
दिल्ली: आदमी पार्टी में लगातार बढ़ रहे अंदरूनी असंतोष पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि अब यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है अपने नेताओं से राघव चड्ढा के विरूद्ध ब्यान दिलवा कर “आप” नेता अरविंद केजरीवाल केवल बाहर से पार्टी को एकजुट दिखने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि अंदर से पार्टी पूरी तरह बिखर चुकी है। राघव चड्ढा का वीडियो बयान भी इस बात का प्रमाण है कि पार्टी के भीतर संवाद और लोकतंत्र पूरी तरह समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि जब एक वरिष्ठ सांसद को अपनी ही पार्टी में अपनी बात रखने के लिए सोशल मीडिया जैसे मंच का सहारा लेना पड़े, तो यह उस पार्टी की बिगड़ी आंतरिक स्थिति का गंभीर संकेत है।
उन्होंने कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले सुश्री स्वाति मालीवाल ने भी पार्टी नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए थे और अब राघव चड्ढा जैसे प्रमुख चेहरा भी दूरी बनाते दिख रहे हैं। इसके अतिरिक्त, पूर्व मे भी अनेक 'आप' नेताओं के साथ हुए घटनाक्रम और उनकी असहमति भी यह दर्शाती है कि पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी अब एक व्यक्ति केंद्रित संगठन बनकर रह गई है, जहां न तो विचारों की स्वतंत्रता है और न ही आंतरिक लोकतंत्र। जो भी नेता अपनी स्वतंत्र राय रखने की कोशिश करता है, उसे या तो किनारे कर दिया जाता है या दबाने का प्रयास किया जाता है।
राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटाना और उनके बोलने के अधिकार तक सीमित करने की कोशिश करना इस बात का संकेत है कि पार्टी नेतृत्व आलोचना से डरता है और असहमति को स्वीकार करने का साहस नहीं रखता। यदि अरविंद केजरीवाल में नैतिक साहस होता, तो वे असहमति रखने वाले नेताओं के साथ संवाद करते या स्पष्ट निर्णय लेते। लेकिन इसके विपरीत, वे लगातार ऐसे कदम उठा रहे हैं जो उनकी कमजोर और असुरक्षित नेतृत्व शैली को उजागर करते हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की स्थापना जिन सिद्धांतों—पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतंत्र— पर हुई थी, आज वही सिद्धांत पार्टी के भीतर पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। यही कारण है कि एक के बाद एक वरिष्ठ नेता या तो पार्टी से दूरी बना रहे हैं या खुलकर असंतोष जता रहे हैं।
दिल्ली की जनता अब “आप” की वास्तविकता को समझ चुकी है और यह स्पष्ट है कि यह पार्टी अब केवल सत्ता बचाने के लिए संघर्ष कर रही है, न कि जनता की सेवा के लिए। अरविंद केजरीवाल राजनीतिक रूप से बेहद कमजोर हैं जिन्हें विपक्ष का सामना करने की आदत नहीं है चाहे वह विपक्षी दलों से हो या पार्टी के भीतर। साथ ही उन्होंने राघव चड्ढा के लिए कहा कि - जिंदगी पर सिर्फ इतना ही लिख पाया हूँ मेरे बहुत मजबूत रिश्ते थे कमजोर लोगों से।

दिल्ली: 16 से 18 अप्रैल को लोक सभा एवं राज्य सभा के विशेष सत्र का बुलाया जाने को चुनावी आचार संहिता का उलंघन बताते हुए कांग्रेस पार्टी के कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन एवं राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि तमिलनाडु एवं पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव सिर पर हैं ऐसे में विशेष सत्र का आयोजन राजनीतिक लाभ से प्रेरित है । मामले पर खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि गत 16 मार्च को संसदीय कार्य विभाग के मंत्री किरण रिज्जू का ख़त नेता प्रतिपक्ष राज्यसभा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पास आता है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में कुछ संशोधन के लिए केंद्रीय सरकार कांग्रेस पार्टी से चर्चा करना चाहता है । ख़त मिलने के 15 मिनट बाद कांग्रेस अध्यक्ष जवाबी खत लिखा कि आप एक ऑल पार्टी मीटिंग बुलाइए और इस ऑल पार्टी मीटिंग में बातचीत करेंगे, आपकी ओर से क्या प्रस्ताव है? आप लिखित में दीजिएगा... जुबानी प्रस्ताव नहीं चाहिए, लिखित में आपका क्या प्रस्ताव है? अधिनियम को लेकर, संशोधन को लेकर और हम बातचीत करेंगे।
24 मार्च को 8 दिन बाद सारी विपक्ष पार्टी, सारी विपक्ष पार्टी, केवल तृणमूल इसमें शामिल नहीं था, पर तृणमूल सहमत थी इस खत से। राहुल जी, खरगे जी, सभी नेताओं ने किरेन रिजिजू को वापस खत लिखा कि आप कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट करना चाहते हैं, 30 महीने बाद आप को ज्ञान आया है कि संशोधन की जरूरत है, उसके बारे में मैं बातचीत करूंगा, पर आप एक ऑल पार्टी मीटिंग फिर से बुलाइए। पर 24 मार्च को सारी विपक्ष पार्टियों ने सर्वसम्मति से कहा कि 29 अप्रैल के बाद ऑल पार्टी मीटिंग बुलाइए। क्योंकि 29 अप्रैल तक इलेक्शन कमीशन का मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू होगा... चुनाव प्रचार में सभी पार्टियां व्यस्त हैं, पांच राज्यों में चुनाव हो रहे हैं... तो इसलिए 29 अप्रैल के बाद आप ऑल पार्टी मीटिंग बुलाइए।
कल राज्यसभा में, सिर्फ वुमेन्सह रिजर्वेशन बिल को लेकर बहस हुई, सिर्फ नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में संशोधन की बात की गई। खत में किरन रिज्जू सिर्फ वुमेन्सश रिजर्वेशन बिल की बात करते हैं। पर अभी साफ हो गया है कि यह विशेष सत्र केवल महिला आरक्षण अधिनियम को लेकर नहीं है, बल्कि परिसीमन को भी लेकर है। यह कभी परिसीमन की चर्चा नहीं हुई, कभी किरेन रिजिजू ने हमें नहीं कहा कि परिसीमन भी एजेंडा पर है, डीलिमिटेशन एजेंडा पर है। सिर्फ नारी शक्ति, नारी शक्ति, नारी शक्ति का मंत्र जपते रहे, परिसीमन की बात उठाई नहीं। पर अभी साफ हो गया है कि इस तीन दिन में, जो नारी शक्ति वंदन अधिनियम है, जो सितंबर 2023 में पारित किया गया था लोकसभा में और राज्यसभा में सर्वसम्मति से, उसमें 30 महीने के अंदर संशोधन लाया जाएगा और परिसीमन को भी लेकर संविधान में संशोधन किया जाएगा। तो यह बात साफ हो गई है कि यह दो विषय आएंगे इन तीन दिन के विशेष सत्र में।
