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दिल्ली: साकेत बिल्डिंग हादसे में भाजपा शासित दिल्ली नगर निगम के साउथ जोन के डीसी राकेश कुमार की भारी लापरवाही सामने पर आने पर सोमवार को आम आदमी पार्टी ने डीसी ऑफिस का घेराव कर उनके निलंबन की मांग की। एमसीडी के सह प्रभारी प्रवीण कुमार के नेतृत्व में आयोजित घेराव में साउथ जोन के सभी ‘‘आप’’ पार्षद शामिल हुए और डीसी से जवाबदेही मांगी। लेकिन डिप्टी कमिश्नर जवाब देने के बजाय कार्यालय छोड़कर भाग गए। अधिकारियों की इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत के विरोध में पार्षदों ने उनके कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया और साउथ ज़ोन के निगम कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर पार्षद राजीव चौधरी,कृष्णा जाखड़, पिंकी नरेश त्यागी, राजबाला टॉक्स, अरुण नवारिया, गीता कुमारी, रेखा महेंद्र चौधरी, रामस्वरूप कनौजिया, आशु कुमारी, भागवीर पहलवान समेत कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि साउथ जोन के सभी पार्षदों ने डीसी कार्यालय का घेराव कर डीसी राकेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस ग़ैर क़ानूनी बिल्डिंग के बारे में बार-बार शिकायत डीसी को भेजी गई, मगर उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। डीसी की निष्क्रियता के कारण ही अवैध निर्माण होने के चलते पांच मंजिला इमारत ढह गई। उधर, एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि साकेत इमारत हादसे और साउथ ज़ोन में चल रहे अवैध निर्माण के खिलाफ शिकायत देने आम आदमी पार्टी के सभी पार्षद डिप्टी कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, भाजपा मेयर, स्टैंडिंग कमेटी अध्यक्ष और साउथ ज़ोन के जिम्मेदार पदों पर बैठे भाजपा नेता मिलकर दिल्ली को लूटने और अवैध निर्माण को संरक्षण देने में लगे हैं। भाजपा सरकार को न लोगों की सुरक्षा की चिंता है, न उनके घरों की, न उनकी जान की। हम मांग करते हैं कि साकेत हादसे के सभी दोषी अधिकारियों के साथ-साथ अवैध निर्माण को संरक्षण देने वाले डिप्टी कमिश्नर को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।
एमसीडी के सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि हम साउथ जोन में डीसी के संरक्षण में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि साकेत में बिल्डिंग गिरने से कई मासूम लोगों की जान चली गई। इसके लिए भ्रष्ट अधिकारी और भ्रष्ट सरकार जिम्मेदार हैं, जिन्होंने पैसे खाकर उस बिल्डिंग का निर्माण होने दिया। यह बिल्डिंग 2015 में बुक हो चुकी थी और हाई कोर्ट में केस चल रहा था। इसके बावजूद पुरानी बिल्डिंग के ऊपर दो नए लेंटर डाले गए और बेसमेंट खोदी गई। इसी वजह से पूरी बिल्डिंग एक कैंटीन के ऊपर गिर गई, जिससे कई प्रतिभाशाली छात्रों की जान चली गई। प्रवीण कुमार ने आगे कहा कि इस हादसे के लिए पूरी तरह से भाजपा शासित एमसीडी और रेखा गुप्ता सरकार जिम्मेदार है। आज डीसी, मेयर और कमिश्नर को अपना इस्तीफा देना चाहिए। इस पूरे मामले की एसआईटी के जरिए जांच होनी चाहिए। इस जोन के चेयरमैन उमेद फोगाट और स्थानीय भाजपा विधायक करतार सिंह तंवर खुद इस भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। यह वार्ड भी भाजपा के उमेद फोगाट का ही है और ये सभी लोग बिल्डिंग माफिया बन चुके हैं। जब से भाजपा सरकार आई है, पिछले डेढ़ साल में अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग गिरने से करीब 15 से 20 मौतें हो चुकी हैं। भाजपा के सारे नेता पैसे कमाकर अवैध कब्जा कर रहे हैं और बिल्डिंग बनाने का काम कर रहे हैं। इस पूरी सरकार की जांच होनी चाहिए और सभी लिप्त नेताओं व मंत्रियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
