नई दिल्ली 28, Apr 2026

लेख

1 - कैसे होंगे केरल के सियासी समीकरण

2 - कौन सा खेला खेलेंगी ममता बैनर्जी पश्चिम बंगाल में

3 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

4 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

5 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

6 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

7 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

8 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

9 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

10 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

11 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

12 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

13 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

14 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

15 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

16 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

17 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

18 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

19 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

20 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

21 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

22 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

23 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

24 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

25 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

26 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

27 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

28 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

29 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

30 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

31 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

32 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

33 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

34 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

35 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

36 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

37 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

38 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

39 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

40 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

41 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

42 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

43 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

44 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

45 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

46 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

47 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

48 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

49 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

50 - ठेके आन फिटनेस सेंटर ऑफ छा गए केजरीवाल जी तुस्सी

रंगपुरी में जल संकट संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का उल्लंघन

 

दिल्ली:रंगपुरी पहाड़ी के इजरायल कैंप के लगभग 20 हजार लोगों के जल संकट के संबध में प्राथमिक तौर पर तत्काल हस्तक्षेप करने के संबध में दिल्ली के माननीय उपराज्यपालदिल्ली की मुख्यमंत्रीमुख्य कार्यकारी अधिकारी दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड को पत्र लिखकर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने जताई चिंता कहा कि इजरायल कैंपरंगपुरी पहाड़ी दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड में अधिसूचित जेजे कलस्टर हैजहां आर्थिक रुप से कमजोर और वंचित वर्ग के लोग अपने दैनिक निर्वाह और अस्तित्व के लिए बेहद सीमित संसाधनों पर निर्भर हैजबकि इनकी जीविका के लिए मूलभूत सुविधाओं सहित पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना सरकार की विशेष जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामी के कारण गरीब लोगों को पानी खरीदना पड़ रहा है जिसके लिए उन्हें 1500 रुपये तक मासिक खर्च करना पड़ रहा है। उपराज्यपालमुख्यमंत्री सहित संबधित विभागों के अधिकारियों के संज्ञान में लाते हुए कहा कि जब उच्च न्यायालय ने दिल्ली जल बोर्ड को इजरायल कैंपरंगपुरी पहाड़ी के लिए किली लीटर क्षमता के 15 टैंकर प्रतिदिन तैनात करने के आदेश दिए हैलेकिन दिल्ली जल बोर्ड सिर्फ 6-7 टैंकर तैनात कर रहा है जो हजारों लोगों की जरुरत पूरी करने के लिए नाकाफी है।उन्होंने कहा कि गर्मी में पानी की बढ़ती जरुरत अनुसार कम से कम 30 पानी के टैंकर प्रतिदिन उपलब्ध कराकर इनकी प्यास बुझाई जा सकती है। इजरायल कैंप में हजारों लोगों की पानी की जरुरत को पूरा करने वाली बोरवेल को भी प्रशासन द्वारा सील करनागरीब लोगों की अजीविका को संकट में डालना हैजबकि ये 20 लोग भी दिल्ली के नागरिक है। सरकार ने स्थायी पाईप लाईन की व्यवस्था किए या पर्याप्त टैंकर की व्यवस्था किए बोरवेल को सील किया। उन्होंने कहा कि इजरायल कैंप से करीब 50-60 मीटर दूरी पर दिल्ली नगर निगम स्कूल के नजदीक दिल्ली जल बोर्ड की पाईप लाईन को कैंप तक जोड़ा जा सकता हैतब तक कम से कम 10 सार्वजनिक नल लगाने की व्यवस्था की जाए ताकि 40-43 डिग्री की भीष्ण गर्मी में लोगों को राहत दी जा सके।
पत्र में हवाला दिया है कि स्वच्छ पेयजल का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का अभिन्न अंग हैजिसको सर्वोच्च न्यायालय अपने आदेशों में बार-बार दोहराता रहा है। यही नही 1977 में संयुक्त राष्ट्र जल सम्मेलन के दौरान प्रस्ताव पारित हुआ कि स्वच्छ जल का अधिकार एक बुनियादी अधिकार है और जुलाई 2010 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव में मानव के लिए पानी अधिकार को स्वीकृति मिली। इसके अलावा राष्ट्रीय जल नीति 2012 में स्पष्ट प्रावधान किया गया कि केन्द्रराज्यों और स्थानीय निकायों को अपने सभी नागरिकों के लिए आवश्यक स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए पीने योग्य पानी की न्यूनतम मात्रा तक पहुँच सुनिश्चित करनी चाहिए।

रीमा गौतम सिक्स सिग्मा एक्सीलेंस अवार्ड 2026 से सम्मानित

दिल्ली: राजधानी के ताज पैलेस में आयोजित “7वें सिक्स सिग्मा लीडरशिप समिट एवं एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026” में पत्रकार रीमा गौतम को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में देश-विदेश के प्रतिष्ठित डॉक्टर, उद्योगपति, नीति-निर्माता और लीडर्स ने भाग लिया। समारोह में भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना सहित विभिन्न सुरक्षा बलों के अधिकारियों के साथ-साथ कई जानी-मानी हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसी मंच पर रीमा गौतम को उनके योगदान और उपलब्धियों के लिए विशेष रूप से सराहा गया।

यह समिट सेवा, समर्पण और उत्कृष्टता के मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जहां विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।

बढ़ते नशे एवं व्यापारियों को धमकी कारोबार के प्रति और 2027 में पंजाब से भी

दिल्ली: पंजाब में जनाक्रोश है "आप" की सरकार के भ्रष्टाचार एवं चुनाव चंदा उगाही के साथ ही राज्य में बढ़ते नशे एवं व्यापारियों को धमकी कारोबार के प्रति और 2027 में पंजाब से भी "आप" की विदाई निश्चित है। तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दिल्ली प्रदेश भारतीय जानता पार्टी के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि  कोई भी व्यक्ति जो किसी पार्टी से सांसद के पद तक पहुंचता है वो बहुत तप तपस्या करके पहुंचता है और सारे देश ने देखा की 2011 से 2024 तक श्री राघव चड्ढा ने एक चार्टर्ड आकउंटेंट होते हुए भी अपना प्रोफेशनल कैरियर छोड़कर आम आदमी पार्टी के निर्माण फैलाव में अरविंद केजरीवाल का साथ दिया पर पहले तत्कालीन दिल्ली सरकार के शराब घोटाले एवं फिर पंजाब सरकार में भ्रष्टाचार के चलते वह 2024 से पार्टी को चेता रहे थे पर अरविंद केजरीवाल ने उनकी हर बात को नजरअंदाज करा और उन्हे राज्यसभा में उपनेता पद से हटा कर अपमानित किया, जिसके बाद "आप" के 7 सांसदों ने पार्टी छोड़कर राष्ट्र हित में भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया।

दिल्ली भाजपा प्रवक्ता ने कहा है देश का भविष्य हैं देश के मिडल क्लास युवा एवं आज के युवा "गिग वर्कर्स", सौरभ भारद्वाज बतायें की ऐसे में उन्हे सांसद श्री राघव चड्ढा के इन मिडिल क्लास युवाओं की हक की बात करना क्यों बुरा 

सत्याग्रह के सिद्धांतों का पालन करते हुए कार्यवाही में भाग नहीं लेंगे केजरीवाल

दिल्ली: संवैधानिक मूल्यों और न्यायिक निष्पक्षता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को जताते हुए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने उनकी कोर्ट में चल रहे अपने केस की कार्यवाही में आगे न बढ़ पाने की असमर्थता जताई है। उन्होंने कहा है कि वर्तमान मामले की कार्यवाही ‘न्याय होते हुए दिखना चाहिए’ के सिद्धांत का पालन नहीं करती है। उन्होंने कहा कि गांधी जी के सत्याग्रह के सिद्धांतों का पालन करते हुए मैं खुद या वकील के जरिए इस कार्यवाही में भाग नहीं लूंगा। ऐसी कार्यवाही में मेरे खुद के या किसी वकील के जरिए शामिल होने से कुछ भी सार्थक परिणाम नहीं निकलेगा। यह प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गहन विचार-विमर्श के बाद लिया गया एक कठिन, लेकिन आवश्यक फैसला है।
सोमवार को एक्स पर उन्होंने कहा कि पूरी विनम्रता और न्यायपालिका के प्रति पूर्ण सम्मान के साथ उन्होंने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को यह पत्र लिखा है। इसमें सूचित किया है कि गांधी जी के सत्याग्रह के सिद्धांतों पर चलते हुए उनके लिए उनकी अदालत में इस मामले की पैरवी करना (चाहे व्यक्तिगत रूप से या किसी वकील के जरिए) संभव नहीं होगा। उन्होंने यह कठिन फैसला इस स्पष्ट निष्कर्ष पर पहुंचने के बाद लिया है कि उनकी अदालत में चल रही कार्यवाही किसी भी तरह से इस मूलभूत सिद्धांत को पूरा नहीं करती है कि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होते हुए दिखना भी चाहिए। इन कार्यवाहियों में मेरे खुद के या किसी वकील के माध्यम से शामिल होने से कुछ भी सार्थक परिणाम नहीं निकलेगा।
वहीं, अपने पत्र में उन्होंने न्यायपालिका के प्रति अत्यंत सम्मान व्यक्त करते हुए कहा है कि यह लंबे समय से लोकतंत्र के एक प्रहरी के रूप में खड़ा है और जब अन्य संस्थान लड़खड़ाए, तो इसने बार-बार संवैधानिक मूल्यों को बरकरार रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका पत्र गुस्से में या अनादर में या व्यक्तिगत टकराव की किसी भावना से नहीं लिखा गया है, बल्कि दर्द, विनम्रता और न्यायपालिका की भूमिका में अटूट विश्वास के साथ लिखा गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह मुद्दा एक व्यक्तिगत मामले से बड़ा है, जो न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता में आम नागरिकों के विश्वास को छूता है।न्यायपालिका की ऐतिहासिक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 75 वर्षों से अधिक समय से नागरिकों ने अधिकारों की रक्षा और ज्यादतियों पर रोक लगाने के लिए इसकी ओर देखा है। उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य न्यायपालिका को मजबूत करना और इसे कमजोर होने से रोकना है।
अपने पहले के रिक्यूजल (सुनवाई से अलग होने के) आवेदन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह इस वास्तविक आशंका के कारण दायर किया गया था कि क्या न्याय केवल होगा ही नहीं, बल्कि होता हुआ दिखेगा भी।
उन्होंने बताया कि 20 अप्रैल 2026 को आवेदन खारिज होने के बाद भी उनकी चिंताओं का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने लिखा कि मैं इस दर्दनाक और अपरिहार्य धारणा के साथ रह गया हूं कि मैंने आशंका की एक वैध दलील के रूप में जो आग्रह किया था, उसे एक व्यक्तिगत हमले के रूप में लिया गया और उसी तरह से जवाब दिया गया। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की व्याख्या ने उनके लिए यह विश्वास करना असंभव बना दिया कि मुझे इस अदालत में ऐसी सुनवाई मिल सकती है जो निष्पक्ष प्रतीत हो।
महात्मा गांधी की शिक्षाओं का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गांधी जी के कार्य सत्याग्रह के सिद्धांत द्वारा निर्देशित थे, जो कोई भी रुख अपनाने से पहले संवाद, आत्मनिरीक्षण और संयम की मांग करता है। उन्होंने लिखा कि यह नफरत से पैदा हुआ विद्रोह नहीं है, न ही अहंकार से पैदा हुई अवहेलना है। यह अंतःकरण का शांत आग्रह है।
अपनी चिंताओं को रेखांकित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने अपने रिक्यूजल आवेदन में उठाए गए दो प्रमुख मुद्दों को दोहराया। पहला, उन्होंने अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के साथ जज के बार-बार सार्वजनिक जुड़ाव की ओर इशारा किया, जिसे उन्होंने सत्ताधारी व्यवस्था के वैचारिक इकोसिस्टम का हिस्सा बताया और ध्यान दिलाया कि आम आदमी पार्टी वैचारिक रूप से उस ढांचे के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस तरह के जुड़ाव ने उनके मन में निष्पक्ष सुनवाई की संभावना के बारे में गंभीर संदेह पैदा कर दिया है।

