
दिल्ली: गत 20 जुलाई को पार्लियामेंट के घेराव के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के बाहर पत्थर से भरे ट्रक की मौजूदगी को लेकर दिल्ली पुलिस एवं भारतीय युवा कांग्रेस के पदाधिकारी आमने सामने । तैनात सुरक्षाकर्मियों के वकील ने अपना पक्ष कोर्ट में तो युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब एवं उनके सहयोगियों ने कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से रूबरू होकर रखा अपना पक्ष । इनका कहना है जो ईंटों से भरा ट्रक युवा कांग्रेस के मुख्यालय के बाहर खड़ा था वो फ़िरोज़ शाह रोड कस्तूरबा गांधी मार्ग क्रासिंग पर कार के साथ हुए एक्सीडेंट के कारण 17 जुलाई से लेकर 20 जूलाई तक पुलिस कस्टडी में था । एक्सिडेंट के समय ट्रक पत्थरों से भरा था । 20 जुलाई को ट्रक भलसवा गया जहाँ पर उसे अनलोड किया गया । उसके बाद वो ट्रक पार्लियामेंट स्ट्रीट जंतर मंतर क्रासिंग पर दिखाई दिया और 20 जुलाई से लेकर वह ट्रक युवा कांग्रेस के मुख्यालय के पास खड़ा था ।
युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सुरक्षा एंजेंसियों की भूमिका पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि युवा कांग्रेस मुख्यालय की लगभग 50 मीटर की दूरी पर संसद के होने के कारण यह हाई अलर्ट एरिया है । हर जगह बेरीकेड लगे थे ऐसे में यह पत्थरों से भरा ट्रक युवा कांग्रेस के मुख्यालय के बाहर पहुँचा कैसे ? किसके कहने पर और अंत में किसीकी कॉन्सप्रेसी से? ऐसे बहुत से सवाल हैं जिनका खुलासा होना अभी बाकी है । हाई कोर्ट में गवर्नमेंट काउंसल की दलील थी कि यह ट्रक प्रोटेस्टर्स से लिंक्ड है यह एक न्यूज चैनल का कहना है । उसके बाद 28 जुलाई को पुलिस के ट्वीट के अनुसार यह ट्रकएक्सीडेंट होने के कारण पुलिस कस्टडी में था । दोनों ही दलीलों में विरोधाभास है ।