नई दिल्ली 27, Feb 2026

लेख

1 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

2 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

3 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

4 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

5 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

6 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

7 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

8 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

9 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

10 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

11 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

12 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

13 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

14 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

15 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

16 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

17 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

18 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

19 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

20 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

21 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

22 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

23 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

24 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

25 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

26 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

27 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

28 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

29 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

30 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

31 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

32 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

33 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

34 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

35 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

36 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

37 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

38 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

39 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

40 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

41 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

42 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

43 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

44 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

45 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

46 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

47 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

48 - ठेके आन फिटनेस सेंटर ऑफ छा गए केजरीवाल जी तुस्सी

49 - मुख्य सुरक्षा अधिकारी हुए पंचतत्वों विलीन

50 - दिल्ली में यमुना का पानी का बीओडी लेवेल 50 के पार

अगर यह शराब नीति सही थी तो इसको वापस क्यों लिया गया

दिल्ली: भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के ढेरो हाथ पांव होते हैं लेकिन कानून को साक्ष्य नष्ट करके आप ज्यादा देर तक भ्रमित नहीं कर सकते हैं और शीघ्र उच्च न्यायालय में अपील करके सी.बी. आई. आज के निचली अदालत के फैसले को पलटवा सकती है । प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रमुख  प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि दिल्ली की जनता भलीभांति जानती है की अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया ने कुछ अधिकारियों एवं शराब ठेकेदारों के साथ मिलकर एक बड़ा घोटाला किया और पहले दिन से यह स्पष्ट था कि अपनी दिल्ली सरकार का लाभ उठा कर अरविंद केजरीवाल साक्ष्यों से खिलवाड़ करते हैं।
पार्टी के  पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने निशाना साधते हुए कहा  कि जब से आम आदमी पार्टी के नेताओं के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप साक्ष्य के साथ आए तब तब से यह बात सामने आती रही है कि ये लोग साक्ष्य मिटाने में काफी एक्सपर्ट हैं और लगातार सिम कार्ड एवं फोन आदि नष्ट करते रहे। केजरीवाल का सच दिल्ली की सारी माताओं बहनों को पता है जिनके बच्चों को शराबी बनाने की कोशिश की गई, व्यापारियों को भी पता है जिनके साथ कमीशन का खेल खेला गया।
न्यायालय के फैसले को सच की जीत बताने वाले "आप" नेताओं से  दिल्लीवाले जानना चाहते हैं कि अगर यह शराब नीति सही थी तो इसको वापस क्यों लिया गया था ? दिल्ली भाजपा अध्यक्ष से लेकर सभी विधायक और भाजपा कार्यकर्ता भी इस बात को बार-बार कहते थे कि सबूतों से छेड़छाड़ की जा रही है और दिल्ली के लोगों ने तो उसकी सजा देते हुए केजरीवाल को सत्ता से उखाड़ फेंका है। सर्वोच्च अदालत ने अरविंद केजरीवाल की कई जमानत याचिकायें ठुकराते हुए उन्हें मुख्यमंत्री के रुप में फाइल पर साइन करने से रोका था।  
प्रेसवार्ता में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए श्री मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्लीवासियों को ऐसे सार्वजनिक नीति और प्रशासनिक मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही का अधिकार है। इसलिए अरविंद केजरीवाल को आबकारी नीति में अभी भी कई सवालों का जवाब दिल्लीवासियों को देना होगा।  इस नीति के कारण सार्वजनिक खजाने को भारी नुकसान हुआ और कुछ निजी ठेकेदारों को अनुचित लाभ मिला और "आप" नेताओं तक सम्भवतः किक बैक पहुंचा । आम  आदमी पार्टी का नेतृत्व, जिसमें अरविंद केजरीवाल शामिल हैं, को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यदि नीति में कोई अनियमितता नहीं थी तो जांच शुरू होते ही इसे क्यों वापस लिया गया।
इसके अलावा, ठेकेदारों के मार्जिन बढ़ाने और नीति लागू करने की प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने जोर देते हुए कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त है और हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। “यह केवल कानूनी मुद्दा नहीं है, बल्कि जनता के विश्वास का सवाल है। दिल्ली के लोग पूरी सच्चाई जानने के हकदार हैं।” भाजपा इस शराब घोटाले के मुद्दे को राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर उठाती रहेगी जब तक पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती और जिम्मेदारों को दंडित नहीं किया जाता।