सरना ब्रदर्स एवं मंजीत सिंह के निष्कासन पिछले फैसले पर पक्की मोहर

दिल्ली: सिख गुरुद्वारा कमेटी की विशेष बैठक में परमजीत सिंह सरना, हरविंदर सिंह सरना और मनजीत सिंह जी.के. की सदस्यता खत्म करने के पिछले फैसले पर लगी पक्की मुहर

 

विशेष बैठक में सरना द्वारा पैसे देकर सदस्य खरीदने और अपशब्दों की शिकायत जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब से करने का लिया गया  फैसला । आज विशेष बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सरदार हरमीत सिंह कालका और सरदार जगदीप सिंह काहलों ने बताया कि इस विशेष बैठक का एजेंडा 15 दिन पहले सभी सदस्यों को भेज दिया गया था। उन्होंने बताया कि आज की बैठक में 38 सदस्यों ने भाग लिया, जिन्होंने 25 अक्टूबर 2025 के फैसले को दोबारा मंजूरी देते हुए उस पर पक्की मुहर लगा दी, जिसके तहत इन तीनों नेताओं की सदस्यता समाप्त की गई थी।
उन्होंने बताया कि 25 अक्टूबर 2025 की बैठक में भी सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर इन तीनों नेताओं की सदस्यता खत्म की थी और आज उसी फैसले को फिर दोहराया गया है। उन्होंने कहा कि सरना भाइयों और मनजीत सिंह जी.के. ने दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी एक्ट का उल्लंघन करते हुए अपने पारिवारिक सदस्यों की कंपनियों के नाम पर कमेटी के साथ वित्तीय लेनदेन किया, जो नियमों के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि पंजाब स्टील, जो सरना भाइयों की कंपनी है, तथा मनजीत सिंह जी.के. की बेटी के नाम वाली कंपनी रैंबी क्लोथिंग के साथ लेनदेन किया गया, जो दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी एक्ट का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि एक्ट में स्पष्ट लिखा है कि पारिवारिक सदस्यों की कंपनियों के साथ किसी भी प्रकार का लेनदेन नहीं हो सकता, लेकिन इसके बावजूद ऐसा किया गया।
पत्रकारों के सवालों के जवाब में सरदार कालका और सरदार काहलों ने कहा कि मनजीत सिंह जी.के. ने किताबों के नाम पर भी बिल लगाए हैं और 1 लाख डॉलर भी गायब किया है। उन्होंने कहा कि इन आरोपों पर उन्हें संगत को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरोपों का जवाब देने की बजाय मनजीत सिंह जी.के. और सरना भाई इधर-उधर की दलीलें दे रहे हैं, जो गलत है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने सरना भाइयों और जी.के. को उनके खिलाफ लगे आरोपों पर अपना पक्ष रखने के लिए दो बार मौका दिया था। आज की बैठक में भी इन्हें बुलाया गया था, लेकिन इन्होंने कोई जवाब नहीं दिया, जिससे साबित होता है कि आरोप सही हैं।
एक अन्य सवाल के जवाब में सरदार कालका और सरदार काहलों ने कहा कि दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी का हर सदस्य छठे पातशाह श्री हरगोबिंद साहिब जी के तख्त श्री अकाल तख्त साहिब को समर्पित है और तख्त पर विराजमान जत्थेदार साहिब को जवाबदेह है। उन्होंने कहा कि हम जत्थेदार साहिब का दिल से सम्मान करते हैं और उनके हर दिशा-निर्देश का पालन करते हैं।
उन्होंने कहा कि समय-समय पर हमारी बातचीत जत्थेदार साहिब से होती रहती है और हम हमेशा उनके हुक्म को सिर माथे मानते हैं। उन्होंने कहा कि आज विशेष बैठक में जो भी फैसला हुआ है, उसके बारे में 11 सदस्यीय कमेटी बनाकर श्री अकाल तख्त साहिब भेजी जाएगी, जो जत्थेदार साहिब को इन फैसलों और संगत की भावना से अवगत कराएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि मनजीत सिंह जी.के. के खिलाफ दर्ज तीन एफआईआर हैं और उनमें चार्जशीट भी दाखिल है, जिसके चलते माननीय कोर्ट ने उन्हें देश छोड़ने पर रोक लगाने के आदेश दिए हुए हैं।

पंजाब के गद्दारों को जनता सबक जरूर सिखाएगी


दिल्ली/पंजाब: आदमी पार्टी ने पंजाब से सात राज्यसभा सांसदों को तोड़कर पंजाब को जीतने का सपना देख रही भाजपा पर तीखा हमला बोला है। ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और प्रभारी मनीष सिसोदिया समेत अन्य नेताओं ने इस साजिश को पंजाब के लोगों के साथ गद्दारी बताया है। अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि भाजपा ने एक बार फिर पंजाबियों के साथ धक्का किया है। उधर, ‘‘आप’’ ने अपनी स्वेच्छा से पार्टी की सदस्यता त्यागने वाले सांसद राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक की सदस्यता समाप्त करने के लिए राज्यसभा के सभापति को पत्र भेजने का फैसला किया है।
पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने कहा कि भाजपा हमेशा से पंजाब विरोधी रही है। जब से बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून पास हुए हैं, भाजपा में बेचौनी साफ दिखाई दे रही है, उन्हें यह बर्दाश्त नहीं हो रहा। पंजाब में अपनी बार-बार हो रही हार का बदला लेने के लिए भाजपा, पंजाब और आम आदमी पार्टी के प्रति हमेशा नफरत की भावना रखती आई है। हम पार्टी छोड़ने वालों और उन्हें शामिल करने वालों, दोनों की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं पंजाब की पवित्र धरती से यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि आम आदमी पार्टी आम लोगों की पार्टी है और लोग ही हमारी असली ताकत हैं। पंजाब के गद्दारों को जनता जरूर सबक सिखाएगी। ऐसी चालों से ये पंजाब को नहीं जीत सकते। लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी होती है और आम लोग ही हमारी ताकत हैं। आम आदमी पार्टी एक क्रांतिकारी सोच वाली पार्टी है और एकजुट होकर हमेशा सच्चाई के लिए डटकर खड़ी है।
वहीं, गुजरात दौरे पर गए आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने एक्स पर कहा कि तीन दिन से गुजरात में हूं। जिस समय गुजरात में हज़ारों कार्यकर्ता अपनी जान जोखिम में डालकर, सारे ख़तरे और बीजेपी की धमकियाँ झेलकर पार्टी की विचारधारा को मजबूत करने कीलिये खून पसीना बहा रहे है, उसी समय कुछ गद्दारों ने पंजाब के कार्यकर्ताओं के ख़ून पसीने की कमाई का सौदा कर लिया। आज जो राज्यसभा सदस्य अपनी निजी मजबूरियों, डर और लालच के कारण भाजपा के सामने झुक गए, जिन्होंने पंजाब के लोगों के साथ ग़द्दारी की है, उन्हें पता होना चाहिए कि पंजाब गद्दारों को कभी माफ नहीं करता है। राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि मैं राज्यसभा सभापति को एक पत्र प्रस्तुत करूंगा, जिसमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कारण राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग की जाएगी, क्योंकि यह संविधान की दसवीं अनुसूची के अंतर्गत स्वेच्छा से अपनी पार्टी की सदस्यता त्यागने के समान है।
उधर, “आप” के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर कहा कि ऑपरेशन लोटस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि कोई भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार और कुशासन का विरोध करना चाहता है, तो उसे जेल का डर छोड़ना ही होगा। ईडी को भाजपा की निजी गेस्टापो (तानाशाह पुलिस) में तब्दील कर दिया गया है, जो अपनी मनमर्जी से विपक्षी नेताओं के यहां छापेमारी कर रही है, उन्हें डरा-धमका रही है और जेल में डाल रही है। मोदी राज में यह फासीवादी धौंस अब आम बात बन गई है। उन्हांेने कहा कि असली खतरा यह है कि अगर कोई विपक्ष बचेगा ही नहीं, तो आखिर इस अहंकारी सरकार की जवाबदेही कौन तय करेगा? जनता की आवाज कौन उठाएगा? दिनदहाड़े लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। जागो भारत।