22 और 23 सितंबर, 2023 को यह जो नया कन्वेंशन सेंटर है, जिसको हम न्यू पार्लियामेंट हाउस कहते हैं उसका उद्घाटन हुआ था और उद्घाटन करने के लिए एक विशेष सत्र बुलाया गया... नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर और वो अधिनियम क्या था? वह अधिनियम था कि यह एक तिहाई रिजर्वेशन, एक तिहाई आरक्षण महिलाओं को और रिजर्वेशन, विद इन रिजर्वेशन 1/3 टोटल में और 1/3 शेड्यूल कास्ट सीटों में और 1/3 आदिवासी सीटों में महिलाओं के लिए आरक्षित होगा। पर इस अधिनियम में लिखा गया था कि यह लागू किया जाएगा परिसीमन और जनगणना के बाद में। अगर आप देखें अनुच्छेद 334(1), आर्टिकल 334(1) शामिल किया गया हमारे संविधान में कि यह महिला आरक्षण और आरक्षण विदइन आरक्षण तभी लागू होगा जब परिसीमन और जनगणना खत्म होगी।
उस समय कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने भाषण में कहा - यह आप तुरंत लागू क्यों नहीं करते? आप 2024, के लोकसभा से लागू क्यों नहीं करते? इसके लिए परिसीमन और कोई जनगणना की जरूरत नहीं है, आप तुरंत लागू कीजिए। पर लंबी चौड़ी कहानी सुना दी गई। सभी लोगों ने कहा सरकार की ओर से कि नहीं परिसीमन करना अनिवार्य है, जनगणना करना अनिवार्य है और इसीलिए अधिनियम अभी आप पारित कीजिए... कब लागू होगा हम आपको बाद में बताएंगे।
30 महीने तक सोते रहे, 30 महीने हो गए हैं। खरगे जी ने जो भाषण दिया था यह रिकॉर्ड में है, उन्होंने मांग की थी कि आप जानबूझकर इसको आगे हटा रहे हैं, डिले कर रहे हैं, देरी कर रहे हैं... आपकी मंशा सही है तो आप 2लोकसभा में भी महिला आरक्षण ला सकते हैं, वो नहीं हुआ। अचानक सरकार ने यह तय किया कि नहीं-नहीं अभी नहीं हो सकता है, क्योंकि जो जनगणना अभी शुरू हुई है यह 2029 तक इसके नतीजे नहीं आएंगे। मैं आपको एक वीडियो प्ले करता हूं… 30 मार्च को गृह मंत्रालय के एक बड़े वरिष्ठ अधिकारी मृत्युंजय नारायण, जो हमारे रजिस्ट्रार जनरल और सेंसस कमिश्नर हैं। उन्होंने एक प्रेस वार्ता में एक सवाल पूछा गया कि जनगणना के नतीजे कब आएंगे? और सुनिए, देखिए तीन दिन पहले भारत के महा रजिस्ट्रार और जनसंख्या आयुक्त ने कहा कि 2027 में ही जनगणना के नतीजे आने लगेंगे और वो सरकार के पास आ जाएंगे, उपलब्ध होंगे 2027 में। तो यह कहना कि 3 साल लगेंगे, 4 साल लगेंगे... आज तो डिजिटल इंडिया का जमाना है और यह डिजिटल सेंसस है, उसका श्रेय तो प्रधानमंत्री ले रहे हैं।
विपक्ष 16 अप्रेल से पहले विपक्ष के सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय करेगा।

आदमी पार्टी के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष ईशुदान गढ़वी को गिरफ्तारी पर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत तमाम नेताओं ने भाजपा पर करारा हमला बोला है। ईशुदान गढ़वी पार्टी कार्यकर्ताओं की अवैध गिरफ्तारी की जानकारी लेने थाने पहुंचे थे। भाजपा सरकार की इस तानाशाही पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले तीन महीनों में गुजरात में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ 145 एफआईआर हो चुकी हैं और 160 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को भाजपा सरकार गिरफ़्तार कर चुकी है। भाजपा गुजरात में हार के डर से आम आदमी पार्टी से बुरी तरह से बौखलाई हुई है और अब तानाशाही पर उतर आई है। इसी डर का नतीजा है कि गुरुवार को पार्टी के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी को गिरफ्तार कर लिया। अब गुजरात का एक-एक शख्स भाजपा से बदला लेगा। भाजपा का यह घमंड और अत्याचार गुजरात की जनता ही तोड़ेगी।
पार्टी मुख्यालय पर प्रेसवार्ता कर संजय सिंह ने कहा कि पिछले तीन महीने में आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर 145 एफआईआर और करीब 160 नेताओं व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें जेल में डाला गया, यातनाएं दी गईं और अपने पक्ष में झुकाने के लिए दबाव बनाया गया, लेकिन पार्टी के कार्यकर्ता और नेता चट्टान की तरह खड़े रहे।
मंगलवार को “आप” कार्यकर्ता दीपक कुमार को कुछ गुंडों ने पीटा। जब वह अपनी शिकायत लेकर थाने गया, तो पुलिस ने उसी को गिरफ्तार कर लिया और उस पर धारा 307 लगा दी। इसके बाद जब पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी अपने कार्यकर्ता की पैरवी करने थाने गए, तो उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। इसुदान गढ़वी का एक लंबा इतिहास रहा है, उन्होंने एक पत्रकार के तौर पर गुजरात की जनता को जगाने का काम किया है और एक नेता व शानदार वक्ता के तौर पर मजबूती से जनता के मुद्दे उठाते रहे हैं। संजय सिंह ने सवाल किया कि यह दादागिरी और भाजपा की घबराहट नहीं है तो और क्या है? केजरीवाल की रैलियों में उमड़ रही जनता को देखकर उन्हें दिख रहा है कि वर्षों से चला आ रहा उनका राज और सिंहासन हिलने वाला है। उन्होंने प्रधानमंत्री को गुजरात का इतिहास याद दिलाते हुए कहा कि 1975 से पहले मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में मेस की फीस बढ़ने को लेकर हुए आंदोलन के कारण गुजरात की तत्कालीन सरकार को इस्तीफा देना पड़ा था और सत्ता से हटना पड़ा था।
