
दिल्ली: खाड़ी देशों युद्ध के चलते एलपीजी एवं पेट्रोल/डीजल के संभावित संकट के मद्देनजर विपक्ष के लोकसभा एवं राज्य सभा सांसदों ने संसद परिसर में जमकर बरपाया हंगामा । नेता विपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एवं के सी वेणेगुपाल सहित विपक्ष के विभिन्न घटकों के सांसद हाथ में पोस्टर और बैनर लिए मकर द्वार पर नारे लगाते हुए दिखाई दिए । इन लोगों का कहना है कि जब देश भारी संकट से जूझ रहा होता है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनावी दौरों में मशगूल होते हैं ।
नतीजन देशभर में LPG की भारी कमी है, और लोग कतारों में खड़े हैं। कितने सारे छोटे-बड़े उद्योग भाजपा की विफलता का ख़ामियाज़ा भुगतने पर मजबूर हैं। पर सरकार के पास कोई जवाब नहीं। केवल झूठे दावे हैं। कूटनीति की विफलता गंभीर मुद्दा है और ऊर्जा प्रबंधन की नाकामी का नतीजा आज देश की 140 करोड़ जनता भुगत रही है। वहीं आधिकारिक सूत्र कमी के इन दावों को सिरे से ख़ारिज करते हैं । उनका कहना है कि फ़िलहाल पर्याप्त स्टॉक है । भविष्य की संभावनाओं के मद्देनजर कमर्शियल सप्लाई को नियंत्रित किया गया है ।
लोकसभा में नेता विपक्ष का कहना है कि दुनिया तेज़ी से बदल रही है। संकट हमारे दरवाज़े पर है। अगर सरकार ने तुरंत कदम नहीं उठाए, तो LPG, पेट्रोल और डीज़ल करोड़ों भारतीय परिवारों के लिए बड़ी समस्या बन जाएंगे। सच्चाई साफ़ है - Compromised PM Modi ji ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता कर दिया है। अब समय है सच बताने का और देश को तैयार करने का। वरना इसकी कीमत भारत के आम लोग चुकाएँगे।