
दिल्ली: नगर निगम की स्थाई समिति के नाम से ही प्रकट होता है की यह एक स्थाई समिति है जो कभी भंग नही होती, बस जब भी नगर निगम का चुनाव होता है तो उसके बाद इसके सभी सदस्य नये चुने जाते हैं फिर पांच साल यह समिति स्थापित रहती है इसके एक तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं और उनकी जगह नये सदस्य आ जाते हैं। दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि विगत 31 मार्च को वित्त वर्ष समाप्ति के साथ से स्थाई समिति के कुछ सदस्य रिटायर हुए जिसमे आम आदमी पार्टी के भीतर कुछ प्रमुख नेता रिटायर हुए, उसके बाद से "आप" नेता भ्रम फैला रहे हैं की भाजपा ने स्थाई समिति भंग कर दी है जबकि ऐसा कुछ नही है, स्थाई समिति विधमान है।
"आप" नेताओं का स्थाई समिति को लेकर रोज़ का विलाप एक पुरानी कहावत "छज बोले तो बोले छलनी भी बोले जिसमे 72 छेंक" को चरितार्थ कर रहा है।यह "आप" नेता जो आज दिल्ली नगर निगम के नियमों का हवाला दे कर रोज़ भ्रम जाल फैला रहे हैं, खुद इन्होने 2022 में दिल्ली नगर निगम चुनाव जीतने के बाद लगभग 30 माह तक स्थाई समिति सहित नगर निगम की किसी भी समिति का गठन चुनाव नही होने दिया था, तब ना इन्हे नगर निगम के नियमों की चिंता थी ना दिल्ली के ठप्प हुए विकास कार्यों की।
दिल्ली भाजपा प्रवक्ता ने कहा है की समय के साथ साथ देश के हर नगर निगम ही नही सभी विभागों की आर्थिक शक्ति बढ़ती रहती हैं और दिल्ली नगर निगम के आयुक्त की आर्थिक शक्ति में बढ़ोतरी वर्तमान हालात देख कर, प्रोजेक्ट मूल्यों को समझते हुए किया गया है। यदि "आप" ने 30 माह तक स्थाई समिति का गठन बाधित ना किया होता तो शायद निगमायुक्त की आर्थिक शक्ति भी इतनी ना बढ़ती।

दिल्ली: एमसीडी की स्टैंडिंग कमेटी को भंग करने पर भाजपा पर नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने ऐसा करके लोकतंत्र की हत्या की है। क्योंकि वित्तीय मामलों के सभी फैसले स्टैंडिंग कमेटी लेती है, जो अब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कहने पर अकेले एमसीडी के कमिश्नर ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्टैंडिंग कमेटी को भंग करने से स्पष्ट हो गया है कि भाजपा ने एक सुनियोजित साजिश के तहत पार्षदों की ताकत कम करने के लिए ही एमसीडी कमिश्नर को 50 करोड़ रुपए तक का वित्तीय अधिकार दिया है। जब कोई कमिटी बनती है तो वह एक वर्ष के लिए बनती है। पहले ही भाजपा के कारण स्टैंडिंग कमिटी 2.5 वर्ष तक नहीं बन पाई थी। जिसके लिए भाजपा बड़ी चिल्लाती थी। भाजपा कहती थी कि स्टैंडिंग कमिटी के अंदर सारे वित्तीय फैसले होते हैं। लेकिन अब वही भाजपा का दोहरा चेहरा सामने आ रहा है। 12 जून 2025 को स्टैंडिंग कमिटी बननी थी। और उसका कार्यकाल 11 जून 2026 तक था। एमसीडी के सभी राजस्व, वित्तीय के मामले स्टैंडिंग कमिटी में आते है। साथ ही लेआउट प्लान भी स्टैंडिंग कमिटी में आते है और स्टैंडिंग कमिटी पास करती है।
अगर स्टैंडिंग कमिटी ही नहीं होगी तो सभी वित्तीय मामले सीधे एमसीडी के सदन में जाएंगे या फिर एमसीडी कमिश्नर ले लेंगे, क्योंकि भाजपा ने कमिश्नर की वित्तीय शक्ति बढ़ाकर 50 करोड़ रुपए कर दी है। इसका मतलब ये है कि सीएम रेखा गुप्ता ने एमसीडी को भंग करने का पूरा मन बना लिया है और उनके हिसाब से ही एमसीडी को भंग किया जा रहा है। सीएम रेखा गुप्ता ही सारे राजस्व के मामले एमसीडी कमिश्नर के जरिए खुद देख रही हैं जो बिल्कुल गलत है। क्योंकि ऐसा करने से पार्षदों की शक्तियां खत्म की जा रही है और लोकतंत्र के ऊपर यह बहुत बड़ा प्रहार है। यह लोकतंत्र की हत्या है कि जो फैसले 18 सदस्यीय स्टैंडिंग कमिटी को लेने थे, अब वो सभी फैसले सीएम के कहने पर अकेले कमिश्नर ले रहे हैं। उधर, एमसीडी में सह प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि भाजपा ने स्टैंडिंग कमिटी को 31 मार्च के बाद से स्थगित कर दिया है। अब कोई भी स्टैंडिंग कमिटी की मीटिंग नई स्टैंडिंग कमिटी के बनने तक नहीं हो पाएगी। जब स्टैंडिंग कमेटी का कार्यकाल 12 जून तक था तो उसे भंग नहीं करना चाहिए था और 12 जून तक मीटिंग होनी चाहिए थी। लेकिन असलियत में स्टैंडिंग कमिटी की मीटिंग हो रही है लेकिन यह मीटिंग सीएम रेखा गुप्ता के यहां हो रही है। सीएम रेखा गुप्ता एमसीडी कमिश्नर और अन्य अधिकारियों को बुलाकर बैक डोर से स्टैंडिंग कमिटी चलाना चाह रही हैं।
रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री बन चुकी है लेकिन अभी तक उनका पार्षद का मोह खत्म नहीं हुआ है। उन्हें समझना पड़ेगा कि पार्षद के अलग काम होते हैं और मुख्यमंत्री के अलग काम होते हैं। स्टैंडिंग कमिटी चलाने का दायित्व पार्षदों का है और पार्षदों को स्टैंडिंग कमिटी चलाने दी जाए। भाजपा की आपस की खींचतान के कारण दिल्ली की जनता का नुकसान ना हो, ये बात भाजपा को समझनी पड़ेगी। हम मांग करते हैं कि स्टैंडिंग कमिटी की बैठक बुलाई जाए और दिल्ली के महत्वपूर्ण एजेंडा पास किए जाएं।

दिल्ली: संस्कृति मंत्रालय के अधीन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) और द सोशल सर्किल द्वारा आयोजित होने वाले 15वां दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह 2026 की औपचारिकरूप से घोषणा हो गयी । राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाला यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह 4 मई से 8 मई 2026 तक इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र और डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर (DAIC) जनपथ दिल्ली में भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। डिफ के नाम से दुनिया भर में जाना जाने वाला दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह इस वर्ष और अधिक व्यापक और वैश्विक स्वरूप में सामने आ रहा है, जिसमें 60 से अधिक देशों की 175 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा, साथ ही 100 से अधिक कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी।
