
दिल्ली: पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए जल्द ही दिल्ली सरकार लेकर आयेगी रिहायशी इलाकों में घरेलू इस्तेमाल के लिए बोरवेल का प्रावधान । इस व्यवस्था के तहत घर में बोरवेल लगाने के लिए आवेदन किया जा सकेगा एवं निर्धारित शुल्क जो कि न्यूनतम होगा लेकर बोरवेल लगाने की अनुमति दी जाएगी । साथ ही दिल्ली जल बोर्ड की प्रक्रिया को सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने के लिए ई केवाईसी योजना को भी लागू किया जायेगा । मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार का 103700 करोड़ का बजट पास हुआ । मुख्यमंत्री के अनुसार इस साल का बजट ढाँचागत विकास पर आधारित है ।आने वाले समय में मुनक नहर पर एलिवेटेड कॉरिडोर एवं तीन मेट्रो कॉरिडोर का काम पूरा होने से दिल्ली बनेगा मेट्रो इंफ्रास्ट्रक्चर का सबसे बड़ा राज्य ।
यदि बात हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की की जाए तो मुख्य मंत्री का मानना है कि उपचार अधिकार है उपकर नहीं । इस बार स्वास्थ्य के लिए 12645 करोड़ का प्रावधान है । माधोपुर , सिरजपुर, हस्तसाल एवं ज्वालापुरी के अस्पतालों के निर्माण के लिए 515 करोड़ का प्रावधान रखा गया है ।200 करोड़ की लागत से पूर्वी दिल्ली स्थित जीटीबी अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण होगा । 2026- 27 के दौरान 700 नये आरोग्य मंदिर खोले जाने का लक्ष्य है। आयुष्मान योजना में ट्रांसजेंडर को भी शामिल किया गया है और अंत में अनमोल योजना के तहत नवजात जातकों के लिए 56 जांचें पूरी तरह से निशुल्क होंगी । मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मेडिकल कॉलेजों में स्नातक स्तर पर 820 एवं स्नातकोत्तर के लिए 762 सीटों का लक्ष्य रखा गया है ।
केंद्र द्वारा ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी कम किए जाने पर उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रोल पर कर ₹13 से घटाकर ₹3 प्रति लीटर और डीजल पर ₹10 से शून्य कर दिया गया है। यह निर्णय वैश्विक परिस्थितियों के बीच देशवासियों को सीधी राहत देता है और यह सुनिश्चित करता है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी रहें। बजट सत्र के दौरान याने के चारों दिन विपक्ष सदन से नदारद था ।विधानसभा के परिसर से बाहर नारे लगते हुए दिखाई दिया ।