अर्थव्यवस्था में झटके झेलने की क्षमता खत्म, वैश्विक कारण केवल आंशिक
दिल्ली: देश की बदहाल आर्थिक स्थिति और लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार अध्यक्ष पवन खेड़ा ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले उनकी पार्टी पिछले 10 साल से सरकार को आंकड़ों के साथ चेतावनी दे रही थी कि अर्थव्यवस्था मरणशैया पर है, लेकिन इसे अनसुना कर दिया गया। उन्होंने आगे कहा कि वैश्विक कारण केवल आंशिक रूप से जिम्मेदार हैं, अर्थव्यवस्था में झटके झेलने की क्षमता खत्म हो गई है। उन्होंने याद दिलाया कि 2008 के लेहमैन ब्रदर्स वैश्विक संकट के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और उनकी टीम ने देश को आर्थिक झटकों से बचाए रखा था।
महंगाई के आंकड़े पेश करते हुए उन्होंने बताया कि पिछले 12 साल में पेट्रोल की कीमत 38 प्रतिशत और डीजल की कीमत 62 प्रतिशत बढ़ी है। उन्होंने सवाल किया कि मोदी सरकार के अब तक के कार्यकाल में इससे पहले कौन से युद्ध चल रहे थे, तब कौन से वैश्विक फैक्टर थे? उन्होंने याद दिलाया कि यूपीए सरकार के समय कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार रही थी, तब भी देश में पेट्रोल-डीजल की कीमत 70 रुपये प्रति लीटर से ऊपर नहीं गई थी। वहीं, मोदी सरकार में जब कच्चे तेल का दाम करीब 50 डॉलर प्रति बैरल चल रहा था, तब सरकार ने पेट्रोल 100 रुपये लीटर के आसपास बेचा और जनता को राहत नहीं दी गई। आज हालात ये हैं कि एथेनॉल मिला हुआ घटिया पेट्रोल 110 रुपये लीटर में बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 साल में केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर टैक्स के जरिए 43 लाख करोड़ वसूले हैं, अब चार रुपये फिर बढ़ाए गए हैं, जिससे तेल कंपनियों ने कुछ ही घंटों में बाजार से 12,400 करोड़ रुपये कमा लिए।
2014 में जो एलपीजी सिलेंडर 414 रुपये में मिल रहा था, वो आज 915 रुपये का हो गया है। रेस्टोरेंट में खाने-पीने की कीमतें बढ़ चुकी हैं। दूध और ब्रेड की कीमत भी बढ़ा दी गई है। देश की वित्तीय साख का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार गिरकर 96.80 से 97 के स्तर तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 38 बिलियन डॉलर तक घट चुका है और निवेशकों ने बाजार से दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी वापस खींच ली है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में बेरोजगारी दर 15 प्रतिशत के पार चली गई है। अर्थव्यवस्था को लेकर वर्ल्ड बैंक और आईएमएफ के अनुसार हिंदुस्तान छठे पायदान पर गिर चुका है और स्लोडाउन लंबा चलने वाला है।
वित्त मंत्री निर्मलाआर सीतारमण के हालिया सोशल मीडिया पोस्ट्स पर प्रतिक्रिया देते हुए पवन खेड़ा ने मोदी सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं की सच्चाई उजागर करने वाले आंकड़े सामने रखे। उन्होंने कहा कि कुल 58 करोड़ जनधन खातों में से 15 करोड़ से अधिक खाते निष्क्रिय पड़े हैं। इसके अलावा, 62 प्रतिशत खातों में 1,000 रुपये से कम की राशि जमा है। मुद्रा योजना में एनपीए 10 प्रतिशत से ऊपर हो चुका है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का 99.4 प्रतिशत बजट बिना इस्तेमाल के पड़ा रहा। पहले चरण में केवल 7.34 प्रतिशत युवाओं ने ही अपनी इंटर्नशिप पूरी की, जबकि 41 प्रतिशत लोगों ने इसे बीच में ही छोड़ दिया। आयुष्मान भारत योजना को लेकर उन्होंने कहा कि एक ही फर्जी मोबाइल नंबर पर साढ़े सात लाख लोगों को इस योजना का लाभ दे दिया गया, जिसमें कई मृत लोगों के नाम भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि नमो ड्रोन दीदी योजना के अंतर्गत साल 2023-24 में 15,000 ड्रोनों में से केवल 500 ड्रोन ही वितरित किए गए। उन्होंने इस बात का उल्लेख भी किया कि देश में गिग वर्कर्स को कोई ठोस वित्तीय सुरक्षा कवच नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने मनरेगा योजना कमजोर कर ग्रामीण मजदूरों को मझधार में छोड़ दिया है और प्रधानमंत्री किसान योजना में लाभार्थियों की लिस्ट से किसानों के नाम काटे जा रहे हैं।
उन्होंने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जहां आम जनता को वर्क फ्रॉम होम करने और तेल बचाने की नसीहत दी जा रही है, वहीं प्रधानमंत्री स्वयं 8,500 करोड़ रुपये के विमान में विदेश यात्राएं कर रहे हैं और भारी-भरकम रोड शो का आयोजन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में सिर्फ एक ही योजना पूरी पारदर्शिता से चल रही है और वह है - पीएम प्रचार योजना।
08:05 pm 20/05/2026