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11 वर्षों से दिल्ली में प्रदूषण हर वर्ष खराब स्थिति में पहुंचने के साथ पिछले 4 वर्षों में सर्दियों के शुरुआत में ही हवा अत्यंत खराब हो रही जिसका प्रमाण दिल्ली के 42 स्टेशनों में से 32 पर एक्यूआई 200 के पार दर्ज किया गया । दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने साधा निशान कहा कि भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार प्रदूषण रोकने के लिए कुछ ठोस उपाय करने की बजाय अपना पल्ला झाड़कर 1 नवम्बर से फरवरी 27 तक 50 प्रतिशत की क्षमता से प्राईवेट और सरकारी कामकाज को करने का आदेश जारी कर दिया है। उन्होंने कहा कि पिछली आम आदमी पार्टी की सरकार और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली वर्तमान भाजपा सरकार वायु प्रदूषण से निपटने के लिए नकली प्रभावी कदम उठाने में विफल रही थी, दिल्ली सरकार ने दिल्ली की समस्याओं के लिए पड़ोसी राज्यों, विशेष रूप से हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने को दोषी ठहराकर आरोप प्रत्यारोप की राजनीति कर रही है।
यह चैंकाने वाली बात है कि हवा के ठंडा होने से पहले ही दिल्ली का एक्यूआई खराब श्रेणी में 244 तक पहुंच गया, जो सप्ताह की शुरुआत में मध्यम स्तर से ऊपर था और हवा खराब होने पर आने वाले दिनों में कहीं अधिक खतरनाक स्थिति में पहुँचा सकता है। रेखा गुप्ता सरकार अभी भी वायु प्रदूषण को रोकने के तरीकों पर विचार ही कर रही है। जब अध्यन और रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली मंे परिवहन, उद्योग, पावर प्लांट, सड़क के धूलकण और निर्माण पांच प्रमुख कारणों का दिल्ली के प्रदूषण में सबसे बड़ा योगदान रहता है, फिर रेखा गुप्ता सरकार पिछले 2 वर्षों से क्यों आम आदमी पार्टी की कार्यशैली पर चलकर प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर खानापूर्ति कर रही है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली कांग्रेस लगातार राजधानी में बिगड़ते एक्यूआई के लिए वाहनों का धुआं, निर्माण और टूटी सड़कों की धूल और अन्य स्थानीय कारक मुख्य रूप से जिम्मेदार मानकर सरकार को दिल्ली के प्रदूषण को नियंत्रित करने के प्रति दिल्ली की जनता की आवाज को उठाती है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में दिल्ली में शायद ही कोई दिन हो जब अच्छी श्रेणी यानि 50 से नीचे एक्यूआई रहा हो। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लियर एयर (सीआरईसी) के एक विश्लेषण द्वारा सामने आया है कि वाहन प्रदूषण और महीन कण पदार्थ पीएम 2.5 दिल्ली के सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बढ़ाने का काम करते है। उन्होंने कहा कि जब तक भाजपा की ट्रिपल इंजन रेखा गुप्ता सरकार वायु प्रदूषण से निपटने के लिए तत्काल और मजबूत कदम नहीं उठाने का अंजाम दिल्लीवासियों को भुगतना पड़ता है और फेफड़ों का कैंसर, क्रानिक आब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, स्ट्रोक, टाईप 2 डायबिटीज और न्यूमोनियां जैसी गंभीर बीमारियों से लोग ग्रसित होते है।