कांग्रेस चलाऐगी बेहतर दिल्ली अभियान

 

दिल्ली: बेहतर दिल्ली अभियान के बारे में जानकारी देते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अजय माकन ने जानकारी देते हुए कहा कि इंडियन यूथ कांग्रेस ने पूरे देश भर के शहरी इलाकों के अर्बन एरियाज के अंदर जो लोगों को दिक्कतें को सुलझाने के लिए एक व्यापक कार्यक्रम बेहतर दिल्लीसंवाद-संघर्ष-समाधान अभियान की शुरुआत करके शहरीकृत क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं को दूर करने की आवाज को उठाकर लोगों को राहत देने के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा कि पूरे देश में 40 प्रतिशत जनसंख्या शहरों रहती है जिनकी पानी की कमीप्रदूषणपरिवहनगंदगी सहित क्षेत्रीय समस्याओं को उठाने का काम की शुरुआत दिल्ली युवा कांग्रेस मई से दिल्ली में बेहतर दिल्ली अभियान के तहत शुरु करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता अभियान में मुख्यतः दिल्ली में भाजपा की सरकार से मांगों को लेकर मैदान में उतरेंगे जबकि लोगों की समस्याओं और परेशानियों की अगर गिनती करें तो दिल्ली की समस्याएं एक शतक से भी अधिक है। युवा कांग्रेस ने देश के शहरी इलाकों की समस्याओं को सुलझाने की पहल एक सराहनीय कदम हैजिसके तहत ये लोगों के बीच गली-गली मौहल्ले जाकर समस्याओं पर चर्चा करेंगे और उनके समाधान के लिए जरुरी कदम उठाये  जायेंगे ।

यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने बेहतर दिल्ली अभियान में मुख्यतः मांग रखी कि दिल्ली से जल भराव की समस्या ख़त्म होदिल्ली की जनता को 24 घंटे साफ पानी मिलेदिल्ली के स्कूलों में सीसीटीवी के साथ बेहतर सुरक्षा मिलेदिल्ली से प्रदूषण को ख़त्म करने के कड़े उपाय किये जाएंदिल्ली की सारी इंडस्ट्रीज को शहर से बाहर ले जाया जाएदिल्ली नगर निगम के पिछले 20 साल के कार्यकाल का हिसाब-किताब सार्वजनिक हो और दिल्ली की जनता के लिए काम होविज्ञापन पर पैसे खर्चना बंद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर दिल्ली अभियान के बाद अगर भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्ली की जनता की बेहतरी के लिए इन मुद्दों पर काम नहीं किया तो भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने जानकारी दी  कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में कूड़े के पहाड़ों को 2022 तक ख़त्म हो करने के लिए कहा था लेकिन पहले आम आदमी पार्टी और अब भाजपा के शासन में सरकार इन्हें हटाने के लिए तारीख बढ़ाती रही है। सरकारों ने इस जटिल समस्या का हल निकालने के बजाए कूड़े को खुले मेंखाली कॉलोनियों में डालना शुरू कर दिया। अब नरेला से बवाना के बीच और किराड़ी में कई नए कूड़े के पहाड़ दिख जाऐंग। उन्होंने कहा कि सरकार कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने की जगह कूड़े को शिफ्ट करने का काम कर रही है। दिल्ली में आज लगभग 4200 टन कूड़े की प्रोसेसिंग की कमी है। अगर 4200 टन कूड़ा प्रोसेस नही होगा तो निश्चित ही उसे खुले में डाला जाएगा। भाजपा सरकार कूड़े की प्रोसेस क्षमता बढ़ाने की जगह कूड़े को ट्रांसफर करके समस्या को बढ़ा रही इसी तरह दिल्ली को आज 1500 एमजीडी पानी चाहिए जबकि सरकार सिर्फ 861 एमजीडी पानी ही उपलब्ध कर पा रही हैजबकि उपलब्ध पानी में लगभग 57 प्रतिशत पानी लीकेज व अन्य कारणों से बर्बाद हो जाता है। सरकार सिर्फ 43 प्रतिशत लोगों तक पहुंचने का काम करता है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार की जो कमियां हैंमुझे पूरा विश्वास है कि हमारे युवा कांग्रेस कार्यकर्ता जनता की जरुरत से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के तौर पर उठाकर समस्याओं को हर स्तर पर खत्म करने के लिए काम करेंगे।

दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष  अक्षय लाकरा, युवा कांग्रेस प्रभारी खुशबु शर्मा एवं पार्टी के प्रवक्ता अभय दूबे भी मंच पर दिखाई दिए ।

पंजाबी कॉमेडी का जबरदस्त तड़का पिट्ट सियापा

 

दिल्ली: पंजाबी सिनेमा में एक बार फिर कुछ हटकर देखने को मिलने वाला है। आगामी कॉमेडी फिल्म “पिट्ट सियापा” का टीज़र रिलीज होते ही चर्चा में आ गया है। इसी कड़ी में फिल्म की प्रेस कॉन्फ्रेंस राजधानी के प्रतिष्ठित होटल द ललित नई दिल्लीमें आयोजित की गई, जहां मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री के लोगों की खास मौजूदगी रही।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिल्म की स्टार कास्ट सोनम बाजवा और परमवीर सिंह चीमाने हिस्सा लिया और फिल्म से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। सोनम बाजवा  ने बताया कि फिल्म की कहानी बेहद अलग और दिलचस्प है, जो दर्शकों को हंसी के साथ-साथ इमोशन और ड्रामा का भी पूरा डोज़ देगी क्योंकि जल्दी ही गर्मी की छुट्टी है होने वाली है और गर्मी छुट्टी में एक ऐसी कॉमेडी फिल्म आनी जरूरी है जिसे पूरे परिवार के साथ बैठकर देखा जा सके। “पिट्ट सियापा" पूरे परिवार के साथ देखने वाली कॉमेडी फिल्म है। वैसे भी मुझे कॉमेडी करना बहुत पसंद है। परमवीर सिंह चीमाने बताया कि सोनम बाजवा पंजाब की सुपरस्टार और उनके साथ मेरी फिल्म आ रही है इससे बड़ी बात क्या हो सकती है सोनम की एक्टिंग का मैं हमेशा से प्रशंसक रहा हूं मेरा सौभाग्य है की मेरी पहली पंजाबी फिल्म सोनम बाजवा के साथ आ रही है।
 
फिल्म का टीज़र रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर चर्चा में है। “पिट्ट सियापा” की कहानी एक अनोखे कॉन्सेप्ट पर आधारित है, जहां फ्यूनरल बिज़नेस से शुरू होकर कहानी लव स्टोरी, कन्फ्यूजन और अनएक्सपेक्टेड ट्विस्ट्स तक पहुंचती है। यही अलग अंदाज़ इसे बाकी फिल्मों से खास बनाता है।
फिल्म के निर्माता पंकज गुप्ता, संदीप वासवानी, सूर्या गुप्ता, योगेश राहर और केवल गर्ग ने भी फिल्म को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह फिल्म कॉमेडी, इमोशन और ड्रामा का परफेक्ट मिश्रण है, जो हर वर्ग के दर्शकों को पसंद आएगा।
“पिट्ट सियापा” एक हल्की-फुल्की लेकिन अलग कहानी वाली फिल्म है, जिसमें पंजाबी हास्य का जबरदस्त तड़का देखने को मिलेगा। खास बात यह भी है कि सोनम बाजवा इस फिल्म में एक बिल्कुल नए और अनदेखे किरदार में नजर आएंगी। यह फिल्म मूवी टनल प्रोडक्शंस के बैनर तले निर्मित है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि अपने अनोखे कॉन्सेप्ट और दमदार कॉमेडी के साथ “पिट्ट सियापा” बॉक्स ऑफिस पर कितना धमाल मचाती है।

 

आला कमान का ठप्पा दोबारा बने अंकुश नारंग एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष

 
दिल्ली : अंकुश नारंग पर लगी फिर एक बार आलाकमान की मोहर । खेल रहे हैं एमसीडी नेता प्रतिपक्ष की दूसरी पारी । आम आदमी पार्टी से वार्ड 87 रणजीत नगर से निगम पार्षद अंकुश नारंग कई प्रदेशों के प्रभारी से लेकर पार्टी की केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं । वह एमसीडी के  नेता प्रतिपक्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके  हैं । इस बार आम आदमी पार्टी मेयर का चुनाव नहीं लड़ रही है । इस उम्मीद के साथ कि चार इंजन की सरकार होने के बाद भाजपा ने कोई काम नहीं किया दुबारा मौका मिलने पर शायद अब करे । उनकी पार्टी ने एक साल विपक्ष में रहकर सदन में महत्वपूर्ण मसले उठाकर सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाई है । इस साल भी निभायेंगे एवं भाजपा को एक्सपोज करेंगे । उनका मानना है कि एमसीडी जल बोर्ड एवं दिल्ली सरकार को डीस्लिटिंग के मुद्दे पर मिलकर काम करना पड़ेगा 

उन्होंने  भरोसा  के लिए पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल एवं सहयोग के लिए निगम उप प्रभारी प्रवीण कुमार एवं प्रीति डोगरा का आभार प्रकट किया ।

