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दिल्ली: पिछले सप्ताह हुई यूजीसी-एनईटी परीक्षा को लेकर सामने आए गंभीर आरोप बेहद चौंकाने वाले हैं। लोकसभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी ने ट्विटर के माध्यम से प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि एनईटी पेपर लीक के कुछ ही हफ्तों बाद अब खबरें आ रही हैं कि यूजीसी - एनईटी परीक्षा से ठीक पहले 100 पन्नों की एक पीडीएफ प्रसारित हुई। यह पीडीएफ उस क्वेश्चन पेपर सेटिंग की है, जो सिर्फ़ एनटीए के पास उपलब्ध होती है। पीडीएफ के लगभग 90 सवाल सोशियोलॉजी के असली प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं।
वही प्रश्नपत्र 2.25 लाख रुपये में बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में बेचा जा रहा था। रोहतक के छात्र नेता दीपक धनकड़ ने आरोप लगाया है कि 28 और 29 जून की रात अभ्यर्थियों को पढ़ाये गए कुछ विषयों के प्रश्न 100 फी सदी वास्तविक पेपर से मैच हुए । छात्र नेता ने कथित प्रश्न पत्र की फॉरेंसिक जाँच किए जाने की माँग की है । इसी नेटवर्क ने सीएसआईआर - एनईटी,एचटीईटी और एडीए जैसी आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा भी किया गया है ।
एनईईटी और एनईटी में बार-बार सामने आए घोटालों के बावजूद भी मोदी सरकार आंखें मूंदकर सो रही है । उनके लिए लाखों छात्रों की रात-रात जागकर की गई सालों की मेहनत कोई मायने नहीं रखती। सारा देश जानता है कि प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से किसी भी तरह की जवाबदेही या कार्रवाई की उम्मीद करना बेकार है । न जांच होगी, न छात्रों को न्याय मिलेगा। बदलाव का सिर्फ एकमात्र औज़ार हमारी सम्मिलित आवाज़ है । देश भर के छात्रों की गूंज, जो भारत में शिक्षा में क्रांति लाकर रहेगी।