इसुदान गढ़वी की पूरे गुजरात में पकड़ है और उन पर ऐसी कार्रवाई करके सरकार उन्हें दबा नहीं पाएगी। आम आदमी पार्टी के लोग जेल जाते हैं, लाठियां खाते हैं, मुकदमे झेलते हैं और बाहर आकर फिर लड़ते हैं। इसुदान गढ़वी भी बहादुर नेता हैं और वह भी बाहर आकर फिर से लड़ेंगे। “आप” नेताओं को झुकाया नहीं जा सकता। सत्ता जितना अहंकार दिखाती है, जितना जुल्म करती है, जितने मुकदमे लिखाती है और जेल में डालती है, वह लगातार उसके पतन का कारण बनता जाता है। गुजरात में भाजपा का पतन आम आदमी पार्टी ही करेगी और इनका सफाया करेगी। इसुदान गढ़वी के साथ पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल सहित पूरी पार्टी खड़ी है। पिछले दिनों अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान वहां गए थे और वहां काफी बड़ी-बड़ी रैलियां हुई थीं। हो सकता है कि यह उसकी घबराहट के कारण हो या फिर वहां अभी पंचायत और नगर निगम के चुनाव आने वाले हैं, उसकी घबराहट हो। जो भी हो, फिलहाल भाजपा में घबराहट तो है।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि पूरे देश को बर्बाद कर चुकी भाजपा केवल एक ही काम करती है, जो भी आवाज़ उठाए उसको जेल में डाल दो। ‘‘आप’’ के गुजरात के अध्यक्ष ईशुदान गढ़वी की गिरफ्तारी भी उनकी हताशा का प्रमाण है। सत्ता में बैठे लोगों को यह याद रखना चाहिए कि जनता सब देख रही है और समय आने पर वही जनता इसका कड़ा जवाब भी देती है। पिछले कुछ महीने अंदर दर्जनों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जिसमें नवीन काकरान, मुन्ना कुमार, आलोक सिंह, पुनीत राज, पवन, जगदीश, पुनीत सिंह, ईश कुमार अरोड़ा, कमलेश कोटेचा, अतुल बेगड़, कुणाल शाह, नितेश चौधरी, कुणालभाई, रितेश पटेल, विजय पटेल, नितिनभाई, सूरज, हर्ष, विजय सिंह चावड़ा, श्याम सुंदर, पवन, सीताराम भोए, कृष्ण कुमार यादव, विस्मय त्यागी, हरेशभाई सावलिया, सुनील छटासिया, रविंद्र कुमार और अतुल ओझा को भी पकड़कर जेल में डाला गया। ये तो चंद नाम हैं। गुजरात की भाजपा सरकार ने “आप” के बहुत सारे नेताओं और कार्यकर्ताओं को पकड़कर जेल में डाला है और उनका उत्पीड़न किया है।

दिल्ली: 1984 में हुए सिख नरसंहार में पीड़ितों को इंसाफ दिलाने की लड़ाई लड़ रहे एडवोकेट एच एस फुलका हुए भारतीय जनता पार्टी में शामिल । पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने उन्हें दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी एवं पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा की मौजूदगी में अंग वस्त्र पहनाकर विधिवत रूप से पार्टी में शामिल किया । गौर फरमाने की बात यह है कि पिछले 42 सालों से फुलका अदालत में इन पीड़ित परिवारों के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे है । 2014 में उन्होंने लुधियाना लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था और मात्र 19000 वोटों से अपने प्रतिद्वंद्वी से हारे थे । वह आम आदमी पार्टी में भी रहे । इंसाफ़ दिलाने के लिए उन्होंने अपनी विधायक सीट से त्यागपत्र दे दिया ।
वह दिल्ली के प्रथम मुख्यमंत्री मदनलाल खुराना के कार्यकाल में दिल्ली सरकार में सलाहकार भी रहे हैं । पार्टी के पदाधिकारियों का मानना है कि उनके पार्टी में शामिल होने से पार्टी को कहीं ना कहीं दिल्ली एवं पंजाब में मजबूती मिलेगी ।


दिल्ली: डी.टी.सी. बसों में लागू महिला पिंक कार्ड को लेकर आम आदमी पार्टी द्वारा कुछ विडिओ जर्नलिस्टों को हथियार बना कर फैलाये जा रहे भ्रम जाल की कड़ी निंदा करते हुए भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा एवं प्रदेश महामंत्री एवं सांसद कमलजीत सहरावत ने दिल्ली की महिलाओं से इस भ्रम जाल से सावधान रहते हुए अपने पिंक कार्ड को अपनी सुविधानुसार खूब प्रयोग करने का आव्हान किया है । विगत कुछ दिनों से कुछ विडिओ जर्नलिस्टों का दुरुपयोग करके आम आदमी पार्टी नेता महिलाओं को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं की यदि पिंक कार्ड को एक बस में टैब कर लिया तो अगले एक घंटे तक यह दुबारा टैब नही होगा।
यह पूरी तरह दुष्प्रचार है की पिंक कार्ड एक बार प्रयोग किए जाने के बाद एक घंटे तक दुबारा प्रयोग नही हो सकता, कल हमारी महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने बस बदल बदल कर जा कर देखा और मात्र आधे घंटे में सफलतापूर्वक तीन बार पिंक कार्ड टैब किया। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने दिल्ली की महिलाओं से कहा है की वह दिल्ली में कहीं भी डी.टी.सी. की शानदार ई - बसों के साथ ही देवी बसों में पिंक कार्ड अथवा पिंक टिकट लेकर यात्रा करें।
भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है की लाखों महिलाओं का पिंक कार्ड बनाने में लगने वाले समय को ध्यान में रखते हुए बसों में अगले कुछ माह तक पिंक टिकट भी उपलब्ध रहेंगे और डी.टी.सी. को जनप्रतिनिधि कार्यालयों से भी जनता के बीच जा कर पिंक कार्ड बनाने का निर्देश दिया गया है।

दिल्ली: 4 दिन के बजट सत्र की कार्य अवधि 15 घंटे रही । जिसमें 7 कैग रिपोर्ट्स पर चर्चा हुई जो कि मुख्यतः एक्साइज/लिकर,प्रदूषण और स्वास्थ्य से संबंधित हैं । दिल्ली विधान सभा के अध्यक्ष विजेंदर गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले 15 सालों में आज पहली बार ऐसा हुआ कि पब्लिक अकाउंट कमेटी ने इन रिर्पोटों का विश्लेषण कर सरकारी कार्यवाही के लिए प्रेषित किया गया है । हैरानी की बात यह है कि विपक्ष पूरे सत्र में सदन से नदारद था । परिसर के बाहर प्रोटेस्ट करता दिखाई दिया । विपक्ष सदन से निकाले गए सदस्यों की बहाली के लिए माँग कर रहा था । विपक्ष की इस हरकत को ग़ैर जिम्मेदाराना बताते हुए विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि रूल 77(2) के तहत सत्र की शुरुवात में लगातार अवमानना करने के कारण निष्कासन हुआ था । उन्होंने विपक्ष के रवैये पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि सदन विचार विमर्श के लिए है ना कि व्यक्तिगत हित के लिए ।
विधानसभा परिसर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि आज के ही दिन यानि कि 30 मार्च 1919 को महात्मा गांधी ने सदन की दीर्घा में पहली बार आये थे एवं रोलेट एक्ट पर चर्चा को देखा था । 30 मार्च 1919 आज ही के दिन चांदनी चौक में रॉलेट एक्ट के विरोध में एकत्र निहत्थे भारतीयों पर अंग्रेज़ी हुकूमत ने मशीनगनों से फायरिंग कर अमानवीय नरसंहार किया। इस आंदोलन का नेतृत्व स्वामी श्रद्धानंद जी कर रहे थे । दिल्ली विधानसभा का यह परिसर शहादत का साक्षी रहा है । स्वतंत्रता संग्राम के उस दर्दनाक अध्याय की याद दिलाती है जिसे भुलाया नहीं जा सकता स्वामी श्रद्धानंद के आह्वान पर रॉलेट एक्ट के विरोध में उमड़ा यह जनसैलाब ब्रिटिश शासन की दमनकारी नीतियों के खिलाफ जनता के आक्रोश और एकजुटता का सशक्त प्रतीक बना। यह घटना जलियांवाला बाग हत्याकांड से पहले हुई एक बड़ी त्रासदी थी।इस घटना ने महात्मा गांधी को गहराई से प्रभावित किया और यही जनआक्रोश आगे चलकर देशव्यापी सत्याग्रह की प्रेरणा बना। 1970 में स्वामी श्रद्धानंद जी की स्मृति में डाक टिकट जारी कर राष्ट्र ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
