नई दिल्ली 06, Sep 2026

लेख

1 - कैसे होंगे केरल के सियासी समीकरण

2 - कौन सा खेला खेलेंगी ममता बैनर्जी पश्चिम बंगाल में

3 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

4 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

5 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

6 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

7 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

8 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

9 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

10 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

11 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

12 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

13 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

14 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

15 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

16 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

17 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

18 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

19 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

20 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

21 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

22 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

23 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

24 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

25 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

26 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

27 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

28 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

29 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

30 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

31 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

32 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

33 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

34 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

35 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

36 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

37 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

38 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

39 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

40 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

41 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

42 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

43 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

44 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

45 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

46 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

47 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

48 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

49 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

50 - ठेके आन फिटनेस सेंटर ऑफ छा गए केजरीवाल जी तुस्सी

रामलीला महासंघ रणवीर कपूर की फिल्म रामायण का विरोध करने के अपने निर्णय पर अटल

दिल्ली: इस बार लव कुश रामलीला में नारद की भूमिका निभायेंगे बॉलीवुड के जानेमाने कलाकार जो कि फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया के एक्टिंग विभाग के विभागाध्यक्ष भी रह चुके हैं कंवरजीत पेंटल, रावण के किरदार के लिए राज प्रेमी को चुना गया है  एवं प्रसिद्ध गायक शंकर साहनी बनेंगे । यदि देखा जाए तो राज प्रेमी का भी छोटे और बड़े पर्दे पर अच्छा खासा इतिहास रहा है उनकी विलेन के रूप में अपनी अलग छाप है । लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने इन सभी कलाकारों को मीडिया के सामने रूबरू कर जानकारी देते हुए बताया कि लीला मंचन के लिए 140 फुट लंबे, 60 फुट चौड़ा, 45 फुट उंचा भव्य मीनाक्षी टेम्पल का चार मंजिला मंच तैयार किया जा रहा है। कोलकता, दिल्ली, मुंबई, गुजरात, राजस्थान, मथुरा और वृंदावन के कारीगरों ने महीनों की मेहनत से मदुरै का विश्व विख्यात मीनाक्षी टेम्पल का आकार दिया जा रहा है।

मंदिर की नक्काशी, गुंबद ओर स्तंभ भारतीय शिल्पकला की झलक  दिखेगी इसमें विशेष रंगों का प्रयोग किया जायेगा, विशेष मल्टीकलर एक लाख एलईडी लाईटस से सजेगा, जैसे ही लाईट बदलती है, मंदिर का प्रत्येक हिस्सा दिव्यता और आभा से जगमगा उठेगा, कहीं नीली रोशनी कहीं सुनहरी रोशनी, लाल और हरे रंग की रोशनी मंदिर की आभा को और भी मोहक बनायेगी । इस भव्य सेट पर 31 फीट का कैलाश पर्वत और घने जंगल का सेट बनाया जायेगा। इसी सेट पर केवट जी का श्रीराम, लक्ष्मण, सीता का नाव से नदी पार कराने के सीन में पूरा मंच विज्यूल इफेक्टस के जरिए पानी-पानी जैसा दिखेगा जिस पर नाव चलते हुए दिखाई देंगी। जंगल के दृश्यों में राम भक्तों को महसूस होगा कि वह खुद पक्षी, पशु, प्रकृति के बीच बैठे हुए है। चिड़िया चहकेंगी, शेर दहाड़ रहें होगें, मोर नाच रहे होंगे। दूसरी मंजिल पर 3डी, मैपिंग इफैक्ट्स 135 बाई 14 की विशाल एल.ई.डी. युक्त और डिजिटल डाल्बी सांउड के साथ विशाल स्टेज पर प्रतिदिन श्री राम लीला का मंचन होगा।

रामभक्तों के बीच आकाश में नजर जाएंगे भूत-भूतनी, पिशाच भी युद्ध के दृश्यों के दौरान 70 फीट की हाईट पर भूत-प्रेत, पिशाच-राक्षस डरावनी आवाजों के साथ दिखाई देंगे। इन दृश्यों को और असरदार तरीके से पेश करने के लिए स्टीरियों फोनिक 8-ट्रैक सांउड डिजिटल डालबी साउंड का प्रयोग किया जायेगा । अर्जुन कुमार ने यह भी कहा कि सनातन हिंदू धर्म के विरुद्ध लगातार बयानबाजी कर रही एक्ट्रेस स्वरा भास्कर को नसीहत देते हुए कहा अगर आपने सनातन संस्कृति को जानना है तो रामलीला का अवलोकन करे प्रभु श्री राम सीता लक्ष्मण और रामायण से भारतीय मूल्यों को जाने उसके बाद ही सनातन के बारे में अपनी जुबान खोले , मीडिया के सवालों के जवाब में उन्होंने दोहराया कि रामलीला महासंघ रणवीर कपूर की फिल्म रामायण का विरोध करने के अपने निर्णय पर अटल है उन्होंने कहा हम फिल्म के मेकर्स को लिखे अपने पत्र के जवाब और फिल्म की रिलीज से पहले रामलीला आयोजकों की फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग के अपने फैसले पर कायम है अगर फिल्म में मेकर्स रामायण से कुछ भी तोड़मरोड़ की तो हम इसका जोरदार विरोध करेंगे ।

