
दिल्ली: झारखंड में परीक्षा अनियमितताओं और संसद के गतिरोध को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड सरकार ने एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी को कई परीक्षाओं का कार्य सौंपा, फिर भी राहुल गांधी चुप हैं। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे झूठा नैरेटिव फैलाकर सदन नहीं चलने दे रहे हैं, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह प्रतिदिन सदन में मौजूद रहकर बहस का जवाब देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जो जानकारी सामने आ रही है, उससे स्पष्ट है कि झारखंड सरकार ने एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी को पूरा काम दे रखा है। जिस कंपनी को उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने ब्लैकलिस्ट किया और राजस्थान में भी ब्लैकलिस्ट किया गया, उसी कंपनी को कई परीक्षाओं का पूरा काम सौंपा गया है। इसका क्या मतलब है? यदि वहां नौकरी बिकती है, तो राहुल गांधी खामोश क्यों हैं? राहुल गांधी इलाहाबाद और अन्य स्थानों पर युवाओं से संवाद करने जाते हैं, लेकिन जिस सरकार के कंधों पर उनकी सरकार टिकी है, उस पर चुप्पी साध लेते हैं। राहुल गांधी पाखंडी हैं और उनका चेहरा दो तरह का है। यहां कुछ कहते हैं, जबकि वहां खामोश रहते हैं। देश यह सब देख रहा है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे रोज नई-नई कहानियां गढ़ते हैं और नए-नए पोस्टर लेकर आते हैं। वे 'अमित शाह को बुलाओ, अमित शाह को बुलाओ' कहते रहते हैं, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह सुबह 10:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक प्रतिदिन अपने चेंबर में बैठे रहते हैं और अभी भी बैठे हुए हैं। सदन चले और बहस हो, तब श्री अमित शाह जाकर बोलेंगे और कसकर जवाब देंगे। लेकिन विपक्ष न तो सदन चलने देता है और न ही बहस होने देता है, बल्कि केवल हो-हल्ला करता रहता है। श्री अमित शाह अपने चेंबर में बैठे हैं और विपक्ष 'अमित शाह को बुलाओ' कह रहा है। सदन चलेगा तब ही वह सदन में जाकर जवाब देंगे। विपक्ष के लोग भी सदन में आते हैं, लेकिन हो-हल्ला होने के कारण खाली बैठे रहते हैं और फिर उठकर चले जाते हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने जान-बूझकर देश के सामने एक झूठा नैरेटिव फैलाया है। चाहे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी हों, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हों, भाजपा हो या एनडीए, सभी एक-एक बहस के लिए तैयार हैं। वो विपक्ष की बात भी सुनना चाहते हैं और उसका जवाब भी देना चाहते हैं, लेकिन वे बहस करें और सदन चलने दें तब न। इसलिए बिल्कुल झूठी और बेबुनियाद बातें कही जा रही हैं। देश के सामने यह सच्चाई आना जरूरी है कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी सुबह से शाम तक सदन में अपने चेंबर में बैठते हैं। सदन की कार्रवाई चले तो वह कसकर जवाब देने के लिए तैयार हैं। लेकिन विपक्ष न तो सदन चलने देता है और न ही बहस होने देता है, बल्कि केवल हो-हल्ला करता है और 'कहां हैं अमित शाह' लिखे पोस्टर लेकर आता है। मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी आकर देख लें कि श्री अमित शाह अपने चेंबर में बैठे हैं तथा बहस सुनने और उसका जवाब देने के लिए तैयार हैं।