दिल्ली में चमकेगी नारी शक्ति, बॉली बोनांज़ा लेकर आ रहा है अवॉर्ड नाइट

देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर नारी सशक्तिकरण की प्रेरणादायक कहानियों की साक्षी बनने जा रही है। मुंबई स्थित प्रतिष्ठित इवेंट कंपनी बॉली बोनांज़ा, जिसकी स्थापना प्रियंका चौहान और पंकज सैनी ने की है इस इवेंटकंपनी के द्वारा 26 अप्रैल 2026 को शाम 5 बजे डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में भव्य “विमेन अचीवमेंट अवॉर्ड्स 2026” का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन केवल एक अवॉर्ड समारोह नहीं, बल्कि उन प्रेरणादायक महिलाओं के साहस, संघर्ष और सफलता का उत्सव है, जिन्होंने अपने अदम्य हौसले और समर्पण से समाज में सकारात्मक बदलाव की मिसाल कायम की है। कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसी महिलाओं की उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित करना और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनाना है।आयोजक प्रियंका चौहान ने बताया कि बॉली बोनांज़ा हमेशा से अपने सामाजिक दायित्वों के प्रति सजग रहा है। संस्था द्वारा दिव्यांगजन, दृष्टिहीन बच्चों एवं जरूरतमंद वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किए जाते रहे हैं। यह कार्यक्रम भी एक हीलिंग एक्सपीरियंस के रूप में डिजाइन किया गया है जहां लाइव सिंगिंग, म्यूजिक और कॉमेडी प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को खुशी, सुकून और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव मिलेगा।

 उन्होंने हा कि यह मंच नारी शक्ति को सम्मान देने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का माध्यम बनेगा। इस खास शाम में मुंबई से प्रसिद्ध कलाकार जैसे अरविंदर सिंह, करण मेहरा, विपिन कॉमेडियन, ऋतु पाठक और अरुण शर्मा अपनी शानदार प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बनाएंगे। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा, उद्यमिता, कला एवं संस्कृति में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा। यह पहल न केवल उनकी उपलब्धियों को सराहेगी, बल्कि समाज में महिलाओं की भूमिका को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।इसके साथ ही, कार्यक्रम में विशेष नेटवर्किंग सेशन और इंटरएक्टिव मोमेंट्स भी आयोजित किए जाएंगे, जहां विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागी अपने अनुभव साझा करेंगे और नई संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों से गणमान्य अतिथि, सामाजिक कार्यकर्ता, उद्योगपति, कलाकार एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे, जो इस पहल को और अधिक प्रभावशाली और व्यापक बनाएंगे।

स्टैंगिंड कमेटी के 3 में से एक सीट पर जलज चौधरी प्रत्याशी

दिल्ली: आम आदमी पर ने दिल्ली नगर निगम में इस बार भी भाजपा को मेयर के साथ-साथ स्टैंडिंग कमेटी का चेयरमैन बनने का खुला ऑफर दे दिया है। स्टैंडिंग कमेटी के खाली 3 सीटों में से सिर्फ एक सीट शालीमारबाग से पार्षद जलज चौधरी को प्रत्याशी बनाया है। जलज चौधरी ने बुधवार को नामांकन भी दाखिल कर दिया ह। "आप" एक और सीट पर प्रत्याशी उतार सकती थी लेकिन खरीद फरोख्त में विश्वास न करते हुए भाजपा के लिए मौदान खाली छोड़ दिया है। यह जानकारी एमसीडी में "आप" के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने दी। उन्होंने कहा कि भाजपा मेयर के साथ स्टैंडिंग कमेटी का चेयरमैन भी अपना बनाए और दिल्ली में कुछ काम करके दिखाए। एक बार फिर भाजपा के पास कोई बहाना नहीं होगा। पिछले साल तो दिल्लीवालों को निराश किया, लेकिन इस बार उम्मीदों पर खरा उतरे।
बुधवार को सिविक सेंटर स्थित एमसीडी मुख्यालय में आम आदमी पार्टी की ओर से दिल्ली नगर निगम की महत्वपूर्ण स्थायी समिति सदस्य पद के लिए शालीमार बाग से पार्षद जलज कुमार चौधरी ने अपना नामांकन दाखिल किया। यह नामांकन पार्टी की मजबूत संगठनात्मक तैयारी, पारदर्शी कार्यशैली और जनसेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। जलज कुमार चौधरी लंबे समय से क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाते रहे हैं और उनके अनुभव से निगम की कार्यप्रणाली को और मजबूती मिलेगी। सभी ने एकजुट होकर जलज कुमार चौधरी को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी के लिए अपना नॉमिनेशन दाखिल कर दिया है। वार्ड नंबर 55, शालीमार बाग से पार्टी के पार्षद जलज कुमार चौधरी का नॉमिनेशन किया गया है। जलज कुमार चौधरी उसी क्षेत्र से आते हैं, जहां से वर्तमान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आती हैं। जलज कुमार चौधरी अपने क्षेत्रवासियों का झंडा हमेशा ऊंचा रखते हैं और जनता के काम करवाने के लिए मुख्यमंत्री से भी लड़ जाते हैं। आज उन्हें पूरी ताकत दी गई है ताकि वे स्टैंडिंग कमेटी में जाकर सिर्फ शालीमार बाग ही नहीं, बल्कि पूरी दिल्ली के मुद्दे उठाएं। वे दिल्लीवासियों की उन बुनियादी जरूरतों को मजबूती से रखेंगे, जिन पर भाजपा की चार इंजन की सरकार पूरी तरह से विफल रही है।
तीन सीटों पर केवल एक नॉमिनेशन करने के सवाल पर अंकुश नारंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी खरीद-फरोख्त में विश्वास नहीं रखती है। पार्टी का एक बेहद योग्य सदस्य स्टैंडिंग कमेटी में जा रहा है। पार्टी चाहती तो दूसरे सदस्य का भी नॉमिनेशन करवा सकती थी, लेकिन हम चाहते हैं कि भाजपा अपनी चार इंजन की सरकार चलाकर दिखाए। आज केंद्र सरकार, एलजी, दिल्ली सरकार और एमसीडी सब कुछ भाजपा के पास है। पिछले एक साल में भाजपा ने दिल्ली की जनता को बिल्कुल निराश किया है। अब उनके पास काम न करने का कोई बहाना नहीं होना चाहिए। मेयर, डिप्टी मेयर और एमसीडी की स्टैंडिंग कमेटी उन्हीं की है। अब भाजपा को दिल्ली की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरकर दिखाना चाहिए। पिछले साल जब जलभराव हुआ, प्रदूषण बढ़ा और बाढ़ आई, तो ये लोग कुछ नहीं कर पाए। दिल्ली की जनता ने 70 में से 48 विधानसभा सीटें और सातों सांसद भाजपा को दिए हैं, इसलिए अब उन्हें काम करके दिखाना होगा।
मेयर चुनाव पर आम आदमी पार्टी के रुख को स्पष्ट करते हुए अंकुश नारंग ने कहा कि पार्टी खरीद-फरोख्त में विश्वास नहीं रखती और भाजपा को खुला मौका दे रही है कि वे अपना मेयर लाएं। पिछले साल भाजपा अपना मेयर लाकर भी कोई काम नहीं कर पाई। भाजपा की स्टैंडिंग कमेटी सिर्फ अंडरहिल रोड और जामिया हमदर्द जैसे दो ही मुद्दों में फंसकर रह गई। मेयर और स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन आपस में ही लड़ते रह गए। कोई प्रदेश अध्यक्ष के पास गया, तो कोई मुख्यमंत्री के पास। दिल्ली प्रदेश भाजपा के अंदर दो गुट बन चुके हैं। एक मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का गुट और दूसरा वीरेंद्र सचदेवा का गुट। अब भाजपा को एमसीडी में काम करके दिखाना है। वे अपना मेयर, डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन लाएं और एमसीडी के अंदर साफ-सफाई की व्यवस्था करें, कूड़े के पहाड़ खत्म करें, आवारा कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाएं और सारी व्यवस्थाएं सुधार कर दिखाएं।
एमसीडी चुनावों में आम आदमी पार्टी के 134 पार्षद जीतकर आए थे और एक निर्दलीय पार्षद भी हमारे साथ था। लेकिन भाजपा ने सीबीआई और ईडी का डर दिखाकर तथा खरीद-फरोख्त करके आम आदमी पार्टी के पार्षदों को अपनी तरफ कर लिया। इसके बावजूद आज भी पार्टी के पास 101 पार्षद हैं, जो पूरी मजबूती के साथ अरविंद केजरीवाल के सच्चे सिपाही बनकर काम की राजनीति कर रहे हैं। उन 101 पार्षदों ने एकजुट होकर तय किया है कि हम मेयर का चुनाव नहीं लड़ेंगे। हम भाजपा की तरह खरीद-फरोख्त नहीं करेंगे, बल्कि उन्हें मौका देंगे। जब तीन इंजन भाजपा के पास हैं, तो अब एमसीडी का चौथा इंजन भी वे ही चलाएं और काम करके दिखाएं। पिछले एक साल में तो उनसे कुछ नहीं हुआ, उम्मीद है कि इस साल वे जनता के लिए कुछ करके दिखाएंगे।
वहीं, एमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि भाजपा यह बहाना बनाती है कि उनकी चार इंजन की सरकार को अभी एक साल ही हुआ है और उन्हें काम करने का मौका नहीं मिला, इसलिए वे काम नहीं कर पा रहे हैं। भाजपा लगातार यह बहाना बनाती है कि इससे पहले दूसरी सरकारें थीं। जबकि पिछले 18 साल से एमसीडी में भाजपा की ही सरकार रही है और उनके ही मेयर रहे हैं। इसके बावजूद एमसीडी की हालत बेहद खराब है। इस बार आम आदमी पार्टी ने भाजपा को दोबारा वॉकओवर दिया है। उन्हें फिर से यह मौका दिया गया है कि वे दिल्ली की जनता के लिए कुछ काम करके दिखाएं। अगर दिल्ली वालों ने उन्हें चार इंजन की सरकार दी है, तो वे दिल्ली के लिए कुछ करके दिखाएं।
आम आदमी पार्टी ने पिछली बार की तरह इस बार भी खुद को मेयर चुनाव से दूर रखा है। स्टैंडिंग कमेटी एक बहुत महत्वपूर्ण जगह होती है, जहां दिल्ली के मुद्दे बहुत गंभीरता से उठाए जाते हैं। अरविंद केजरीवाल द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि उस स्टैंडिंग कमेटी में शालीमार बाग से युवा पार्षद जलज चौधरी को सदस्य बनाकर भेजा जाएगा। जलज चौधरी उसी क्षेत्र से आते हैं, जहां से वर्तमान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आती हैं। अब जलज चौधरी और स्टैंडिंग कमेटी के अन्य सभी सदस्य दिल्ली के तमाम मुद्दों को पूरी मजबूती से उठाएंगे।

