख चुके जाने माने स्क्रिप्ट राइटर जयदीप साहनी ने पूरी कहानी सुनने के बाद शानदार कहा तो हौसला बढ़ गया। मैंने पहले स्क्रीनप्ले ही लिखा था। और संयोग से सिंगापुर फिल्म बाजार में कहानी पर फिल्म बनाने के इच्छुक निर्माता भी मिल गए लेकिन मैं उस वक्त एक बड़े न्यूज चैनल में था और तय समय पर डायलॉग समेत पूरा स्क्रीनप्ले उन्हें नहीं दे सका।

"2018 में श्रेया नारायण ने ही सिंगापुर में इस कहानी को कई निर्माताओं के बीच पिच किया था। पीयूष कहते हैं,"फिल्म जब बनेगी तब बनेगी लेकिन मैंने एक जरुरी कहानी पर उपन्यास लिख दिया है।"
'उसने बुलाया था' को पेंगुइन स्वदेश ने प्रकाशित किया है। पीयूष पांडे इससे पहले अभिनेता मनोज बाजपेयी की बायोग्राफी लिखकर चर्चा में आए थे। मनोज बाजपेयी की बायोग्राफी हिन्दी और अंग्रेजी में पेंगुइन रेंडम हाउस ने प्रकाशित की है, जबकि इसके गुजराती और मराठी संस्करण भी आ चुके हैं।

ऑपरेशन शस्त्र के तहत 61 मामले दर्ज 82 गिरफ्तार

 

दिल्ली: सोशल मीडिया पर हथियार लहराकर आपराधिक प्रवृति की ओर बढ़ते कदमों पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने चलाया  वृहद अभियान  जिसे ऑपरेशन शस्त्र नाम दिया गया है । प्रदेश भर में  चलाए गए इस अभियान के तहत 400 टोलियों का गठन किया गया जिसमें क्राइम ब्रांच स्पेशल सेल सहित विभिन्न विभागों से 2000 पुलिसकर्मी एवं अधिकारी शामिल हुए । आधिकारिक सूचना के अनुसार तकनीकी सर्विलेंस के आधारपर पर चलाये गए इस अभियान के तहत 6000 से भी अधिक सोशल मीडिया प्रोफाइल्स को खंगाला गया । कुल मिलाकर 61 मामलों के तहत 82 को गिरफ्तार किया गया जिनमें  15 नाबालिक हैं । नाबालिगों  को अभिरक्षण में भेजा गया है । इनके पास से 69 बंदूकें , 93 जिंदा कारतूस  एवं  13 चाकू बरामद हुए । 

दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा के मार्गदर्शन में पुलिस द्वारा चलाये जा रहे इस वृहद अभियान का मकसद अवैध हथियारों को रखने वालों एवं सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से विशेषकर युवाओं को अपराध करने के लिए उकसाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर नकेल कसना एवं काउंसलिंग के माध्यम से युवाओं में बदलाव लाकर सुरक्षित समाज की परिकल्पना है । हाल ही में हुई फिरौती के लिए फायरिंग के मामले में हुई तहकीकात के दौरान जानकारी मिली की मास्टरमाइंड ने सोशल मीडिया के माध्यम से जिनमें इंस्टाग्राम भी शामिल हैं इस प्रकार की क्लिपिंग के माध्यम से अपराध को अंजाम देने के लिए शामिल होने के लिए उकसाया था । प्रलोभन कुछ भी हो सकता है फ्री हथियार देने का झाँसा या पैसा देकर अपराध को अंजाम देना । इसमें दो राय नहीं कि सोशल मीडिया में इस तरह की वीडियो युवाओं को दिग्भ्रमित करती हैं । उकसाती हैं । 

सामाजिक मुद्दे पर बनी संवेदनशील फिल्म पारो-पिनाकी की प्रेम कहानी

फिल्म को देखने के उपरांत आप भी फिल्म की लीड एक्ट्रेस मेकर इशिता सिंह की इस बात के लिए एकबारगी जरूर तारीफ करेंगे कि उन्होंने अपनी अब तक की अपनी जमापूंजी को लगाकर एक ऐसे विषय पर पूर्ण सादगी और ईमानदारी के साथ फिल्म बनाई जहां बॉक्स ऑफिस के मोह और प्रॉफिट कमाने की उनकी मंशा दूर दूर तक नजर नहीं आती है।
एक बार नहीं अनेको बार हम अखबारों के अंदर के पन्नो पर पर यह खबर पढ़ते है सीवर की सफाई करते हुए या बंद सीवर को खोलने के बीच निकली उसकी बेहद जहरीली गैस से सीवरकर्मी की मौत, और हम ऐसी खबरों को अक्सर इग्नोर कर अखबार का पन्ना बदल देते है यही हाल सरकार और सत्ता से जुड़े बाबुओं का भी होता है लेकिन जाने आम आदमी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की बेटी इशिता सिंह ने इस मुद्दे को संजीदगी से लिया अपनी रिसर्च टीम के साथ इस विषय पर काम किया । इस गंभीर मुद्दे को एक बेहद सिंपल प्रेम कहानी के साथ एक ऐसी प्रेम कहानी के साथ पेश किया जो कभी अपने अंजाम तक नहीं पहुंच पाई।

मुंबई की एक स्लम बस्ती में अपने परिवार के साथ रहने वाली मरियम इशिता सिंह अपने अब्बा के साथ बाजार में सब्जी बेचती है , मरियम उर्फ पारो ( इशिता सिंह ) को पास की कालोनी में रहने वाले पिनाकी ( संजय बिश्नोई)जो सीवर की सफाई का काम करता है से ऐसा सच्चा प्यार होता है कि अपने घर से उसके लिए खाना लेकर उससे मिलने जाती है , मरियम के अब्बा को यह न मंजूर नहीं और वह अपनी बेटी को एक ऐसे मानव तस्करी करने वाले एक गिरोह को बेच देते है और मरियम अपने सच्चे प्यार से दूर घुट घुट कर जीने को मजबूर हो जाती है, अपने प्यार की तलाश मे अपना सब कुछ भूल पिनाकी इधर उधर उसकी तलाश में लग जाता है क्या उसकी तलाश कामयाब होती है और पारो उर्फ मरियम को उसका सच्चा प्यार मिल पाता है यह जानने के लिए आपको यह फिल्म देखनी होगी।
फिल्म की लीड, एक्ट्रेस इशिता सिंह ने एक भेंट में बताया मेरी इस फिल्म की कहानी सिर्फ एक लव स्टोरी नहीं, बल्कि समाज के उन तबकों की सच्चाई को दिखाने की मेरी कोशिश है, जिनकी बात शायद हम कभी नहीं करते फिल्मों में ऐसी स्टोरी की तो कोई सोच भी नहीं सकता ।एक सीवर कर्मी और सब्जी बेचने वालों की असली जिंदगी को पर्दे पर लाने की कोशिश हमने की है. इशिता ने अपने किरदार को बिना मेकअप किए पूरी ईमानदारी से निभाया है  पीनारो के किरदार में संजय बिश्नोई बेशक कुछ दृश्यों में कमजोर रहे लेकिन अपने किरदार के साथ उन्होंने  पूरी ईमानदारी बरती है लेखक और निर्देशक रुद्र जादौन की इस बात के लिए तारीफ होनी चाहिए कि उन्होंने सीमित बजट में कहानी की डिमांड के अनुसार पूरी फिल्म को आउटडोर लोकेशन में शूट किया हैं, फिल्म में एक बेहद गंभीर मुद्दा उठाया गया है यही वजह हम फिल्म की खामियों को नजर अंदाज करते है। अगर आप सच के साथ जुड़ी फिल्में पसंद करते है तो फिल्म आपके लिए है । फ़िल्म के मुख्य किरदार हैं  इशिता सिंह, संजय बिस्नोई, हनुमान सोनी, धन्नजय सरदेश पांडे ,निर्माता:  इशिता सिंह, उत्कर्ष सिंह, संजय बिस्नोई, प्रताप जादौन एवं समर सिंह। निर्देशन रुद्र जादोन एवं संगीत है ब्रिटो का । 

दिल्ली में 700-800 लोगों के लापता होने के मामले नोटिफाई

दिल्ली: सैकड़ों लोग लापता होना सामान्य बात नहीं । 700–800 मामलों की जानकारी सामने आ चुकी है। बुराड़ी विधानसभा सहित कई इलाकों से लगातार खबरें आ रही हैं । इनमें ज्यादातर बच्चियाँ और छोटे बच्चे गायब हैं।आम आदमी पार्टी से बुराड़ी क्षेत्र के विधायक संजीव झा ने आशंका जताई कि यह ह्यूमन ट्रैफिकिंग है  या फिर दिल्ली में कोई संगठित अपराध चल रहा है । उनका कहना है कि पहले थाना कमेटी थी और पुलिस की निगरानी होती थी । आज ना तो निगरानी है और ना ही जवाबदेही ।

