
दिल्ली: हरियाणा में पिछले 36 घंटे से बिजली गुल होने पर आम आदमी पार्टी ने नायब सिंह सैनी सरकार को आड़े हाथ लिया है। पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने बताया कि सीएम नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम और नूंह में बिजली आपूर्ति निजी हाथों में दे दी है। इसी वजह से हरियाणा में बत्ती गुल हुई है। पानी तक के लिए तरस रहे लोगों को विरोध में कैंडल मार्च निकालना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब कमाई प्राइवेट कंपनी करेगी लेकिन नेटवर्क और बिजली पहुंचाने का खर्च सरकारी कंपनी उठाएगी। ऐसे में सीएम को बताना चाहिए कि गुरुग्राम से बिजली विभाग को 10 हजार करोड़ रुपए का सालाना कमाई होने वाली पर्ची उनके दफ्तर से गई या फिर सुपर सीएम के दफ्तर से गई? ‘‘आप’’ की मांग है कि सैनी सरकार एचईआरसी के पीछे छिपने के बजाय डील को तुरंत रद्द करे।
पिछले 36 घंटे से हरियाणा में बिजली और पीने के पानी की बहुत गंभीर समस्या बनी हुई है। हमारे पास जगह-जगह से फोन आ रहे हैं। गुरुग्राम, अंबाला, रोहतक, हिसार, करनाल और कुरुक्षेत्र सहित शायद ही हरियाणा का कोई ऐसा हिस्सा हो जहां बिजली पूरी तरह से गायब न हो। लोग यह कहने लगे हैं कि नायब सिंह सैनी से अब हरियाणा संभल नहीं रहा है और उनसे सरकार चलाई नहीं जा रही है। जब लोगों के लिए बिजली और पानी ही उपलब्ध नहीं है, तो फिर नायब सिंह सैनी राज्य में और क्या सुविधा दे रहे हैं या क्या सरकार चला रहे हैं? यह सवाल अब लोग पूछने लगे हैं।
गुड़गांव जैसी जगह, जिसे आईटी सिटी कहा जाता है, जहां दुनियाभर की आईटी कंपनियां हैं और जिसका पूरी दुनिया से सीधा संबंध है, ऐसे इंटरनेशनल स्पॉट पर 36 घंटे से बिजली नदारद है। बिजली न होने की वजह से जगह-जगह पानी के पंप हाउस भी नहीं चल रहे हैं, जिससे वाटर सप्लाई भी बाधित है और लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। गुरुवार रात को बहुत सालों बाद यह मंजर देखने को मिला कि लोग मोमबत्तियां लेकर सड़क पर उतर आए और नारेबाजी कर रहे थे कि कम से कम बिजली और पानी तो उपलब्ध कराओ, जो कि सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। 10 हजार करोड़ रुपए सालाना कमाई वाले गुड़गांव को एक प्राइवेट कंपनी को सौंपना है। कहा जा रहा है कि गुड़गांव और नूंह में बिजली की सप्लाई एक प्राइवेट कंपनी, 11 पावर प्राइवेट लिमिटेड किया करेगी। यह कोई टाटा, बिरला या पुरानी कंपनी नहीं है, बल्कि 6 जून 2025 को बनी है। इसके दूध के दांत भी नहीं टूटे हैं और इसे हरियाणा के सबसे पॉश और मलाईदार इलाके में बिजली सप्लाई का टेंडर मिल गया।
कंपनी की पेड-अप कैपिटल कुल एक करोड़ रुपए है। एक करोड़ रुपए लगाकर कंपनी चालू की गई है। ये कह रहे हैं कि नेटवर्क बनाने में 4700 करोड़ रुपए का निवेश करेंगे। नायब सिंह सैनी इन्हें सरकारी कंपनियों से ही लोन दिला देंगे। पहले जो सरकारी खातों में से 400-500 करोड़ रुपए उड़ाए थे, वह मामला अभी सिमटा नहीं है। अब यह 4700 करोड़ रुपए नायब सिंह सैनी एक करोड़ वाली कंपनी को क्यों दिला देंगे? इस कंपनी का कोई पुराना अनुभव नहीं है और ऐसा नहीं है कि यह 10-12 राज्यों में पहले से बिजली सप्लाई कर रही हो।