
दिल्ली : लाहौरी गेट 54.5 लाख की डकैती के मामले में पुलिस ने किया बड़ा खुलासा । खुद ही रची गई थी लूट की साजिश । पुलिस को कड़ियों को जोड़ने के लिए 500 सीसीटीवी खंगालने पड़े । अंत में फतेहपुरी की फुटेज देखकर पुलिस नतीजे पर पहुँची । वासुदेव एक प्रतिष्ठान में 6 महीने से कार्यरत था एवं कैश हैंडलिंग का काम करता था । उसने प्राथमिकी दर्ज करवाई कि गत 26 मई को वह कूचा घासी राम में कैश डिलीवर करने जा रहा था रास्ते में दो जनों ने उसे धमकाकर उसका पैसों से भरा बैग एवं मोबाइल फोन लूट लिया । धक्का मुक्की में उसके कपड़े भी फट गए । आरंभिक जाँच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पुलिस को उसकी भूमिका पर संदेह हुआ और कड़ियाँ जोड़ती जोड़ती पुलिस अपराधियों तक पहुँच गई ।
वारदात को अंजाम देने में 3 प्रत्यक्ष और तीन परोक्ष रूप से शामिल थे । वासुदेव उम्र 23 साल वारदात का मास्टरमाइंड था एवं वारदात में उसके अन्य 5 साथी शामिल थे । पहला पुरुषोत्तम उम्र 22 साल डिप्लोमा इन फार्मेसी है, दूसरा राम निवास उम्र 32 साल वेडिंग फोटोग्राफर का धंधा करता था, तीसरा राम निवास वेडिंग फोटोग्राफर, चौथा मनफुल मूँद उम्र 22 साल वेडिंग फोटोग्राफर एवं पांचवामनोज मोटासरा उम्र 26 साल वेडिंग फोटोग्राफर है । यह सभी बीकानेर के विभिन्न इलाकों के रहने वाले हैं । फिलहाल सभी अभियुक्त हिरासत में हैं एवं उनके कब्जे से पुलिस ने लूटे के 50 lakh रुपये बरामद कर लिए हैं । पुलिस को कड़ी मुशक्कत के बाद यह सफलता हासिल हुई । राजस्थान एवं उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में दबिश के लिए 10 टीमों का गठन किया गया लगभग 3500 किलोमीटर का एरिया कवर किया गया । इस दौरान जहाँ जहाँ अभियुक्त रुके थे उन ठिकानों को ट्रेस किया गया ।
उत्तरी दिल्ली पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया ने गुज़ारिश की है कि किसी को भी मुलाजिम के रूप में रखने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन करवाना जरूर है । वरना सावधानी हटी दुर्घटना घटी ।