दिल्ली देश की राजधानी है । यहाँ पर गृह मंत्री हैं मुख्यमंत्री हैं । डबल इंजन सरकार होने के बावजूद भी अपराध क्यूँ बढ़ रहे हैं । बुराड़ी के विधायक ने निशाना साधते हुए कहा पुलिस निष्क्रिय है एवं सरकार खामोश है । दिल्ली को भगवान के भरोसे छोड़ दिया गया है ।

कूड़े से निकली इनरट मिट्टी को कहीं कहीं ज़मीन के भराव के लिए जा रहा है डाला

दिल्ली: आज भलस्वा लैंडफिल साइट् पर आम आदमी पार्टी के द्वारा की गई नौटंकी कोई जनहित में किया प्रदर्शन नही बल्कि "आप" नेताओं की मक्कारी भरी राजनीतिक नौटंकी बताते हुए प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि  दिल्ली के महापौर, निगमायुक्त एवं अन्य अधिकारी लगातार बता चुके हैं की भलस्वा लैंडफिल साइट् से ले जाकर कोई कूड़ा किराड़ी या दिल्ली के किसी भी अन्य क्षेत्र में नही डाला जा रहा पर यह खेदपूर्ण है की आम आदमी पार्टी नेता लगातार झूठी ब्यानबाज़ी करके दिल्ली देहात के लोगों के बीच भ्रम फैलाने में लगे हैं ।

यह दुखद है कि सम्बंधित अधिकारियों के बार बार यह बताने की कोई कूड़ा नही बल्कि कूड़े से निकली "इनरट मिट्टी"  को कहीं कहीं जमीन भराव के लिए डाला गया है "आप" के निगम पार्षदों ने आज भलस्वा लैंडफिल साइट् पर धूर्ततापूर्ण प्रदर्शन किया।

दिल्ली देहात में डाला जा रहा है भलस्वा लेंडफिल साइट का कचरा

दिल्ली: भलस्वा लैंडफिल साइट का कूड़ा दिल्ली देहात में डलवा रही भाजपा सरकार के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग के नेतृत्व में ‘‘आप’’ पार्षदों ने भलस्वा लैंडफिल साइट पर जाकर भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। एमसीडी भलस्वा का कूड़ा हज़ारों ट्रकों में भरकर दिल्ली देहात के भलस्वा, किराड़ी, रामा विहार, मुंडका, स्वरूप नगर के गांवों में डाल रही है। इससे इलाके में पानी जमा हो रहा है और लोग बीमार हो रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि सीएम रेखा गुप्ता बेकसूर लोगों की जिंदगी बर्बाद न करें। अगर दिल्ली को कूड़ा मुक्त नहीं कर सकती हैं तो इस्तीफा दे दें। इस अवसर पर एमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार व प्रीति डोंगरा समेत पार्टी के निगम पार्षद और कार्यकर्ता मौजूद  थे । भाजपा की चार इंजन वाली सरकार है और चारों के चारों इंजन फेल हैं। भलस्वा का कूड़े का पहाड़ कहीं से भी कम होता नहीं दिख रहा है। ‘‘आप’’ सरकार के समय यह पहाड़ एक तरफ से खत्म हो गया था, लेकिन अब यह फिर से बढ़ता दिख रहा है। उन्होंने कहा कि भलस्वा से कूड़े के पहाड़ को हटाकर किराड़ी और मुंडका ले जाया जा रहा है। वहां कूड़े के कारण बच्चों और लोगों की मौत हो रही है, पानी जमा हो रहा है और लोगों को मिलने वाली सुविधाएं खत्म हो चुकी हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनके मंत्री कहते थे कि कूड़े के पहाड़ को जाना पड़ेगा, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि कूड़े के पहाड़ को किराड़ी, मुंडका या दिल्ली के किसी और कोने में जाना होगा। जब से एमसीडी और दिल्ली सरकार में भाजपा आई है, पूरी दिल्ली को गंदा कर दिया है। मजलिस पार्क और निरंकारी ग्राउंड में कूड़ा पड़ा है। किराड़ी और मुंडका में कूड़े के ढेर लगे हैं और वहां के फ्लाईओवर के पास नई लैंडफिल साइट बन रही हैं। आम आदमी पार्टी गांव-देहात, किराड़ी और मुंडका में कूड़ा डालने का विरोध करती है और भलस्वा साइट को खत्म करने की मांग करती है। जितनी तेजी से अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में इस पहाड़ को खत्म किया जा रहा था, अब भाजपा की सरकार में वैसा नहीं हो रहा है। दिल्ली के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि जिसकी एमसीडी है, उसी की दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार है। तीनों सरकारें भाजपा की हैं, फिर भी भाजपा काम नहीं कर पा रही है। इससे साफ है कि भाजपा की नीयत में खोट है। वे सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। कूड़े को दिल्ली के अलग-अलग कोनों में भेजकर सीएम रेखा गुप्ता लोगों की जिंदगी बर्बाद कर रही हैं। बदबू के कारण लोगों का यहां रहना दूभर हो गया है और घरों के अंदर तक कूड़ा पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री लोगों का दर्द नहीं समझ सकती हैं तो कुर्सी छोड़ दें। रेखा गुप्ता को इस्तीफा दे देना चाहिए। भाजपा सरकार ने एक कूड़ा नीति निकाली है, जिसके तहत किराड़ी और मुंडका को कूड़े से भरा जा रहा है  । इस बार एक्यूआई 700 के पार चला गया। हमें नहीं पता था कि भाजपा ने जो ‘400 पार’ का नारा दिया था, वह लोकसभा सीटों के लिए नहीं, प्रदूषण के एक्यूआई के लिए था। मुख्यमंत्री को शर्म आनी चाहिए कि उन्हें यह नहीं पता कि मुंडका और किराड़ी में कूड़ा फेंका जा रहा है। मुंडका से उनका अपना विधायक है। गजेंद्र दलाल पहले पार्षद थे और अब विधायक बने हैं, इसके बावजूद वहां कूड़ा फेंका जा रहा है, जो बेहद शर्मनाक है।
उधर, एमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि कूड़े के पहाड़ एमसीडी में भाजपा के 20 साल के शासन का परिणाम है। भाजपा 20 साल से एमसीडी चला रही हैं और कूड़े के पहाड़ को साफ करने का दावा कर रही हैं, फिर भी नाकाम हैं। हैरत की बात यह है कि यहां का कूड़ा किराड़ी, बुराड़ी, रामा विहार और शर्मा कॉलोनी जैसी जगहों पर डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेयर झूठा दावा कर रहे हैं कि बायोमाइनिंग और रिफाइन करके कूड़ा डाला जा रहा है। असल में दिल्ली देहात में भलस्वा का कूड़ा ट्रकों में भरकर डाला जा रहा है।  उन्होंने कूड़ा दिखाते हुए कहा कि यह बायोमाइनिंग वाला कूड़ा नहीं है, इसमें पॉलिथीन और कट्टे साफ दिखाई दे रहे हैं। ऐसा सामान सीधे लोगों की कॉलोनियों और घरों के पास निस्तारित किया जा रहा है। क्या पॉलिथीन से कैंसर नहीं होगा? उन्होंने चिंता जताई कि जब लोगों के घरों और कॉलोनियों में ऐसा कूड़ा डाला जा रहा है, तो वहां के भूजल और लोगों की सांसों का क्या होगा?  भाजपा अपनी नाकामी छिपाने के लिए यहां का कूड़ा दिल्ली के बाहरी देहात, गांवों और खेतों में डाल रही है। यह गांव और दिल्ली देहात के लोगों को परेशान करने वाला कदम है। आम आदमी पार्टी इसका पूरी तरह विरोध करती है और इस रवैये को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। अगर कूड़े के पहाड़ को 

बजट नहीं आंकड़ों का ऐसा जादूगरखाना जहां सच गायब

दिल्ली: स्थाई कमेटी की अध्यक्ष द्वारा पेश  एमसीडी बजट को दिल्ली की जनता के साथ धोखा एवं कागजी बताते हुए एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने साधा निशाना कहा कि बजट में वायु प्रदूषण, सफाई, कूड़ा प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बच्चों व स्वच्छता कर्मियों के लिए न कोई विज़न और न ठोस कोई ठोस कार्य योजना है। उन्होंने कहा कि एमसीडी की डिस्पेंसरियों पर आरोग्य मंदिर का बोर्ड लगा भाजपा वाहवाही लूट रही है। एमसीडी के अस्पताल भी बदहाल हैं। कच्चे सफाई कर्मचारियों को पक्का करने का दावा भी जुमला निकल गया। बजट में एमटीएस कर्मचारियों के लिए फूटी कौड़ी नहीं दिया गया है।

