
दिल्ली: टोल टेंडर की प्रतिस्पर्धा को सीमित करने के लिए शर्तें ऐसी रखी ताकि फ़ायदा चुनिंदा कंपनियों को पहुंचाया जा सके । उनका कहना है कि सात में से दो कंपनियों को फिक्स किया गया । एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इसका सीधा नुकसान MCD के राजस्व और दिल्ली की जनता को होगा। 500 करोड़ रुपये के इस कथित घोटाले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई हो और पूरे टेंडर की पारदर्शी समीक्षा की जाए। इसके ख़िलाफ़ एक कंपनी स्कायलार्क लिमिटेड ने कोर्ट में मुक़दमा दर्ज किया है एवं इस बाबत मुख्य मंत्री को ख़त भी लिखा है ।
उन्होंने एमसीडी के पदाधिकारियों को घेरे में लेते हुए कहा कि दिल्ली की जनता के पैसे पर भ्रष्टाचार नहीं चलेगा। निगम आयुक्त को जवाब देना होगा कि किस नेता के इशारे पर यह बड़ा खेल खेला गया।