समारोह का उद्घाटन दादा साहब फाल्के पुरस्कार विजेता विख्यात मलयालम फिल्मकार अडूर गोपालकृष्णन द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर बंगाली सिनेमा के महान अभिनेता उत्तम कुमार की जन्मशती पर विशेष श्रद्धांजलि दी जाएगी।वहीं मोरक्को के प्रसिद्ध फिल्मकार मोहम्मद आहेद बेन्सौदा को सम्मानित करते हुए उनकी चर्चित फिल्म ‘द डिवोर्सिज ऑफ कासाब्लांका’ प्रदर्शित की जाएगी। बांग्लादेश की ख्यातिप्राप्त गायिका रूना लैला को मीनार-ए-दिल्ली अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा जबकि वरिष्ठ भारतीय गायिका उषा उथुप को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया जाएगा। वरिष्ठ अभिनेत्री शर्मिला टैगोर की बंगाली सिनेमा में वापसी को उनकी फिल्म ‘पुरातन: द एनिशेंट’ के माध्यम से विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा ।अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय सिनेमा की प्रमुख हस्तियों की भी प्रभावशाली उपस्थिति रहेगी, जिनमें केतन मेहता, दक्षिण भारतीय निर्देशक और अभिनेत्री रेवती, रितुपर्णो सेनगुप्ता, श्वेता मेनन, हिमानी शिवपुरी, राजपाल यादव, रघुवीर यादव, पियूष मिश्रा, यशपाल शर्मा और मुकेश तिवारी जैसे नाम शामिल हैं। इसके साथ ही लेबनान की सुपरस्टार मारवा करौनी, अफगानिस्तान की अभिनेत्री मलालाई ज़िक्रिया, ओमान की मारवत यूसुफ अल-बलुशी, मिस्र की नानेस अयमान, मोरक्को की मालक दहमूनी और बांग्लादेश के अशरफ शिशिर सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय कलाकार और फिल्मकार इस आयोजन में भाग लेंगे, जिससे यह समारोह एक वैश्विक सांस्कृतिक संगम का रूप लेगा।
समारोह में विश्व स्तर पर ख्यात रूस की प्रमुख फिल्म संस्था रोस्किनो और मोजाम्बिक का राष्ट्रीय फिल्म संस्थान सहयोगी भागीदार के रूप में जुड़ रहे हैं। इस फिल्म समारोह में रूस और चीन की फिल्मों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जायेगा जबकि अफ़्रीकी सिनेमा को फोकस किया जा रहा है । पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में न केवल फिल्मों का प्रदर्शन होगा, बल्कि यह सिनेमा के माध्यम से सांस्कृतिक संवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी नई दिशा देगा। उल्लेखनीय है कि इस मंच पर प्रदर्शित भारतीय खंड की कई फिल्मों को राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं, जबकि कुछ अंतरराष्ट्रीय फिल्मों को ऑस्कर तक भेजा गया है। इसके अलावा यह समारोह भारत और विश्व के बीच फिल्मी आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है, जिसके तहत विभिन्न देशों के फिल्म समारोहों में भारतीय फिल्म कार्यक्रम भेजे जाते रहे हैं।समारोह में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा. फिल्मों का चयन प्रसिद्ध फिल्म पत्रकार अनुराग पुनेठा, कवि और समीक्षक प्रमोद कौंसवाल और टीवी दुनिया का जानामाना नाम रीमा दिनेश कपूर द्वारा किया गया है। जबकि ज्यूरी की अध्यक्षता रमन चावला करेंगे । समारोह को लेकर आम लोगों लेकर फिल्म समीक्षकों में खासी दिलचस्पी बनी हुई है। प्रसिद्ध फिल्म समीक्षक प्रवीण भटनागर ने कहा है कि हाल के समय में दिल्ली में अन्य फिल्म समारोह हुआ जिससे गफलत पैदा हुई।इसलिए वर्गों में यह चर्चा रही है कि वह आयोजन इस अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह के पूर्व संस्करणों की संरचना और अवधारणा से प्रभावित या प्रेरित प्रतीत हुआ. दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह को मिलते जुलते नाम से किया गया लेकिन इसकी भी राजधानी में धूम रही।जबकि दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म (डिफ) मौलिक, स्वतंत्र और अपने मूल स्वरूप को निरंतर बनाए रखने वाले मंच के रूप में देखा जाता है, जिसने वर्षों में अपनी अलग पहचान और विश्वसनीयता स्थापित की है।

दिल्ली: असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और नीतिगत चुनौतियों पर केंद्रित एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 'कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया' में भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ (बीआरएमजीएसयू) द्वारा किया गया। सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ), राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) और श्रम मंत्रालय के प्रतिनिधियों सहित श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के लेबर वेलफेयर असिस्टेंट श्री संदीप चौरसिया, एटीएसईसी के श्री संजय कुमार मिश्रा और विश्वजीत घोष जैसे प्रमुख वक्ताओं ने भाग लिया। इन विशेषज्ञों ने श्रमिकों की स्थिति, नीतिगत सुधारों और जमीनी वास्तविकताओं पर व्यापक चर्चा की।सम्मेलन को संबोधित करते हुए आईएलओ के मुख्य तकनीकी अधिकारी जियोवानी सोलेदाद ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन वे अब भी औपचारिक मान्यता और संस्थागत सुरक्षा से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधित्व की कमी और सामूहिक सौदेबाजी के अभाव के कारण ये श्रमिक शोषण के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। सोलेदाद ने रेखांकित किया, "अधिकांश श्रमिकों के पास न तो औपचारिक अनुबंध हैं और न ही सामाजिक सुरक्षा (जैसे स्वास्थ्य बीमा, पेंशन या दुर्घटना मुआवजा), जिससे वे किसी भी आर्थिक संकट में अत्यधिक असुरक्षित हो जाते हैं।"