यहाँ शहीदों की कुर्बानियों की गूंज आज भी सुनाई देती है। दुर्भाग्यवश, इतिहास को मोड़कर झूठ की दिशा में ले जाने का प्रयास किया गया। फर्जी फाँसी घर जैसे भ्रामक माध्यम से।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पंजाब के घर-घर में नशा पहुंचाने के लिए लोगों से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने अमित शाह से कहा कि आपकी पार्टी भाजपा और अकाली दल की सरकार ने ही पंजाब के घर-घर में नशा पहुंचाया था। आज आप किस मुंह से नशा मुक्त पंजाब की बात कर रहे हैं? आज भगवंत मान की सरकार भाजपा-अकाली दल सरकार में नशा के दोषी मंत्रियों को जेल भेज रही है और उन्हें उनके गुनाहों की सजा मिल रही है। हमारी सरकार जनता के साथ मिलकर नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। अकाली और भाजपा के काले दौर को पंजाब न भूला है, न भूलेगा, न माफ़ करेगा।
रविवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने केंद्रीय गृहमंत्री के नशा मुक्त पंजाब बनाने वाले बयान की वीडियो क्लिप एक्स पर साझा कर कहा कि अमित शाह जी, पंजाब के घर-घर में नशा पहुंचाने के लिए आपको तो पंजाब के लोगों से माफ़ी मांगनी चाहिए। भाजपा– अकाली दल के काले दौर को लोग भूले नहीं हैं, जब अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर मंत्रियों के घरों में पनाह लेते थे, पेडलर्स को पुलिस गाड़ियों और हथियारबंद सुरक्षा के साथ पूरे राज्य में घुमा कर नशा घर-घर पहुंचाया जाता था। आज आप किस मुँह से नशा मुक्त पंजाब की बात कर रहे हैं?
उन्होंने कहा कि अब हम उस दौर के दोषी मंत्रियों को जेल भेज रहे हैं, उन्हें उनके गुनाहों की सजा मिल रही है। आज पंजाब में आपकी सरकार का इंतज़ार जनता को नहीं है, बल्कि उन बड़े-बड़े नशा कारोबारियों को है, जिन्हें हमारी सरकार की सख्ती के बाद राज्य छोड़कर भागना पड़ा। अगर आपको नशे की इतनी ही चिंता है तो पहले गुजरात में अपना “डबल इंजन” क्यों नहीं चलाते? मुंद्रा पोर्ट से 20,000 करोड़ की ड्रग्स पकड़ी गई थी, आपने पोर्ट के मालिक को जेल में क्यों नहीं डाला? उन्होंने कैग की रिपोर्ट कहा कि कैग रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात में चूहे पुलिस कस्टडी से 2300 किलो ड्रग्स खा गए। क्या ये यकीन करने वाली बात है? ज़ाहिर है कि पुलिस कस्टडी से वो चोरी करके बाज़ार में बेच दी गई और लाखों घर बर्बाद कर दिए गए।
उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को सलाह देते हुए कहा कि पहले गुजरात संभालिए, फिर पंजाब की बात कीजिए। पंजाब में भगवंत मान की सरकार जनता के साथ मिलकर नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। अकाली- बीजेपी के काले दौर को पंजाब न भूला है, न भूलेगा, न माफ़ करेगा।

दिल्ली: शकरपुर पुलिस की एक टीम ने तकनीकी सर्विलेंस के आधार पर एक बिना नंबर प्लेट की सफेद कार में सवार 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर एक ऐसे गैंग का भांडा फोड़ा जो व्यस्त सड़कों पर रोककर बैंक की बकाया किस्तों की जबरन वसूली किया करते थे । यह लोग एप्लीकेशन के माध्यम से बैंक की बकाया किस्तों का भुगतान ना करने वाले वाहनों की जानकारी हासिल कर उनकी मौजूदा लोकेशन ट्रेस कर उन्हें भीड़-भाड़ वाली सड़कों पर रोककर बकाया किस्तों की वसूली किया करते थे । धमकाकर क्यूआर कोड पर बकाया किस्त जमा करने का दबाव बनाते थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों में से प्रिंस, शिवम और दीपक बागपत के एवं आकाश खड़खड़ी लोनी का रहने वाला है । गत 26 मार्च को आईटीओ के पास विकास मार्ग पर एक राहगीर को सफेद कार में सवार चार लोगों ने रोककर जबरन बकाया किस्त के 18000 रुपये उनके द्वारा दिए गए क्यू आर कोड पर ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया । पीड़ित की शिकायत पर पुलिस हरकत में आई । इनके कब्जे से 5 मोबाइल फोन एवं वारदात के लिए इस्तेमाल की गई सफेद स्विफ्ट कार बरामद हुये । चारों ही अभियुक्त 25 साल से कम उम्र के हैं और उनका आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। चारों ही अभियुक्त फिलहाल हिरासत में है एवं मामले पर तहकीक़ात जारी है।

मनोरंजन जगत की चर्चित प्रोड्यूसर एकता कपूर ने नए कलाकारों को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया है। मोहसिन खान के पॉडकास्ट एमके टॉक्स में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि आज के नए स्टार्स डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं एकता कपूर के अनुसार, फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में बीते कुछ वर्षों में कलाकारों की जीवनशैली में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पहले जहां सफलता के साथ जश्न, पार्टियां और सामाजिक मेलजोल होता था, वहीं अब नई पीढ़ी के कलाकारों का जीवन अधिक अनुशासित और सीमित हो गया है।
उन्होंने बताया कि आज के कलाकार फिटनेस, योग और सख्त रूटीन पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, जबकि सामाजिक गतिविधियां और खुलकर जश्न मनाने की परंपरा लगभग खत्म होती जा रही है। एकता का मानना है कि यह बदलाव कलाकारों को मानसिक रूप से प्रभावित कर रहा है और उनमें अकेलापन तथा भावनात्मक दबाव बढ़ा रहा है।बातचीत के दौरान मोहसिन खान ने एकता कपूर के लोकप्रिय धारावाहिक क्यूंकि सास भी कभी बहु थी का भी जिक्र किया। इस पर एकता ने पुराने समय को याद करते हुए कहा कि उस दौर में सफलता को सामूहिक रूप से मनाया जाता था, जिससे कलाकारों के बीच आपसी जुड़ाव बना रहता था।
