दिल्ली: इस साल का दिल्ली सरकार का अनुमानित बजट 103700 करोड़ है । दिल्ली की मुख्यमंत्री सुश्री रेखा का कहना है कि यह बजट ‘विकसित दिल्ली’ के संकल्प को गति देने वाला है, दिल्ली के सर्वांगीण विकास, जनभागीदारी और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक ठोस कदम है। 74000 करोड़ टैक्स से एवं 900 करोड़ गैर राजस्व से जुटाने का लक्ष्य । इस बार के बजट में विकास पर्यावरण एवं शहर के बुनियादी ढाँचे पर केंद्रित है जिसे ग्रीन बजट का नाम दिया गया है ।
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बजट के कुछ अंश कुछ इस प्रकार हैं , शिक्षा पर 19148 करोड़, स्वास्थ्य पर 12645 करोड़, पर्यावरण पर 22236 करोड़ एवं समाज कल्याण के लिए 2392 करोड़ का प्रावधान है । इस वित्तीय वर्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 7406 करोड़ प्रस्तावित है । महिला समृद्धि योजना के लिए 5110 करोड़ का प्रावधान है । 260 करोड़ के बजटीय प्रावधान के अंतर्गत होली और दिवाली पर महिलाओं को मुफ्त गैस सिलेंडर दिए जायेंगे । दिल्ली लखपति बिटिया योजना के अंतर्गत जन्म से लेकर ग्रेजुएशन तक बेटियों के अकाउंट में सरकार 61000 रुपये डालेगी । ग्रेजुएशन होने पर यह राशि 1.20 लाख हो जाएगी । इसके लिए 128 करोड़ रुपये का प्रावधान है ।
सुरक्षा के मद्देनज़र डार्क स्पॉट्स में अतिरिक्त 50000 कैमरे और उनके रखरखाव के लिए 225 करोड़ का प्रावधान है । महिलाओं को कौशल बाजार से जोड़ने के लिए महिला हाट का प्रावधान है जिसे रानी हाट के नाम से जाना जाएगा । इसके लिए 10 करोड़ का प्रावधान है । यदि बात परिवहन व्यवस्था की की जाए तो इसके लिए 8374 करोड़ का बजट प्रस्तावित है । 2029 तक दिल्ली की सड़क पर 12000 बसें दौड़ने लगेंगी । यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से होगी । दिल्ली इलेक्ट्रिकल व्हीकल पालिसी 2.0 के लिए 200 करोड़ का प्रावधान है ।
दिल्ली में जल एवं सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ बनाने के लिए 9000 करोड़ का प्रावधान है । अधूरे अस्पतालों को पूरा करना दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी । मुख्यमंत्री ने अन्य मसलों पर भी विस्तृत चर्चा की ।