एमसीडी सदन में बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह बजट नहीं, बल्कि आंकड़ों का ऐसा जादूगरखाना है, जहां सच गायब है और केवल भ्रम दिखाया जा रहा है। जिसे भाजपा दूरदर्शिता और प्रशासनिक सुधार बता रही है, वह असल में डर का प्रोजेक्ट था। उन्होंने पूछा कि अगर यह इतना जरूरी था, तो 2017 या 2012 में जब भाजपा आराम से जीत रही थी, तब यह फैसला क्यों नहीं लिया गया? कभी परिसीमन तो कभी नोटिफिकेशन के नाम पर नगर निगम चुनाव नहीं टाले गए, बल्कि जनता का हक टाला गया और यह सब देश के गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर हुआ। 2022 की हार के बाद वार्ड कमेटी के चुनाव में डीसी को सभापति बनाया गया और चेयरमैन बनने के बाद भी डिप्टी चेयरमैन का चुनाव डीसी से कराया गया। पार्षदों को सिर्फ शपथ लेने का शो-पीस बना दिया गया है। मेयर की कुर्सी का अपमान तब हुआ जब अतिरिक्त आयुक्त को मेयर की कुर्सी पर बैठाकर स्टैंडिंग कमेटी सदस्य का चुनाव कराया गया। 

 
जून 2025 में पीतमपुरा के एमसीडी कम्युनिटी सेंटर के स्विमिंग पूल में 6 साल के बच्चे तक्श राठी की डूबकर हुई मौत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे बजट में लाइफ गार्ड, सीसीटीवी, इमरजेंसी सिस्टम और सेफ्टी ऑडिट के लिए कोई फंड या समर्पित प्रावधान नहीं है, लेकिन इवेंट, बैनर, फोटो और प्रचार के लिए पैसा है। बच्चे डूब जाएं, पर भाजपा के पोस्टर सूखे नहीं रहने चाहिए, यही इनका बजट मॉडल है। हर एमसीडी स्विमिंग पूल में प्रशिक्षित लाइफगार्ड, सीसीटीवी कैमरे, इमरजेंसी रेस्क्यू सिस्टम और नियमित सेफ्टी ऑडिट के लिए सदन से ही अभी डेडिकेटेड बजट आवंटित किया जाए।  आरबीई 2025-26 में 1,48,393 लाख रुपये के मुकाबले बीई 2026-27 में 85,847 लाख रुपये का प्रावधान है, जो 42 फीसद की गिरावट है। यह पैसा कहां गया और किस मद में खर्च हुआ, इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। आय बढ़ी है, लेकिन यह प्रॉपर्टी टैक्स, पेनल्टी और छोटे व्यापारियों पर बोझ डालकर बढ़ाई गई है, जबकि एलटीईआर के तहत सरकारी विभागों से 12,000 करोड़ रुपये आज भी बकाया हैं।
 
स्थायी समिति अध्यक्षा के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि 2018 में भाजपा शासित एमसीडी और एलजी के नोटिफिकेशन के जरिए जनता पर यूजर चार्ज थोपा गया था। आम आदमी पार्टी ने सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष किया, तब जाकर यह चार्ज हटा। सरकार का असली चेहरा देखना हो तो कर्मचारियों के साथ उसका व्यवहार देखना चाहिए। एमटीएस, सफाई कर्मचारी, डॉक्टर और नर्सों के 33 दिन के आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सर्दी, बारिश और धूप में दिवाली सड़कों पर मनाने वाले कर्मचारियों की मांग 'समान काम-समान वेतन' और नियमितीकरण थी, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला। बजट में इवेंट और प्रचार के लिए पैसा है, लेकिन एमटीएस के लिए 42 करोड़ और अन्य विभागों के एमटीएस के नियमितीकरण के लिए 40 करोड़ रुपये नहीं हैं। भाजपा द्वारा 1336 कर्मचारियों को नियमित करने की बात झूठ है क्योंकि न उन्हें वेतनमान मिला, न पेंशन और न ही सेवा सुरक्षा मिली।
 
आज निगम का स्वास्थ्य विभाग सबसे ज्यादा ब्रांडिंग और सबसे कम इलाज वाला विभाग बन चुका है। आरोग्य मंदिर के नाम पर रंग-रोगन की राजनीति हो रही है। 14 जनवरी को 62 डिस्पेंसरियों पर सिर्फ बोर्ड बदलकर 'आरोग्य मंदिर' लिख दिया गया, लेकिन स्टाफ, दवाइयां और बजट वही पुराना है। भाजपा भविष्य में भी डिस्पेंसरियों पर नाम चस्पा कर अपनी पीठ थपथपाएगी। 500 डॉक्टर और 1500 नर्सों के पद खाली हैं, फिर भी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बताया जा रहा है। रेफरल मॉडल के तहत गरीब को घुमाया जा रहा है और प्राइवेट अस्पतालों को जनता की जेब से भुगतान हो रहा है। भाजपा 'गाय हमारी माता है' का नारा लगाती है, लेकिन सच्चाई यह है कि दूध देना बंद करने पर गायों को सड़कों पर छोड़ दिया जाता है, जिससे हादसे होते हैं और जानें जाती हैं। यह सब निगम प्रशासन और भाजपा शासन की मिलीभगत से चल रही अवैध डेयरियों के कारण हो रहा है। वहीं, दिल्ली की पहचान अब लाल किले या इंडिया गेट से नहीं, बल्कि गाजीपुर, भलस्वा और ओखला के लैंडफिल पहाड़ों से हो रही है। ये तीन पहाड़ तीन प्रशासनिक असफलताएं हैं। 
 
भाजपा के 3 करोड़ पौधे लगाने के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए अंकुश नारंग ने पूछा कि उनमें से कितने जिंदा हैं और कितनों की देखरेख हुई? सच्चाई यह है कि 30-40 फीसद माली के पद खाली हैं और एक माली पर 3-4 पार्कों की जिम्मेदारी है। भाजपा पार्क व्यवस्था में फेल हो चुकी है, इसलिए पार्कों को फिर से पीपीपी मॉडल पर आरडब्ल्यूए को सौंपा जाना चाहिए। शिक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भाजपा को पोस्टर लगाने की जल्दी होती है, शिक्षक रखने की नहीं। “आप” सरकार के बनाए स्कूलों पर भाजपा के बैनर लगाए जा रहे हैं। डीबीटी, किताबें, यूनिफॉर्म और स्कूल अपग्रेडेशन जैसी पुरानी योजनाओं पर सिर्फ नाम और फोटो बदला गया है। 30 फीसद स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली हैं और कई विषय अतिथि शिक्षकों के भरोसे हैं। स्कूलों की इमारतें जर्जर हैं, छतें टपक रही हैं, बिजली-पानी नहीं है, लेकिन स्मार्ट बोर्ड का उद्घाटन किया जा रहा है।  दिल्ली गड्ढों का शहर बन गई है। हर मानसून में सड़कें गायब हो जाती हैं और नाले उफनते हैं, लेकिन फाइलों में सब ठीक है। मेंटेनेंस के बजाय सिर्फ उद्घाटन हो रहा है, ठेकेदार बदले जा रहे हैं और भुगतान अटका हुआ है। मल्टी-लेवल कार पार्किंग पर करोड़ों खर्च होने के बाद भी उपयोग सिर्फ 20-30 फीसद है। ईवी और सोलर क्रांति कागजी है, चार्जिंग स्टेशन बंद हैं और सोलर लाइटों की बैटरियां खराब हैं, यह 'ग्रीन बजट' नहीं बल्कि 'ग्रीन-वॉशिंग' है।
 
उनका मानना है कि यह बजट लोकतंत्र विरोधी राजनीति पर खड़ा है, कर्मचारी विरोधी है और जमीनी सच्चाई से कटा हुआ है। यह बजट प्रशासन चलाने का नहीं, बल्कि राजनीति बचाने का दस्तावेज है। यह सदन गवाह है कि दिल्ली ने देखा है कि काम कैसे होता है और झूठ कैसे बोला जाता है। आम आदमी पार्टी इस झूठ को हर गली, हर वार्ड और हर मंच पर उजागर करेगी, इसलिए यह बजट खारिज करने योग्य है।

केन्द्रीय बजट में प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवंटित बजट में 209 करोड़ की कटौती

