
दिल्ली विधानसभा: आज मानसून सत्र के तीसरे दिन आम आदमी पार्टी के विधायक कथित चावल घोटाले का मुद्दा लेकर सदन में पहुंचे स्लोगन्स के साथ की जमकर नारेबाजी । ये लोग खाद्य मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के इस्तीफे की माँग कर रहे थे । खाद्य मंत्री ने किसी प्रकार के घोटाले की संभावना से स्पष्ट इनकार किया है । बीच में अवरोध होने के बावजूद सदन में दिल्ली राइट ऑफ़ सिटीजन टू टाइम बांड एंड ईज़ टू डिलीवरी ऑफ़ सर्विसेज 2026, दिल्ली अग्निशमन संशोधन विधेयक 2026 एवं दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड विधेयक 2026 आदि पास हुए एवं सीएजी की वर्ष 2022-23 से संबंधित CAG रिपोर्ट पर संख्या -1 एवं स्टेट फ़ाइनेंसेज ऑडिट रिपोर्ट संख्या-2, 2026 पर चर्चा हुई । 10 साल पिछली सरकार ने पूरे सिस्टम को रौंद डाला और पूरी तरह से लोगों को लूटा-खसोटा। दिल्ली का बुरा हाल कर दिया।अपने इस डेढ़ साल के कार्यकाल में वर्तमान सरकार ने सीएजी रिपोर्ट्स प्रस्तुत की हैं, जिन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। ये रिपोर्ट्स सर्वोच्च संवैधानिक ऑडिट संस्था, सीएजी, द्वारा तैयार की गई हैं। एक-एक विषय को इतनी डिटेल में बताया गया है कि कैसे पिछली आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता को लूटा, दिल्ली के पैसे का गबन किया। कोई सेक्टर छोड़ा ही नहीं, कोई विभाग छोड़ा ही नहीं।
चाहे शिक्षा हो या फिर स्वास्थ्य और या फिर बिजली यहाँ तक की विज्ञापन में भी घोटाला । फण्ड तो था लेकिन खर्च नहीं हुआ । यदि बात 2024-25 की जाए तो सरकार के पास 80498 क़रोड़ का प्रावधान था लेकिन खर्च हुआ 61000 क़रोड़ । 32 योजनाओं के लिए 1517 करोड़ का बजट लेकिन काम कुछ नहीं हुआ । रिपोर्ट में 115 ऐसे हेड्स का उल्लेख है जिनमें 50 फिसदी खर्चा साल के आखरी महीने में हुआ । उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की यह पूरे देश में एकमात्र ऐसी सरकार थी, जहां मुख्यमंत्री के पास कोई विभाग नहीं था। वह किसी फाइल पर साइन नहीं करता था, पर सब कुछ करता वही था।