प्रियंका के सशक्त नेतृत्व में उभर कर आने की आशंका के कारण राहुल बिल के विरोध के लिए प्रेरित


दिल्ली: जिस सदन में राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल को गिराने का कृत्य किया, वही सदन भविष्य में महिलाओं को उनका अधिकार देकर इतिहास रचेगा । दिल्ली की चांदनी चौक लोकसभा सीट से भाजपा के सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने साधा निशाना कहा कि यदि यह विधेयक पारित होता, तो कांग्रेस के भीतर प्रियंका गांधी एक सशक्त और प्रभावशाली नेतृत्व के रूप में उभर सकती थीं और संभवतः इसी राजनीतिक आशंका ने राहुल गांधी को इस बिल के विरोध के लिए प्रेरित किया ।  महिला आरक्षण विधेयक के संसद में पारित न होने को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का “काला अध्याय” करार देते हुए उन्होंने राहुल गांधी सहित कांग्रेस और समूचे विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। पत्रकारवार्ता में चांदनी उनके साथ भाजपा के जिलाध्यक्ष  अरविंद गर्ग एवं केशवपुरम भाजपा के जिलाध्यक्ष  अजय खटाना भी मौजूद  थे। उनका मानना है कि सीयह केवल एक विधेयक की हार नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और भविष्य के साथ किया गया घोर विश्वासघात है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने व्यक्तिगत और राजनीतिक स्वार्थों के चलते न केवल इस बिल का विरोध किया, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बनकर खड़े हो गए। यह आचरण उनके नेतृत्व की विफलता, दूरदृष्टि के अभाव और महिला सम्मान के प्रति असंवेदनशीलता को उजागर करता है। जिस प्रकार राहुल गांधी ने सदन के भीतर मेज ठोक कर इस विधेयक के गिराने का एलान किया और इस विधेयक के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया और उसके बाद विपक्षी दलों द्वारा विधेयक के गिरने का जश्न मनाया गया, वह अत्यंत निंदनीय, दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतंत्र के मूल्यों का खुला उपहास है। यह स्पष्ट संकेत है कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी दल महिलाओं को अधिकार देने के बजाय उन्हें राजनीतिक लाभ-हानि के तराजू पर तौलते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लाई गई इस ऐतिहासिक पहल को विफल करना “महापाप” से कम नहीं है। राहुल गांधी और विपक्ष ने अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों के चलते देश की महिलाओं के सपनों को कुचलने का काम किया है, जिसे देश कभी नहीं भूलेगा। कांग्रेस का इतिहास महिलाओं को केवल एक “वोट बैंक” के रूप में देखने का रहा है। दशकों तक इस महत्वपूर्ण मुद्दे को टालना और जब इसे लागू करने का समय आया, तब उसका विरोध करना—यह उनकी दोहरी नीति, अवसरवादी राजनीति और महिला विरोधी मानसिकता का स्पष्ट प्रमाण है। संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। देश की महिलाएं और जागरूक नागरिक इस विश्वासघात का लोकतांत्रिक जवाब देंगे और उन सभी को जवाबदेह ठहराएंगे जिन्होंने उनके अधिकारों को कुचला है।

महिला आरक्षण के नाम पर घड़ियाली आँसू


दिल्ली: नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023  में सर्वसम्मति पास हो गया था । यह बात और है कि इसको लागू करने के लिए सरकार ने जातिगत जनगणना एवं परिसीमन का प्रावधान लगाया जिसका आधार 2021 की जनगणना होगी । जिसकी मियाद 2029 की होगी । अचानक ऐन चुनाव से पहले संसद के  दोनों सदनों का विशेष सत्र बुलाकर इस अधिनियम  का संशोधन बिल पेश किया गया जो कि 1/3 बहुमत  ना मिल पाने के कारण ख़ारिज हो गया । अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की भूतपूर्व अध्यक्ष शोभा ओझा ने  निशाना साधते हुए कहा कि प्रधान मंत्री महिला आरक्षण विधेयक  के ना पास होने पर घड़ियाली आँसू बहा रहे हैं जबकि यह 2023 में सर्व सम्मति से पास हो गया था । वह कांग्रेस के  प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित कर रही थी । प्रेसवार्ता में उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ नरेंद्र नाथ, दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्षा  पुष्पा सिंह एवं प्रदेश के मीडिया एवं कम्युनिकेशन विभाग के उप चेयरमैन अनुज अतरेय मौजूद थे ।  दरसल संशोधन की आड़ में सरकार परिसीमन कर लोकसभा की 543 सीटों को बढ़ाकर 850 करना चाहती थी जिसका आधार 2011  की जनगणना होना था । 

भूतपूर्व महिला कांग्रेस की अध्यक्षा का कहना है इन चुनाव से पहले अफ़रातफरी में सशोधन विधेयक का पटल पर लाने का मक़सद चुनावी फ़ायद उठाना है । यदि यह पास हो जाता तो वाहवाही और यदि ख़ारिज तो ठीकरा विपक्ष पर । अभी देश में असम, तमिलनाडु और वेस्ट बंगाल सहित 6 राज्यों में चुनाव संभावित हैं । भाजपा एवं उसकी विचारधारा वाले वाले सभी संगठनों को महिला विरोधी करार देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी से पहले और आजादी के बाद कांग्रेस पार्टी ने महिलाओं को सशक्त बनाने का काम किया है । पंचायतीराज  फ़ीसदी महिला आरक्षण का प्रस्ताव भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की अनुशंसा में नरसिम्हा राव की सरकार के शासनकाल में लागू हुआ  था । यूपीए शासनकाल में 2010 में महिला आरक्षण विधेयक राज्य सभा में तो पास हुआ लेकिन लोकसभा में वोट संख्या कम होने के कारण ख़ारिज हो गया । 

2014 में इसे चुनावी मुद्दा बनाकर भाजपा सत्ता में आई लेकिन आज 11 साल बाद भी यह विधेयक लागू नहीं हो पाया है । स्वयं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने खत के माध्यम से एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे मौजूदा सीटों में लागू किए जाने की माँग की । उनको अंदेशा है की मौजूदा सरकार 2034 तक अपनीकुर्सी नक्की करना चाहती है । 

महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन का प्रयास: राहुल गाँधी


दिल्ली : सरकार संसद में महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन करना चाहती थी और यह देश-विरोधी कदम था। इसीलिए विपक्ष ने इसका विरोध किया और संसद में इस विधेयक को पराजित कर दिया। कन्याकुमारी में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि कुछ दिन पहले संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वह महिलाओं के लिए एक बिल पास करना चाहते हैं। लेकिन उसके पीछे असली उद्देश्य भारत के चुनावी ढांचे को बदलने के लिए परिसीमन करना था। इससे सत्ता का संतुलन पूरी तरह बदल जाता और तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल समेत दक्षिण भारत के साथ-साथ छोटे और पूर्वोत्तर राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाता। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस देश के किसी भी हिस्से के प्रतिनिधित्व को कमजोर करने की कोशिश का विरोध करती रहेगी।
प्रदेश  की प्रमुख विपक्षी पार्टी एआईएडीएमके पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि एक समय तमिलनाडु की प्रगति में एआईएडीएमके ने ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी, लेकिन आज यह एक खोखला ढांचा मात्र बन चुकी है। भ्रष्टाचार के कारण पार्टी के नेतृत्व ने भाजपा के सामने सरेंडर कर दिया है। भारी भीड़ के बीच राहुल गांधी ने कहा कि एआईएडीएमके के माध्यम से भाजपा तमिलनाडु पर नियंत्रण स्थापित करना चाहती है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा-आरएसएस द्रविड़ विचारधारा से नफरत करते हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि बहादुर तमिल लोग कभी झुकेंगे नहीं और उन्हें चुनौती दे सकते हैं। इसीलिए वे अब एआईएडीएमके के माध्यम से एक नया रास्ता अपनाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा तमिलनाडु में कठपुतली मुख्यमंत्री और रिमोट से चलने वाली सरकार चाहती है। भाजपा प्रदेश को दिल्ली से चलाना चाहती है, जबकि कांग्रेस चाहती है कि तमिलनाडु का शासन यहां के स्थानीय लोग ही चलाएं।
उन्होंने मणिपुर की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा ने एक शांतिपूर्ण प्रदेश में आग लगा दी, जहां सैकड़ों लोग मारे गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां भी संभव होता है, भाजपा प्रदेशों की सत्ता पर कब्जा कर उन्हें दिल्ली से संचालित करने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान में लिखी बातों को नहीं मानती और प्रदेशों की शक्ति को कमजोर करना चाहती है। उन्होंने प्रदेश की डीएमके-कांग्रेस गठबंधन सरकार की तारीफ की। साथ ही गठबंधन की गारंटियां भी गिनाईं और जनता से कांग्रेस-डीएमके के उम्मीदवारों को भारी मतों से जिताने की अपील की ।

