नई दिल्ली 23, Feb 2026

लेख

1 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

2 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

3 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

4 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

5 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

6 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

7 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

8 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

9 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

10 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

11 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

12 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

13 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

14 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

15 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

16 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

17 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

18 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

19 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

20 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

21 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

22 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

23 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

24 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

25 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

26 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

27 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

28 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

29 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

30 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

31 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

32 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

33 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

34 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

35 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

36 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

37 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

38 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

39 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

40 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

41 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

42 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

43 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

44 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

45 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

46 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

47 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

48 - ठेके आन फिटनेस सेंटर ऑफ छा गए केजरीवाल जी तुस्सी

49 - मुख्य सुरक्षा अधिकारी हुए पंचतत्वों विलीन

50 - दिल्ली में यमुना का पानी का बीओडी लेवेल 50 के पार

एआई युग में एमसीडी के खंडहर स्कूलों के बच्चे दुनिया का कैसे करेंगे मुकाबला

दिल्ली: नगर निगम के जर्जर स्कूलों को लेकर आम आदमी पार्टी के  एमसीडी सह  प्रभारी प्रवीण कुमार ने आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस एआई युग में एमसीडी के खंडहर स्कूलों में पढ़ रहे बच्चे दुनिया का कैसे मुकाबला करेंगे? जब बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलेगी, तभी भारत में एआई का भविष्य भी मजबूत होगा, लेकिन एमसीडी के 668 स्कूल जर्जर हालत में हैं, जहाँ टीचर और बच्चे डर के साये में रहने को मजबूर हैं। बाबरपुर स्थित एक जर्जर एमसीडी स्कूल की मरम्मत के लिए प्रिंसिपल ने कई पत्र लिखे, लेकिन विभाग नजरअंदाज कर रहा है। अगर भाजपा सरकार एमसीडी के जर्जर स्कूलों की जल्द मरम्मत नहीं कराती है तो आम आदमी पार्टी सड़क पर आंदोलन करेगी।