07:08 pm 06/09/2026

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

Mobile : 91-9811440461

editor@dhanustankar.com

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समाचार

1 - रामलीला महासंघ रणवीर कपूर की फिल्म रामायण का विरोध करने के अपने निर्णय पर अटल

2 - बॉक्स ऑफिस पर धार्मिक फिल्मों का बाज रहा डंका

3 - दिल्ली के एयरपोर्ट के टर्मिनल थ्री में जलभराव

4 - त्योहार की छुट्टी के दिन भी जलभराव से दिल्ली जाम

5 - सरना ने की डीएसएमजी अध्यक्ष से इस्तीफ़े की मांग

6 - सफदरजंग अस्पताल में उन्नत ब्लैडर डायग्नोस्टिक्स सेंटर तथा PET-CT और SPECT-CT सुविधाओं का उद्घाटन

7 - AI से फिल्म बनाना अब होगा आसान

8 - मेयर ऑफिस के कार्यालय का घेराव कर नारे लगाते हुए दिखाई दिए आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद

9 - Testing only इंफलूयंसरों का दुरूपयोग करके आक्षेप लगा कर बदनाम करने की कोशिश

10 - भारत मंडपम में होगा 26 से 30 अगस्त तक होगा तकनीक और क्रिएटिविटी का महा संगम

11 - बिहार के 33 थैलेसीमिया ग्रस्त बच्चों का सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट गंभीर बीमारी से मुक्ति

12 - बालाघाट में कुपोषण मलेरिया खसरे से 22 एवं गढ़चिरौली में आदिवासी हॉस्टल में सर्पदंश से 3 की मौत

13 - हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अभी तक स्कूल ट्रस्ट की फाइल उपलब्ध नहीं

14 - दिल्ली कूड़े के साम्राज्य के रूप में तब्दील

15 - जुवे की आड़ में सॉफ्टवेर के माध्यम से चल रहा था सट्टे का कारोबार

16 - भारत में "वेरी सेक्सी" के एक नए दौर की शुरुआत

17 - करीब 800 शहरों में होगा छात्रों की गूंज कार्यक्रमों का आयोजन

18 - अब तक खुलासा नहीं विधायक कुलदीप कुमार किस जुर्म में हुए गिरफ्तार

19 - भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष की उल्टे झंडे के साथ वायरल हुई नकली तस्वीर दोषियों पर कार्यवाही की माँग

20 - प्रलय दुनिया के खत्म होने की कहानी

21 - सड़कों और नालों की खुदाई से दिल्ली बनी जलभराव और जाम की राजधानी

22 - सरेआम सफाईकर्मी की हत्या, परिवार को न्याय दिलाने धरने पर बैठे ‘‘आप’’ विधायक

23 - सार्वजानिक सभा में राहुल की विवादास्पद टिप्पणी पर राजनीतिक हलकों से तीखी प्रतिक्रियायें

24 - 118 आपराधिक मामलों में संलिप्त अपराधी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

25 - नांदेड़ में सुखबीर सिंह बादल पर हमला

26 - दिल्ली मास्टर प्लान 2047 में सिर्फ बिल्डर लॉबी के पक्ष पर जोर

27 - केजरीवाल एवं मान होशियारपुर आयोजित एक शाम शिव के नाम भजन संध्या में शामिल

28 - 8वीं विधानसभा के मानसून सत्र में नियम 280 के तहत 52 मसलों पर चर्चा

29 - “कैंपस से सी-सूट” AI के दौर में करियर,नेतृत्व एवं संस्थागत निर्णय प्रक्रिया पर प्रभाव का विश्लेषण

30 - पहला मुख्यमंत्री ना किसी फाइल पे साइन ना कोई विभाग मगर सब कुछ करता वही

31 - दिल्ली की नागरिक हर महिला चाहें वह किसी भी राज्य से हो महालक्ष्मी योजना से होंगी लाभान्वित

32 - तिरंगा किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों के सम्मान और गौरव का प्रतीक

33 - लक्ष्मी योजना जटिल दस्तावेजों एवं डिजिटल निरक्षरता के कारण बनी मील का पत्थर