अध्यात्म यात्रा को बड़े परदे पर जीवंत करने का प्रयास श्री बाबा नीब करौरी महाराज

 
दिल्ली: सिने प्रेमियों के इंतेजार की घड़ियाँ हुई पूरी श्री बाबा नीब करौरी महाराज देश भर के सिनेमा हॉलों में हो रही है 24 अप्रैल को होगी रिलीज । दिल्ली के गोल मार्किट स्थित होटल मेट्रोपोलिटन में मीडिया से रूबरू होकर फ़िल्म के निर्देशक शरद सिंह ठाकुर एवं उनकी कास्ट टीम ने फिल्म के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। सुबोध भावे, समिक्षा भटनागर, वर्षा मणिकचंद, अनिरुद्ध दवे और हितेन तेजवानी ने फिल्म से जुड़े अपने अनुभवों को साँझा किया । फ़िल्म आध्यात्मिक यात्रा को बड़े पर्दे पर जीवंत करने का एक  प्रयास है  , जिसमें महान संत के जीवन, उनके चमत्कारों और उनके उपदेशों को दर्शाया गया है। फिल्म का निर्देशन शरद सिंह ठाकुर ने किया है। फिल्म में सुबोध भावे मुख्य भूमिका में श्री बाबा नीब करौरी महाराज के रूप में नजर आएंगे। समिक्षा भटनागर सिद्धि मां, वर्षा मणिकचंद भक्ति मां और अनिरुद्ध दवे जीवन दादा (बाबा जी के सेवक) की भूमिका निभा रहे हैं। हितेन तेजवानी भी फिल्म में अहम किरदार में दिखाई देंगे।
फिल्म का निर्माता बलराम गर्ग, बलवीर सिंह, खड़क सिंह गौर और नीलम सिंह भी होटल मेट्रोपोलिटन में दिखाई दिए । ये लोग फ़िल्म के प्रचार के सिलसिले में दिल्ली आए थे । फ़िल्म का निर्माण नीब करोरी बाबा के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर चार साल की रिसर्च पर आधारित इस फ़िल्म के निर्माण की प्रक्रिया 7 दिसंबर 2020 से शुरू हुई । निर्देशक का कहना है उस दिन से उन्होंने मांसाहार छोड़ दिया । फ़िल्म में बाबा का किरदार निभा रहे सुबोध भावे जो कि मराठी फ़िल्मों के जानेमाने कलाकार हैं । 

रामगोपाल यादव के चुनावी मसलों पर सनसनीखेज दावे

दिल्ली: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने हाल ही में एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान चुनावी प्रक्रियाओं, कथित राजनीतिक साजिशों और क्रॉस-वोटिंग की घटनाओं के संबंध में कई सनसनीखेज दावे किए हैं। मोहसिन खान द्वारा होस्ट किए गए "एमके टॉक’" पॉडकास्ट पर बोलते हुए, यादव ने चुनावों की निष्पक्षता को लेकर गंभीर चिंताएं जताईं। उन्होंने दावा किया कि यदि उन्नत तकनीक का उपयोग करके बैंकों से पैसे निकाले जा सकते हैं, तो इसी तरह की तकनीकों का उपयोग करके वोटों में भी संभावित रूप से हेरफेर किया जा सकता है।

"एमके टॉक" पॉडकास्ट में उन्होंने कई चौंकाने वाले राजनीतिक बयान दिए मोहसिन खान से बातचीत में यादव ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी को भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र से हार का सामना करना पड़ सकता है, जिसका कारण उन्होंने "पहले से की गई सेटिंग" बताया। "एमके टॉक" में उन्होंने आगे दावा किया कि चुनाव परिणाम को प्रभावित करने के लिए 40,000 तक वोटों को "हैक" किया जा सकता है।
पिछले राजनीतिक गठबंधनों का जिक्र करते हुएआरोप लगाया कि यूपी इलेक्शन के दौरान मतदान के दिन से पहले मायावती के हस्ताक्षर वाला एक पत्र प्रसारित किया गया था, जिसमें कुख्यात 'गेस्ट हाउस कांड' का हवाला देते हुए बदले की भावना भड़काई गई थी।
 
यादव ने अपनी ही पार्टी के भीतर कथित क्रॉस-वोटिंग के बारे में भी "एमके टॉक" में बात की, और दावा किया कि समाजवादी पार्टी के नौ विधायकों ने 15 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रलोभन और आवास लाभों के बदले पार्टी बदल ली। "एमके टॉक" में राम गोपाल यादव ने एक से बढ़कर एक खुलासे किए हैं जिसे देखने के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं हालांकि उन्होंने
इन बयानों ने एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है और आने वाले दिनों में कई पार्टियों से इस पर प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है। हालांकि, अब तक इन दावों की पुष्टि के लिए कोई आधिकारिक सबूत पेश नहीं किया गया ।

 

जयंता लाइटिंग ने ओरिस्टार के साथ इलेक्ट्रिकल सेगमेंट में रखा बड़ा कदम


दिल्ली: जयंता ग्रुप ऑफ़ इंडस्ट्रीज़, जो पाँच दशकों से भी ज़्यादा समय से लाइटिंग और इलेक्ट्रिकल मैन्युफैक्चरिंग में बेहतरीन काम के लिए जाना जाता है, ने आधिकारिक तौर पर अपने नए ब्रांड ओरिस्टार के लॉन्च की घोषणा की है। इसके साथ ही, ग्रुप ने पंखों और इलेक्ट्रिकल उपकरणों के क्षेत्र में भी अपना विस्तार किया है। दिवंगत श्री काली शदान दास द्वारा 1967 में स्थापित, इस ग्रुप ने जयंता लैंप इंडस्ट्रीज़ के ज़रिए GLS (इनकैंडिसेंट) लैंप बनाने में अग्रणी के तौर पर अपनी यात्रा शुरू की थी। इन वर्षों में, यह पूर्वी भारत के प्रमुख लाइटिंग निर्माताओं में से एक बन गया है। ग्रुप ने जयंता ग्लास इंडस्ट्रीज़ प्राइवेट लिमिटेड के तहत भारत की सबसे शुरुआती और सबसे बड़ी ग्लास शेल मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं में से एक भी स्थापित की, जो इनोवेशन और इंजीनियरिंग में इसकी मज़बूत नींव को दर्शाता है। इन-हाउस रिसर्च और डेवलपमेंट पर लगातार ध्यान केंद्रित करते हुए, ग्रुप ने ऊर्जा दक्षता, स्थिरता और उपभोक्ताओं की बदलती ज़रूरतों के अनुरूप अपनी तकनीक को लगातार अपग्रेड किया है। पूरे भारत में अपनी उपस्थिति को और मज़बूत करने के लिए, जयंता लैंप इंडस्ट्रीज़ प्राइवेट लिमिटेड ने जयंता लाइटिंग इनोवेशन LLP की स्थापना की, जिसका मुख्य ध्यान पूरे देश में मार्केटिंग, वितरण और ब्रांड विकास पर है।अपनी समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाते हुए, जयंता लाइटिंग इनोवेशन LLP ने अब ओरिस्टार पेश किया है। यह एक आधुनिक, तकनीक-आधारित ब्रांड है जो घरों, दफ़्तरों और उद्योगों में इस्तेमाल के लिए भरोसेमंद, ऊर्जा-कुशल और सुंदर डिज़ाइन वाले पंखे और इलेक्ट्रिकल उपकरण उपलब्ध कराता है।

ओरिस्टार इनोवेशन, टिकाऊपन और भविष्य के लिए तैयार इलेक्ट्रिकल समाधानों का प्रतीक है, जो दशकों की इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और बाज़ार की गहरी समझ का लाभ उठाता है। ऊर्जा-कुशल: BEE स्टार-रेटेड ओरिस्टार पंखे 46W से 28W के बीच बिजली की खपत करते हैं, जिससे पारंपरिक पंखों की तुलना में 50% तक बिजली की बचत होती है। "ओरिस्टार" बेहतर हवा का प्रवाह: 360–400 की उच्च RPM रेंज तेज़ और लगातार हवा का प्रवाह सुनिश्चित करती है, यहाँ तक कि कम वोल्टेज की स्थितियों में भी। लकड़ी , मेटैलिक और मैट जैसी प्रीमियम फ़िनिश की विस्तृत विविधता, साथ ही रिमोट कंट्रोल और IoT इंटीग्रेशन जैसी स्मार्ट विशेषताएं। "ओरिस्टार" उत्पादों की पूरी श्रृंखला पूरे भारत के स्थानीय बाज़ारों में आसानी से उपलब्ध है।  "ओरिस्टार"  का पूरे देश में मज़बूत सेवा नेटवर्क, जिसमें असली स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता और वारंटी के बाद की सहायता भी शामिल है।

यहाँ  तक कि किफ़ायती मॉडलों पर भी 36 महीने तक की वारंटी मिलती है। मशहूर फ़िल्म अभिनेत्री तमन्ना भाटिया ओरिस्टार की ब्रांड मॉडल बनी हैं। लॉन्च के मौके पर, उन्होंने जयंता लाइटिंग के डायरेक्टर श्री मनीष गुप्ता को बधाई दी और ब्रांड के आगे के सफ़र में पूरी तरह से सहयोग करने और साथ मिलकर काम करने का अपना वादा दोहराया। लॉन्च के मौके पर बोलते हुए, जयंता लाइटिंग के डायरेक्टर श्री मनीष गुप्ता ने कहा:“ओरिस्टार" के साथ, हम इनोवेशन, क्वालिटी और प्रोडक्ट डेवलपमेंट में अपनी 50 साल से ज़्यादा पुरानी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। हमारा मकसद पूरे भारत में ग्राहकों और चैनल पार्टनर्स के बीच मज़बूत भरोसा बनाते हुए, बेहतर और एनर्जी-एफ़िशिएंट समाधान देना है।” "ओरिस्टार" के साथ, जयंता ग्रुप का मकसद पंखों और इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करना है, साथ ही क्वालिटी, सस्टेनेबिलिटी और ग्राहकों की संतुष्टि के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बनाए रखना है।