 सिविक सेंटर स्थित एमसीडी मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर उन्होंने कहा  कि दिल्ली में अभी पिछले दिनों एआई समिट हुआ और उसमें नए-नए आविष्कारों के बारे में बताया गया। लेकिन असलियत में यह आविष्कार जहां लागू होने हैं या जिस पीढ़ी को इनका उपयोग करना है या जहां सिखाए जाने हैं, क्या वो इसके लिए तैयार है? दिल्ली के नगर निगम स्कूलों की हालत इतनी ज्यादा बुरी है कि वहां पर बच्चों, शिक्षकों और प्रधानाचार्य को जाने में भी डर लगता है। सभी को अंदर से भय लगता है कि कहीं छज्जा उनके ऊपर ना गिर जाए या शौचालय जाते हुए दरवाजा ना गिर जाए। नगर निगम के स्कूल पहली से पांचवी तक होते हैं और बच्चे बहुत छोटे होते हैं। उन्हें तो पता ही नहीं उनके साथ क्या हो रहा है, लेकिन शिक्षक और प्रधानाचार्य लगातार रोज इस खौफनाक स्थिति से गुजर रहे हैं। उन्होंने बाबरपुर के एक स्कूल के दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि क्या भाजपा का कोई भी नेता अपने बच्चे को इस स्कूल में डालना चाहेगा? दीवारों और शौचालय का बहुत बुरा हाल है। 
अधिकारी  2023 से लगातार सर्वेक्षण कर रहे हैं और कह रहे हैं कि नई बिल्डिंग की जरूरत नहीं है। इसे मरम्मत कर देंगे। स्कूल में लगातार 24 घंटे पानी टपकता रहता है और सारे लेंटर खुल रहे हैं। पिछले कई सालों से प्रधानाचार्य द्वारा विभागीय अधिकारियों को कई पत्र लिखा गया है। लेकिन पैसा न होने का जवाब मिलता है। विभाग पत्रों को अनदेखा कर रहा है और प्रधानाचार्य को मानसिक प्रताड़ना से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने प्रधानाचार्य और देखभाल करने वाले कर्मचारियों द्वारा विभाग को लिखे गए पत्र को पढ़कर बताया कि उन्होंने अपनी विडंबना जाहिर की है। पत्र में लिखा गया है कि हमारे अभिभावक हैं और बहुत देर होने से पहले यथाशीघ्र निवारण करें।
 पत्र  के अनुसार, प्रधानाचार्य इन सबके चलते मानसिक पीड़ा के दौर से गुजर रही हैं। बीमा की राशि एक माता-पिता के बच्चे की जान की भरपाई वित्तीय रूप से भले ही कर दे, परंतु सब जानते हुए भी सभी अधिकारियों का चुप रहना उनकी सबसे बड़ी पीड़ा है। उनकी जान की कीमत शायद निर्धारित हो सकती है, परंतु उनकी और उनके परिवार जनों की मानसिक स्थिति के मुआवजे का क्या हो सकता है। पत्र में 24 घंटे उमड़ते घुमड़ते सवालों का समाधान करने और इस दुख, असमंजस व पीड़ा की जिम्मेदारी निभाने की शक्ति देने की बात कही गई है।यह सिर्फ एक उदाहरण है। सारे पार्षदों से आंकड़े मंगाने पर पता चला है कि दिल्ली में ऐसे 668 स्कूल हैं जो इस समय पूरी तरीके से जर्जर स्थिति में हैं, जिनका कभी भी छज्जा, दीवार या दरवाजा गिर सकता है। उन्होंने कहा कि इसका जवाब भाजपा को देना पड़ेगा कि क्या इस बुरी स्थिति में दिल्ली के स्कूल चल सकते हैं? जिस एआई मॉडल की बात करते हैं, क्या दिल्ली के नगर निगम स्कूल उसे ग्रहण करने में सक्षम हैं।
 एमसीडी की सह-प्रभारी प्रीति डोगरा ने कहा कि आज देश को बताया जा रहा है कि भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, भारत विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है और एआई सम्मेलन चल रहा है। उसी भारत देश की राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति रहते हैं तथा जहां संसद भवन है, वहीं दिल्ली के गौरव पार्क स्थित नगर निगम स्कूल में बच्चों को जर्जर हालत वाले स्कूल में जाना पड़ रहा है। वहां दीवारें और शौचालय बुरी हालत में हैं। लेकिन बच्चों को मजबूरन वहां बैठकर शिक्षा लेनी पड़ रही है। क्या भाजपा डॉलर अर्थव्यवस्था की चमक में इतनी खो गई है कि वह बच्चों की जान को खतरे में डाल रही है? 
 प्रीति डोगरा ने कहा कि मध्यम और गरीब वर्ग के बच्चे वहां पढ़ रहे हैं। भाजपा को शर्म आनी चाहिए कि जिस देश में वे कहते हैं कि उनकी चार इंजन की सरकार है और विकास कर रही है, वहां राजधानी के बच्चों को ऐसे जर्जर स्कूल की हालत में पढ़ना पड़ रहा है। क्या यही उनका विकास है? भालपा सरकार जल्द से जल्द स्कूलों की हालत सुधारी जाए और देश के बच्चों को सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है, तो आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता, नेतागण और सभी लोग मिलकर अभिभावकों के साथ जरूर सड़कों पर उतरेंगे और आंदोलन करेंगे। हम सड़क पर आंदोलन करके जरूर स्कूलों की हालत को सुधारेंगे।
 लाडोसराय से “आप” पार्षद व एमसीडी शिक्षा समिति के सदस्य राजीव सनवाल ने कहा कि एक साल से लगातार शिक्षा विभाग के अधिकारियों से पत्राचार किया गया। कमिश्नर से लेकर डीडी तक चिट्ठियां लिखी गईं, लेकिन किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। अधिकारी सिर्फ इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि कोई हादसा हो जाए, तब वहां लीपापोती कर दी जाए। यह केवल बाबरपुर के एक स्कूल की बात नहीं है, बल्कि एमसीडी के अधिकतर स्कूलों में यही स्थिति है। पहले उपराज्यपाल के माध्यम से भाजपा ने एमसीडी के कार्यों को ठप किया। पिछले एक साल से जब स्थायी समिति और शिक्षा समिति बन गई है, तो आज से लगभग 10 महीने पहले हुई शिक्षा समिति की पहली ही बैठक में इस स्कूल का विषय रख दिया गया था।