दिल्ली: केंद्रीय बजट में प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवंटित बजट में 209 करोड़ की कटौती भाजपा की मोदी सरकार की प्रदूषण नियंत्रण पर गंभीरता को दर्शाता है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस  कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने साधा निशाना कहा कि राजधानी दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण पर पहले से नाकाम रेखा गुप्ता सरकार के बाद अब केन्द्र सरकार भी नही चाहती कि खतरनाक दमघोटू प्रदूषण से दिल्लीवासियों को राहत पहुॅचे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष प्रदूषण नियंत्रण पर देश भर के लिए आवंटित 1300 करोड़ को घटाकर इस वर्ष 1091 करोड़ करना भाजपा सरकार की प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि जहरीली हवा से ग्रस्त राजधानी के प्रदूषण नियंत्रण के लिए सीएक्यूएम को 35.26 करोड़ आवंटित करना नाकाफी राशि है, जबकि दिल्ली विश्व के प्रदूषित शहरों में नम्बर वन है। भारी बारिश और तेज हवा चलने के बावजूद राजधानी में पूरे जनवरी में एक भी दिन 100 एक्यूआई से नीचे नही रहने से दिल्ली की आवो हवा का पता चलता है। केन्द्र सरकार द्वारा प्रदूषण नियंत्रण पर बजट में कटौती पर दिल्ली की मुख्यमंत्री की चुप्पी उनके दिल्ली वालों के साथ विश्वासघात को दर्शाता है क्योंकि विधानसभा चुनाव में भाजपा ने प्रदूषण को जड़ से खत्म करने का दावा किया था। अब वादे के उलट दिल्ली की हवा पिछले एक वर्ष मंे हर दिन अधिक जहरीली होकर राजधानी गैस चैंबर बन चुकी है।
देश सहित दिल्ली में वायु प्रदूषण के कारण हर वर्ष लाखों लोगों की मौत होने के बावजूद सरकार प्रदूषण नियंत्रण पर चिंतित नही है। प्रदूषण नियंत्रण के बजट में कटौती से सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बढ़ सकता है क्योंकि प्रदूषण के मुख्य स्रोतों को नियंत्रित करना सरकार की प्राथमिकताओं कभी नही रहा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत देश के 82 प्रदूषित शहरों में हवा की गुणवत्ता सुधारने के प्रयासों पर बटज कटौती से बुरा असर पड़ेगा। रेखा सरकार ने दिल्ली में अभी तक प्रदूषण नियंत्रण पर कोई ठोस कार्यवाही नही की, सिर्फ पिछली आम आदमी पार्टी की प्रदूषण नियंत्रण की कार्यवाहियों का अनुसरण ही किया है।
प्रदेश कमेटी के  अध्यक्ष ने कहा कि केन्द्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड और संसदीय पैनल द्वारा दिल्ली एनसीआर व अन्य गंभीर प्रदूषण से जूझ रहे शहरों के प्रदूषण नियंत्रण पर बजट खर्च नही किए जाने पर चिंता जताने की जगह एक योजना तैयार करके लोगों को प्रदूषण से निजात दिलाने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण पर बजट में कटौती का एक बड़ा कारण है कि फंड का उपयोग न होना। केन्द्रीय बजट में वर्ष 2024-25 में  प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवंटित 858 करोड़ रुपये से 31 जनवरी 2025 तक एक प्रतिशत से भी कम 7.22 करोड़ खर्च करना केन्द्र सरकार की प्रशासनिक गैर जिम्मेदारी को दर्शाता है।

केंद्रीय बजट 2026: एमएसएमई-और स्वदेशी पर आधारित वैश्विक प्रतिस्पर्धा का रोडमैप

केंद्रीय बजट 2026 को उच्च आकांक्षाओं और दूरदर्शी सोच वाला दस्तावेज बताते हुए चांदनी चौक से सांसद एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश के घरेलू संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से भारत को एक वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने के संकल्प को मजबूत करता है। पहली बार है जब एमएसएमई क्षेत्र को बजट के केंद्र में रखा गया है। उन्होंने बजट को विकसित भारत @2047 के लिए एक साहसिक, विकासोन्मुख और व्यापार-अनुकूल रोडमैप बताया, जो आत्मनिर्भर, मजबूत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारत के प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प के अनुरूप है।

 
उन्होंने सरकार द्वारा एमएसएमई को ‘विकास के चैंपियन’ के रूप में मान्यता दिए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि छोटे व्यवसाय और व्यापारी अब भारत की विकास रणनीति के केंद्र में हैं। बजट प्रधानमंत्री मोदी के ‘स्वदेशी’ आह्वान को मजबूत करते हुए देश में निर्माण, मूल्य संवर्धन और भारतीय उत्पादों की ब्रांडिंग को बढ़ावा देता है, साथ ही निर्यात की संभावनाओं को भी मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि स्वदेशी और वैश्विक बाजारों के बीच यह तालमेल भारतीय उत्पादों को नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा के साथ पहुंचने में मदद करेगा। ₹10,000 करोड़ के एसएमई ग्रोथ फंड की घोषणा का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि इससे सरकार की यह मंशा साफ झलकती है कि वह एमएसएमई को देश की दीर्घकालिक विकास और निर्यात योजनाओं से जोड़ना चाहती है।उन्होंने कहा कि यह योजना तीन मजबूत आधारों—इक्विटी सहयोग, बेहतर तरलता और पेशेवर मार्गदर्शन पर आधारित है, जो एमएसएमई को आगे बढ़ने में पूरी मदद करेगी।
इक्विटी सहयोग, कर्ज के विपरीत, उद्यमों को बिना तत्काल किस्तों के दबाव के तकनीक में निवेश, उत्पादन विस्तार और निर्यात बाजार तलाशने का अवसर देता है।“यह एमएसएमई को केवल नकदी सहायता से आगे बढ़ाकर दीर्घकालिक क्षमताओं से सशक्त करने की दिशा में बड़ा बदलाव है,” उन्होंने कहा। जब वैश्विक मांग अस्थिर है और वित्तीय लागत अधिक है, तब ऐसे कदम एमएसएमई के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। ₹2,000 करोड़ की आत्मनिर्भर भारत फंड में अतिरिक्त राशि से तेजी से बढ़ने वाले एमएसएमई बिना बैलेंस शीट दबाव के विस्तार कर सकेंगे।
एमएसएमई के लिए पूंजी प्रवाह को तेज करने वाले सुधार को रेखांकित करते हुए 
 उन्होंने पूंजी प्रवाह को तेज करने के लिए किए गए कई सुधारों का स्वागत किया, जिनमें शामिल हैं सीपीएसई द्वारा एमएसएमई से खरीद के लिए TReDS को अनिवार्य करना, इनवॉइस डिस्काउंटिंग के लिए क्रेडिट गारंटी, GeM को TReDS से जोड़ना, TReDS के रिसीवेबल्स का सेक्यूरिटाइजेशन। इन  उपायों से एमएसएमई को सस्ती, तेज और भरोसेमंद कार्यशील पूंजी उपलब्ध होगी। कॉरपोरेट मित्र योजना पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना अनुपालन को आसान बनाकर व्यापारिक माहौल में बड़ा बदलाव लाएगी।इसके तहत पेशेवर संस्थान छोटे-छोटे प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करेंगे, जिनसे टियर-2 और टियर-3 शहरों में प्रमाणित ‘कॉरपोरेट मित्र’ तैयार होंगे।ये प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स एमएसएमई को कम लागत पर अनुपालन संबंधी सहायता देंगे, जिससे छोटे व्यवसायों का समय और खर्च दोनों कम होगा।
 
