
दिल्ली: हाई कोर्ट द्वारा 13 जुलाई 2026 कों पारित आदेश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय महासचिव गुरमीत सिंह शंटी ने कहा कि कोर्ट ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (डीएसएमजी) के चुनावों को 31 मार्च 2026 तक टालने की माँग पर कोई अंतरिम राहत देने से इनकार किया है । उनका मानना है कि यह आदेश सिख संगत के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है । दिल्ली सिख गुरुद्वारा एक्ट 1971 के अनुसार डीएसएमजी के चुनाव प्रत्येक चार वर्ष में करवाया जाना अनिवार्य है । कोर्ट ने दिल्ली सरकार एवं डायरेक्टोरेट ऑफ़ गुरुद्वारा इलेक्शंस से स्पष्टीकरण मांगा है कि 24 फरवरी 2026 से अब तक चुनाव करवाये जाने के लिए क्या क़दम उठाये एवं चुनाव संपन्न करवाने की आगे की समय सीमा क्या होगी ।
शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय महासचिव के अनुसार वह लगातार यह कहते रहे हैं कि डीएसएमजी चुनावों में अनावश्यक देरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ अन्याय है । अब कोर्ट ने भी सरकार को तलब किया है कि इतने महीनों में चुनाव करवाने के लिए क्या कार्यवाही की गई । कोर्ट द्वारा इस मामले को एडवांस लिस्ट के टॉप -5 मामलों में शामिल किया जाना इस विषय की गंभीरता को दर्शाता है । साथ ही अगली सुनवाई डायरेक्टोरेट ऑफ़ गुरुद्वारा इलेक्शंस के जिम्मेदार अधिकारी को जवाबदेही के लिए व्यक्तिगत रूप से तलब किया है । अगली सुनवाई की तारीख 12 अगस्त है ।