
दिल्ली: भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के ढेरो हाथ पांव होते हैं लेकिन कानून को साक्ष्य नष्ट करके आप ज्यादा देर तक भ्रमित नहीं कर सकते हैं और शीघ्र उच्च न्यायालय में अपील करके सी.बी. आई. आज के निचली अदालत के फैसले को पलटवा सकती है । प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि दिल्ली की जनता भलीभांति जानती है की अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया ने कुछ अधिकारियों एवं शराब ठेकेदारों के साथ मिलकर एक बड़ा घोटाला किया और पहले दिन से यह स्पष्ट था कि अपनी दिल्ली सरकार का लाभ उठा कर अरविंद केजरीवाल साक्ष्यों से खिलवाड़ करते हैं।
पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने निशाना साधते हुए कहा कि जब से आम आदमी पार्टी के नेताओं के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप साक्ष्य के साथ आए तब तब से यह बात सामने आती रही है कि ये लोग साक्ष्य मिटाने में काफी एक्सपर्ट हैं और लगातार सिम कार्ड एवं फोन आदि नष्ट करते रहे। केजरीवाल का सच दिल्ली की सारी माताओं बहनों को पता है जिनके बच्चों को शराबी बनाने की कोशिश की गई, व्यापारियों को भी पता है जिनके साथ कमीशन का खेल खेला गया।
न्यायालय के फैसले को सच की जीत बताने वाले "आप" नेताओं से दिल्लीवाले जानना चाहते हैं कि अगर यह शराब नीति सही थी तो इसको वापस क्यों लिया गया था ? दिल्ली भाजपा अध्यक्ष से लेकर सभी विधायक और भाजपा कार्यकर्ता भी इस बात को बार-बार कहते थे कि सबूतों से छेड़छाड़ की जा रही है और दिल्ली के लोगों ने तो उसकी सजा देते हुए केजरीवाल को सत्ता से उखाड़ फेंका है। सर्वोच्च अदालत ने अरविंद केजरीवाल की कई जमानत याचिकायें ठुकराते हुए उन्हें मुख्यमंत्री के रुप में फाइल पर साइन करने से रोका था।
प्रेसवार्ता में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए श्री मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्लीवासियों को ऐसे सार्वजनिक नीति और प्रशासनिक मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही का अधिकार है। इसलिए अरविंद केजरीवाल को आबकारी नीति में अभी भी कई सवालों का जवाब दिल्लीवासियों को देना होगा। इस नीति के कारण सार्वजनिक खजाने को भारी नुकसान हुआ और कुछ निजी ठेकेदारों को अनुचित लाभ मिला और "आप" नेताओं तक सम्भवतः किक बैक पहुंचा । आम आदमी पार्टी का नेतृत्व, जिसमें अरविंद केजरीवाल शामिल हैं, को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यदि नीति में कोई अनियमितता नहीं थी तो जांच शुरू होते ही इसे क्यों वापस लिया गया।
इसके अलावा, ठेकेदारों के मार्जिन बढ़ाने और नीति लागू करने की प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने जोर देते हुए कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त है और हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। “यह केवल कानूनी मुद्दा नहीं है, बल्कि जनता के विश्वास का सवाल है। दिल्ली के लोग पूरी सच्चाई जानने के हकदार हैं।” भाजपा इस शराब घोटाले के मुद्दे को राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर उठाती रहेगी जब तक पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती और जिम्मेदारों को दंडित नहीं किया जाता।