मानसून सत्र में संभावित परिसीमन समेत विभिन्न विधेयकों का कड़ा विरोध करेगी कांग्रेस
दिल्ली: कांग्रेस ने फैसला किया है कि संसद के आगामी मानसून सत्र में परिसीमन समेत अन्य संभावित विधेयकों का कड़ा विरोध किया जाएगा। साथ ही श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी, पेपर लीक, एथेनॉल घोटाले और विफल विदेश नीति जैसे मुद्दों पर भी मोदी सरकार से चर्चा तथा जवाबदेही की मांग की जाएगी। कांग्रेस की संसदीय रणनीति समूह की बैठक में ये निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने की, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश समेत पार्टी के वरिष्ठ सदस्य शामिल हुए।
बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में जयराम रमेश और डॉ. नासिर हुसैन ने इन निर्णयों की विस्तृत जानकारी साझा की। जयराम रमेश ने कहा कि इस सत्र में जो विधेयक आने वाले हैं, उनके बारे में सरकार की ओर से अभी औपचारिक जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि 19 जुलाई को होने वाली सर्वदलीय बैठक में इन विधेयकों की जानकारी मिलेगी। लेकिन कांग्रेस संभावित विधेयकों का विपक्ष की एकजुटता के साथ पुरजोर तरीके से विरोध करेगी।उन्होंने बताया कि कांग्रेस द्वारा परिसीमन विधेयक का पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल को सरकार को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री इस खतरनाक विधेयक को दोबारा लाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस लोकसभा की 543 सीटों में से महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन महिला आरक्षण के नाम पर खतरनाक परिसीमन लागू करने के प्रयास का विपक्ष ने पूरी एकजुटता के साथ विरोध किया था।
उन्होंने कहा कि बीती 17 अप्रैल को परिसीमन विधेयक पर संसद में मिली हार के बाद से सरकार विपक्ष की कुछ पार्टियों को तोड़ने में लगी हुई है, ताकि दो-तिहाई बहुमत जुटाया जा सके। उन्होंने इसे संविधान और जनादेश का अपमान बताते हुए कहा कि 2024 के चुनाव में जनता ने भाजपा के 400 पार के नारे को ठुकराकर 240 सीटों पर समेट दिया था, अब जोड़-तोड़ से हासिल किया जाने वाला कोई भी दो-तिहाई बहुमत 'कलंकित बहुमत' कहलाएगा। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकसभा में सरकार को दो-तिहाई बहुमत मिलने की कोई गुंजाइश नहीं है; यह असंभव है। कांग्रेस मानसून सत्र के दौरान कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी मोदी सरकार को घेरेगी। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर संसद में चर्चा की मांग की जाएगी। इसके अलावा नीट पेपर लीक मामले समेत परीक्षा और शिक्षा प्रणाली में आई गिरावट का मुद्दा उठाया जाएगा। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
उन्होंने बताया कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और उनके पुत्रों की संलिप्तता वाले एथेनॉल-20 घोटाले पर भी सरकार से जवाबदेही मांगी जाएगी। इसके साथ ही, चीन और अमेरिका के साथ भारत के संबंध, पश्चिम एशिया के बिगड़ते हालात और अमेरिका की मदद से पाकिस्तान की उभरती नई भूमिका जैसी विदेश नीति की चुनौतियों पर भी संसद में बहस की मांग की जाएगी।पत्रकारों के सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व डीएमके, आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी समेत उन सभी विपक्षी पार्टियों के संपर्क में है, जिन्होंने परिसीमन विधेयक का विरोध किया था। शरद पवार द्वारा परिसीमन विधेयक का समर्थन किए जाने संबंधी खबरों पर कांग्रेस नेता ने बताया कि सुप्रिया सुले पहले ही ऐसी खबरों को गलत बता चुकी हैं और जानबूझकर ऐसी कहानियां गढ़ी जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि मानसून सत्र में मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों की बर्खास्तगी संबंधी संविधान संशोधन विधेयक और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून 2013 में किए जा रहे संशोधनों का भी विरोध होगा। इसके अतिरिक्त विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक और दोबारा एफसीआरए विधेयक को लाए जाने पर भी संसद में कड़ा विरोध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बैठक में ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पर भी चर्चा की गई। कांग्रेस इस सिद्धांत के खिलाफ है; यह संविधान के खिलाफ और गैर-लोकतांत्रिक है।
07:42 pm 16/07/2026