गुरु नानक विश्वविद्यालय(ननकाना साहिब) के अंतरराष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड में परमजीत सिंह सरना हुए शामिल
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दिल्ली: पाकिस्तान स्थित बाबा गुरु नानक विश्वविद्यालय, श्री ननकाना साहिब के अंतरराष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड में शामिल किया गया है। दुनिया के विभिन्न हिस्सों से चुने गए आठ प्रतिष्ठित सदस्यों वाले इस बोर्ड में सरना प्रमुख सदस्यों में शामिल हैं। उन्हें सिख समुदाय से जुड़े मामलों, परोपकार और सामाजिक कार्यों के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार द्वारा 20 जुलाई 2026 को इस नियुक्ति संबंधी अधिसूचना जारी की गई थी। इससे पहले विश्वविद्यालय की अकादमिक काउंसिल और सिंडिकेट ने नियुक्ति को मंजूरी दी थी। अंतरराष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड में भारत, ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा सहित विभिन्न देशों के शिक्षाविद, उद्यमी, परोपकारी और सामुदायिक प्रतिनिधि शामिल हैं।
बोर्ड का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम मानकों, अकादमिक प्रशासन, शोध सहयोग, छात्र आदान-प्रदान, धन-संग्रह तथा सिख धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के संबंध में विश्वविद्यालय को सलाह देना है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय अकादमिक संबंधों को मजबूत करने और दुनिया भर के शिक्षण संस्थानों एवं विद्वानों के साथ सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। परमजीत सिंह सरना ने कहा कि श्री ननकाना साहिब की पवित्र धरती पर स्थित इस विश्वविद्यालय का दुनिया भर के सिखों के लिए विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि मजबूत अंतरराष्ट्रीय अकादमिक साझेदारियों के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं, विश्वविद्यालय के लिए परोपकारी सहयोग प्राप्त किया जा सकता है तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों को दुनिया भर के संस्थानों और विद्वानों से जोड़ने में मदद मिल सकती है।
बोर्ड के कार्यक्षेत्र में विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना, चैरिटेबल फाउंडेशनों और वैश्विक अकादमिक संस्थाओं के साथ संबंध विकसित करना तथा विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे और छात्रवृत्ति कार्यक्रमों को मजबूत करने में सहयोग देना भी शामिल है। परमजीत सिंह सरना की अंतरराष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड में नियुक्ति को विश्वविद्यालय की वैश्विक अकादमिक पहुंच को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उनकी नियुक्ति के माध्यम से सिख समुदाय के अनुभवी नेताओं और परोपकारी संस्थाओं के साथ विश्वविद्यालय के संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद है।
08:33 pm 26/10/2026