पॉडकास्ट में एकता कपूर ने अपने फिल्मी अनुभवों और द डर्टी पिक्चर जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी चर्चा की, लेकिन उनका यह बयान सबसे अधिक चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मनोरंजन उद्योग में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, सोशल मीडिया का दबाव और परफॉर्मेंस की लगातार अपेक्षाएं भी कलाकारों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल रही हैं। एकता कपूर का यह बयान न केवल इंडस्ट्री की बदलती संस्कृति को उजागर करता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि ग्लैमर के पीछे छिपे मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
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दिल्ली: सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था जनता के अनुपात के अनुसार अधिक दबाव में है और डीटीसी बेड़े में बसों की संख्या सिर्फ 3213 रह गई है जो 13 वर्षों में सबसे कम है, जनता के बीच यह जानकारी आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में सामने आई है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि आम आदमी पार्टी द्वारा 2019 में डीटीसी में महिलाओं को मुफ्त यात्रा जारी करने को भाजपा ने भी जारी रखा लेकिन केजरीवाल सरकार की तरह रेखा गुप्ता सरकार भी दिल्ली की सड़कों से लगातार हटती डीटीसी बसों को रोक नही सकी है जिसके कारण पिछले 5 वर्षों में डीटीसी और कलस्टर बसों की प्रतिदिन राईडरशिप में 20 प्रतिशत की कमी आई है। रेखा गुप्ता सरकार द्वारा दिल्ली वासियों को बेहतर परिवहन व्यवस्था देने की सोच इस बात से उजागर होती है कि पिछले 2025-26 में डीटीसी का बजट 9110 करोड़ था, वहीं 2026-27 इस वर्ष डीटीसी के बजट में 736 करोड़ की कटौती करके 8374 करोड़ रखा है।
रेखा गुप्ता सरकार दिल्ली में महिलाओं को डीटीसी के अंतर्गत चलने वाली बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा तो दे रही है, लेकिन आर्थिक सवेक्षण 2025-26 में डीटीसी और बसों की संख्या जनसंख्या के अनुपात के अनुसार लगातार कम हो रही और भाजपा का महिलाओं को मुफ्त यात्रा दावा धोखा साबित हो रहा है। बस स्टैंड पर घंटों बसों को इंतजार करने के बावजूद बसें नही आती है, कई बार तो एक ही स्टेंड पर सैंकड़ों सवारी बसों का इंतजार करते दिखाई देते है जिनमें महिलाओं की संख्या अधिक होती है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण में 2013-14 में डीटीसी की 5223 बसें थी, जो 38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2025-26 में सिर्फ 3213 बसें रह गई है।
गरीब और जरुरतमंद महिलाओं को पिंक कार्ड बनाने के लिए केन्द्र पर लम्बी लाईनों में 4-5 घंटें इंतजार करना पड़ता है और तकनीकी खराबी और दस्तावेजों की अनिवार्यता के कारण या उसी दिन पिंक कार्ड बन नही पाता है या उन्हें अधिकारी मना कर रहे है। भारी दिक्कत प्रवासी महिलाओं को हो रही है। आधार कार्ड की मांग के बाद दिल्ली में रह रही महिलाएं जो यूपी बिहार या हरियाणा की मूल निवासी दस्तावेज रखती है, उनको अधिक परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा जनता के हित में की गई घोषणाएं दिल्ली वालों के लिए परेशानी साबित हो रही है।
दिल्ली की 3 करोड़ जनसंख्या के अनुपात अनुसार दिल्ली में लगभग 13000 से अधिक बसें सड़कों पर होनी चाहिए लेकिन अभी डीटीसी और कलस्टर बसों को जोड़कर सिर्फ 6966 है। उन्होंने कहा कि सड़क पर चलने वाली बसों की औसत संख्या में कटौती हुई है। 2019-20 में जहां प्रतिदिन 3222 बसें सड़कों पर चलती थी वहीं 2025-26 में यह संख्या घटकर 2615 रह गई है, जो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि बसों की कमी और जनता के विश्वास में कमी के कारण 2013-14 में प्रतिदिन 43.5 लाख यात्री के अनुपात में 2025-25 में यह संख्या घटकर 24.3 लाख रह गया है। पिछले 13 वर्षों में 44 प्रतिशत की कमी आई है।

दिल्ली: पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए जल्द ही दिल्ली सरकार लेकर आयेगी रिहायशी इलाकों में घरेलू इस्तेमाल के लिए बोरवेल का प्रावधान । इस व्यवस्था के तहत घर में बोरवेल लगाने के लिए आवेदन किया जा सकेगा एवं निर्धारित शुल्क जो कि न्यूनतम होगा लेकर बोरवेल लगाने की अनुमति दी जाएगी । साथ ही दिल्ली जल बोर्ड की प्रक्रिया को सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने के लिए ई केवाईसी योजना को भी लागू किया जायेगा । मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार का 103700 करोड़ का बजट पास हुआ । मुख्यमंत्री के अनुसार इस साल का बजट ढाँचागत विकास पर आधारित है ।आने वाले समय में मुनक नहर पर एलिवेटेड कॉरिडोर एवं तीन मेट्रो कॉरिडोर का काम पूरा होने से दिल्ली बनेगा मेट्रो इंफ्रास्ट्रक्चर का सबसे बड़ा राज्य ।
यदि बात हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की की जाए तो मुख्य मंत्री का मानना है कि उपचार अधिकार है उपकर नहीं । इस बार स्वास्थ्य के लिए 12645 करोड़ का प्रावधान है । माधोपुर , सिरजपुर, हस्तसाल एवं ज्वालापुरी के अस्पतालों के निर्माण के लिए 515 करोड़ का प्रावधान रखा गया है ।200 करोड़ की लागत से पूर्वी दिल्ली स्थित जीटीबी अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण होगा । 2026- 27 के दौरान 700 नये आरोग्य मंदिर खोले जाने का लक्ष्य है। आयुष्मान योजना में ट्रांसजेंडर को भी शामिल किया गया है और अंत में अनमोल योजना के तहत नवजात जातकों के लिए 56 जांचें पूरी तरह से निशुल्क होंगी । मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मेडिकल कॉलेजों में स्नातक स्तर पर 820 एवं स्नातकोत्तर के लिए 762 सीटों का लक्ष्य रखा गया है ।
केंद्र द्वारा ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी कम किए जाने पर उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रोल पर कर ₹13 से घटाकर ₹3 प्रति लीटर और डीजल पर ₹10 से शून्य कर दिया गया है। यह निर्णय वैश्विक परिस्थितियों के बीच देशवासियों को सीधी राहत देता है और यह सुनिश्चित करता है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी रहें। बजट सत्र के दौरान याने के चारों दिन विपक्ष सदन से नदारद था ।विधानसभा के परिसर से बाहर नारे लगते हुए दिखाई दिया ।

