आपातकाल में जेल गये 115 लोकतंत्र सेनानियों का अभिनंदन
दिल्ली : कांग्रेस सरकार द्वारा 1975 में आपातकाल लगा कर देश में लोकतंत्र की कि गई हत्या को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा अध्यक्षता में एनडीएमसी के कन्वेंशन सेंटर में सेमिनार का आयोजन कर 115 लोकतंत्र सेनानियों का अभिनंदन किया गया। इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि आज का दिन भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण दिनों में से एक हैं। हर साल जब हम रावण दहन करते हैं तो असत्य पर सत्य की और पाप पर पुण्य की जीत होती है और यह 25 जून का संविधान हत्या दिवस भी इसलिए याद किया जाता है कि आने वाली पीढ़ियों को इस बात का एहसास हो कि फिर इतिहास में अगर देश के किसी नेता ने ऐसा करने की कोशिश की तो देश के 140 करोड़ लोग ऐसा होने नहीं देंगे। आज जो लोग जेब में संविधान लिए घूमते हैं और कहते हैं कि लोकतंत्र की हत्या हो रही है, ऐसे वाक्य कहने वाले लोग ये समझते हैं कि लोकतंत्र उनका दास है तो वह भारत के एक-एक लोकतंत्र सेनानी जो आपातकाल के दौरान जेल मे रहे का अपमान करते हैं। कांग्रेस सरकार ने श्री जय प्रकाश नारायण को लोहे की जंजीरों में जकड़ा लेकिन उनके साहस को नहीं जकड़ पाए।
उन्होंने कहा कि आज देश का सच्चा सपूत जो देश के प्रधानमंत्री के रुप में प्रधानसेवक बनकर हम सब की सेवा कर रहे हैं, वह लोकतंत्र सेनानियों की कुर्बानी को याद रखते हैं और देश में फिर कभी वैसी स्थिति ना बने, देश में लोकतंत्र का सम्मान हो, मीडियो को स्वतंत्रता मिले और हर एक नागरिक को अधिकार मिले, इस बात के लिए वह निरंरत प्रयासरत है। आज देश को वह नेता मिला है जो देश सेवा के लिए निरंतर काम कर रहा है वैसा नेता अब देश को नहीं चाहिए जो अपनी कुर्सी बचाने के लिए देश में आपातकाल घोषित कर दें। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का कहना है कि आपातकाल का इतिहास ना दोहराया जाए इसलिए आज प्रदेश अध्यक्ष जी के सानिध्य में यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है और इसमें खासकर युवाओं को बुलाया गया है ताकि वह हकीकत से परिचित हो और उन सेनानियों से मिले जिन्होंने आपातकाल की यातनाएं सही और उसके खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि जनता को हमें इस बात के लिए सचेत करना चाहिए कि जिनके हाथों में आपातकाल में सत्ता थी अगर वह दोबारा आए तो वह किस प्रकार से संविधान की हत्या करेंगे। आपातकाल के दौरान एक करोड़ से ज्यादा नसबंदी हुई थी और यह तो सिर्फ वह आंकड़ा है जो लोगों के ध्यान में आया है। एक गांव ने जब इसका विरोध किया तो उस गांव की 26 दिनों तक बिजली काटी गई और एक एक मर्द को पकड़कर नसबंदी कर दी गई। पूरे गांव की नस्लें बर्बाद कर दी गई। 2,20,000 लोगों को जेल में डाला गया। जॉर्ज फर्नांडिस को ढूंढने के लिए उनके भाई की हत्या कर दी गई।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष एवं केन्द्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि आज संविधान हत्या दिवस का 51वां वर्ष है जब देश में लोकतंत्र का गला घोटा गया था और उस वक्त प्रेस की आज़ादी खत्म कर दी गई। व्यक्तियों के जो विशेषाधिकार थे, उसे खत्म कर दिया गया था, जितने भी गैर कांग्रेसी दल थे उनके कार्यकर्ताओं पर, सधारण जनता पर अत्याचार हुए थे। आज इस संविधान हत्या दिवस की प्रासंगिकता सिर्फ यह नहीं कि पूर्व में कांग्रेस ने जो अत्याचार किए उसका वर्णन करना नहीं बल्कि आज की युवा पीढ़ी जिसने उस मंजर को नहीं देखा, वह भी इस बात को समझे कि उस वक्त कांग्रेस की मानसिकता क्या थी और आज जो संविधान की दुहाई देते हैं उन्होंने पूर्व में संविधान का गला कैसे घोंटा था। आज यहां वरिष्ठ साथी बैठे हैं जिन्होंने स्वयं उस वक्त की अत्याचार को सहा और यातनाएं झेली। मेरे पिताजी के पीछे भी पुलिस लगी हुई थी। जितने भी युवा बैठे है उन्हें इस बात को समझना चाहिए कि कितने तप और त्याग के बाद आज भाजपा की सरकार बनी। उन्होंने कहा कि आपातकाल हमें यह भी सिखाता है कि भारत का संविधान स्वंतत्र न्यायपालिका, स्वतंत्र प्रेस, सक्रिय नागरिक समाज और जागरुक जनता यह लोकतत्र के सबसे मजबूत स्तम्भ है। सत्ता कितनी भी शक्तिशाली क्यों ना हो अंत में लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का ही होता है।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री सत्यनारायण जाटिया ने आपातकाल के दौरान हुए विभत्सना को याद किया और कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह काला अध्याय है, जब सत्ता के अहंकार में संविधान की मर्यादाओं को कुचला गया। कांग्रेस सरकार ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए लोकतंत्र की आवाज दबाई, हजारों लोगों को जेलों में डाला और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर पहरा लगा दिया। देश कभी नहीं भूलेगा कि किस प्रकार एक परिवार के राजनीतिक स्वार्थ के लिए पूरे लोकतंत्र को बंधक बनाने का प्रयास किया गया। आज की पीढ़ी को याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र की रक्षा केवल संविधान से नहीं, बल्कि सजग नागरिकों और लोकतंत्र के प्रहरी कार्यकर्ताओं के संघर्ष से होती है।
सांसद मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी, सुश्री बाँसुरी स्वराज और दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने भी कार्यक्रम में सम्मिलित होकर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया l
05:29 pm 26/06/2026