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपर्याप्त आय के कारण परिवारों को बाल श्रम जैसी विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जिससे गरीबी का दुष्चक्र बना रहता है। आईएलओ द्वारा झारखंड और राजस्थान में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संगठित प्रयासों से ही श्रमिकों को सरकारी योजनाओं और बेहतर कार्य परिस्थितियों तक पहुँच मिल सकती है।राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों को मानवाधिकार के रूप में देखना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए श्रम कानूनों के प्रति श्रमिकों में जागरूकता और उत्साह बढ़ा है। लगभग 43 करोड़ श्रमिकों को इन योजनाओं से लाभ पहुँचाने का लक्ष्य है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इन कानूनों के प्रति जागरूकता फैलाना और श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बीआरएमजीएसयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष परिमल कांती मंडल ने श्रमिकों की प्रमुख मांगों—निश्चित वेतन, नियुक्ति पत्र और श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन—को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को एकजुट कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना है, ताकि उन्हें सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां और स्थायी आजीविका मिल सके। सम्मेलन में विभिन्न वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने, उनके प्रतिनिधित्व को मजबूत करने और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बहु-स्तरीय सहयोग अनिवार्य है। वक्ताओं ने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के संवाद भविष्य में ठोस नीतिगत बदलाव और श्रमिकों के जीवन में वास्तविक सुधार का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

दिल्ली देहात के गांवों में विकास कार्य और हितों के लिए लगातार आवाज उठाने वाले कांग्रेस के शीर्षस्थ नेता राहुल गांधी और 31 मार्च को दिल्ली के नवनियुक्त उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू के समक्ष ग्राम वासियों के अधिकारों व समस्याओं की बात रखने पर दिल्ली देहात मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने आज दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव से मिलकर उनको पगड़ी बांधकर सम्मानित किया और मोर्चा के अध्यक्ष राजीव यादव ने उनका धन्यवाद भी किया।
दिल्ली देहात मोर्चा ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष द्वारा ग्रामीण गांवों के ज्वलंत मुद्दों को उठाने और विशेष कर गांवों की कृषि भूमि के सर्किल रेट को 53 लाख से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ करने की आवाज उठाने और नए सेक्टर बसाने के साथ-साथ गांव की 36 बिरादरी के लिए नए स्मार्ट विलेज बसाने की मांग को उठाने के लिए भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण गांवों के किसानों के पास जमीन एकमात्र अजीविका का सहारा होता है, और जमीन अधिग्रहण के बाद ग्रामीण लोगों के रोजगार भी खत्म हो जाते हैं।
दिल्ली देहात मोर्चा ने दिल्ली देहात के मुद्दों को लेकर गांव-गांव में एक सांझी यात्रा निकालने का प्रस्ताव भी प्रदेश अध्यक्ष के सामने रखा, जिस पर सहमति जताते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने रुपरेखा तैयार करने के लिए प्रतिनिधिमंडल को कहा।

दिल्ली: क्राइम ब्रांच अन्तर्राज्य प्रकोष्ठ द्वारा गठित एक टीम ने तकनीकी सर्विलेंस के आधार पर राजपुर खुर्द छतरपुर में दबिश कर एटीएम फ्रॉड गिरोह के सरगना को गिरफ्तार कर 5 मामलों की गुत्थी सुलझाई एवं 50 से भी अधिक मामलों का खुलासा हुआ । अभियुक्त का नाम राजकुमार भारती है एवं वह बुद्ध गया बिहार का रहने वाला है । उसके दो साथी पिंटू कुमार एवं रौशन कुमार पुलिस हिरासत में हैं । जिनकी निशानदेही पर यह गिरफ्तारी हुई । इन लोगों ने पश्चिम विहार के वरिष्ठ नागरिक को एक्सिस बैंक एटीएम पर अपना शिकार बनाया और उनसे 35000 रुपये एवं एटीएम कार्ड लेकर चंपत हो गए । घटनाक्रम की पश्चिम विहार ई थाने में गत 27 सितंबर को ई एफ़आईआर दर्ज किए जाने पर पुलिस हरकत में आई ।
इनके द्वारा शिकार हुए 22 लोगों की जानकारी पुलिस को मिल चुकी है । जिनमें ज्यादातर भोले-भाले बुजुर्ग नागरिक हैं । ये लोग एटीएम के कार्ड स्लॉट में चिपकने वाला पदार्थ लगा देते थे और एक फर्जी हेल्पलाइन नंबर चिपका देते थे । स्लॉट में डालने पर कार्ड चिपकने वाले पदार्थ के कारण एटीएम के अंदर फँस जाता था । कार्ड धारक मदद के लिए नंबर पर संपर्क करता था जो कि नकली होता था । ये कार्ड धारक को बहला फुसला कर पिन नंबर की जानकारी हासिल कर मौका देखकर एटीएम कार्ड से पैसे निकालकर कार्ड सहित चंपत हो जाते थे । वारदात के समय पहने हुए कपड़े एवं जूते एवं इस्तेमाल किया गया मोबाइल नंबर पुलिस ने कब्जे में ले लिया है ।
अभियुक फिलहाल हिरासत में हैं एवं मामले पर तहक़ीक़ात जारी है ।
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दिल्ली: भाजपा की चार इंजन की सरकार में देश की राजधानी दिल्ली में सिर्फ आम आदमी ही असुरक्षित नहीं है, बल्कि दिल्ली विधानसभा भी सुरक्षित नहीं है। सोमवार को विधानसभा की हाई सिक्युरिटी की तब पोल खुल गई, जब कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद एक कार गेट तोड़ते हुए अंदर घुस गई। आम आदमी पार्टी ने कड़ी सुरक्षा के बीच कार सवारों को गेट तोड़ कर विधानसभा में अंदर घुसने को सुरक्षा में बड़ी चूक बताते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए ‘‘आप’’ विधायक दल के चीफ व्हिप संजीव झा ने कहा कि भाजपा राज में जब दिल्ली विधानसभा ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनता कैसे कैसे सुरक्षित हो सकती है?