06:49 pm 27/02/2026

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

Mobile : 91-9811440461

editor@dhanustankar.com

Slideshow

समाचार

1 - अगर यह शराब नीति सही थी तो इसको वापस क्यों लिया गया

2 - होटल रेडिसन ब्लू में महाराष्ट्रा टूरिज्म रोड शो

3 - पुलिस एवं विश्व हिंदू परिषद संयुक्त रूप से जागरूकता एवं जनसहभागिता बढ़ाने हेतु करेंगे कार्य

4 - अकाली दल ने की अंतरधार्मिक विवाह रोकने के लिए कानून बनाने की माँग

5 - गिरफ्तार युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पैरवी के लिए कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल उपराज्यपाल से मिला

6 - बहुराज्य पृष्ठभूमि के कारण भारत मंडपम प्रकरण की जाँच क्राइम ब्रांच इंटरस्टेट सेल को सौंपी

7 - राष्ट्र विरोधी ताकतों के प्रवक्ता बन गए हैं राहुल गाँधी

8 - एआई युग में एमसीडी के खंडहर स्कूलों के बच्चे दुनिया का कैसे करेंगे मुकाबला

9 - IEEPA कानून के अंतर्गत टैरिफ लगाने के अमेरिका के राष्ट्रपति के अधिकार को स्पष्ट रूप से नकारा

10 - जामिया हमदर्द प्रोजेक्ट का लेआउट प्लान को दोबारा से लाया जाना सेटिंग का अंदेशा

11 - एक साल दिल्ली बेहाल याद आ रहे हैं केजरीवाल

12 - दिल्ली में भाजपा सरकार का एक साल पूरा होने पर एक दूसरे को लड्डू खिलाकर गिनवाई उपलब्धियाँ

13 - वियाह करतारे दा 27 फरवरी को होगी रिलीज

14 - पारिवारिक भ्रमण के बिना पर हो रही थी मादक पदार्थों की तस्करी

15 - पंजाब में समाचार पत्र जलाना मीडिया पर दमन चक्र

16 - प्राइवेट स्कूलों द्वारा बोर्ड के बच्चों के रोके जा रहे हैं एडमिट कार्ड

17 - निगमायुक्त की वित्तिय शक्ति को 5 करोड़ से बढ़ाकर 50 करोड़ पार्षद हुए पंगु

18 - तू या मैं का दिल्ली में धमाकेदार प्रमोशन

19 - एमसीडी का बजट जन सरोकारों से कोसों दूर और कागजी: अंकुश नारंग

20 - ना ही हिंदुस्तान को समझते हैं ना ही हिंदुस्तान की राजनीति

21 - डीएसएमजी ने सौंपा अकालतख़्त को हरविंदर सिंह सरना को पंथक से बाहर निकालने के लिए मांगपत्र

22 - यादव जी की लव स्टोरी का रोमांटिक सॉंग थोड़ी थोड़ी सी लाँच

23 - प्रोफेसर देवेंद्रपाल सिंह भुल्लर की रिहाई की अर्जी एक बार फिर खारिज किए जाने पर रोष

24 - तिलक नगर में हुआ विशाल विश्व हिंदू सम्मेलन का आयोजन

25 - बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रेया नारायण ने क्यों कहा उसने बुलाया था

26 - ऑपरेशन शस्त्र के तहत 61 मामले दर्ज 82 गिरफ्तार

27 - सामाजिक मुद्दे पर बनी संवेदनशील फिल्म पारो-पिनाकी की प्रेम कहानी

28 - दिल्ली में 700-800 लोगों के लापता होने के मामले नोटिफाई

29 - कूड़े से निकली इनरट मिट्टी को कहीं कहीं ज़मीन के भराव के लिए जा रहा है डाला

30 - दिल्ली देहात में डाला जा रहा है भलस्वा लेंडफिल साइट का कचरा

31 - बजट नहीं आंकड़ों का ऐसा जादूगरखाना जहां सच गायब

32 - केन्द्रीय बजट में प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवंटित बजट में 209 करोड़ की कटौती

33 - केंद्रीय बजट 2026: एमएसएमई-और स्वदेशी पर आधारित वैश्विक प्रतिस्पर्धा का रोडमैप