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दिल्ली: सॉलिसिटर जनरल द्वारा गुरुद्वारा डायरेक्टर की पैरवी में न्यायालय में दी गई दलील कि उनके पास दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी के संभावित चुनावों की व्यवस्था के लिये माकूल कर्मचारी व्यवस्था नहीं है पर शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने व्यक्त की तीखी प्रतिक्रिया कहा कि विधायिका एवं निगम चुनावों के लिए तो कमरचरियों की व्यवस्था हो जाती है लेकिन प्रबंधन के चुनावों में 1.65 लाख मतदाताओं की व्यवस्था में कर्मचारियों की कमी समझ से परे है ।
उनको अंदेशा है कि यह दिल्ली सरकार के एक मंत्री के इशारे पर हो रहा है एवं चुनाव टाले जाना मौजूदा प्रबंधन के कार्यकाल को 6 महिने के लिए बढ़ाना है । मंत्री की मौजूदा प्रबंधन में दख़लंदाजी है एवं उनका नाम मौजूदा प्रबंधन की पार्टी की सदस्यता सूची में है । एस एस मोटा सिंह इंस्टीटूशन अंदरूनी तौर पर एनजीओ को दे दिया गया है । अब गुरु हरकिशन पब्लिक स्कूल पर है । उन्होंने दिल्ली सरकार एवं भारत के होम मिनिस्टर से अपील की है कि वे चुनावी प्रक्रिया को 31 दिसंबर 2026 तक निपटाये जाना सुनिश्चित करें एवं मंत्री की दख़लंदाज़ी से प्रबंधन को मुक्त करायें ।