दिल्ली: भाजपा के 47वें स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर आज भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह की अगुवाई में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा एवं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदेश कार्यालय में भाजपा के ध्वज को फहराया और साथ ही एक दूसरे को लड्डू खिलाकर बधाई दी। इस मौके पर सांसद कमलजीत सहरावत एवं प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे। 47वें स्थापना दिवस के मौके पर दिल्ली भाजपा कार्यालय को सजाया गया है और साथ ही आज दिल्ली के सभी जिला कार्यालयों में भी स्थापना दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर देश भर की तरह दिल्ली भाजपा के कार्यकर्ताओं ने भी अपने आवास पर भाजपा का झंडा फहराया और पार्टी के एक मजबूत संगठन के सफर को याद किया। समारोह मे प्रदेश पदाधिकारी योगिता सिंह, प्रवीण शंकर कपूर, सुमित भसीन, सरदार इम्प्रित सिंह बख्शी, पंकज जैन सारिका जैन, नरेश एरोन, बृजेश राय, अमित गुप्ता आदि के शिरकत किए जाने के समाचार मिले हैं ।
ध्वजरोहण के पश्चात कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कहा कि आज भाजपा के उन सभी 14 करोड़ भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए गर्व का पल है क्योंकि वह विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के कार्यकर्ता हैं जिसका नेतृत्व देश के सबसे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कच्छ से कामरूप तक और कश्मीर से कन्याकुमारी तक के हर एक गांव में भाजपा कार्यकर्ता हैं और आज अपनी पार्टी का स्थापना दिवस सेवा और समर्पण के उद्देश्य के साथ मना रहे हैं। पार्टी की ताकत उसके करोड़ों समर्पित कार्यकर्ता हैं, जो बिना किसी स्वार्थ के समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर सेवा कार्यों को आगे बढ़ाते हैं।भाजपा का इतिहास त्याग, तपस्या और संघर्ष से भरा हुआ है, और आज यह विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक संगठन बन चुका है। स्थापना दिवस के इस पावन अवसर पर सभी कार्यकर्ता यह संकल्प लें कि वे राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में और अधिक ऊर्जा और समर्पण के साथ योगदान देंगे।
दिल्ली भाजप ने कहा है कि जनसंघ से जो यात्रा प्रारंभ हुई उस विचार के साथ पार्टी लगातार आगे बढ़ रही है। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी जैसे तपस्वी जिन्होंने पार्टी की सेवा एवं विचारधारा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया और उसी का परिणाम है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र में हमारी सरकार होने के साथ-साथ 20 राज्यों में एनडीए की सरकार है।भारतीय जनता पार्टी आज दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है, जो अपने कार्यकर्ताओं के समर्पण, अनुशासन और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता के कारण इस मुकाम तक पहुँची है। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी के 47वें स्थापना दिवस पर कार्यकर्ता जनसेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पार्टी की नीतियों और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुँचाएं। इस अवसर पर उन्होंने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में भारत ने वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा का मूल मंत्र "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" केवल नारा नहीं बल्कि एक संकल्प है, जिसे पार्टी का हर कार्यकर्ता जमीन पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि भाजपा ने एक लंबा सफर तय किया है और राष्ट्र सर्वोपरि की भावना से ओतप्रोत भाजपा के कार्यकर्ता राष्ट्रहित में लगातार काम कर रहे हैं और मैं उन्हें बधाई देती हूं। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का हर कार्यकर्ता सिर्फ इसलिए कार्य कर रहा है ताकि देश विश्वगुरु बने और देश के हर नागरिक को सम्मान मिले जिसका वह असली हकदार है । भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि भाजपा की ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं, जो बिना किसी स्वार्थ के समाज और देश की सेवा में जुटे रहते हैं। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां अन्य पार्टियां सत्ता के लिए राजनीति करती हैं, वहीं भाजपा सेवा और सुशासन के सिद्धांतों पर चलती है।
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दिल्ली: राजधानी के प्रतिष्ठित स्थल भारत मंडपम में 5 अप्रैल 2026 को महावीर कथा 3.0 का भव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह आयोजन भगवान महावीर के 2625 वर्ष पुराने दिव्य संदेशों को पुनः जीवंत करने का एक प्रेरणादायक प्रयास साबित हुआ।कार्यक्रम के विशेष आकर्षण जैन संत आचार्य लोकेश मुनि रहे, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कथा वाचन का दायित्व प्रसिद्ध वक्ता राजीव जैन ‘सीए’ ने निभाया। उनके ओजस्वी और भावपूर्ण कथन ने श्रोताओं को भगवान महावीर के जीवन, सिद्धांतों और त्याग की गहराइयों से जोड़ दिया। कार्यक्रम में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने इस दिव्य अनुभव को आत्मसात किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मनोनीत नगर पार्षद एवं भगवान महावीर देशना फाउंडेशन के निदेशक मनोज कुमार जैन ने कहा, “भगवान महावीर का संदेश ‘जियो और जीने दो’ आज के समय में और भी प्रासंगिक है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भी हमेशा इस सिद्धांत का समर्थन करते रहे हैं। भारत ने वैश्विक स्तर पर कई समस्याओं के समाधान में अग्रणी भूमिका निभाई है और उम्मीद है कि वर्तमान वैश्विक तनाव को समाप्त करने में भी भारत सकारात्मक पहल करेगा।
उन्होंने आगे कहा, “भगवान महावीर के तीन मूल सिद्धांत — अहिंसा, अपरिग्रह और आत्मशुद्धि — जीवन के आधार हैं। हमें इनका पालन कर समाज में शांति और सद्भाव को बढ़ावा देना चाहिए।
”मनोज जैन ने आयोजन की सफलता के लिए राजीव जैन (सीए), सुभाष ओसवाल जैन, अनिल कुमार जैन (सीए), प्रदीप जैन, वीणा जैन सहित पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कार्यक्रम की सूत्रधार अमीषा जैन की विशेष सराहना की, वहीं मधुर भजनों के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बनाने वाले प्रदीप जैन के योगदान को भी सराहा। संस्था के सदस्य सत्य भूषण जैन की भूमिका को भी आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण बताया गया।महावीर कथा 3.0 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, अहिंसा और आध्यात्मिक जागरण का सशक्त मंच बनकर उभरा। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने “जय जिनेन्द्र” के उद्घोष के साथ इस पावन आयोजन को यादगार बना दिया।


