
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर देश के मौजूदा हालात पर चर्चा की । उनका कहना है कि देश में हो रहे 'लोकतंत्र की हत्या' के खिलाफ मजबूती से आवाज़ बुलंद की है। असंवैधानिक तरीके से पार्टियों को तोड़ना और ED-CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करके दागी नेताओं को भाजपा की 'वाशिंग मशीन' में साफ करना देश के लोकतांत्रिक ढांचे के साथ सीधा खिलवाड़ है।
उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब में 'ऑपरेशन लोटस' की घटिया चालें कभी भी कामयाब नहीं होंगी। उनके विधायक लाखों पंजाबियों की आवाज़ हैं और पंजाबी कभी भी गद्दारी बर्दाश्त नहीं करते। ' लोक सेवक' होने के नाते वह हर पंजाबी को विश्वास दिलाते हैं कि वे जनता के जनादेश और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे। कुछ समय पूर्व आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने असंवैधानिक तरीके से यह कहते हुए भारतीय जनता पार्टी जॉइन कर ली कि वे पार्टी का विलय कर रहे हैं।
यदि कोई राजनीतिक दल दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित कर किसी अन्य दल में विलय करता है, तो वह संविधान सम्मत होता है, किंतु एक सदन के कुछ चुनिंदा सांसदों द्वारा इस प्रकार का कदम उठाया जाना संविधान की हत्या के समान है।उन्होंने 95 विधायकों के हस्ताक्षर सहित लिखित ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति जी को सौंपा तथा इस विषय पर न्यायोचित कार्रवाई करने की अपील की ।