एमएसएमई के लिए मजबूत वित्तीय समर्थन हेतु बजट प्रस्तावों को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने एमएसएमई के लिए बढ़ाए गए बजटीय प्रावधानों का स्वागत किया, जिनमें GECL – ₹9,000 करोड़,फंड ऑफ फंड्स – ₹1,900 करोड़,
RAMP – ₹1,500 करोड़,पीएम विश्वकर्मा – ₹3,861 करोड़, तथा आत्मनिर्भर भारत फंड – ₹4,000 करोड़ के ज़रिए प्रचुर मात्रा में वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी।उन्होंने कहा कि इससे व्यापार वित्त श्रृंखला को मजबूती मिलेगी और एमएसएमई को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी में कटौती और युक्तिकरण की सराहना करते हुए कहा कि इससे उत्पादन लागत घटेगी, भारतीय उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। 5,98,520 करोड़ का लॉजिस्टिक क्षेत्र में आवंटन माल ढुलाई को तेज, सस्ता और प्रभावी बनाएगा। इसमें हरित माल गलियारे, तेज क्लीयरेंस और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े लॉजिस्टिक्स पर विशेष जोर है। साथ ही ₹10,000 करोड़ की कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग योजना से घरेलू उत्पादन बढ़ेगा, आयात पर निर्भरता घटेगी और रेल, सड़क व जलमार्ग से माल ढुलाई सुगम होगी।उन्होंने कहा, “लॉजिस्टिक्स प्रतिस्पर्धा की छिपी हुई ताकत है। ये सुधार भारतीय सप्लाई चेन को तेज, सस्ता और प्रभावी बनाएंगे।”
केंद्रीय बजट 2026 एक निर्णायक, सुधारोन्मुख और भविष्य के लिए तैयार दस्तावेज है, जो घरेलू व्यापार को मजबूत करता है, एमएसएमई को सशक्त बनाता है और भारत को वैश्विक निर्माण व व्यापार का भरोसेमंद केंद्र बनाता है—यह सब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वदेशी’ विज़न को आगे बढ़ाते हुए, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने 1 मई से 4 मई, 2026 तक भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में “भारतीय व्यापार महोत्सव” के आयोजन की घोषणा की है । इस महोत्सव का उद्देश्य भारतीय व्यापार और उद्योग, विशेषकर एमएसएमई क्षेत्र की ताकत को प्रदर्शित करना है। देशभर से 2,000 से अधिक एमएसएमई इस आयोजन में भाग लेंगे और अपने ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे।

 

यदि आप रानी मुखर्जी के फैन तो मर्दानी 3 मिस नहीं करे

दिल्ली: बॉक्स ऑफिस पर पर इस फिल्म से पहले आई इस सीरीज की पिछली दोनों फिल्में हिट साबित हुई और इन्हीं दोनों फिल्मों को टिकट खिड़की पर मिली जबरदस्त कामयाबी के साथ साथ क्रिटिक्स से मिली तारीफों ने बैनर और फिल्म की लीड एक्ट्रेस रानी को सीरीज की तीसरी फिल्म बनाने को प्रेरित किया। पिछले दिनों दिल्ली आई रानी ने एक सवाल के जवाब में बताया था मुझे ऐसे प्रोजेक्ट पर काम करना कुछ ज्यादा ही पसंद रहा है तभी तो लंबे अरसे के बाद मैने अपनी टीम के साथ इस प्रोजेक्ट पर काम करने का फैसला किया। इन दिनों जब तीन से साढ़े तीन घंटे की फिल्में रिकॉर्ड बिजनेस कर रही है ऐसे में करीब दो घंटे की इस फिल्म को हर और से तारीफे मिल रही है तो इसकी एक वजह  स्टार्ट टू लास्ट फिल्म की ऐसी कहानी है जो आपको पर्दे के साथ बांध सा देती है। रानी को साधुवाद कि उन्होंने  ऐसे सब्जेक्ट पर फिल्म बनाई जिसे टिकट खिड़की के मापदंड पर कमजोर माना जाता है लेकिन यह फिल्म एक इसी परफेक्ट फिल्म है जो स्टार्ट टू लास्ट आप को फिल्म के हर किरदार के साथ भी बांधती है ।

मेरी नजर  रानी में रानी की इस फ्रैंचाइजी की स्टोरी दोनों फिल्मों से कुछ हद तक अलग और नया पन लिए हुए है पिछली दोनों फिल्मों से कुछ हट कर बनी  यह फिल्म छोटी बच्चियों पर हो रहे अपराध, उनकी सुरक्षा के साथ पुलिस की एक साफ बेदाग इमेज भी सामने रखती है वरना हिंदी फिल्मों में तो पुलिस को विलेन बना कर पेश किया जाता है ।  डायरेक्टर ने फिल्म की शुरुआत से ही फिल्म का माहौल गंभीर रखा है ऐसे सब्जेक्ट पर बनने वाली फिल्म के लिए यह जरूरी भी है ।

एन आई ए की टीम की अधिकारी शिवानी (रानी  मुखर्जी) को एक हाई-प्रोफाइल किडनैपिंग केस दिया जाता है। एक उच्च अधिकारी की बेटी और  घर की नौकरानी की भी बेटी अचानक गायब हो जाती हैं। यह केस शिवानी को जल्द से जल्द सुलझाना इस लिए भी जरूरी है इस समय अलग अलग इलाकों से करीब आठ से तेरह साल की नब्बे से ज्यादा लड़कियां भी गायब हो चुकी लापता हैं। शिवानी को केस की जांच के दौरान पता चलता है इसके पीछे एक संगठित मानव तस्करी गिरोह भी शामिल है हाथ है। एक के बाद एक इन बड़े खुलासों के बाद शिवानी अपनी जांच का दायरा बढ़ाती है और फिल्म की कहानी एक ऐसे मोड पर आ जाती है जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की  थी, इंटरवल के बाद फिल्म की रफ़्तार इस कदर तेज है कि आपका ध्यान स्क्रीन से एक पल भी अगर  हटता है तो आप बहुत कुछ मिस कर जाते है ।
पिछली दोनों फिल्मों की तरह यह फिल्म भी रानी के आसपास ही घूमती है लेकिन इस बार रानी का किरदार पिछली दोनों फिल्मों से ज्यादा व्यापक है यही वजह है कि रानी ने फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले करीब बीस दिन एक वर्कशॉप अटेंड की। रानी के फेस एक्सप्रेशन हर पल बदलता है चाहे वो केस की जांच का तनाव हो या कुछ और खासकर , गुस्से वाले दृश्यों में रानी की स्थिति और हर दृश्य में  रानी का अपने किरदार पर कंट्रोल और स्क्रीन-प्रेजेंस गजब है। रानी ने एक पुलिस ऑफिसर की थकान, उसके अंदर छिपी मानवीय भावनाएं इन सभी को बेहतरीन ढंग से पेश किया है।
मल्लिका प्रसाद (अम्मा): इस फिल्म में मल्लिका प्रसाद ने विलेन अम्मा के किरदार को पूरे शिद्दत से निभाया है। मल्लिका ने फिल्म में अपने हर दृश्य को बहुत प्रभावी ढंग  पेश किया है। फिल्म में उसकी मौजूदगी इस कदर जानदार है कि रानी और मल्लिका के बीच के दृश्य फिल्म को और जानदार बनाते है।
  शैतान वश आदि फिल्मों के बाद इस फिल्म में जानकी बोड़ीवाला अहम रोल में हैं। जानकी फिल्म में शिवानी की टीम का हिस्सा होती हैं और अपने हर सीन में पूरी तरह फिट दिखती हैं।
 फिल्म के अन्य कलाकारो ने भी अपने अपने किरदार को अच्छे ढंग से निभाया है। निर्देशक अभिराज मीनावाला की फिल्म पर अच्छी पकड़ है उन्होंने कहानी को भटकने नहीं दिया और फिल्म की रफ्तार ठीक  है  कहानी को उन्होंने ट्रैक पर रखा है।
इंटरवल से पहले फिल्म की रफ़्तार कुछ धीमी है लेकिन फिल्म का क्लाइमेक्स चौंकाने वाला हैं। अगर आप रानी मुखर्जी के फैन है और सच्चाई से सामना कराती फिल्में  पसंद करते हैं तो 'मर्दानी 3' मिस नहीं करे।
कलाकार: रानी मुखर्जी, जानकी बोड़ीवाला, मल्लिका प्रसाद आदि निर्माता:  आदित्य चोपड़ा, निर्देशक: अभि राज मीनावाला, सेंसर:  यू ए, अवधि:  126 मिनट एवं फ़िल्म को रेटिंग 4 स्टार ।

मनरेगा खत्म करने के विरोध में प्रदर्शन के लिए निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को किया डिटेन