दिल्ली: आदमी पार्टी में लगातार बढ़ रहे अंदरूनी असंतोष पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि अब यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है अपने नेताओं से राघव चड्ढा के विरूद्ध ब्यान दिलवा कर “आप” नेता अरविंद केजरीवाल केवल बाहर से पार्टी को एकजुट दिखने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि अंदर से पार्टी पूरी तरह बिखर चुकी है। राघव चड्ढा का वीडियो बयान भी इस बात का प्रमाण है कि पार्टी के भीतर संवाद और लोकतंत्र पूरी तरह समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि जब एक वरिष्ठ सांसद को अपनी ही पार्टी में अपनी बात रखने के लिए सोशल मीडिया जैसे मंच का सहारा लेना पड़े, तो यह उस पार्टी की बिगड़ी आंतरिक स्थिति का गंभीर संकेत है।
उन्होंने कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले सुश्री स्वाति मालीवाल ने भी पार्टी नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए थे और अब राघव चड्ढा जैसे प्रमुख चेहरा भी दूरी बनाते दिख रहे हैं। इसके अतिरिक्त, पूर्व मे भी अनेक 'आप' नेताओं के साथ हुए घटनाक्रम और उनकी असहमति भी यह दर्शाती है कि पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी अब एक व्यक्ति केंद्रित संगठन बनकर रह गई है, जहां न तो विचारों की स्वतंत्रता है और न ही आंतरिक लोकतंत्र। जो भी नेता अपनी स्वतंत्र राय रखने की कोशिश करता है, उसे या तो किनारे कर दिया जाता है या दबाने का प्रयास किया जाता है।
राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटाना और उनके बोलने के अधिकार तक सीमित करने की कोशिश करना इस बात का संकेत है कि पार्टी नेतृत्व आलोचना से डरता है और असहमति को स्वीकार करने का साहस नहीं रखता। यदि अरविंद केजरीवाल में नैतिक साहस होता, तो वे असहमति रखने वाले नेताओं के साथ संवाद करते या स्पष्ट निर्णय लेते। लेकिन इसके विपरीत, वे लगातार ऐसे कदम उठा रहे हैं जो उनकी कमजोर और असुरक्षित नेतृत्व शैली को उजागर करते हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की स्थापना जिन सिद्धांतों—पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतंत्र— पर हुई थी, आज वही सिद्धांत पार्टी के भीतर पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। यही कारण है कि एक के बाद एक वरिष्ठ नेता या तो पार्टी से दूरी बना रहे हैं या खुलकर असंतोष जता रहे हैं।
दिल्ली की जनता अब “आप” की वास्तविकता को समझ चुकी है और यह स्पष्ट है कि यह पार्टी अब केवल सत्ता बचाने के लिए संघर्ष कर रही है, न कि जनता की सेवा के लिए। अरविंद केजरीवाल राजनीतिक रूप से बेहद कमजोर हैं जिन्हें विपक्ष का सामना करने की आदत नहीं है चाहे वह विपक्षी दलों से हो या पार्टी के भीतर। साथ ही उन्होंने राघव चड्ढा के लिए कहा कि - जिंदगी पर सिर्फ इतना ही लिख पाया हूँ मेरे बहुत मजबूत रिश्ते थे कमजोर लोगों से।

दिल्ली: 16 से 18 अप्रैल को लोक सभा एवं राज्य सभा के विशेष सत्र का बुलाया जाने को चुनावी आचार संहिता का उलंघन बताते हुए कांग्रेस पार्टी के कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन एवं राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि तमिलनाडु एवं पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव सिर पर हैं ऐसे में विशेष सत्र का आयोजन राजनीतिक लाभ से प्रेरित है । मामले पर खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि गत 16 मार्च को संसदीय कार्य विभाग के मंत्री किरण रिज्जू का ख़त नेता प्रतिपक्ष राज्यसभा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पास आता है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में कुछ संशोधन के लिए केंद्रीय सरकार कांग्रेस पार्टी से चर्चा करना चाहता है । ख़त मिलने के 15 मिनट बाद कांग्रेस अध्यक्ष जवाबी खत लिखा कि आप एक ऑल पार्टी मीटिंग बुलाइए और इस ऑल पार्टी मीटिंग में बातचीत करेंगे, आपकी ओर से क्या प्रस्ताव है? आप लिखित में दीजिएगा... जुबानी प्रस्ताव नहीं चाहिए, लिखित में आपका क्या प्रस्ताव है? अधिनियम को लेकर, संशोधन को लेकर और हम बातचीत करेंगे।
24 मार्च को 8 दिन बाद सारी विपक्ष पार्टी, सारी विपक्ष पार्टी, केवल तृणमूल इसमें शामिल नहीं था, पर तृणमूल सहमत थी इस खत से। राहुल जी, खरगे जी, सभी नेताओं ने किरेन रिजिजू को वापस खत लिखा कि आप कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट करना चाहते हैं, 30 महीने बाद आप को ज्ञान आया है कि संशोधन की जरूरत है, उसके बारे में मैं बातचीत करूंगा, पर आप एक ऑल पार्टी मीटिंग फिर से बुलाइए। पर 24 मार्च को सारी विपक्ष पार्टियों ने सर्वसम्मति से कहा कि 29 अप्रैल के बाद ऑल पार्टी मीटिंग बुलाइए। क्योंकि 29 अप्रैल तक इलेक्शन कमीशन का मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू होगा... चुनाव प्रचार में सभी पार्टियां व्यस्त हैं, पांच राज्यों में चुनाव हो रहे हैं... तो इसलिए 29 अप्रैल के बाद आप ऑल पार्टी मीटिंग बुलाइए।
कल राज्यसभा में, सिर्फ वुमेन्सह रिजर्वेशन बिल को लेकर बहस हुई, सिर्फ नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में संशोधन की बात की गई। खत में किरन रिज्जू सिर्फ वुमेन्सश रिजर्वेशन बिल की बात करते हैं। पर अभी साफ हो गया है कि यह विशेष सत्र केवल महिला आरक्षण अधिनियम को लेकर नहीं है, बल्कि परिसीमन को भी लेकर है। यह कभी परिसीमन की चर्चा नहीं हुई, कभी किरेन रिजिजू ने हमें नहीं कहा कि परिसीमन भी एजेंडा पर है, डीलिमिटेशन एजेंडा पर है। सिर्फ नारी शक्ति, नारी शक्ति, नारी शक्ति का मंत्र जपते रहे, परिसीमन की बात उठाई नहीं। पर अभी साफ हो गया है कि इस तीन दिन में, जो नारी शक्ति वंदन अधिनियम है, जो सितंबर 2023 में पारित किया गया था लोकसभा में और राज्यसभा में सर्वसम्मति से, उसमें 30 महीने के अंदर संशोधन लाया जाएगा और परिसीमन को भी लेकर संविधान में संशोधन किया जाएगा। तो यह बात साफ हो गई है कि यह दो विषय आएंगे इन तीन दिन के विशेष सत्र में।
22 और 23 सितंबर, 2023 को यह जो नया कन्वेंशन सेंटर है, जिसको हम न्यू पार्लियामेंट हाउस कहते हैं उसका उद्घाटन हुआ था और उद्घाटन करने के लिए एक विशेष सत्र बुलाया गया... नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर और वो अधिनियम क्या था? वह अधिनियम था कि यह एक तिहाई रिजर्वेशन, एक तिहाई आरक्षण महिलाओं को और रिजर्वेशन, विद इन रिजर्वेशन 1/3 टोटल में और 1/3 शेड्यूल कास्ट सीटों में और 1/3 आदिवासी सीटों में महिलाओं के लिए आरक्षित होगा। पर इस अधिनियम में लिखा गया था कि यह लागू किया जाएगा परिसीमन और जनगणना के बाद में। अगर आप देखें अनुच्छेद 334(1), आर्टिकल 334(1) शामिल किया गया हमारे संविधान में कि यह महिला आरक्षण और आरक्षण विदइन आरक्षण तभी लागू होगा जब परिसीमन और जनगणना खत्म होगी।