यह सिर्फ एक हादसा नहीं है, अगर इसे नहीं रोका गया तो आगे भी ऐसे हादसे होंगे। आम आदमी पार्टी मांग करती है कि डीसी को तत्काल रूप से बर्खास्त किया जाए। सिर्फ जेई और एई जैसे निचले स्तर के अधिकारियों को निलंबित करके खानापूर्ति करने से काम नहीं चलेगा। कमिश्नर तक के बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए और हम मेयर का भी इस्तीफा मांगते हैं, क्योंकि यह बहुत बड़ा हादसा है। घटनास्थल पर चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन को भी बहुत धीमा कर दिया गया है ताकि भाजपा सरकार मौत के आंकड़े छिपा सके। हमारी कमेटी ने वहां का दौरा किया है और वहां के दृश्य बहुत भयानक हैं। रविवार तक सिर्फ 10 फीसद हिस्से में ही रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था और बड़े हिस्से को छुआ तक नहीं गया था। भाजपा अपनी नाकामी और भ्रष्टाचार छिपाने के लिए यह सब कर रही है, जिसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर सही तरीके से रेस्क्यू ऑपरेशन किया जाए तो मौतों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
वहीं, निगम पार्षद कृष्णा जाखड़ ने बताया कि डीसी राकेश कुमार की जॉइनिंग 20 फरवरी 2026 को हुई है। एसएचओ महरौली ने उन्हें लिखित में शिकायत भेजकर 3 मार्च और 10 मार्च को कार्रवाई करने के लिए कहा था। पुलिस के कहने के बाद भी डीसी ने कोई कार्रवाई नहीं की, इसके लिए सीधे तौर पर भाजपा शासित नगर निगम के डीसी जिम्मेदार हैं। हम डीसी और बिल्डिंग विभाग के एक्सईएन का इस्तीफा मांगते हैं, इससे कम हमें कुछ भी मंजूर नहीं होगा। अगर महरौली थाने के एसएचओ शिकायत कर रहे हैं और उनकी भी नहीं सुनी जा रही, तो फिर किसकी सुनी जाएगी? घटनास्थल पर लाइब्रेरी और मेस चल रही थी। वहां रेस्क्यू ऑपरेशन को जानबूझकर धीमा किया गया है, ताकि मौतों का आंकड़ा छिपाया जा सके। भाजपा की तानाशाही वाली रेखा गुप्ता सरकार को भी इस्तीफा देना चाहिए। जनता के साथ हो रहे इस अन्याय को आम आदमी पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी।
उधर, निगम पार्षद रेखा महेंद्र चौधरी ने कहा कि उस बिल्डिंग के खिलाफ पहले भी शिकायत हुई थी। पड़ोसी ने लिखित में शिकायत दी थी कि यह बिल्डिंग खतरनाक है और एक तरफ झुक रही है। इतनी शिकायतें होने के बावजूद एमसीडी ने कोर्ट में गलत हलफनामा दिया कि बिल्डिंग में कोई दिक्कत नहीं है। एमसीडी की इस लापरवाही की वजह से जो नुकसान हुआ है, उसमें अभी तक सरकारी आंकड़े सिर्फ पांच मौतें बता रहे हैं। लेकिन रविवार को जब हम मौके पर गए, तो स्थानीय लोगों ने बताया कि वहां से कम से कम 20 से 22 लाशें निकाली जा चुकी हैं। अभी भी मलबे के नीचे कम से कम 150 से 200 लोगों के दबे होने की आशंका है। जेई और एई जैसे निचले स्तर के अधिकारियों को सस्पेंड करके लीपापोती करने से काम नहीं चलेगा। जो ऊपर बैठे अधिकारी हैं, जैसे बिल्डिंग के एक्सईएन, वर्क्स के एक्सईएन और सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि ऑर्डर इन्हीं का होता है। जेई तो बेचारा वहां जाकर इनके हिसाब से काम करता है। आम आदमी पार्टी की मांग है कि इन अधिकारियों को सिर्फ सस्पेंड नहीं, बल्कि बर्खास्त किया जाना चाहिए, ताकि पूरे नगर निगम में एक उदाहरण स्थापित हो सके। आगे से कोई भी अधिकारी इस तरह का काम करने और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने से पहले 10 बार सोचे।
इसी मांग को लेकर आज हम डीसी को ज्ञापन देने आए थे, लेकिन वह यहां पहुंचे ही नहीं। जबकि उन्हें पता था कि आज हम यहां आने वाले हैं। हमने उन्हें फोन भी किया, लेकिन उन्होंने फोन काट दिया और अब वे हमारा फोन भी नहीं उठा रहे हैं। हम सभी नगर निगम के इसी जोन के पार्षद हैं। अगर डीसी हमारा ही फोन नहीं उठाएंगे, तो आम जनता के साथ कैसा व्यवहार करते होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। यह हमारी खुली चेतावनी है कि आज हम नगर निगम की बिल्डिंग के अंदर बैठे हैं, लेकिन अगर संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो हम बाहर रोड पर चक्का जाम करेंगे और पीड़ितों को न्याय दिलाकर रहेंगे।