नई दिल्ली 13, Aug 2026

लेख

1 - रक्त रंजित राजनीति से मिली मुक्ति बंगाल में पहली बार निखरा कमल

2 - कैसे होंगे केरल के सियासी समीकरण

3 - कौन सा खेला खेलेंगी ममता बैनर्जी पश्चिम बंगाल में

4 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

5 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

6 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

7 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

8 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

9 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

10 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

11 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

12 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

13 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

14 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

15 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

16 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

17 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

18 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

19 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

20 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

21 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

22 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

23 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

24 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

25 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

26 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

27 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

28 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

29 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

30 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

31 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

32 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

33 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

34 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

35 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

36 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

37 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

38 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

39 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

40 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

41 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

42 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

43 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

44 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

45 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

46 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

47 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

48 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

49 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

50 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

दिल्ली मास्टर प्लान 2047 में सिर्फ बिल्डर लॉबी के पक्ष पर जोर

दिल्ली: दिल्ली मास्टर प्लान 2047 को अत्यधिक देरी से मंजूरी देकर सिर्फ बिल्डर लॉबी के पक्ष पर जोर दिया है, जबकि राजधानी पहले से ही कमजोर नागरिक बुनियादी ढांचे पर तनावग्रस्त होकर अधिक दबाव झेल रही है क्योंकि लगातार कम हो रहे हरित क्षेत्र, वायु और जल प्रदूषण, जल आपूर्ति में कमी, और पुरानी सीवर और पानी की पाइपलाइनों पर टिकी व्यवस्था, वाहनों के असहनीय भार के साथ जर्जर सड़कों आदि जैसे महत्वपूर्ण विषयों के विकास को नजरअंदाज करके अधिक भूमि पार्सल कर बिल्डर लॉबी को उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव का  मानना है कि दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा तैयार किए गए मास्टर प्लान में जमीनी वास्तविकताओं, कार्यान्वयन में देरी और बुनियादी ढांचे के गंभीर तनाव के संबंध में महत्वपूर्ण खामियां हैं। उन्होंने कहा कि फ्लोर क्षेत्र अनुपात (एफएआर) को बढ़ाने और आसपास की बिजली, पानी और सड़क क्षमताओं को परिपक्व और विकसित किए बिना अतिरिक्त आवासीय मंजिलों की अनुमति देने से भारी यातायात जाम और अत्यधिक बोझ वाली अत्यधिक उपयोगिताओं के कारण अव्यवस्था बढ़ेगी, जिसके बारे में मास्टर प्लान कोई प्रशंसनीय समाधान या विचार नहीं किया गया है।
 
उन्होंने कहा कि अब यह बहुत स्पष्ट हो गया है कि रेखा गुप्ता सरकार ने सत्ता संभालने के तुरंत बाद राजधानी में हजारों जेजे क्लस्टरों को ध्वस्त करने के लिए जल्दबाजी क्यों की थी।  क्योंकि 2047 के मास्टर प्लान दिल्ली के इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने की जगह निजी बिल्डरों के लिए अधिक भूमि पार्सल उपलब्ध कराने पर अधिक ध्यान दिया गया है। जिसके लिए दिल्ली सरकार ने कई झुग्गी बस्तियों को ध्वस्त करके लाखों गरीबों को दिल्ली से बाहर निकालकर उस जमीन को खाली करवा लिया है और भूमि का उपयोग शहरी गरीबों के आवासीय और वाणिज्यिक उपयोग के लिए किया जाएगा। मास्टर प्लान में भाजपा के झुग्गी बस्तियों को साफ करने के अभियान का मुख्य उद्देश्य साफ दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि यदि मास्टर प्लान पुनर्विकास के लिए स्वीकृत क्षेत्रों को ऐसी परियोजनाओं को आर्थिक रूप से व्यावहारिक बनाने की अनुमति देता है जिनमें आम लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए जल निकासी, पानी, बिजली और अन्य महत्वपूर्ण नागरिक स्थितियों में सुधार नही होगा और भूमि मालिकों को भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करेंगे, तो इसके भयावह परिणाम सामने आऐंगे।
 
उनका कहना है कि तेजरी से जनसंख्या वृद्धि वाले पुराने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की उपेक्षा, जहां अभी भी औपचारिक नगरपालिका सेवा में उचित सुविधाओं का संकट है, मास्टर प्लान में इनको दूर रखना एक बड़ी कमी है। उन्होंने कहा कि उच्च घनत्व वाले निर्माण और बढ़ी हुई वाणिज्यिक गतिविधियों पर जोर देने से पहले सरकार को ध्वस्त व चरमराई सीवेज व्यवस्था, जल निकासी और जल व्यवस्था को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। यदि वर्तमान मास्टर प्लान को केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी मिल जाती है तो पार्किंग स्थलों की कमी आने वाली पीढ़ी के लिए जीवन को असहनीय बना देगी।

06:42 pm 13/08/2026

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

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समाचार

1 - नांदेड़ में सुखबीर सिंह बादल पर हमला

2 - दिल्ली मास्टर प्लान 2047 में सिर्फ बिल्डर लॉबी के पक्ष पर जोर

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