1967 में स्थापित, जयंता ग्रुप भारत में लाइटिंग और इलेक्ट्रिकल मैन्युफ़ैक्चरिंग के क्षेत्र में एक जाना-माना नाम है। यह अपने इनोवेशन-आधारित दृष्टिकोण, इन-हाउस इंजीनियरिंग क्षमताओं और उच्च-गुणवत्ता वाले, एनर्जी-एफ़िशिएंट प्रोडक्ट देने की प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है।

30 माह तक स्थाई समिति का गठन बाधित ना किया होता तो शायद निगमायुक्त की आर्थिक शक्ति इतनी ना बढ़ती

दिल्ली: नगर निगम की स्थाई समिति के नाम से ही प्रकट होता है की यह एक स्थाई समिति है जो कभी भंग नही होती, बस जब भी नगर निगम का चुनाव होता है तो उसके बाद इसके सभी सदस्य नये चुने जाते हैं फिर पांच साल यह समिति स्थापित रहती है इसके एक तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं और उनकी जगह नये सदस्य आ जाते हैं। दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि विगत 31 मार्च को वित्त वर्ष समाप्ति के साथ से स्थाई समिति के कुछ सदस्य रिटायर हुए जिसमे आम आदमी पार्टी के भीतर कुछ प्रमुख नेता रिटायर हुए, उसके बाद से "आप" नेता भ्रम फैला रहे हैं की भाजपा ने स्थाई समिति भंग कर दी है जबकि ऐसा कुछ नही है, स्थाई समिति विधमान है।

"आप" नेताओं का स्थाई समिति को लेकर रोज़ का विलाप एक पुरानी कहावत "छज बोले तो बोले छलनी भी बोले जिसमे 72 छेंक" को चरितार्थ कर रहा है।यह "आप" नेता जो आज दिल्ली नगर निगम के नियमों का हवाला दे कर रोज़ भ्रम जाल फैला रहे हैं, खुद इन्होने 2022 में दिल्ली नगर निगम चुनाव जीतने के बाद लगभग 30 माह तक स्थाई समिति सहित नगर निगम की किसी भी समिति का गठन चुनाव नही होने दिया था, तब ना इन्हे नगर निगम के नियमों की चिंता थी ना दिल्ली के ठप्प हुए विकास कार्यों की। 

दिल्ली भाजपा प्रवक्ता ने कहा है की समय के साथ साथ देश के हर नगर निगम ही नही सभी विभागों की आर्थिक शक्ति बढ़ती रहती हैं और दिल्ली नगर निगम के आयुक्त की आर्थिक शक्ति में बढ़ोतरी वर्तमान हालात देख कर, प्रोजेक्ट मूल्यों को समझते हुए किया गया है। यदि "आप" ने 30 माह तक स्थाई समिति का गठन बाधित ना किया होता तो शायद निगमायुक्त की आर्थिक शक्ति भी इतनी ना बढ़ती।

पार्षदों की ताकत कम करने के लिए ही एमसीडी कमिश्नर को 50 करोड़ तक का वित्तीय अधिकार दिया

दिल्ली: एमसीडी की स्टैंडिंग कमेटी को भंग करने पर भाजपा पर  नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने ऐसा करके लोकतंत्र की हत्या की है। क्योंकि वित्तीय मामलों के सभी फैसले स्टैंडिंग कमेटी लेती है, जो अब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कहने पर अकेले एमसीडी के कमिश्नर ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्टैंडिंग कमेटी को भंग करने से स्पष्ट हो गया है कि भाजपा ने एक सुनियोजित साजिश के तहत पार्षदों की ताकत कम करने के लिए ही एमसीडी कमिश्नर को 50 करोड़ रुपए तक का वित्तीय अधिकार दिया है। जब कोई कमिटी बनती है तो वह एक वर्ष के लिए बनती है। पहले ही भाजपा के कारण स्टैंडिंग कमिटी 2.5 वर्ष तक नहीं बन पाई थी। जिसके लिए भाजपा बड़ी चिल्लाती थी। भाजपा कहती थी कि स्टैंडिंग कमिटी के अंदर सारे वित्तीय फैसले होते हैं। लेकिन अब वही भाजपा का दोहरा चेहरा सामने आ रहा है। 12 जून 2025 को स्टैंडिंग कमिटी बननी थी। और उसका कार्यकाल 11 जून 2026 तक था। एमसीडी के सभी राजस्व, वित्तीय के मामले स्टैंडिंग कमिटी में आते है। साथ ही लेआउट प्लान भी स्टैंडिंग कमिटी में आते है और स्टैंडिंग कमिटी पास करती है।
अगर स्टैंडिंग कमिटी ही नहीं होगी तो सभी वित्तीय मामले सीधे एमसीडी के सदन में जाएंगे या फिर एमसीडी कमिश्नर ले लेंगे, क्योंकि भाजपा ने कमिश्नर की वित्तीय शक्ति बढ़ाकर 50 करोड़ रुपए कर दी है। इसका मतलब ये है कि सीएम रेखा गुप्ता ने एमसीडी को भंग करने का पूरा मन बना लिया है और उनके हिसाब से ही एमसीडी को भंग किया जा रहा है। सीएम रेखा गुप्ता ही सारे राजस्व के मामले एमसीडी कमिश्नर के जरिए खुद देख रही हैं जो बिल्कुल गलत है। क्योंकि ऐसा करने से पार्षदों की शक्तियां खत्म की जा रही है और लोकतंत्र के ऊपर यह बहुत बड़ा प्रहार है। यह लोकतंत्र की हत्या है कि जो फैसले 18 सदस्यीय स्टैंडिंग कमिटी को लेने थे, अब वो सभी फैसले सीएम के कहने पर अकेले कमिश्नर ले रहे हैं। उधर, एमसीडी में सह प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि भाजपा ने स्टैंडिंग कमिटी को 31 मार्च के बाद से स्थगित कर दिया है। अब कोई भी स्टैंडिंग कमिटी की मीटिंग नई स्टैंडिंग कमिटी के बनने तक नहीं हो पाएगी। जब स्टैंडिंग कमेटी का कार्यकाल 12 जून तक था तो उसे भंग नहीं करना चाहिए था और 12 जून तक मीटिंग होनी चाहिए थी। लेकिन असलियत में स्टैंडिंग कमिटी की मीटिंग हो रही है लेकिन यह मीटिंग सीएम रेखा गुप्ता के यहां हो रही है। सीएम रेखा गुप्ता एमसीडी कमिश्नर और अन्य अधिकारियों को बुलाकर बैक डोर से स्टैंडिंग कमिटी चलाना चाह रही हैं।
रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री बन चुकी है लेकिन अभी तक उनका पार्षद का मोह खत्म नहीं हुआ है। उन्हें समझना पड़ेगा कि पार्षद के अलग काम होते हैं और मुख्यमंत्री के अलग काम होते हैं। स्टैंडिंग कमिटी चलाने का दायित्व पार्षदों का है और पार्षदों को स्टैंडिंग कमिटी चलाने दी जाए। भाजपा की आपस की खींचतान के कारण दिल्ली की जनता का नुकसान ना हो, ये बात भाजपा को समझनी पड़ेगी। हम मांग करते हैं कि स्टैंडिंग कमिटी की बैठक बुलाई जाए और दिल्ली के महत्वपूर्ण एजेंडा पास किए जाएं।

दिल्ली में अंतराष्ट्रीय फिल्म समारोह की वापसी

दिल्ली: संस्कृति मंत्रालय के अधीन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) और द सोशल सर्किल द्वारा आयोजित होने वाले 15वां दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह 2026 की औपचारिकरूप से घोषणा हो गयी । राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाला यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह 4 मई से 8 मई 2026 तक इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र और डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर (DAIC) जनपथ दिल्ली में भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। डिफ के नाम से दुनिया भर में जाना जाने वाला दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह इस वर्ष और अधिक व्यापक और वैश्विक स्वरूप में सामने आ रहा है, जिसमें 60 से अधिक देशों की 175 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा, साथ ही 100 से अधिक कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी।

समारोह का उद्घाटन दादा साहब फाल्के पुरस्कार विजेता विख्यात मलयालम फिल्मकार अडूर गोपालकृष्णन द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर बंगाली सिनेमा के महान अभिनेता उत्तम कुमार की जन्मशती पर विशेष श्रद्धांजलि दी जाएगी।वहीं मोरक्को के प्रसिद्ध फिल्मकार मोहम्मद आहेद बेन्सौदा को सम्मानित करते हुए उनकी चर्चित फिल्म ‘द डिवोर्सिज ऑफ कासाब्लांका’ प्रदर्शित की जाएगी। बांग्लादेश की ख्यातिप्राप्त गायिका रूना लैला को मीनार-ए-दिल्ली अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा जबकि वरिष्ठ भारतीय गायिका उषा उथुप को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया जाएगा। वरिष्ठ अभिनेत्री शर्मिला टैगोर की बंगाली सिनेमा में वापसी को उनकी फिल्म ‘पुरातन: द एनिशेंट’ के माध्यम से विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा ।अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय सिनेमा की प्रमुख हस्तियों की भी प्रभावशाली उपस्थिति रहेगी, जिनमें केतन मेहता, दक्षिण भारतीय निर्देशक और अभिनेत्री रेवती, रितुपर्णो सेनगुप्ता, श्वेता मेनन, हिमानी शिवपुरी, राजपाल यादव, रघुवीर यादव, पियूष मिश्रा, यशपाल शर्मा और मुकेश तिवारी जैसे नाम शामिल हैं। इसके साथ ही लेबनान की सुपरस्टार मारवा करौनी, अफगानिस्तान की अभिनेत्री मलालाई ज़िक्रिया, ओमान की मारवत यूसुफ अल-बलुशी, मिस्र की नानेस अयमान, मोरक्को की मालक दहमूनी और बांग्लादेश के अशरफ शिशिर सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय कलाकार और फिल्मकार इस आयोजन में भाग लेंगे, जिससे यह समारोह एक वैश्विक सांस्कृतिक संगम का रूप लेगा।