दिल्ली: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव की अध्यक्षता में आज हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर मनरेगा रोजगार योजना को मोदी सरकार द्वारा खत्म करने के विरोध में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी, 24 अकबर रोड़ से गांधी स्मृति तीस जनवरी मार्ग तक शांति मार्च निकालने के लिए एकत्रित हुए। प्रदेश अध्यक्ष कहना है कि काँग्रेस पार्टी ने मनरेगा को भारत में ग्रामीणों को रोजगार देने की गारंटी के लिए लागू किया था, ताकि भारत का हर गरीब नागरिक आर्थिक रुप से मजबूत बन सके। मोदी सरकार ने मनरेगा को खत्म करने के खिलाफ आज दिल्ली कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता यहां महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धाजंलि देने के लिए उपस्थित हुए है क्योंकि महात्मा गांधी ने करोड़ो ग्रामीणों की उनके अधिकारों के लिए अहिंसा पूर्वक एक लंबी लड़ाई लड़ी थी, जिसके कारण ग्रामीणों को 365 दिनों में तय दिनों का रोजगार सुनिश्चित करने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को लागू किया था।
 कार्यकर्ताओं को पार्टी के अकबर रोड स्थित कार्यालय से बाहर निकलते ही पुलिस ने गांधी स्मृति, तीस जनवरी मार्ग जाने से रोक दिया और आगे बढ़ने पर पुलिस ने श्री देवेन्द्र यादव सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर कापसहेड़ा पुलिस स्टेशन ले गई, जहां बाद में सभी को छोड़ दिया। आक्रोषित कांग्रेस कार्यकर्ता मनरेगा चोर गद्दी छोड़, मोदी सरकार हाय हाय, मनरेगा वापस लाओ, महात्मा गांधी अमर रहे आदि नारे लगा रहे थे। शांति मार्च में कांग्रेस कोषाध्यक्ष अजय  माकन, कांग्रेस महासचिव  जयराम रमेश, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष  देवेन्द्र यादव, अ0भा0क0कमेटी के दिल्ली प्रभारी काजी निज़ामुद्दीन, मीडिया और प्रचार कमेटी के चेयरमैंन पवन खेड़ा, एससी विभाग के अध्यक्ष राजिंदर पाल गौतम, पूर्व सैनिक कर्नल रोहित चौधरी, वरुण चौधरी, अ0भा0क0कमेटी सचिव अभिषेक दत्त, दिल्ली कांग्रेस प्रशासनिक प्रभारी जतिन शर्मा, दिल्ली कांग्रेस कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन एवं पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. योगानंद शास्त्री, डॉ. नरेंद्र नाथ, प्रो. किरण वालिया, पूर्व विधायक भीष्म शर्मा, विजय लोचव, सुरेंद्र कुमार, कुंवर करण सिंह, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पा सिंह, युवा कांग्रेस अध्यक्ष अक्षय लाकरा, सेवादल के मुख्य संगठक सुनील कुमार, पूर्व उपाध्यक्ष मुदित अग्रवाल, लोकसभा एवं जिला आर्ब्जवर जितेंद्र कुमार कोचर, सीपी मित्तल, जगजीवन शर्मा, तसवीर सोलंकी, एडवोकेट सुनील कुमार, लक्ष्मण रावत, डॉ. पी.के. मिश्रा, पूर्व उपमेयर परवीन राणा, जिला अध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा, मोहम्मद उस्मान, इंद्रजीत सिंह, सिद्धार्थ राव, राजकुमार जैन, धर्मपाल चंदेला, हर्ष चौधरी, राजेश यादव, महेंद्र भास्कर,दिनेश कुमार एडवोकेट, महेंद्र मंगला, प्रदेश कांग्रेस एससी विभाग चेयरमैन संजय नीरज, ओबीसी विभाग चेयरमैन राजीव वर्मा, अल्पसंख्यक विभाग चेयरमैन अब्दुल वाहिद, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्रीमती प्रिया जयन्त, त्रिलोक चौधरी और प्रमोद जयन्त सहित हजारां कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल थे।
 मनरेगा बचाओ संग्राम में कांग्रेस कार्यकर्ता मनरेगा को वापस लाने के लिए एकजुट होकर संघर्ष कर रहे है क्योंकि मोदी सरकार ने मजदूरों से दिहाड़ी के मोल भाव का हक छीन लिया है, पंचायतों की शक्ति और राज्यों के अधिकार छीनकार दिल्ली में केन्द्रित करके देश के करोड़ो लोगों की न्यूनतम मजदूरी, साल भर काम की गारंटी, आजादी और स्वाभीमान के साथ काम करने के अधिकार को छीन लिया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार मजदूरों को गुलाम बनाने वाली सरकार है। उन्हांने कहा कि भाजपा ने हमेशा ही विपक्ष को कमजोर करने का काम किया है क्योंकि कांग्रेस देश के करोड़ों देशवासियों की अजीविका और उनके अधिकारों को संरक्षित और सुरक्षित बनाने के लिए सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ रही है।
मनरेगा की वापसी के लिए हमें लम्बी लड़ाई लड़नी है और मोदी सरकार को करोड़ों ग्रामीणों को रोजगार सुनिश्चित करने वाली योजना मनरेगा को दोबारा लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि 700 से अधिक किसानों के जान गंवाने के बाद तीन काले कृषि कानूनों को किसानों के लगभग 2 वर्ष के संघर्ष के बाद मोदी जी ने सार्वजनिक रुप से वापस लेने की घोषणा की थी उन्होंने कहा कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नही बल्कि ग्रामीण लोगों को इज्जत और सम्मान से रोटी देने का अधिकार है जिसे कांग्रेस की सरकार ने लागू किया था। ऐसे कानून को खत्म करना निश्चित ही देश विरोधी और गरीब विरोधी है। उन्होंने कहा कि संविधान में बदलाव करके मोदी सरकार गरीबों को लगातार कमजोर करने का काम कर रही है।
मनरेगा को खत्म करके मोदी सरकार ने काम के अधिकार को खत्म कर दिया है। ग्राम पंचायतों को काम देने का अधिकार खत्म करके यह सरकार के  अधिकार क्षेत्र होगा। अब मजदूरी मनमाने ढ़ंग से तय होगी और इसमें हर साल बढ़ोत्तरी की गारंटी भी खत्म कर दी है और योजना फसल कटाई के मौसम में नही चलेगी, जिससे मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी के लिए किसी भी का काम को स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि पहले मनरेगा में ग्राम पंचायत से काम मांगने पर परिवार को 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य था और काम 365 दिन उपलब्ध रहता था। मनरेगा में बदलाव से पहले मजदूरी का 100 प्रतिशत भुगतान केन्द्र सरकार करती थी, जिससे राज्य सरकारें बिना किसी कठिनाई के काम उपलब्ध कराती थी। अब मजदूरी के भुगतान का 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकारों को वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा कारण है कि करोड़ों ग्रामीण परिवारों को काम मिलने और काम का भुगतान में अधिक विलंब होगा।

गुरुग्राम में जुड़ा नेचुरोपैथी का सशक्त अध्याय

गुरुग्राम: प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया और सशक्त अध्याय जुड़ा । Rejua Energy Oasis का भव्य शुभारंभ हरियाणा की लोकप्रिय विधायक श्रीमती बिमला चौधरी के करकमलों द्वारा किया गया। इस विशेष वेलनेस सेंटर की स्थापना प्रसिद्ध एक्यूपंक्चर एवं नेचुरोपैथी विशेषज्ञ संतोष पांडेय ने की है, जहां मरीजों के लिए 1 दिन, 2 दिन और 5 दिन के विशेष हीलिंग पैकेज उपलब्ध कराए गए हैं।

Rejua Energy Oasis में कमर दर्द, घुटनों का दर्द, त्वचा रोग, गैस, सूजन, इंफ्लेमेशन, फ्रोजन शोल्डर, माइग्रेन, साइनस, सिर दर्द सहित कई पुरानी और जटिल बीमारियों का प्राकृतिक और समग्र उपचार किया जाएगा। यहां इलाज से पहले डॉक्टर नाड़ी देखकर बीमारी की पहचान करते हैं और उसी आधार पर उपचार पद्धति तय की जाती है।

उद्घाटन समारोह के दौरान संतोष पांडेय ने मुख्य अतिथि MLA बिमला चौधरी को एक्यूपंक्चर का लाइव डेमो देकर बताया कि सुई से दर्द नहीं होता, बल्कि दर्द से राहत मिलती है। मीडिया के सामने किए गए इस लाइव डेमो में एक पत्रकार, जिनका हाथ कई वर्षों से ऊपर नहीं उठ पा रहा था, उन्हें तुरंत राहत मिलती दिखाई दी।
 
इस अवसर पर विधायक बिमला चौधरी ने Rejua Energy Oasis की सराहना करते हुए कहा,
“संतोष पांडेय जी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। मैं इन्हें इस नेक पहल के लिए बधाई देती हूं और आशा करती हूं कि यह सेंटर लोगों की सेहत के लिए इसी तरह प्रभावी कार्य करता रहेगा।”
 
कार्यक्रम में अभिनेत्री, मॉडल व इंफ्लुएंसर एकता जैन भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उनकी नाड़ी देखकर उपचार किया गया, जिसके बाद उन्होंने कहा,
“संतोष पांडेय जी वाकई कमाल हैं, इनकी सुई में जादू है।”
 
