नई दिल्ली 11, Mar 2026

लेख

1 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

2 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

3 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

4 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

5 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

6 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

7 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

8 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

9 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

10 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

11 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

12 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

13 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

14 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

15 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

16 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

17 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

18 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

19 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

20 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

21 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

22 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

23 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

24 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

25 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

26 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

27 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

28 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

29 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

30 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

31 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

32 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

33 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

34 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

35 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

36 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

37 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

38 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

39 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

40 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

41 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

42 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

43 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

44 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

45 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

46 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

47 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

48 - ठेके आन फिटनेस सेंटर ऑफ छा गए केजरीवाल जी तुस्सी

49 - मुख्य सुरक्षा अधिकारी हुए पंचतत्वों विलीन

50 - दिल्ली में यमुना का पानी का बीओडी लेवेल 50 के पार

एमसीडी का बजट जन सरोकारों से कोसों दूर और कागजी: अंकुश नारंग

दिल्ली: सदन के  पटल में रखे गए एमसीडी के आगामी वित्तीय वर्ष के बजट को  एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने महज कागजी करार देते हुए कहा कि यह बजट जन सरोकारों से कोसों दूर और दिखावटी है। ये बजट कूड़े के पहाड़, साफ सफाई, एमटीएस कर्मियों, आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान नहीं देता है। उन्होंने कहा कि एमसीडी चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कई बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन बजट में एक भी वादा पूरा नहीं किया। यह जनता का बजट नहीं है, बल्कि एक कागजी बजट है जो कॉमेडी शो जैसा लग रहा था।  नेता सदन द्वारा रखा गया आज का बजट भाजपा की विफलताओं को दर्शाता है। यह एक हास्यास्पद बजट था जो जनता की प्राथमिकताओं से कोसों दूर है। जहां जनता की प्राथमिकता लैंडफिल साइट को हटाना है, वहां लैंडफिल साइट के ऊपर इनके ठोस कदम नहीं दिखाई दे रहे। जहां जनता की प्राथमिकता साफ-सफाई है, वहां सफाई पर इनकी कोई योजना नहीं दिख रही। बागवानी, पार्कों के अंदर सफाई, पार्कों के लिए नए माली और पेड़ों की छंटाई जैसी प्राथमिकताओं पर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया है।एमटीएस कर्मचारियों से बढ़ी हुई तनख्वाह देने के जो वादे किए गए थे, वे बिल्कुल खराब निकले और पूरे नहीं हुए। वे कर्मचारी 30-30 दिन हड़ताल पर बैठे रहे और उनका अपमान हुआ। उन्हें आश्वासन दिया गया लेकिन वादा पूरा नहीं किया गया। इसके साथ ही बाकी एमटीएस कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए कोई प्रावधान नहीं लाया गया। भाजपा के लोग खुद को चार इंजन की सरकार कहते हैं, लेकिन कोई खास बजट नहीं ला पा रहे हैं। आवारा कुत्तों की समस्या भयंकर है, लेकिन इस बजट में हर वार्ड के अंदर शेल्टर होम बनाने की कोई बातचीत नहीं है और नसबंदी के बाद भी समस्या जस की तस है। सफाई कर्मचारियों को पक्का करने और उन्हें प्रोत्साहन देने के लिए कोई उचित प्रावधान नहीं है ताकि वे और बेहतर काम कर सकें और दिल्ली की सड़कों को पूरी तरह साफ कर सकें।

 कंसेशनर द्वारा घर-घर से कूड़ा न उठाने की समस्या पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि उनके ज्ञापन में इसका प्रावधान है। भाजपा की चार इंजन वाली सरकार की तरफ से जैसी उम्मीद थी, वैसा बजट बिल्कुल भी नहीं आया। एक सिर्फ कागजी बजट दे दिया गया है जिसमें सिर्फ अपनी पीठ थपथपाने का काम है, लेकिन जनता के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। वहीं, एमसीडी के सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि भाजपा पूरी तरह हवा-हवाई बातें करती है। असलियत में इनके पास इस बजट को जमीन पर उतारने के लिए कोई पैसा नहीं है। भाजपा सिर्फ खोखले वादे और खोखली बातें करती है। उन्होंने भाजपा का संकल्प पत्र दिखाते हुए पूछा कि पिछले एमसीडी चुनाव में घोषित घोषणापत्र का कौन सा वादा भाजपा ने पूरा किया है? भाजपा के संकल्प पत्र में लिखा है कि भ्रष्टाचार के लिए हेल्पलाइन लाएंगे, वह भी नहीं किया। एमसीडी स्कूलों के बच्चों को साइकिल देंगे, वह भी नहीं किया। ऐसे बहुत सारे वादे हैं जो पूरे नहीं किए गए। भाजपा का यह बजट पूरी तरह से खोखला है और इसका धरातल से कोई सरोकार नहीं है।

11:26 am 14/02/2026

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

Mobile : 91-9811440461

editor@dhanustankar.com

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