बॉक्स ऑफिस पर धार्मिक फिल्मों का बाज रहा डंका

दिल्ली: इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर धार्मिक फिल्मों का डंका बज रहा है । सिर्फ 02 करोड़ से भी कम के बजट में बनी हनुमान अंश अपनी लागत से रिकॉर्ड 40 गुना ज्यादा की कमाई कर चुकी है और अब इस वीक रिलीज हुई महाप्रभु जगन्नाथ फिल्म का भी दर्शकों में जबरदस्त क्रेज है इस फिल्म का बजट भी बेहद कम है लेकिन इसके बावजूद फिल्म का एनीमेशन स्तर हॉलीवुड फिल्मों को टक्कर देता है , शुरू से अंत तक फिल्म आपको और आपके साथ सोनू मीनू को बांध कर रखती है।बता दे, ये फिल्म भी रिलीज से पहले कानूनी विवादों में भी घिर गई। पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने भगवान जगन्नाथ के एनिमेटेड चित्रण पर आपत्ति जताई इसी के साथ पुरी के शंकराचार्य ने भी फिल्म पर रोक लगाने की मांग की थी। अब यह बात अलग है कि सुप्रीम कोर्ट ने रचनात्मक अभिव्यक्ति के आधार पर प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया इस के चलते फिल्म की रिलीज़ करीब 2 महीने अटक गई।
यह फिल्म 'महाप्रभु जगन्नाथ' के अद्भुत कारनामों पर आधारित है ।ऐसे में फिल्म बच्चों और परिवारों के लिए एक सरल, भक्तिमय और दृश्य रूप से आकर्षक एनिमेटेड प्रस्तुति है। फिल्म के निर्देशक: श्रीपाद वारखेडकर की तारिफ करनी होगी कि उन्होंने फिल्म एक अच्छा संदेश देती है । फिल्म की शैली एनिमेशन, की क्वालिटी बच्चों को बांध कर रखती है हिंदी, उड़िया और तेलुगु में एक साथ रिलीज किया गया।
फिल्म की कहानी कलयुग की पृष्ठभूमि पर आधारित है ।'अहम' नामक एक शक्तिशाली असुर ब्रह्मा जी की तपस्या करके उनसे अपने लिए अलग लोक बनाने और देवताओं का दखल न देने का वर प्राप्त कर लेता है ।इसके बाद अहम भक्तों और दिव्य शक्तियों को एक रहस्यमयी पारे की दुनिया में बंधक बना लेता है। महाप्रभु जगन्नाथ, बालक बलराम और गरुड़ मिलकर इस संकट का सामना करते हैं।
फिल्म यह संदेश देती है कि अहंकार और बल की तुलना में दिव्य ज्ञान और सच्ची भक्ति से किसी भी विपदा को पराजित कर सकती है।इस वीकेंड पर यह फिल्म आप पूरी फैमिली के साथ देखने जाए निराश नहीं होंगे।
09:55 pm 04/09/2026