इस मौके पर बेंगलुरु से आए प्रसिद्ध न्यूमरोलॉजिस्ट गौतम आज़ाद ने भी संतोष पांडेय को शुभकामनाएं दीं। साथ ही एडवोकेट राजपाल गुलिया, राजिंदर ड्रल्ल, सरपंच कुलदीप वशिष्ठ, अमित कटारिया, जोगिंदर जी, अशोक श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे।
 
Rejua Energy Oasis का उद्देश्य प्राकृतिक, सुरक्षित और समग्र चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से लोगों को स्वस्थ, संतुलित और तनावमुक्त जीवन की ओर प्रेरित करना है
 

20 जनवरी से लगातार दिल्ली में पानी की आपूर्ति हो रही है प्रभावित

 
दिल्ली: 20 जनवरी से लगातार दिल्ली में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है । हरियाणा द्वारा मुनक नहर की मरम्मत के कारण हैदरपुरबवानाद्वारका और चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को आधे से भी कम पानी मिल रहा है और यमुना में अमोनिया का लेवल बढ़कर पीपीएम होने के कारण यमुना का पानी जल संशोधन सयंत्रों में नही लिया जा रहा है। क्योंकि पानी में अमोनिया लेवल पीपीएम होने की दशा में पानी में क्लोरिन से पीपीएम लेवल डाईल्यूट किया जा सकता है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने साधा निशाना कहा कि सरकार की असंवेदनशीलता के कारण पानी की वैकल्पिक व्यवस्था न करने के चलते उत्तरीउत्तरी पश्चिमीदक्षिणी और दक्षिण पश्चिमी दिल्ली में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है।

हरियाणा सरकार ने मुनक नहर की मरम्मत के बारे में दिल्ली जल बोर्ड को पहले ही सूचित किया था। दिल्ली को मुनक नहर से मिलने वाले पानी की कमी की पूर्ति नही करना दिल्ली सरकार की नाकामी हैजिसके कारण आधी से अधिक दिल्ली पानी के लिए पिछले दिनों से परेशान है। दिल्ली की आपूर्ति का 80 प्रतिशत मतलब 667 एमजीडी पानी मुनक नहर से मिलता है और सरकार द्वारा इसकी गंभीरता को न समझते कारण ही दिल्ली की करोड़ जनता को जल संकट से जूझ रही है। यह जल संकट फरवरी तक रहने वाला हैअगर रेखा सरकार को हरियाणा से हथिनी कुंड से शीघ्र अधिक पानी छोड़ने पर बात करनी चाहिए ताकि दिल्ली वालों को राहत मिल सके।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि यमुना सफाई पर 680 करोड़ का बजट आवंटित करने के बावजूद यमुना में अगर अमोनिया का लेवल पीपीएम है तो पिछले पिछले 10 महीनों में रेखा गुप्ता सरकार ने यमुना में कितनी सफाई की हैयह दिल्ली की जनता के सामने आ चुका है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता स्वच्छता और जल संबधी सरकारी कार्यक्रमों में यमुना सफाई पर सिर्फ बड़ी-बड़ी घोषणाएं ही करती हैयमुना की सफाई पर उनकी कार्यशैली पिछली आम आदमी पार्टी की सरकार की ही तरह है।

दिल्ली में पानी की आपूर्ति के लिए भाजपा सरकार को भूमिगत जलाशयों को अधिक मात्रा में बनाने पर ध्यान देना चाहिए और जो भूमिगत जलाशय अस्तित्व में है उनके रखरखाव और उन्हें अधिक क्रियाशील बनाने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड 35 नए अंडर ग्राउंड रिर्जवायर बनाकर चद्रावल और वजीराबाद वाटर कमांड एरिया से पानी सप्लाई करने की योजना हैजबकि सरकार को ऐसी योजना गरीब बस्तियों जहां पानी ही नही पहुंचताउन जगहों के लिए भी बनानी चाहिए। उन्हांने कहा कि सरकार को नए यूजीआर बनाने के साथ दिल्ली में अस्तित्व खो चुके तालाबों और झीलों के लिए भी योजना बनानी चाहिएक्यांकि दिल्ली की झीलें करोड़ों के भ्रष्टाचार के साथ दस्तावेजों में भी पानी से भरी है लेकिन वास्तविकता में सूखी पड़ी है।  

दिल्ली की आबादी के लिए 1290 एमजीडी पानी की जरुरत हैजबकि मौजूदा समय में सिफ 1005 एमीजीडी पानी ही उपलब्ध हो पा रहा हैजबकि यह बहुत आश्चर्यजनक है कि पिछले 11 वर्षों में आम आदमी पार्टी की सरकार 50 एमजीडी पानी की उपलब्धता बढ़ा पाई क्योंकि 2013 में कांग्रेस की सरकार के दौरान 906 एमजीडी पानी मिलता था। उन्होंने कहा कि भाजपा की रेखा सरकार ने अभी तक पानी की क्षमता बढ़ाने के लिए कोई योजना की घोषणा नही कीजबकि आज दिल्ली को सर्वप्रथम पेयजल की आवश्यकता हैजिसको उपलब्ध कराने में रेखा सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।

सज्जन कुमार की रिहाई सिख समुदाय का दिल तोड़ने वाला फैसला: बीबी रंजीत कौर

 

दिल्ली: 1984 में हुए सिखों के कत्लेआम के मुख्य आरोपियों में से एक सज्जन कुमार को उसके किए कभी न भूलने वाले जुर्मों से अदालत द्वारा बरी कर दिया, जिससे देश में सिखों के खिलाफ हो रहे ज़ुल्म और अन्याय के अमानवीय और गैर-कानूनी कामों को याद करवा दिया गया । दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी की सीनियर सदस्य बीबी रंजीत कौर ने सज्जन कुमार को बरी करने का कोर्ट का कदम कत्लेआम के पीड़ितों के साथ-साथ पूरे सिख समुदाय का दिल तोड़ने वाला फैसला बताया । इस बड़े कातिल को बरी करके हुक्मरानों ने यह साबित कर दिया है कि सिख समुदाय के लिए लोकतंत्र कहे जाने वाले इस देश में सिख समुदाय को कोई इंसाफ नहीं मिल सकता। उन्होंने कहा कि अदालत को यह देखना चाहिए था कि 1 नवंबर से 4 नवंबर तक सिखों को निशाना बनाया गया और हजारों बेगुनाह सिखों को मारा गया, जिसकी लीडरशिप उस समय के कांग्रेसी नेताओं सज्जन कुमार, जगदीश टाइटलर, हरकिशन भगत, बलवान खोखर, महेंद्र यादव ने की थी। सिखों की अरबों खरबो रुपये की प्रॉपर्टी जला दी गई और लूट ली गई और सिखों को इंसाफ का इंतज़ार करते हुए 41 साल हो गए, जिसमें से बड़ी संख्या में इस हत्याकांड के पीड़ित दुनिया छोड़ गए, और अब कातिलों के हक में फैसला देकर इंसाफ की हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान और सेक्रेटरी ने कोर्ट के दिए इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है, जिसका स्वागत किया जाता है।

केजरीवाल द्वारा टेक्निकल आधार पर दो समन केस रद्द होने पर सत्यमेव जयते लिखने पर कड़ी आपत्ति

 

दिल्ली: यदि कोई व्यक्ति गिरफ्तार हो गया जेल चला गया और फिर जमानत पर रिहा हो गया  तो फिर उसके पहले के समन के विरुद्ध दायर केस बेकार हो जाते हैं -- यही मानते हुए आज माननीय न्यायालय ने केजरीवाल के द्वारा दायर दो केसों को सुनने योग्य नहीं पाया । दिल्ली भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर  ने कहा है की केजरीवाल द्वारा टेक्निकल आधार पर दो समन केस रद्द होने पर सत्यमेव जयते लिखने की भाजपा कड़ी आपत्ति करती है और इसे एक नया झूठ बताते हुए "एक्स" पर पोस्ट लिखी है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली  एवं देश की जनता जान ले कि अरविंद केजरीवाल  ई.डी. के आर्थिक हेरा फेरी केस में बरी नहीं हुए -- वो मुकदमा जारी रहेगा। माननीय न्यायालय में  अरविंद केजरीवाल  ने गिरफ्तारी से पहले मिले दो समन को अनुचित ना मानते हुए केस दायर किया था। बस आज माननीय न्यायालय ने इन दो समन केस को सुनने योग्य नहीं पाया।
कानून यह कहता कि  जब कोई व्यक्ति गिरफ्तार हो गया जेल चला गया और फिर जमानत पर रिहा हो गया -- तो फिर उसके पहले के समन के विरुद्ध दायर केस बेकार हो जाते हैं -- यही मानते हुए आज माननीय न्यायालय ने केजरीवाल के द्वारा दायर दो केसों को सुनने योग्य नहीं पाया। ई.डी. का मुख्य शराब घोटाला केस जारी है।

मेहनत जब रंग लाती है !