उस समय कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने भाषण में कहा - यह आप तुरंत लागू क्यों नहीं करते? आप 2024, के लोकसभा से लागू क्यों नहीं करते? इसके लिए परिसीमन और कोई जनगणना की जरूरत नहीं है, आप तुरंत लागू कीजिए। पर लंबी चौड़ी कहानी सुना दी गई। सभी लोगों ने कहा सरकार की ओर से कि नहीं परिसीमन करना अनिवार्य है, जनगणना करना अनिवार्य है और इसीलिए अधिनियम अभी आप पारित कीजिए... कब लागू होगा हम आपको बाद में बताएंगे।
30 महीने तक सोते रहे, 30 महीने हो गए हैं। खरगे जी ने जो भाषण दिया था यह रिकॉर्ड में है, उन्होंने मांग की थी कि आप जानबूझकर इसको आगे हटा रहे हैं, डिले कर रहे हैं, देरी कर रहे हैं... आपकी मंशा सही है तो आप 2लोकसभा में भी महिला आरक्षण ला सकते हैं, वो नहीं हुआ। अचानक सरकार ने यह तय किया कि नहीं-नहीं अभी नहीं हो सकता है, क्योंकि जो जनगणना अभी शुरू हुई है यह 2029 तक इसके नतीजे नहीं आएंगे। मैं आपको एक वीडियो प्ले करता हूं… 30 मार्च को गृह मंत्रालय के एक बड़े वरिष्ठ अधिकारी मृत्युंजय नारायण, जो हमारे रजिस्ट्रार जनरल और सेंसस कमिश्नर हैं। उन्होंने एक प्रेस वार्ता में एक सवाल पूछा गया कि जनगणना के नतीजे कब आएंगे? और सुनिए, देखिए तीन दिन पहले भारत के महा रजिस्ट्रार और जनसंख्या आयुक्त ने कहा कि 2027 में ही जनगणना के नतीजे आने लगेंगे और वो सरकार के पास आ जाएंगे, उपलब्ध होंगे 2027 में। तो यह कहना कि 3 साल लगेंगे, 4 साल लगेंगे... आज तो डिजिटल इंडिया का जमाना है और यह डिजिटल सेंसस है, उसका श्रेय तो प्रधानमंत्री ले रहे हैं।
विपक्ष 16 अप्रेल से पहले विपक्ष के सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय करेगा।

आदमी पार्टी के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष ईशुदान गढ़वी को गिरफ्तारी पर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत तमाम नेताओं ने भाजपा पर करारा हमला बोला है। ईशुदान गढ़वी पार्टी कार्यकर्ताओं की अवैध गिरफ्तारी की जानकारी लेने थाने पहुंचे थे। भाजपा सरकार की इस तानाशाही पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले तीन महीनों में गुजरात में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ 145 एफआईआर हो चुकी हैं और 160 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को भाजपा सरकार गिरफ़्तार कर चुकी है। भाजपा गुजरात में हार के डर से आम आदमी पार्टी से बुरी तरह से बौखलाई हुई है और अब तानाशाही पर उतर आई है। इसी डर का नतीजा है कि गुरुवार को पार्टी के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी को गिरफ्तार कर लिया। अब गुजरात का एक-एक शख्स भाजपा से बदला लेगा। भाजपा का यह घमंड और अत्याचार गुजरात की जनता ही तोड़ेगी।
पार्टी मुख्यालय पर प्रेसवार्ता कर संजय सिंह ने कहा कि पिछले तीन महीने में आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर 145 एफआईआर और करीब 160 नेताओं व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें जेल में डाला गया, यातनाएं दी गईं और अपने पक्ष में झुकाने के लिए दबाव बनाया गया, लेकिन पार्टी के कार्यकर्ता और नेता चट्टान की तरह खड़े रहे।
मंगलवार को “आप” कार्यकर्ता दीपक कुमार को कुछ गुंडों ने पीटा। जब वह अपनी शिकायत लेकर थाने गया, तो पुलिस ने उसी को गिरफ्तार कर लिया और उस पर धारा 307 लगा दी। इसके बाद जब पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी अपने कार्यकर्ता की पैरवी करने थाने गए, तो उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। इसुदान गढ़वी का एक लंबा इतिहास रहा है, उन्होंने एक पत्रकार के तौर पर गुजरात की जनता को जगाने का काम किया है और एक नेता व शानदार वक्ता के तौर पर मजबूती से जनता के मुद्दे उठाते रहे हैं। संजय सिंह ने सवाल किया कि यह दादागिरी और भाजपा की घबराहट नहीं है तो और क्या है? केजरीवाल की रैलियों में उमड़ रही जनता को देखकर उन्हें दिख रहा है कि वर्षों से चला आ रहा उनका राज और सिंहासन हिलने वाला है। उन्होंने प्रधानमंत्री को गुजरात का इतिहास याद दिलाते हुए कहा कि 1975 से पहले मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में मेस की फीस बढ़ने को लेकर हुए आंदोलन के कारण गुजरात की तत्कालीन सरकार को इस्तीफा देना पड़ा था और सत्ता से हटना पड़ा था।
इसुदान गढ़वी की पूरे गुजरात में पकड़ है और उन पर ऐसी कार्रवाई करके सरकार उन्हें दबा नहीं पाएगी। आम आदमी पार्टी के लोग जेल जाते हैं, लाठियां खाते हैं, मुकदमे झेलते हैं और बाहर आकर फिर लड़ते हैं। इसुदान गढ़वी भी बहादुर नेता हैं और वह भी बाहर आकर फिर से लड़ेंगे। “आप” नेताओं को झुकाया नहीं जा सकता। सत्ता जितना अहंकार दिखाती है, जितना जुल्म करती है, जितने मुकदमे लिखाती है और जेल में डालती है, वह लगातार उसके पतन का कारण बनता जाता है। गुजरात में भाजपा का पतन आम आदमी पार्टी ही करेगी और इनका सफाया करेगी। इसुदान गढ़वी के साथ पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल सहित पूरी पार्टी खड़ी है। पिछले दिनों अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान वहां गए थे और वहां काफी बड़ी-बड़ी रैलियां हुई थीं। हो सकता है कि यह उसकी घबराहट के कारण हो या फिर वहां अभी पंचायत और नगर निगम के चुनाव आने वाले हैं, उसकी घबराहट हो। जो भी हो, फिलहाल भाजपा में घबराहट तो है।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि पूरे देश को बर्बाद कर चुकी भाजपा केवल एक ही काम करती है, जो भी आवाज़ उठाए उसको जेल में डाल दो। ‘‘आप’’ के गुजरात के अध्यक्ष ईशुदान गढ़वी की गिरफ्तारी भी उनकी हताशा का प्रमाण है। सत्ता में बैठे लोगों को यह याद रखना चाहिए कि जनता सब देख रही है और समय आने पर वही जनता इसका कड़ा जवाब भी देती है। पिछले कुछ महीने अंदर दर्जनों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जिसमें नवीन काकरान, मुन्ना कुमार, आलोक सिंह, पुनीत राज, पवन, जगदीश, पुनीत सिंह, ईश कुमार अरोड़ा, कमलेश कोटेचा, अतुल बेगड़, कुणाल शाह, नितेश चौधरी, कुणालभाई, रितेश पटेल, विजय पटेल, नितिनभाई, सूरज, हर्ष, विजय सिंह चावड़ा, श्याम सुंदर, पवन, सीताराम भोए, कृष्ण कुमार यादव, विस्मय त्यागी, हरेशभाई सावलिया, सुनील छटासिया, रविंद्र कुमार और अतुल ओझा को भी पकड़कर जेल में डाला गया। ये तो चंद नाम हैं। गुजरात की भाजपा सरकार ने “आप” के बहुत सारे नेताओं और कार्यकर्ताओं को पकड़कर जेल में डाला है और उनका उत्पीड़न किया है।

