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दिल्ली: सोशल मीडिया पर हथियार लहराकर आपराधिक प्रवृति की ओर बढ़ते कदमों पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने चलाया वृहद अभियान जिसे ऑपरेशन शस्त्र नाम दिया गया है । प्रदेश भर में चलाए गए इस अभियान के तहत 400 टोलियों का गठन किया गया जिसमें क्राइम ब्रांच स्पेशल सेल सहित विभिन्न विभागों से 2000 पुलिसकर्मी एवं अधिकारी शामिल हुए । आधिकारिक सूचना के अनुसार तकनीकी सर्विलेंस के आधारपर पर चलाये गए इस अभियान के तहत 6000 से भी अधिक सोशल मीडिया प्रोफाइल्स को खंगाला गया । कुल मिलाकर 61 मामलों के तहत 82 को गिरफ्तार किया गया जिनमें 15 नाबालिक हैं । नाबालिगों को अभिरक्षण में भेजा गया है । इनके पास से 69 बंदूकें , 93 जिंदा कारतूस एवं 13 चाकू बरामद हुए ।
दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा के मार्गदर्शन में पुलिस द्वारा चलाये जा रहे इस वृहद अभियान का मकसद अवैध हथियारों को रखने वालों एवं सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से विशेषकर युवाओं को अपराध करने के लिए उकसाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर नकेल कसना एवं काउंसलिंग के माध्यम से युवाओं में बदलाव लाकर सुरक्षित समाज की परिकल्पना है । हाल ही में हुई फिरौती के लिए फायरिंग के मामले में हुई तहकीकात के दौरान जानकारी मिली की मास्टरमाइंड ने सोशल मीडिया के माध्यम से जिनमें इंस्टाग्राम भी शामिल हैं इस प्रकार की क्लिपिंग के माध्यम से अपराध को अंजाम देने के लिए शामिल होने के लिए उकसाया था । प्रलोभन कुछ भी हो सकता है फ्री हथियार देने का झाँसा या पैसा देकर अपराध को अंजाम देना । इसमें दो राय नहीं कि सोशल मीडिया में इस तरह की वीडियो युवाओं को दिग्भ्रमित करती हैं । उकसाती हैं ।