दिल्ली: विधान सभा के पटल पर सीएजी रिपोर्ट पर अपने अभिभाषण में मुख्यमंत्री सुश्री रेखा गुप्ता ने शीश महल के अलावा किये कई अन्य खुलासे कहा कि रिनोवेशन के नाम पर कितने शीश महल बने यह आँकड़े बताते हैं । रिनोवेशन के नाम पर खुली लूट हुई । आम आदमी पार्टी के शासनकाल में मंत्रियों के आवास के रिनोवेशन पर खुलेआम सरकारी पैसा जो जन कल्याण पर लगाना चाहिए था पानी की तरह बहाया गया । राखी बेड़लान 2 करोड़ 33 लाख , राम निवास 3 करोड़ 23 लाख , गोपाल राय 2 करोड़ 55 लाख ,सत्येंद्र जैन 2 करोड़, सौरभ भारद्वाज 1 करोड़, आतिशी 67 लाख , मनीष सिसोदिया 7 करोड़ 50 लाख, इमरान हुसैन 3 करोड़ एवं राजेंद्र पाल गौतम 3 करोड़
सीएजी रिपोर्ट, जिसको केजरीवाल साहब ने वर्षों तक रोके रखा, को नैतिक पतन का दस्तावेज बताते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली की जनता को आम आदमी, आम आदमी, आम आदमी बोलकर, उन्होंने अपने आप को राजा और दिल्ली की जनता को दास समझा। जब दिल्ली में हजारों लोग मर रहे थे, तब पूर्व मुख्यमंत्री अपने पचास एयरकंडीशनर अपने घर में लगाकर, सत्तर पंखे लगाकर, वो कौन सा महल बनाया था।अठारह लाख रुपये की कॉफी । घर में तो कोई आता नहीं था, ना किसी अधिकारी को आने की इजाजत थी, विधायक को और ना जनता को। आख़िर वो कॉफी पीता कौन था?
नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से विधायक एवं दिल्ली सरकार में मंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने 58 करोड़ अगर शीश महल पर नहीं, आईसीयू और वेंटिलेटर पर खर्च होते, तो दिल्ली में हज़ारों जानें बच सकती थीं। कोविड के दौरान दिल्ली में ज़रूरी अस्पताल नहीं बने, ऑक्सीजन और आईसीयू बेड नहीं थे। लेकिन उसी वक्त आदेश था ‘शीश महल बनाओ’ – मोस्ट अर्जेंट । 11 साल में आम आदमी पार्टी ने किसी जनता की फ़ाइल पर मोस्ट अर्जेंट नहीं लिखा, सिर्फ लिखा तो अपने महल के लिए।
हैरानी की बात यह है कि ना कायदा ना कानून ना टेंडर और ना ही कैबिनेट की मंजूरी नियमों को ताक पर रख कर किया गया है शीश महल का निर्माण । रिपोर्ट पर उचित कार्यवाही और गुनहगारों को सजा के लिए रिपोर्ट को पार्लियामेंट्री एक्शन कमेटी को भेजने की माँग की है ।

दिल्ली: सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा ईसाई धर्म अपनाने पर अनुसूचित जाति (एससी) की सुविधाएं मिलने पर लगाई गई रोक के फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि इससे धर्म परिवर्तन, खासकर पंजाब में, रुकने में मदद मिलेगी। कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला बहुत स्वागतयोग्य है कि अनुसूचित जातियों (एससी) की सुविधाएं केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के लोगों को मिलेंगी और यदि कोई ईसाई बनता है तो वह एससी वर्ग को मिलने वाली सुविधाएं नहीं ले सकेगा।
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दिल्ली बजट पर तीखी और विस्तृत प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने इसे “ट्रिपल इंजन सरकार के दो बजट में ट्रिपल धोखा” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट भूत, वर्तमान और भविष्य - तीनों के साथ विश्वासघात है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने “लंबी-लंबी बातों के जरिए धीरे से बड़ा झटका” दिया है।वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट अनुमान पेश किया गया है, जिसमें 16,700 करोड़ रुपये कर्ज के माध्यम से जुटाने की योजना है। इसके अलावा एसएएससीआई योजना के तहत 2,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऋण लेने का भी प्रावधान है, पिछले वर्ष यह राशि 921 करोड़ था। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2025-26 के 1 लाख करोड़ रुपये के बजट में भी 15,000 करोड़ रुपये कर्ज से जुटाने की योजना थी, लेकिन 43 प्रतिशत से अधिक आवंटित बजट, जो विभिन्न परियोजनाओं और कार्यक्रमों पर खर्च होना था, वह खर्च ही नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य 97035.38 करोड़ था लेकिन 2025-26 के संसोधित अनुमान से स्पष्ट होता है कि सरकार 18,459 करोड़ रुपये सरकार जुटा ही नहीं सकी, जिसकी वजह से तमाम योजनायें केवल घोषणा तक ही सिमित रहा। उन्होंने कहा कि संसोधित अनुमान के आंकडें बताते है कि दिल्ली सरकार का फिसकल डेफिसिट 22 प्रतिशत से अधिक पहुँच गया है! अतः ऐसे बजट एफआरबीएम एक्ट का उलंग्न है।
केंद्र प्रायोजित योजनाओं से इस वर्ष 3,931.16 करोड़ रुपये राजस्व मिलने का अनुमान लगाया गया है, जो पिछले वर्ष के 4,127.82 करोड़ के अनुमान से काफी कम है। यह केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली के साथ भेदभाव के कांग्रेस के आरोपों को और मजबूत करता है। स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय मिशन के तहत 1,500 करोड़ रुपये की संभावित सहायता को भी उन्होंने “पुरानी घोषणा” बताया, जिसमें पिछले वर्ष भी कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। उन्होंने आगे कहा कि इस वर्ष जीएसटी और वेट के माध्यम से 3,200 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि पिछले वर्ष इसी मद में 8,136 करोड़ की ऐतिहासिक बढ़ोतरी की गई थी, जिस पर कांग्रेस ने सवाल उठाए थे। कुल कर राजस्व में भी 5,300 करोड़ रुपये की वृद्धि का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र से पर्याप्त सहयोग न मिलने के कारण दिल्ली की जनता पर करों का बोझ बढ़ाया जा रहा है और कर्ज लेकर बजट घोषणाएं की जा रही हैं, जिनमें से अधिकांश परियोजनाएं साल के अंत तक पूरी नहीं हो पातीं।
