नई दिल्ली 10, Jun 2026

लेख

1 - रक्त रंजित राजनीति से मिली मुक्ति बंगाल में पहली बार निखरा कमल

2 - कैसे होंगे केरल के सियासी समीकरण

3 - कौन सा खेला खेलेंगी ममता बैनर्जी पश्चिम बंगाल में

4 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

5 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

6 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

7 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

8 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

9 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

10 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

11 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

12 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

13 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

14 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

15 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

16 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

17 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

18 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

19 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

20 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

21 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

22 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

23 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

24 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

25 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

26 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

27 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

28 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

29 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

30 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

31 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

32 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

33 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

34 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

35 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

36 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

37 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

38 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

39 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

40 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

41 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

42 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

43 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

44 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

45 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

46 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

47 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

48 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

49 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

50 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

12 दिन बाद भी मलबा नहीं हटा पाई सरकार


दिल्ली: साकेत स्थित सैदुलाजाब में गिरी बिल्डिंग का मलबा अभी तक नहीं हटने पर भाजपा सरकार को आम आदमी पार्टी के  एमसीडी सह प्रभारी प्रवीण कुमार  एवं  प्रभारी  प्रीति डोगरा ने आड़े हाथ लिया है। ‘‘आप’’ के एमसीडी में सह  कहा कि हादसे के 12 दिन बाद भी भाजपा सरकार मलबा नहीं हटा पाई है। आखिर क्या छिपाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार मौतों का असल आंकड़ा छिपाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन धीमा चला रही है। उन्होंने भाजपा सरकार से पूछा कि आखिर रेस्क्यू ऑपरेशन कब खत्म होगा? अगर दिल्ली में कहीं इससे बड़ी त्रासदी हो गई तो उससे निपटने के लिए सरकार की क्या तैयारी है? उन्होंने मांग की कि सैदुलाजाब मामले की एसआईटी से जांच कराई जाए ताकि मौतों का सही आंकड़ा पता चल सके और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सके।
 
साकेत स्थित सैदुलाजाब में गिरी बिल्डिंग की वीडियो दिखाते हुए उन्होंने कहा कि 30 मई को 500 गज की इमारत भरभरा कर गिर गई थी। हादसे के 12 दिन बीतने के बावजूद वहां रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी चल रहा है। मलबा लगातार हटाया जा रहा है। सरकार बताने को तैयार नहीं है कि आखिर यह रेस्क्यू ऑपरेशन और कितने दिनों तक चलाया जाएगा? भाजपा सरकार इस मुद्दे को दबाने की कोशिश कर रही है ताकि जनता इस हादसे को भूल जाएं। इस पर चर्चा न हो और भाजपा सरकार में लगातार ऐसे हादसे हो रहे हैं।
 
बिल्डिंग  गिरने के दौरान “आप” का एक पांच सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची थी। हमने पूरे हालात का आकलन किया और आसपास के लोगों से बात की। स्थानीय लोगों के अनुसार, मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका थी। लेकिन सरकार ने रेस्क्यू ऑपरेशन को धीमा कर दिया। आज 12 दिन हो चुके हैं, रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी चल ही रहा है और पूरा मलबा नहीं हटाया जा सका है। भाजपा की दिल्ली और केंद्र सरकार बताए अगर 400-500 गज की बिल्डिंग के लिए 12 दिन तक रेस्क्यू ऑपरेशन चल सकता है, तो दिल्ली में कोई बड़ी त्रासदी होने पर रेस्क्यू ऑपरेशन कितने दिनों तक चलेगा? भाजपा ने सिस्टम का मजाक बना रखा है। ये लोग हर चीज को अपने हिसाब से मैनिपुलेट करते हैं।
 
सह एमसीडी प्रभारी ने जानकारी देते हुए कह कि 9 जून को जब आम आदमी पार्टी की तीन सदस्यीय टीम वहां पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन धीमा होता पाया। लोगों ने बताया कि मरने वालों का असली आंकड़ा छिपाया जा रहा है। ऐसे में सरकार स्पष्ट करे कि रेस्क्यू ऑपरेशन कब खत्म होगा? अगर दिल्ली में ऐसी कोई बड़ी त्रासदी हो गई, तो सरकार की क्या तैयारी है? जिस तरह स्थानीय लोग बता रहे हैं कि मृतकों की संख्या कहीं ज्यादा है, उसे देखते हुए इस मामले में एसआईटी से जांच होनी चाहिए। इस बात का दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए कि आखिर असल में कितने लोगों की मौत हुई है और कितने लोग घायल हुए हैं और इसके लिए कौन लोग जिम्मेदार हैं। ताकि उन पर कार्रवाई हो सके। 
 
इस दौरान एमसीडी सह-प्रभारी प्रीति डोगरा ने कहा कि 12 दिन बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन का चलना प्रशासन की आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। यह पूरी नाकामी को बयां करता है। अगर दिल्ली में कोई इससे बड़ा हादसा हो जाता है, तो भाजपा को यह बताना चाहिए कि उनके पास क्या-क्या प्रबंधन है? आज दिल्ली की जनता भयभीत है क्योंकि राजधानी में हादसे बढ़ते जा रहे हैं। कहीं इमारतें गिर रही हैं, तो कहीं आग लग रही है। जब भी दिल्ली में कोई हादसा होता है, तो इतनी धीमी गति से काम किया जाता है जैसे कोई नुकसान ही न हुआ हो। आम आदमी पार्टी भाजपा से मांग करती है कि वे अपनी आपदा प्रबंधन व्यवस्था को सार्वजनिक करें। हादसे में मारे गए लोगों के असल आंकड़े छिपाए जा रहे हैं। हमारी मांग है कि दिल्ली की जनता को सही आंकड़े बताए जाएं और इस मामले की जल्द से जल्द जांच की जाए ताकि खौफ में जी रहे लोगों को कुछ सुकून मिल सके।
 
उधर, “आप” के महरौली पुर्व जिलाध्यक्ष नरेश त्यागी ने बताया कि मंगलवार को आम आदमी पार्टी मौके पर गई थी। वहां की वास्तविक स्थिति यह है कि लगभग 40 फीसद मलबा अभी भी जस का तस पड़ा हुआ है। मलबे के नीचे एक बेसमेंट भी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेस्क्यू टीम दिन में न के बराबर काम करती है। इनका मकसद किसी भी तरह से मौत के असल आंकड़ों को छिपाना है। स्थानीय लोगों ने बताया है कि मलबे से कई शव निकाले गए हैं, लेकिन प्रशासन ने अभी तक इस पर कोई प्रेस वार्ता नहीं की है। वे मौत के आंकड़ों को सामने नहीं आने देना चाहते। हमारी मांग है कि तुरंत एक एसआईटी का गठन कर इस पर विभागीय जांच बैठाई जाए। यह स्पष्ट किया जाए कि इस हादसे में अब तक कितनी मौतें हुई हैं और बचे हुए मलबे को उठाने में कितना समय लगेगा, क्योंकि वहां हालात अभी भी बेहद खराब हैं।

06:05 pm 10/06/2026

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

Mobile : 91-9811440461

editor@dhanustankar.com

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