समारोह में विश्व स्तर पर ख्यात रूस की प्रमुख फिल्म संस्था रोस्किनो और मोजाम्बिक का राष्ट्रीय फिल्म संस्थान सहयोगी भागीदार के रूप में जुड़ रहे हैं। इस फिल्म समारोह में रूस और चीन की फिल्मों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जायेगा जबकि अफ़्रीकी सिनेमा को फोकस किया जा रहा है । पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में न केवल फिल्मों का प्रदर्शन होगा, बल्कि यह सिनेमा के माध्यम से सांस्कृतिक संवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी नई दिशा देगा। उल्लेखनीय है कि इस मंच पर प्रदर्शित भारतीय खंड की कई फिल्मों को राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं, जबकि कुछ अंतरराष्ट्रीय फिल्मों को ऑस्कर तक भेजा गया है। इसके अलावा यह समारोह भारत और विश्व के बीच फिल्मी आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है, जिसके तहत विभिन्न देशों के फिल्म समारोहों में भारतीय फिल्म कार्यक्रम भेजे जाते रहे हैं।समारोह में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा. फिल्मों का चयन प्रसिद्ध फिल्म पत्रकार अनुराग पुनेठा, कवि और समीक्षक प्रमोद कौंसवाल और टीवी दुनिया का जानामाना नाम रीमा दिनेश कपूर द्वारा किया गया है। जबकि ज्यूरी की अध्यक्षता रमन चावला करेंगे । समारोह को लेकर आम लोगों लेकर फिल्म समीक्षकों में खासी दिलचस्पी बनी हुई है। प्रसिद्ध फिल्म समीक्षक प्रवीण भटनागर ने कहा है कि हाल के समय में दिल्ली में अन्य फिल्म समारोह हुआ जिससे गफलत पैदा हुई।इसलिए वर्गों में यह चर्चा रही है कि वह आयोजन इस अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह के पूर्व संस्करणों की संरचना और अवधारणा से प्रभावित या प्रेरित प्रतीत हुआ. दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह को मिलते जुलते नाम से किया गया लेकिन इसकी भी राजधानी में धूम रही।जबकि दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म (डिफ) मौलिक, स्वतंत्र और अपने मूल स्वरूप को निरंतर बनाए रखने वाले मंच के रूप में देखा जाता है, जिसने वर्षों में अपनी अलग पहचान और विश्वसनीयता स्थापित की है।

दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के संस्थापक और प्रेसिडेंट रामकिशोर पारचा का कहना है कि हमने विश्व सिनेमा के लिए इस बार जो भी श्रेणियां बनाई है हम उसे विश्वसनीय तरीके से पेश करेंगे जिसमें फिल्मों की वैश्विक परिस्थितियां तो इंगित होंगी ही  फिल्म और समाज के आपसी ताने-बाने को लेकर विशेषज्ञों के साथ चर्चाएँ भी आयो भी आयोजित की जाएँगी। हम सिनेमा के इतिहास में जाएंगे और समाज की सच्चाई से सिनेमा को परखेंगे.  हर वर्ष की तरह हमारी कोशिश होगी कि फिल्म समारोह का संदेश देश और दुनिया में मनुष्य और उसके संघर्षों के साथ उसकी जिजीविषा का खास आईना बन सके। 175 फिल्में, 60+देशों की भागीदारी।
 
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र और डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर (DAIC) में आयोजित होने वाले इस समारोह में फिल्मों को विभिन्न श्रेणियों में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे दर्शकों और फिल्म समीक्षकों को सिनेमा के विविध आयामों को समझने का अवसर मिलेगा।समारोह में विश्व सिनेमा, भारतीय सिनेमा, एनआरआई सिनेमा, शॉर्ट फिल्म्स, डॉक्यूमेंट्री और विशेष रेट्रोस्पेक्टिव सेक्शन जैसी अलग-अलग श्रेणियां बनाई गई हैं। विश्व सिनेमा खंड में विभिन्न देशों की समकालीन और क्लासिक फिल्मों का चयन किया गया है, जो सामाजिक, राजनीतिक और मानवीय मुद्दों को वैश्विक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती हैं। भारतीय सिनेमा खंड में क्षेत्रीय और मुख्यधारा दोनों प्रकार की फिल्मों को शामिल किया गया है, जिनमें नई कहानियों और प्रयोगधर्मी सिनेमा की झलक देखने को मिलेगी। एनआरआई सिनेमा श्रेणी विशेष रूप से प्रवासी भारतीय फिल्मकारों की रचनात्मकता को सामने लाने का मंच बनेगी, जहां पहचान, संस्कृति और वैश्विक अनुभवों की कहानियां प्रमुखता से उभरेंगी।
समारोह में प्रदर्शित की जाने वाली फिल्मों में कुछ विशेष प्रस्तुतियां पहले ही चर्चा का विषय बन चुकी हैं। मोरक्को के चर्चित फिल्मकार मोहम्मद अहद बेन्सौदा की फिल्म दि डिवोर्सिज ऑफ कासाब्लांका (The Divorcees of Casablanca) को खास तौर पर सराहा गया है, जो आधुनिक समाज में रिश्तों की जटिलताओं को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है. इसी तरह भारतीय खंड में चयनित कई फिल्में समकालीन सामाजिक बदलाव, पारिवारिक संरचना और व्यक्तिगत संघर्षों को बेहद प्रभावशाली ढंग से सामने लाने के लिए जानी जा रही हैं।शॉर्ट फिल्म और डॉक्यूमेंट्री श्रेणियों में भी कई ऐसी प्रविष्टियां शामिल हैं, जो अपने विषय, प्रस्तुति और तकनीकी उत्कृष्टता के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखती हैं।  

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

Mobile : 91-9811440461

editor@dhanustankar.com

Slideshow

समाचार

1 - रंगपुरी में जल संकट संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का उल्लंघन

2 - रीमा गौतम सिक्स सिग्मा एक्सीलेंस अवार्ड 2026 से सम्मानित

3 - बढ़ते नशे एवं व्यापारियों को धमकी कारोबार के प्रति और 2027 में पंजाब से भी

4 - सत्याग्रह के सिद्धांतों का पालन करते हुए कार्यवाही में भाग नहीं लेंगे केजरीवाल

5 - सरना ब्रदर्स एवं मंजीत सिंह के निष्कासन पिछले फैसले पर पक्की मोहर

6 - पंजाब के गद्दारों को जनता सबक जरूर सिखाएगी

7 - कांग्रेस चलाऐगी बेहतर दिल्ली अभियान

8 - पंजाबी कॉमेडी का जबरदस्त तड़का पिट्ट सियापा

9 - आला कमान का ठप्पा दोबारा बने अंकुश नारंग एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष

10 - दिल्ली में चमकेगी नारी शक्ति, बॉली बोनांज़ा लेकर आ रहा है अवॉर्ड नाइट

11 - स्टैंगिंड कमेटी के 3 में से एक सीट पर जलज चौधरी प्रत्याशी

12 - प्रियंका के सशक्त नेतृत्व में उभर कर आने की आशंका के कारण राहुल बिल के विरोध के लिए प्रेरित

13 - महिला आरक्षण के नाम पर घड़ियाली आँसू

14 - महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन का प्रयास: राहुल गाँधी

15 - अध्यात्म यात्रा को बड़े परदे पर जीवंत करने का प्रयास श्री बाबा नीब करौरी महाराज

16 - रामगोपाल यादव के चुनावी मसलों पर सनसनीखेज दावे

17 - जयंता लाइटिंग ने ओरिस्टार के साथ इलेक्ट्रिकल सेगमेंट में रखा बड़ा कदम

18 - 30 माह तक स्थाई समिति का गठन बाधित ना किया होता तो शायद निगमायुक्त की आर्थिक शक्ति इतनी ना बढ़ती

19 - पार्षदों की ताकत कम करने के लिए ही एमसीडी कमिश्नर को 50 करोड़ तक का वित्तीय अधिकार दिया

20 - दिल्ली में अंतराष्ट्रीय फिल्म समारोह की वापसी

21 - असंगठित श्रमिकों के अधिकारों पर राष्ट्रीय मंथन

22 - दिल्ली देहात की परेशानियों को रखने के लिए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पगड़ी बांधकर सम्मानित

23 - सरगना की गिरफ्तारी के बाद एटीएम धोखाधड़ी के 50 से भी अधिक मामलों का खुलासा

24 - दिल्ली विधानसभा जैसी हाई-सिक्योरिटी वाली जगह में गेट तोड़कर कार का अंदर घुसी

25 - वीरेन्द्र सचदेवा एवं रेखा गुप्ता ने प्रदेश भाजपा कार्यालय पर पार्टी झंडा फहराया

26 - महावीर के सिद्धांत ही विश्व शांति का मार्ग: जियो और जीने दो

27 - रोज़गार दो, सामाजिक न्याय दो पदयात्रा के दूसरे दिन आगरा की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब

28 - आम आदमी पार्टी में लगातार बढ़ रहे हैं अंदरूनी असंतोष

29 - 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र का बुलाया जाना राजनीति से प्रेरित

30 - महज तीन महीनों में आम आदमी पार्टी के कार्यकताओं के खिलाफ 145 एफआईआर और 160 से ज्यादा गिरफ्तार

31 - एडवोकेट फुलका हुए भाजपा में शामिल

32 - एमसीडी की स्थायी समिति की बैठक से 72 घंटे पहले सभी सदस्यों को नोटिस देना अनिवार्य

33 - जनप्रतिनिधि कार्यालयों से भी जनता के बीच जा कर पिंक कार्ड बनाने का निर्देश