उन्होंने यह भी कहा कि सामान्य केंद्रीय अनुदान की राशि, जो पिछले वर्ष 7,968.01 करोड़ रुपये थी, घटकर इस वर्ष लगभग 3,931 करोड़ रह गई है। वहीं, स्टांप और रजिस्ट्रेशन से राजस्व संग्रह का लक्ष्य भी 2,000 करोड़ रुपये बढ़ाया गया है। आबकारी नीति पर लोक लेखा समिति (पीएसी) की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में मनीष सिसोदिया के निर्णयों से 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान की बात कही गई है। लेकिन यह रिपोर्ट सच्चाई उजागर करने से ज्यादा उसे छिपाने का प्रयास प्रतीत होती है, तभी इसे बजट के भारी-भरकम दस्तावेजों के बीच दबा दिया गया।
अनधिकृत कॉलोनियों के विकास के लिए वर्ष 2025-26 में आवंटित बजट का आधे से भी कम उपयोग किया गया। केंद्र की योजनाओं में भी समन्वय की कमी रही। आयुष्मान भारत, पीएम आवास योजना, पीएम-उषा, पीएमकेवीवाई और पीएम किसान आदि में या तो सहयोग नहीं मिला या प्राप्त धन का उपयोग नहीं किया गया। शहरी परिवहन, केंद्रीय सड़क निधि और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए घोषित धनराशि भी प्राप्त नहीं हो सकी।

दिल्ली: विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखकर नेता प्रतिपक्ष सुश्री आतिशी ने सदन में विपक्ष की अनुपस्थिति पर सवाल उठाने पर दिया करार जवाब। उन्होंने स्पीकर द्वारा विपक्ष की अनुपस्थिति को लोकतांत्रिक जिम्मेदारी का उल्लंघन बताने पर कहा कि विपक्ष के विधायकों को असंवैधानिक तरीके से बार-बार निलंबित कर उनकी आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने स्पीकर से मांग की कि हमारे विधायकों का निलंबन वापस लिया जाए। इसके बाद विपक्ष के सभी विधायक बजट सत्र में जरूरी शामिल होंगे।विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में उनके बयान को पूरी तरह अनुचित बताते हुए कहा है कि पिछले एक साल से विधानसभा को एक लोकतांत्रिक संस्था के रूप में कार्य करने की अनुमति नहीं दी जा रही है और विपक्ष की आवाज को व्यवस्थित रूप से दबाया जा रहा है, जहां जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों को मामूली उकसावे पर निलंबित कर सदन से बाहर निकाल दिया जाता है। पत्र में इस सत्तावादी दृष्टिकोण के सबसे ज्वलंत उदाहरण के रूप में शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष के चार विधायकों संजीव झा, कुलदीप कुमार, जरनैल सिंह और सोमदत्त के निलंबन का उल्लेख किया, जिन्हें न केवल पूरे सत्र के लिए सदन से बाहर रखा गया, बल्कि विधानसभा परिसर में प्रवेश तक की अनुमति नहीं दी गई और सत्र समाप्त होने के बाद भी उन्हें समिति की बैठकों में भाग लेने से रोका गया, जो कि अनुशासन नहीं, बल्कि उनकी आवाज को कुचलने के उद्देश्य से दी गई सजा है।
उन्होंने सदन के संचालन में अपनाए जा रहे दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां भाजपा विधायकों द्वारा दो दिनों तक सदन की कार्यवाही बाधित करने पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, वहीं विपक्षी विधायकों के खिलाफ पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है, जो दिल्ली विधानसभा के इतिहास में अभूतपूर्व है।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि विपक्ष बजट सत्र में भाग लेकर दिल्ली की जनता की चिंताओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी भावना के साथ ‘‘आप’’ विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने 21 मार्च 2026 को अध्यक्ष से मिलकर रचनात्मक भागीदारी की इच्छा भी जताई थी। पत्र के अंत में उन्होंने पुरजोर मांग की है कि चारों विधायकों का निलंबन तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए, क्योंकि भय, बहिष्कार और पक्षपात पूर्ण कार्यवाही के माहौल में सार्थक भागीदारी संभव नहीं है, और जैसे ही विधायकों के निलंबन को वापस लिया जाएगा, सभी विपक्षी विधायक सदन की गरिमा, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बहाल करने के लिए कार्यवाही में पूर्ण एवं जिम्मेदारी के साथ भाग लेंगे।
दिल्ली: इस साल का दिल्ली सरकार का अनुमानित बजट 103700 करोड़ है । दिल्ली की मुख्यमंत्री सुश्री रेखा का कहना है कि यह बजट ‘विकसित दिल्ली’ के संकल्प को गति देने वाला है, दिल्ली के सर्वांगीण विकास, जनभागीदारी और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक ठोस कदम है। 74000 करोड़ टैक्स से एवं 900 करोड़ गैर राजस्व से जुटाने का लक्ष्य । इस बार के बजट में विकास पर्यावरण एवं शहर के बुनियादी ढाँचे पर केंद्रित है जिसे ग्रीन बजट का नाम दिया गया है ।
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बजट के कुछ अंश कुछ इस प्रकार हैं , शिक्षा पर 19148 करोड़, स्वास्थ्य पर 12645 करोड़, पर्यावरण पर 22236 करोड़ एवं समाज कल्याण के लिए 2392 करोड़ का प्रावधान है । इस वित्तीय वर्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 7406 करोड़ प्रस्तावित है । महिला समृद्धि योजना के लिए 5110 करोड़ का प्रावधान है । 260 करोड़ के बजटीय प्रावधान के अंतर्गत होली और दिवाली पर महिलाओं को मुफ्त गैस सिलेंडर दिए जायेंगे । दिल्ली लखपति बिटिया योजना के अंतर्गत जन्म से लेकर ग्रेजुएशन तक बेटियों के अकाउंट में सरकार 61000 रुपये डालेगी । ग्रेजुएशन होने पर यह राशि 1.20 लाख हो जाएगी । इसके लिए 128 करोड़ रुपये का प्रावधान है ।
सुरक्षा के मद्देनज़र डार्क स्पॉट्स में अतिरिक्त 50000 कैमरे और उनके रखरखाव के लिए 225 करोड़ का प्रावधान है । महिलाओं को कौशल बाजार से जोड़ने के लिए महिला हाट का प्रावधान है जिसे रानी हाट के नाम से जाना जाएगा । इसके लिए 10 करोड़ का प्रावधान है । यदि बात परिवहन व्यवस्था की की जाए तो इसके लिए 8374 करोड़ का बजट प्रस्तावित है । 2029 तक दिल्ली की सड़क पर 12000 बसें दौड़ने लगेंगी । यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से होगी । दिल्ली इलेक्ट्रिकल व्हीकल पालिसी 2.0 के लिए 200 करोड़ का प्रावधान है ।
दिल्ली में जल एवं सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ बनाने के लिए 9000 करोड़ का प्रावधान है । अधूरे अस्पतालों को पूरा करना दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी । मुख्यमंत्री ने अन्य मसलों पर भी विस्तृत चर्चा की ।