दिल्ली: 1984 में हुए सिख नरसंहार में पीड़ितों को इंसाफ दिलाने की लड़ाई लड़ रहे एडवोकेट एच एस फुलका हुए भारतीय जनता पार्टी में शामिल । पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने उन्हें दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी एवं पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा की मौजूदगी में अंग वस्त्र पहनाकर विधिवत रूप से पार्टी में शामिल किया । गौर फरमाने की बात यह है कि पिछले 42 सालों से फुलका अदालत में इन पीड़ित परिवारों के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे है । 2014 में उन्होंने लुधियाना लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था और मात्र 19000 वोटों से अपने प्रतिद्वंद्वी से हारे थे । वह आम आदमी पार्टी में भी रहे । इंसाफ़ दिलाने के लिए उन्होंने अपनी विधायक सीट से त्यागपत्र दे दिया ।
वह दिल्ली के प्रथम मुख्यमंत्री मदनलाल खुराना के कार्यकाल में दिल्ली सरकार में सलाहकार भी रहे हैं । पार्टी के पदाधिकारियों का मानना है कि उनके पार्टी में शामिल होने से पार्टी को कहीं ना कहीं दिल्ली एवं पंजाब में मजबूती मिलेगी ।


दिल्ली: डी.टी.सी. बसों में लागू महिला पिंक कार्ड को लेकर आम आदमी पार्टी द्वारा कुछ विडिओ जर्नलिस्टों को हथियार बना कर फैलाये जा रहे भ्रम जाल की कड़ी निंदा करते हुए भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा एवं प्रदेश महामंत्री एवं सांसद कमलजीत सहरावत ने दिल्ली की महिलाओं से इस भ्रम जाल से सावधान रहते हुए अपने पिंक कार्ड को अपनी सुविधानुसार खूब प्रयोग करने का आव्हान किया है । विगत कुछ दिनों से कुछ विडिओ जर्नलिस्टों का दुरुपयोग करके आम आदमी पार्टी नेता महिलाओं को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं की यदि पिंक कार्ड को एक बस में टैब कर लिया तो अगले एक घंटे तक यह दुबारा टैब नही होगा।
यह पूरी तरह दुष्प्रचार है की पिंक कार्ड एक बार प्रयोग किए जाने के बाद एक घंटे तक दुबारा प्रयोग नही हो सकता, कल हमारी महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने बस बदल बदल कर जा कर देखा और मात्र आधे घंटे में सफलतापूर्वक तीन बार पिंक कार्ड टैब किया। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने दिल्ली की महिलाओं से कहा है की वह दिल्ली में कहीं भी डी.टी.सी. की शानदार ई - बसों के साथ ही देवी बसों में पिंक कार्ड अथवा पिंक टिकट लेकर यात्रा करें।
भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है की लाखों महिलाओं का पिंक कार्ड बनाने में लगने वाले समय को ध्यान में रखते हुए बसों में अगले कुछ माह तक पिंक टिकट भी उपलब्ध रहेंगे और डी.टी.सी. को जनप्रतिनिधि कार्यालयों से भी जनता के बीच जा कर पिंक कार्ड बनाने का निर्देश दिया गया है।

दिल्ली: 4 दिन के बजट सत्र की कार्य अवधि 15 घंटे रही । जिसमें 7 कैग रिपोर्ट्स पर चर्चा हुई जो कि मुख्यतः एक्साइज/लिकर,प्रदूषण और स्वास्थ्य से संबंधित हैं । दिल्ली विधान सभा के अध्यक्ष विजेंदर गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले 15 सालों में आज पहली बार ऐसा हुआ कि पब्लिक अकाउंट कमेटी ने इन रिर्पोटों का विश्लेषण कर सरकारी कार्यवाही के लिए प्रेषित किया गया है । हैरानी की बात यह है कि विपक्ष पूरे सत्र में सदन से नदारद था । परिसर के बाहर प्रोटेस्ट करता दिखाई दिया । विपक्ष सदन से निकाले गए सदस्यों की बहाली के लिए माँग कर रहा था । विपक्ष की इस हरकत को ग़ैर जिम्मेदाराना बताते हुए विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि रूल 77(2) के तहत सत्र की शुरुवात में लगातार अवमानना करने के कारण निष्कासन हुआ था । उन्होंने विपक्ष के रवैये पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि सदन विचार विमर्श के लिए है ना कि व्यक्तिगत हित के लिए ।
विधानसभा परिसर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि आज के ही दिन यानि कि 30 मार्च 1919 को महात्मा गांधी ने सदन की दीर्घा में पहली बार आये थे एवं रोलेट एक्ट पर चर्चा को देखा था । 30 मार्च 1919 आज ही के दिन चांदनी चौक में रॉलेट एक्ट के विरोध में एकत्र निहत्थे भारतीयों पर अंग्रेज़ी हुकूमत ने मशीनगनों से फायरिंग कर अमानवीय नरसंहार किया। इस आंदोलन का नेतृत्व स्वामी श्रद्धानंद जी कर रहे थे । दिल्ली विधानसभा का यह परिसर शहादत का साक्षी रहा है । स्वतंत्रता संग्राम के उस दर्दनाक अध्याय की याद दिलाती है जिसे भुलाया नहीं जा सकता स्वामी श्रद्धानंद के आह्वान पर रॉलेट एक्ट के विरोध में उमड़ा यह जनसैलाब ब्रिटिश शासन की दमनकारी नीतियों के खिलाफ जनता के आक्रोश और एकजुटता का सशक्त प्रतीक बना। यह घटना जलियांवाला बाग हत्याकांड से पहले हुई एक बड़ी त्रासदी थी।इस घटना ने महात्मा गांधी को गहराई से प्रभावित किया और यही जनआक्रोश आगे चलकर देशव्यापी सत्याग्रह की प्रेरणा बना। 1970 में स्वामी श्रद्धानंद जी की स्मृति में डाक टिकट जारी कर राष्ट्र ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
यहाँ शहीदों की कुर्बानियों की गूंज आज भी सुनाई देती है। दुर्भाग्यवश, इतिहास को मोड़कर झूठ की दिशा में ले जाने का प्रयास किया गया। फर्जी फाँसी घर जैसे भ्रामक माध्यम से।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पंजाब के घर-घर में नशा पहुंचाने के लिए लोगों से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने अमित शाह से कहा कि आपकी पार्टी भाजपा और अकाली दल की सरकार ने ही पंजाब के घर-घर में नशा पहुंचाया था। आज आप किस मुंह से नशा मुक्त पंजाब की बात कर रहे हैं? आज भगवंत मान की सरकार भाजपा-अकाली दल सरकार में नशा के दोषी मंत्रियों को जेल भेज रही है और उन्हें उनके गुनाहों की सजा मिल रही है। हमारी सरकार जनता के साथ मिलकर नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। अकाली और भाजपा के काले दौर को पंजाब न भूला है, न भूलेगा, न माफ़ करेगा।
रविवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने केंद्रीय गृहमंत्री के नशा मुक्त पंजाब बनाने वाले बयान की वीडियो क्लिप एक्स पर साझा कर कहा कि अमित शाह जी, पंजाब के घर-घर में नशा पहुंचाने के लिए आपको तो पंजाब के लोगों से माफ़ी मांगनी चाहिए। भाजपा– अकाली दल के काले दौर को लोग भूले नहीं हैं, जब अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर मंत्रियों के घरों में पनाह लेते थे, पेडलर्स को पुलिस गाड़ियों और हथियारबंद सुरक्षा के साथ पूरे राज्य में घुमा कर नशा घर-घर पहुंचाया जाता था। आज आप किस मुँह से नशा मुक्त पंजाब की बात कर रहे हैं?
