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दिल्ली: आगामी 18 अगस्त को होने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनावों के मद्देनजर दिल्ली सिक्ख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अधीन संचालित दो कॉलेज श्री गुरु गोबिंद सिंह ऑफ कॉमर्स एवं गुरु टेक बहादुर खालसा कॉलेज विवादों के घेरे में । शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना एवं जागो पार्टी के शीर्षस्थ नेता मनजीत सिंह जीके ने जानकारी देते हुए कहा कि इन कॉलेजों के प्रबंधन ने अपने उम्मीदवारों को निर्विरोध जिताने के लिए जबरन 4 उम्मीदवारों की उम्मीदवारी खारिज कर दी । इनमें से एक छात्र अश्मीत सिंह गुरु टेग बहादुर खालसा कॉलेज सांध्य से है । सरना का कहना है कि उसकी उम्मीदवारी यह कह कर खारिज कर दी गई कि उसने अपनी दाढ़ी कटवा ली है । बाकी के तीन छात्र सुभाग सिंह अध्यक्ष पद के लिए, सिद्धप्रीत कौर थरेजा उपाध्यक्ष के लिए एवं चसमीत सिंह महासचिव पद के लिए श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स से हैं । यह सभी छात्र एसओआई से संबंधित हैं ।
मैनेजमेंट द्वारा लाख प्रलोभन दिए जाने के बावजूद गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स के छात्र धरने पर बैठ गए । अंत में मामला हाई कोर्ट पहुंचा । हाई कोर्ट में इनके वकील मनमोहन सिंह एवं उनकी टीम ने जानकारी देते हुए कहा कि जस्टिस अमित बंसल की बेंच ने मैनेजमेंट की दलीलों को ख़ारिज करते हुए छात्रों के पक्ष में फैसला दिया । सरना का कहना है माय जब वो मध्य रात्रि धरने पर बैठे हुए छात्रों से मिलने गए तो कॉलेज परिसर में ना ही प्रिंसिपल था ना ही चेयरमैन। अश्मीत के मामले में पार्टी विचार कर रही है । एडवोकेटएस की टीम ने जानकारी दी की कोर्ट में मैनेजमेंट की दलील थी कि इनके नामांकन पत्र के साथ आधार कार्ड और कॉलेज आईकार्ड की कॉपी नहीं संलग्न थी ।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सिक्ख गुरुद्वारा प्रबन्धन कमेटी अध्यक्ष का कहना है कि वे प्रबंधन के आधीन चल रहे कॉलेजों से इलेक्शन सिस्टम को ही बंद कर देंगे । छात्र संघ के चुनावों में यह हाल है तो प्रबंधन के चुनाव में इनकी रणनीति क्या होगी...