 
रामचरण अपनी फिटनेस और मेहनत से सबको प्रेरित कर रहे हैं। रोज़ाना कड़ी वर्कआउट और अनुशासन के साथ वह साबित कर रहे हैं कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता—एक-एक कदम, एक-एक पसीने की बूंद के साथ। 

यदि दिल्ली में 9700 के लगभग सीसीटीवी कैमरे खराब ना होते तो निश्चित ही अपराधों पर लगाम लगती

 
दिल्ली: राजधानी में बढ़ती अपराध दर में अगर 7500 से 9700 के लगभग सीसीटीवी कैमरे खराब या निष्क्रिय रहेंगे तो इसकी जिम्मेदारी किसकी बनती हैयह आंकड़ा अगस्त 2025 से जनवरी 2026 के बीच का है जबकि दिल्ली में कुल 2.8 लाख सीसीटीवी लगे है। बिजली कटौतीतकनीकी खराबीचोरी या तोड़फोड़ के कारण सीसीटीवी निष्क्रिय होने की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की है। पिछले वर्ष 2025 के मध्य तक 32000 से अधिक कैमरे खराब पाए गए थेजिससे पिछली आम आदमी पार्टी की सरकार की कार्यशैली और अपराध रोकने की कार्यवाही पर सवाल खड़े हुए थे। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष  देवेन्द्र यादव ने कहा कि सीसीटीवी कैमरों के सक्रिय चलन में भाजपा सरकार भी पूरी तरह से नकारा साबित हो रही है। रेखा सरकार सुरक्षा के मद्दे नजर 50 हजार नए सीसीटीवी कैमरे और लगाने की घोषणा पर निविदा के साथ-साथ 7500 से अधिक खराब सीसीटीवी कैमरों को ठीक करने पर कार्यवाही करेक्यांकि बंद पड़े कैमरे अपराधियों के काम आसान बना रहे है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे लगाने में आम आदमी पार्टी के मंत्री सत्येन्द्र जैन के खिलाफ एसीबी में 571 करोड़ के भ्रष्टाचार का मामला चल रहा हैजो 70 विधानसभाओं में 1.4 लाख कैमरे लगाने का प्रोजेक्ट बीईएल को दिया था। सत्येन्द्र जैन ने बीईएल के समय पर काम पूरा न करने के लिए 16 करोड़ के लगे जुर्माने को माफ करके करोड़ की रिश्वत ली थी।

दिल्ली के रिहायशी क्षेत्रों बाजारोंसड़कोंव्यापारिक केन्द्रों सहित सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की है। उन्होंने कहा कि 24-25 अनुसार दिल्ली में लगभग 117 ब्लैक स्पॉट जांच में सामने आए है और दिल्ली पुलिस भी ऐसी दुर्घटना संभावित जगहों को चिन्हित करती है। जीटी करनाल रोडसराय काले खांआश्रम चौकमुकरबा चौकनजफगढ़जखीरारजोकरीआनन्द विहारभलस्वा चौकमजनू का टीलाआजादपुरपंजाबी बागमुडंका जैसे क्षेत्र उच्च जोखिम वाले क्षेत्र है जहां सीसीटीवी कैमरे और खंबों पर उपयुक्त लाईट होना जरुरी है। अगर दिल्ली में सभी जगह उपयुक्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे और स्ट्रीट लाईट होंगी तो सड़क दुर्घटनाएं कम होने के साथ अपराधों में भी कमी आएगी।

नितिन नवीन बने बीजेपी के निर्बाध राष्ट्रीय अध्यक्ष


दिल्ली: नितिन नवीन बने भारतीय जानता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष । पार्टी के निर्वाचन अधिकारी के  लक्ष्मण द्वारा जारी किये गए प्रेस वक्तव्य के अनुसार नामांकन वापसी की अवधि समाप्त होने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए एक ही नाम नितिन नवीन का नाम प्रस्तावित हुआ है । राष्ट्रीय अध्यक्ष की निर्वाचन प्रक्रिया 36 प्रदेशों में से 30 के प्रदेश अध्यक्षों की निर्वाचन प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद शुरू की गई , जो कि न्यूनतम 50 फ़ीसदी से अधिक है । उपलब्ध जानकारी के अनुसार नितिन नवीन के पक्ष में 37 सेट नामांकन प्राप्त हुए । जाँच के उपरांत सभी नामांकन पत्र निर्धारित प्रारूप के अनुसार एवं  वैध पाए गए । 

चुनाव प्रक्रिया 16 जनवरी को चुनाव अधिकारी द्वारा निर्वाचन अधिसूचना के साथ शुरू हुई एवं निर्वाचन सूची का प्रकाशन किया गया । आज याने कि  सोमवार  जनवरी को दोपहर 2 बजे से लेकर  4 बजे तक नामांकन प्रक्रिया सम्पन्न हुई ।

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

Mobile : 91-9811440461

editor@dhanustankar.com

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समाचार

1 - प्रोफेसर देवेंद्रपाल सिंह भुल्लर की रिहाई की अर्जी एक बार फिर खारिज किए जाने पर रोष

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7 - कूड़े से निकली इनरट मिट्टी को कहीं कहीं ज़मीन के भराव के लिए जा रहा है डाला

8 - दिल्ली देहात में डाला जा रहा है भलस्वा लेंडफिल साइट का कचरा

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10 - केन्द्रीय बजट में प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवंटित बजट में 209 करोड़ की कटौती

11 - केंद्रीय बजट 2026: एमएसएमई-और स्वदेशी पर आधारित वैश्विक प्रतिस्पर्धा का रोडमैप

12 - यदि आप रानी मुखर्जी के फैन तो मर्दानी 3 मिस नहीं करे

13 - मनरेगा खत्म करने के विरोध में प्रदर्शन के लिए निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को किया डिटेन

14 - गुरुग्राम में जुड़ा नेचुरोपैथी का सशक्त अध्याय

15 - 20 जनवरी से लगातार दिल्ली में पानी की आपूर्ति हो रही है प्रभावित

16 - सज्जन कुमार की रिहाई सिख समुदाय का दिल तोड़ने वाला फैसला: बीबी रंजीत कौर

17 - केजरीवाल द्वारा टेक्निकल आधार पर दो समन केस रद्द होने पर सत्यमेव जयते लिखने पर कड़ी आपत्ति

18 - मेहनत जब रंग लाती है !

19 - यदि दिल्ली में 9700 के लगभग सीसीटीवी कैमरे खराब ना होते तो निश्चित ही अपराधों पर लगाम लगती

20 - नितिन नवीन बने बीजेपी के निर्बाध राष्ट्रीय अध्यक्ष

21 - फरवरी 2026 में सिनेमाघरों में आएगी एक्शन ड्रामा ‘रमैया’*

22 - माता वैष्णो देवी इंसिटिट्यूट ऑफ़ मेडिकल एक्सीलेंस की मान्यता रद्द पर गरमाई साम्प्रदायिक सियासत

23 - उज्ज्वला योजना के तहत एमसीडी कर्मचारियों को निःशुल्क गैस चूल्हा एवं गैस कनेक्शन

24 - ⁠सड़क सुरक्षा के मद्देनजर व गौ-संरक्षण के लिए रेडियम बेल्ट की पहल

25 - इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट के बंपर ड्रा में कूपन नंबर 25333749 को 50 लाख रुपये का कैश प्राइज़

26 - पुख्ता सुरक्षा इंतजामात के साथ हो रही है गणतंत्र दिवस परेड की तैयारी

27 - विडिओ फर्जी है तो दिल्ली पुलिस या दिल्ली के न्यायालय में शिकायत क्यों नहीं दर्ज

28 - एमसीडी सदन में मेयर द्वारा पार्षदों को भेड़ बकरी कहे जाने का मुद्दा गरमाया

29 - दिल्ली सरकार का स्वास्थ्य मॉडल पुरानी एमसीडी डिस्पेंसरीयों पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर का बोर्ड

30 - योग प्राण विद्या से सैनिक परिवारों को मिला स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश

31 - ऑपरेशन गैंगबस्ट 2026 के तहत मात्र 48 घंटों में 4000 ठिकानों में हुई दबिश

32 - शीतकालीन सत्र में जानता के मुद्दों की जगह दिखी भाजपा और आप के बीच नूराकुश्ती

33 - पुलकित–वरुण की सुपरहिट जोड़ी फिर करेगी दर्शकों को लोटपोट