
दिल्लीवासियों को सब्सिडाईज दरों पर 500 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर देने का वादा पूरा करने की बजाय सरकार ने एक वर्ष में रसोई गैस सिलेंडर के दामों में 110 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोत्तरी कर डाली है। पिछली बार 7 अप्रैल को 50 रुपये प्रति सिलेंडर की दरों में बढ़ोत्तरी की गई थी। इसी तरह भाजपा की मोदी सरकार ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की दरों में भी 2026 में 1 जनवरी, 1 फरवरी, 1 मार्च और 7 मार्च तक कुल 307 रुपये की बढ़ोत्तरी की। सरकार द्वारा की गई बढ़ोत्तरी के बाद राजधानी दिल्ली में प्रति घरेलू सिलेंडर अब 913 रुपये और कर्मिशयल सिलेंडर 1883 में मिलेगा।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने हालात पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कि देश पर आर्थिक दबाव और रसोई गैस के दामों वृद्धि होना भाजपा की केंद्र शासित मोदी सरकार की विदेश नीति का प्रभाव है जिसके तहत हमारे कॉम्प्रोमाईजड पीएम ने ट्रेड डील को अंजाम देकर फाइनल किया है। देश की जनता पर आर्थिक बौझा सरकार की जनता विरोधी नीतियों के कारण पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अभी रसोई गैस की दरें बढ़ी है, जो हालात भाजपा ने देश में पैदा कर दिए है, जल्द पेट्रोल, डीजल, अन्य पेट्रोलियम पदार्थों की दरों सहित खाद्य सामग्री और जरुरत की वस्तुओं के दाम भी आसमान छू जाऐंगे, जबकि अत्यधिक महंगाई के कारण पहले ही देश की 95 प्रतिशत जनसंख्या त्राहि त्राहि कर रही है।
उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से अपील की है कि केन्द्र सरकार द्वारा रसोई गैस सिलेंडरों पर खत्म की गई सब्सिडी को तुरंत लागू करें, क्योंकि कमरतोड़ महंगाई और एलपीजी सिलेंडर की दरों ने महिलाओं की रसोई के बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है।