
दिल्ली: विधान सभा के पटल पर सीएजी रिपोर्ट पर अपने अभिभाषण में मुख्यमंत्री सुश्री रेखा गुप्ता ने शीश महल के अलावा किये कई अन्य खुलासे कहा कि रिनोवेशन के नाम पर कितने शीश महल बने यह आँकड़े बताते हैं । रिनोवेशन के नाम पर खुली लूट हुई । आम आदमी पार्टी के शासनकाल में मंत्रियों के आवास के रिनोवेशन पर खुलेआम सरकारी पैसा जो जन कल्याण पर लगाना चाहिए था पानी की तरह बहाया गया । राखी बेड़लान 2 करोड़ 33 लाख , राम निवास 3 करोड़ 23 लाख , गोपाल राय 2 करोड़ 55 लाख ,सत्येंद्र जैन 2 करोड़, सौरभ भारद्वाज 1 करोड़, आतिशी 67 लाख , मनीष सिसोदिया 7 करोड़ 50 लाख, इमरान हुसैन 3 करोड़ एवं राजेंद्र पाल गौतम 3 करोड़
सीएजी रिपोर्ट, जिसको केजरीवाल साहब ने वर्षों तक रोके रखा, को नैतिक पतन का दस्तावेज बताते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली की जनता को आम आदमी, आम आदमी, आम आदमी बोलकर, उन्होंने अपने आप को राजा और दिल्ली की जनता को दास समझा। जब दिल्ली में हजारों लोग मर रहे थे, तब पूर्व मुख्यमंत्री अपने पचास एयरकंडीशनर अपने घर में लगाकर, सत्तर पंखे लगाकर, वो कौन सा महल बनाया था।अठारह लाख रुपये की कॉफी । घर में तो कोई आता नहीं था, ना किसी अधिकारी को आने की इजाजत थी, विधायक को और ना जनता को। आख़िर वो कॉफी पीता कौन था?
नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से विधायक एवं दिल्ली सरकार में मंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने 58 करोड़ अगर शीश महल पर नहीं, आईसीयू और वेंटिलेटर पर खर्च होते, तो दिल्ली में हज़ारों जानें बच सकती थीं। कोविड के दौरान दिल्ली में ज़रूरी अस्पताल नहीं बने, ऑक्सीजन और आईसीयू बेड नहीं थे। लेकिन उसी वक्त आदेश था ‘शीश महल बनाओ’ – मोस्ट अर्जेंट । 11 साल में आम आदमी पार्टी ने किसी जनता की फ़ाइल पर मोस्ट अर्जेंट नहीं लिखा, सिर्फ लिखा तो अपने महल के लिए।
हैरानी की बात यह है कि ना कायदा ना कानून ना टेंडर और ना ही कैबिनेट की मंजूरी नियमों को ताक पर रख कर किया गया है शीश महल का निर्माण । रिपोर्ट पर उचित कार्यवाही और गुनहगारों को सजा के लिए रिपोर्ट को पार्लियामेंट्री एक्शन कमेटी को भेजने की माँग की है ।