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दिल्ली: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता पेपर लीक के लिए जिम्मेदार केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धमेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आज भाजपा मुख्यालय का घेराव करने के लिए प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में एकत्रित हुए। नारे लगाते हुए धीरे धीरे आगे बढ़ते कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जत्थे को पुलिस ने आगे नही जाने दिया और तानाशाह मोदी के इशारे पर उन्हें हिरासत में लेकर उन्हें आई.पी. एस्टेट पुलिस स्टेशन ले जाया गया, बाद में छोड़ दिया गया। पेपर चोर गद्दी छोड़, नरेन्द्र मोदी हाय-हाय, जब-जब मोदी डरता है पुलिस को आगे करता है आदि नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारी मांग कर रहे थे कि कल 21 जुलाई को जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण अपना विरोध दर्ज कर रहे छात्रों पर बर्बरता पूर्ण पुलिस द्वारा लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पर प्रधानमंत्री को माफी मांगनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिल्ली प्रभारी काजी निजामुद्दीन, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री डा0 नरेन्द्र नाथ और प्रो0 किरण वालिया, पूर्व विधायक सुरेन्द्र कुमार, भीष्म शर्मा, और अबदुल रहमान, निगम में विपक्ष के पूर्व नेता जितेन्द्र कुमार कोचर, प्रदेश प्रशासनिक प्रभारी जतिन शर्मा, उपाध्यक्ष जगजीवन शर्मा, तसवीर सोलंकी, लक्षमण रावत, अब्दुल हन्नान, मुदित अग्रवाल, महासचिव डा0 पी के मिश्रा, जय प्रकाश राणा, धर्मपाल चंदेला, बाल किशन बाली, प्रमोद जयंत, सतेन्द्र शर्मा, सेवादल के मुख्य संगठक सुनील कुमार, प्रदेश महिला अध्यक्ष पुष्पा सिंह, मुमताज पटेल, वरियाम कौर सहित हजारों कार्यकर्ता मौजूद थे।प्रदेश कांग्रेस कमेटी कि अध्यक्ष ने कहा कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने के पेपर लीक के भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों की जवाबदेही तय करने और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कर रहे छात्रों के साथ जिस तरह से पुलिस ने मारपीट कर सैंकड़ों छात्रों को गंभीर रुप से घायल किया है, ऐसा पहले कभी देखा नही गया। पुलिस की कार्यवाही और सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले हमारे नेता श्री राहुल गांधी जब प्रधानमंत्री निवास पर छात्रों को न्याय दिलाने के लिए धरने पर बैठे तो उन्हें जिस तरह से पुलिस द्वारा घसीटकर हिरासत में लिया, ऐसा इतिहास में पहले कभी हुआ है। उन्हांेने कहा कि राहुल गांधी जी और समूचे विपक्ष की आवाज संसद से सड़क तक बुलंद होने पर मोदी सरकार घबरा चुकी है, जिसके कारण सरकार के इशारे पर पुलिस सड़कों पर छात्रों की लड़ाई लड़ने वालों पर भारी अत्याचार कर रही है।