
हरियाणा सरकार ने मुनक नहर की मरम्मत के बारे में दिल्ली जल बोर्ड को पहले ही सूचित किया था। दिल्ली को मुनक नहर से मिलने वाले पानी की कमी की पूर्ति नही करना दिल्ली सरकार की नाकामी है, जिसके कारण आधी से अधिक दिल्ली पानी के लिए पिछले 3 दिनों से परेशान है। दिल्ली की आपूर्ति का 80 प्रतिशत मतलब 667 एमजीडी पानी मुनक नहर से मिलता है और सरकार द्वारा इसकी गंभीरता को न समझते कारण ही दिल्ली की 3 करोड़ जनता को जल संकट से जूझ रही है। यह जल संकट 4 फरवरी तक रहने वाला है, अगर रेखा सरकार को हरियाणा से हथिनी कुंड से शीघ्र अधिक पानी छोड़ने पर बात करनी चाहिए ताकि दिल्ली वालों को राहत मिल सके।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि यमुना सफाई पर 680 करोड़ का बजट आवंटित करने के बावजूद यमुना में अगर अमोनिया का लेवल 6 पीपीएम है तो पिछले पिछले 10 महीनों में रेखा गुप्ता सरकार ने यमुना में कितनी सफाई की है, यह दिल्ली की जनता के सामने आ चुका है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता स्वच्छता और जल संबधी सरकारी कार्यक्रमों में यमुना सफाई पर सिर्फ बड़ी-बड़ी घोषणाएं ही करती है, यमुना की सफाई पर उनकी कार्यशैली पिछली आम आदमी पार्टी की सरकार की ही तरह है।
दिल्ली में पानी की आपूर्ति के लिए भाजपा सरकार को भूमिगत जलाशयों को अधिक मात्रा में बनाने पर ध्यान देना चाहिए और जो भूमिगत जलाशय अस्तित्व में है उनके रखरखाव और उन्हें अधिक क्रियाशील बनाने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड 35 नए अंडर ग्राउंड रिर्जवायर बनाकर चद्रावल और वजीराबाद वाटर कमांड एरिया से पानी सप्लाई करने की योजना है, जबकि सरकार को ऐसी योजना गरीब बस्तियों जहां पानी ही नही पहुंचता, उन जगहों के लिए भी बनानी चाहिए। उन्हांने कहा कि सरकार को नए यूजीआर बनाने के साथ दिल्ली में अस्तित्व खो चुके तालाबों और झीलों के लिए भी योजना बनानी चाहिए, क्यांकि दिल्ली की झीलें करोड़ों के भ्रष्टाचार के साथ दस्तावेजों में भी पानी से भरी है लेकिन वास्तविकता में सूखी पड़ी है।
दिल्ली की आबादी के लिए 1290 एमजीडी पानी की जरुरत है, जबकि मौजूदा समय में सिफ 1005 एमीजीडी पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है, जबकि यह बहुत आश्चर्यजनक है कि पिछले 11 वर्षों में आम आदमी पार्टी की सरकार 50 एमजीडी पानी की उपलब्धता बढ़ा पाई क्योंकि 2013 में कांग्रेस की सरकार के दौरान 906 एमजीडी पानी मिलता था। उन्होंने कहा कि भाजपा की रेखा सरकार ने अभी तक पानी की क्षमता बढ़ाने के लिए कोई योजना की घोषणा नही की, जबकि आज दिल्ली को सर्वप्रथम पेयजल की आवश्यकता है, जिसको उपलब्ध कराने में रेखा सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।