07:07 pm 23/02/2026

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

Mobile : 91-9811440461

editor@dhanustankar.com

Slideshow

समाचार

1 - एआई युग में एमसीडी के खंडहर स्कूलों के बच्चे दुनिया का कैसे करेंगे मुकाबला

2 - IEEPA कानून के अंतर्गत टैरिफ लगाने के अमेरिका के राष्ट्रपति के अधिकार को स्पष्ट रूप से नकारा

3 - जामिया हमदर्द प्रोजेक्ट का लेआउट प्लान को दोबारा से लाया जाना सेटिंग का अंदेशा

4 - एक साल दिल्ली बेहाल याद आ रहे हैं केजरीवाल

5 - दिल्ली में भाजपा सरकार का एक साल पूरा होने पर एक दूसरे को लड्डू खिलाकर गिनवाई उपलब्धियाँ

6 - वियाह करतारे दा 27 फरवरी को होगी रिलीज

7 - पारिवारिक भ्रमण के बिना पर हो रही थी मादक पदार्थों की तस्करी

8 - पंजाब में समाचार पत्र जलाना मीडिया पर दमन चक्र

9 - प्राइवेट स्कूलों द्वारा बोर्ड के बच्चों के रोके जा रहे हैं एडमिट कार्ड

10 - निगमायुक्त की वित्तिय शक्ति को 5 करोड़ से बढ़ाकर 50 करोड़ पार्षद हुए पंगु

11 - तू या मैं का दिल्ली में धमाकेदार प्रमोशन

12 - एमसीडी का बजट जन सरोकारों से कोसों दूर और कागजी: अंकुश नारंग

13 - ना ही हिंदुस्तान को समझते हैं ना ही हिंदुस्तान की राजनीति

14 - डीएसएमजी ने सौंपा अकालतख़्त को हरविंदर सिंह सरना को पंथक से बाहर निकालने के लिए मांगपत्र

15 - यादव जी की लव स्टोरी का रोमांटिक सॉंग थोड़ी थोड़ी सी लाँच

16 - प्रोफेसर देवेंद्रपाल सिंह भुल्लर की रिहाई की अर्जी एक बार फिर खारिज किए जाने पर रोष

17 - तिलक नगर में हुआ विशाल विश्व हिंदू सम्मेलन का आयोजन

18 - बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रेया नारायण ने क्यों कहा उसने बुलाया था

19 - ऑपरेशन शस्त्र के तहत 61 मामले दर्ज 82 गिरफ्तार

20 - सामाजिक मुद्दे पर बनी संवेदनशील फिल्म पारो-पिनाकी की प्रेम कहानी

21 - दिल्ली में 700-800 लोगों के लापता होने के मामले नोटिफाई

22 - कूड़े से निकली इनरट मिट्टी को कहीं कहीं ज़मीन के भराव के लिए जा रहा है डाला

23 - दिल्ली देहात में डाला जा रहा है भलस्वा लेंडफिल साइट का कचरा

24 - बजट नहीं आंकड़ों का ऐसा जादूगरखाना जहां सच गायब

25 - केन्द्रीय बजट में प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवंटित बजट में 209 करोड़ की कटौती

26 - केंद्रीय बजट 2026: एमएसएमई-और स्वदेशी पर आधारित वैश्विक प्रतिस्पर्धा का रोडमैप

27 - यदि आप रानी मुखर्जी के फैन तो मर्दानी 3 मिस नहीं करे

28 - मनरेगा खत्म करने के विरोध में प्रदर्शन के लिए निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को किया डिटेन

29 - गुरुग्राम में जुड़ा नेचुरोपैथी का सशक्त अध्याय

30 - 20 जनवरी से लगातार दिल्ली में पानी की आपूर्ति हो रही है प्रभावित

31 - सज्जन कुमार की रिहाई सिख समुदाय का दिल तोड़ने वाला फैसला: बीबी रंजीत कौर

32 - केजरीवाल द्वारा टेक्निकल आधार पर दो समन केस रद्द होने पर सत्यमेव जयते लिखने पर कड़ी आपत्ति

33 - मेहनत जब रंग लाती है !