दिल्ली: आम आदमी पार्टी ने अपने चार विधायकों का निलंबन वापस लेने की मांग को लेकर विधानसभा के बाहर ‘लोकतंत्र की अर्थी’ यात्रा निकाल कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान ‘‘आप’’ विधायकों ने ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ के जमकर नारे लगाए। विधानसभा में जाने से रोकने पर ‘‘आप’’ विधायकों और पुलिस के बीच जमकर तीखी बहस हुई। उन्होंने कहा कि जब भाजपा के पास सवालों के जवाब नहीं होते है, तब सत्ता के नशे में चूर विपक्ष की आवाज़ कुचलने लगती है। विधानसभा के बाहर ‘लोकतंत्र की अर्थी’ यात्रा सिर्फ़ एक विरोध नहीं है, बल्कि भाजपा की तानाशाही के खिलाफ जनता का आक्रोश है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की हत्या करने वालों को इतिहास कभी माफ नहीं करता और जनता हर अन्याय का हिसाब लेती है। तानाशाही की ये राजनीति अब नहीं चलेगी।

दिल्ली: अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरू और सहदेव के बलिदान दिवस पर आज दिल्ली भाजपा कार्यालय में आयोजित एक सादे समारोह में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा के साथ पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एवं विधायक सतीश उपाध्याय द्वारा स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ भगत सिंह पार्क मालवीय नगर में आयोजित एक कार्यक्रम में शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के समाचार भी मिले हैं।महामंत्री एवं सांसद योगेन्द्र चांदोलिया, मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर, मीडिया रिलेशन प्रमुख विक्रम मित्तल, प्रवक्ता यासिर जिलानी, सह कार्यालय मंत्री अमित गुप्ता और स्थानीय दिल्ली गेट मंडल अध्यक्ष राकेश वर्मा, सीताराम बाजार मंडल प्रेम चंद सैनी एवं चांदनी महल मंडल अध्यक्ष सुनील शर्मा सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता समारोह में सम्मिलित हुए।
भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ने शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के वे अमर नायक बताते हुए कहा कि इन तीनों क्रांतिकारियों ने 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारों से ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला दी थी और 23 मार्च 1931 को लाहौर जेल में उन्हें फांसी दी गई, जिसे आज हम 'शहीद दिवस' के रूप में मनाते हैं। इनका बलिदान केवल एक राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि देश के युवाओं के लिए देशभक्ति की एक मशाल थी। आज भी उनका साहस और वैचारिक स्पष्टता करोड़ों भारतीयों को प्रेरित करती है। इन महान सपूतों का बलिदान इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।
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ग्लोबल सिनेमा के सबसे रोमांचक सहयोगों में से एक में, भारतीय सुपरस्टार ऋतिक रोशन ने ‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’ की टीम के साथ मिलकर इस फिल्म को भारतीय दर्शकों के सामने एक खास अंदाज़ में प्रस्तुत किया है। इस खास वीडियो को आप यहाँ देख सकते हैं:
https://www.instagram.com/reel/DWGUOMsgJ2r/?igsh=ZmJ4OWgyeDFxN2Uw वीडियो में एक भावनात्मक क्रॉसओवर दिखाया गया है, जिसमें Koi… Mil Gaya के ऋतिक और जादू के साथ-साथ ‘प्रोजेक्ट हेल
मैरी’ का एलियन ‘रॉकी’ भी नज़र आता है। ‘रॉकी’, ऋतिक रोशन से उनका प्रतिष्ठित गीत ‘एक पल का जीना’ का हुक स्टेप सीखता हुआ दिखाई देता है। इस नई अंतरिक्षीय दोस्ती पर ऋतिक के पुराने एलियन मित्र ‘जादू’ की मज़ेदार प्रतिक्रिया भी देखने को मिलती है। यह बॉलीवुड और हॉलीवुड का यह अनोखा संगम, ऋतिक और जादू की लोकप्रिय ऑन-स्क्रीन दोस्ती के नॉस्टेल्जिया को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, ताकि ‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’ को भारतीय दर्शकों तक और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।
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‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’, एंडी वेयर (जिन्होंने The Martian लिखी है) के बेस्टसेलिंग उपन्यास पर आधारित है। ऋतिक रोशन ने दिसंबर २०२५ में इस पुस्तक के प्रति अपना प्रेम सोशल मीडिया पर व्यक्त किया था, जिससे यह सहयोग और भी स्वाभाविक और विशेष बन गया है। यह दो अलग-अलग फिल्मों—‘कोई… मिल गया’ और ‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’—की मानव-एलियन मित्रता को एक साथ जोड़ता है। इस सहयोग पर बात करते हुए, सोनी पिक्चर्स रिलीज़िंग इंटरनेशनल, इंडिया के जनरल मैनेजर और प्रमुख शॉनी पंजीकरण ने कहा कि “‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’ एक ऐसी भव्य और महत्वाकांक्षी फिल्म है, जिसे भारत के दर्शक बड़े पर्दे पर देखना पसंद करते हैं। हमें खुशी है कि ऋतिक रोशन इस फिल्म को भारत में समर्थन दे रहे हैं। उनकी इस कहानी के प्रति गहरी रुचि और दर्शकों से उनका सशक्त जुड़ाव उन्हें इस फिल्म के लिए एक आदर्श प्रतिनिधि बनाता है।”प्रसिद्ध निर्देशक जोड़ी फ़िल लार्ड और क्रिस्टोफर मिलर द्वारा निर्देशित ‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’ की कहानी रायलैंड ग्रेस (रायन गॉसलिंग) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक अकेला अंतरिक्ष यात्री है। वह एक रहस्यमयी अंतरिक्ष यान पर बिना अपनी पहचान और मिशन की स्मृति के जागता है।
फिल्म में सैंड्रा हूलर, लियोनेल बायसी, केन लियांग और मिलाना व्यंतृब जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नज़र आएंगे। आमेजन एमजीएम स्टूडियोज द्वारा प्रस्तुत और सोनी पिक्चर रिलीजिंग इंटरनेशनल द्वारा वितरित ‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’ भारत में २६ मार्च २०२६ को रिलीज़ होगी। यह फिल्म अंग्रेज़ी, हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में आईमैक्स®️ और अन्य प्रीमियम बड़े प्रारूपों में प्रदर्शित की जाएगी।