
फिल्म को देखने के उपरांत आप भी फिल्म की लीड एक्ट्रेस मेकर इशिता सिंह की इस बात के लिए एकबारगी जरूर तारीफ करेंगे कि उन्होंने अपनी अब तक की अपनी जमापूंजी को लगाकर एक ऐसे विषय पर पूर्ण सादगी और ईमानदारी के साथ फिल्म बनाई जहां बॉक्स ऑफिस के मोह और प्रॉफिट कमाने की उनकी मंशा दूर दूर तक नजर नहीं आती है।
एक बार नहीं अनेको बार हम अखबारों के अंदर के पन्नो पर पर यह खबर पढ़ते है सीवर की सफाई करते हुए या बंद सीवर को खोलने के बीच निकली उसकी बेहद जहरीली गैस से सीवरकर्मी की मौत, और हम ऐसी खबरों को अक्सर इग्नोर कर अखबार का पन्ना बदल देते है यही हाल सरकार और सत्ता से जुड़े बाबुओं का भी होता है लेकिन जाने आम आदमी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की बेटी इशिता सिंह ने इस मुद्दे को संजीदगी से लिया अपनी रिसर्च टीम के साथ इस विषय पर काम किया । इस गंभीर मुद्दे को एक बेहद सिंपल प्रेम कहानी के साथ एक ऐसी प्रेम कहानी के साथ पेश किया जो कभी अपने अंजाम तक नहीं पहुंच पाई।
मुंबई की एक स्लम बस्ती में अपने परिवार के साथ रहने वाली मरियम इशिता सिंह अपने अब्बा के साथ बाजार में सब्जी बेचती है , मरियम उर्फ पारो ( इशिता सिंह ) को पास की कालोनी में रहने वाले पिनाकी ( संजय बिश्नोई)जो सीवर की सफाई का काम करता है से ऐसा सच्चा प्यार होता है कि अपने घर से उसके लिए खाना लेकर उससे मिलने जाती है , मरियम के अब्बा को यह न मंजूर नहीं और वह अपनी बेटी को एक ऐसे मानव तस्करी करने वाले एक गिरोह को बेच देते है और मरियम अपने सच्चे प्यार से दूर घुट घुट कर जीने को मजबूर हो जाती है, अपने प्यार की तलाश मे अपना सब कुछ भूल पिनाकी इधर उधर उसकी तलाश में लग जाता है क्या उसकी तलाश कामयाब होती है और पारो उर्फ मरियम को उसका सच्चा प्यार मिल पाता है यह जानने के लिए आपको यह फिल्म देखनी होगी।
फिल्म की लीड, एक्ट्रेस इशिता सिंह ने एक भेंट में बताया मेरी इस फिल्म की कहानी सिर्फ एक लव स्टोरी नहीं, बल्कि समाज के उन तबकों की सच्चाई को दिखाने की मेरी कोशिश है, जिनकी बात शायद हम कभी नहीं करते फिल्मों में ऐसी स्टोरी की तो कोई सोच भी नहीं सकता ।एक सीवर कर्मी और सब्जी बेचने वालों की असली जिंदगी को पर्दे पर लाने की कोशिश हमने की है. इशिता ने अपने किरदार को बिना मेकअप किए पूरी ईमानदारी से निभाया है पीनारो के किरदार में संजय बिश्नोई बेशक कुछ दृश्यों में कमजोर रहे लेकिन अपने किरदार के साथ उन्होंने पूरी ईमानदारी बरती है लेखक और निर्देशक रुद्र जादौन की इस बात के लिए तारीफ होनी चाहिए कि उन्होंने सीमित बजट में कहानी की डिमांड के अनुसार पूरी फिल्म को आउटडोर लोकेशन में शूट किया हैं, फिल्म में एक बेहद गंभीर मुद्दा उठाया गया है यही वजह हम फिल्म की खामियों को नजर अंदाज करते है। अगर आप सच के साथ जुड़ी फिल्में पसंद करते है तो फिल्म आपके लिए है । फ़िल्म के मुख्य किरदार हैं इशिता सिंह, संजय बिस्नोई, हनुमान सोनी, धन्नजय सरदेश पांडे ,निर्माता: इशिता सिंह, उत्कर्ष सिंह, संजय बिस्नोई, प्रताप जादौन एवं समर सिंह। निर्देशन रुद्र जादोन एवं संगीत है ब्रिटो का ।