उन्होंने कहा कि अब हम उस दौर के दोषी मंत्रियों को जेल भेज रहे हैं, उन्हें उनके गुनाहों की सजा मिल रही है। आज पंजाब में आपकी सरकार का इंतज़ार जनता को नहीं है, बल्कि उन बड़े-बड़े नशा कारोबारियों को है, जिन्हें हमारी सरकार की सख्ती के बाद राज्य छोड़कर भागना पड़ा। अगर आपको नशे की इतनी ही चिंता है तो पहले गुजरात में अपना “डबल इंजन” क्यों नहीं चलाते? मुंद्रा पोर्ट से 20,000 करोड़ की ड्रग्स पकड़ी गई थी, आपने पोर्ट के मालिक को जेल में क्यों नहीं डाला? उन्होंने कैग की रिपोर्ट कहा कि कैग रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात में चूहे पुलिस कस्टडी से 2300 किलो ड्रग्स खा गए। क्या ये यकीन करने वाली बात है? ज़ाहिर है कि पुलिस कस्टडी से वो चोरी करके बाज़ार में बेच दी गई और लाखों घर बर्बाद कर दिए गए।
उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को सलाह देते हुए कहा कि पहले गुजरात संभालिए, फिर पंजाब की बात कीजिए। पंजाब में भगवंत मान की सरकार जनता के साथ मिलकर नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। अकाली- बीजेपी के काले दौर को पंजाब न भूला है, न भूलेगा, न माफ़ करेगा।

दिल्ली: शकरपुर पुलिस की एक टीम ने तकनीकी सर्विलेंस के आधार पर एक बिना नंबर प्लेट की सफेद कार में सवार 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर एक ऐसे गैंग का भांडा फोड़ा जो व्यस्त सड़कों पर रोककर बैंक की बकाया किस्तों की जबरन वसूली किया करते थे । यह लोग एप्लीकेशन के माध्यम से बैंक की बकाया किस्तों का भुगतान ना करने वाले वाहनों की जानकारी हासिल कर उनकी मौजूदा लोकेशन ट्रेस कर उन्हें भीड़-भाड़ वाली सड़कों पर रोककर बकाया किस्तों की वसूली किया करते थे । धमकाकर क्यूआर कोड पर बकाया किस्त जमा करने का दबाव बनाते थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों में से प्रिंस, शिवम और दीपक बागपत के एवं आकाश खड़खड़ी लोनी का रहने वाला है । गत 26 मार्च को आईटीओ के पास विकास मार्ग पर एक राहगीर को सफेद कार में सवार चार लोगों ने रोककर जबरन बकाया किस्त के 18000 रुपये उनके द्वारा दिए गए क्यू आर कोड पर ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया । पीड़ित की शिकायत पर पुलिस हरकत में आई । इनके कब्जे से 5 मोबाइल फोन एवं वारदात के लिए इस्तेमाल की गई सफेद स्विफ्ट कार बरामद हुये । चारों ही अभियुक्त 25 साल से कम उम्र के हैं और उनका आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। चारों ही अभियुक्त फिलहाल हिरासत में है एवं मामले पर तहकीक़ात जारी है।

मनोरंजन जगत की चर्चित प्रोड्यूसर एकता कपूर ने नए कलाकारों को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया है। मोहसिन खान के पॉडकास्ट एमके टॉक्स में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि आज के नए स्टार्स डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं एकता कपूर के अनुसार, फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में बीते कुछ वर्षों में कलाकारों की जीवनशैली में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पहले जहां सफलता के साथ जश्न, पार्टियां और सामाजिक मेलजोल होता था, वहीं अब नई पीढ़ी के कलाकारों का जीवन अधिक अनुशासित और सीमित हो गया है।
उन्होंने बताया कि आज के कलाकार फिटनेस, योग और सख्त रूटीन पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, जबकि सामाजिक गतिविधियां और खुलकर जश्न मनाने की परंपरा लगभग खत्म होती जा रही है। एकता का मानना है कि यह बदलाव कलाकारों को मानसिक रूप से प्रभावित कर रहा है और उनमें अकेलापन तथा भावनात्मक दबाव बढ़ा रहा है।बातचीत के दौरान मोहसिन खान ने एकता कपूर के लोकप्रिय धारावाहिक क्यूंकि सास भी कभी बहु थी का भी जिक्र किया। इस पर एकता ने पुराने समय को याद करते हुए कहा कि उस दौर में सफलता को सामूहिक रूप से मनाया जाता था, जिससे कलाकारों के बीच आपसी जुड़ाव बना रहता था।
पॉडकास्ट में एकता कपूर ने अपने फिल्मी अनुभवों और द डर्टी पिक्चर जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी चर्चा की, लेकिन उनका यह बयान सबसे अधिक चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मनोरंजन उद्योग में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, सोशल मीडिया का दबाव और परफॉर्मेंस की लगातार अपेक्षाएं भी कलाकारों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल रही हैं। एकता कपूर का यह बयान न केवल इंडस्ट्री की बदलती संस्कृति को उजागर करता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि ग्लैमर के पीछे छिपे मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।