नई दिल्ली 01, Nov 2026

लेख

1 - नाना पाटेकर हुए दुनिया से अलविदा

2 - बकरा मंडी भायखला में पुष्प वर्षा कर हुआ लाल बाग चा राजा का स्वागत

3 - कैसे होंगे केरल के सियासी समीकरण

4 - कौन सा खेला खेलेंगी ममता बैनर्जी पश्चिम बंगाल में

5 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

6 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

7 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

8 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

9 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

10 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

11 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

12 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

13 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

14 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

15 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

16 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

17 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

18 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

19 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

20 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

21 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

22 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

23 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

24 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

25 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

26 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

27 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

28 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

29 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

30 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

31 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

32 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

33 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

34 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

35 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

36 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

37 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

38 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

39 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

40 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

41 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

42 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

43 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

44 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

45 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

46 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

47 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

48 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

49 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

50 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

वोट चोरी के खिलाफ इंडिया गठबंधन की महारैली में उमड़ा जनसैलाब

दिल्ली: वोट चोरी के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन की ओर से रविवार को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित 'वोट बचाओ देश बचाओ' महारैली में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। कई दशकों के बाद दिल्ली की सड़कों पर किसी मुद्दे को इतना बड़ा जनसमर्थन देखने को मिला। महारैली की शुरुआत से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी, राजद नेता तेजस्वी यादव, एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत, सीपीआई नेता डी राजा, पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, सीपीएम नेता एमए बेबी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन समेत 20 दलों के वरिष्ठ नेताओं ने मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक एक विशाल मार्च निकाला। वरिष्ठ नेता खुले वाहनों में सवार थे। मार्च के दौरान सड़क के दोनों ओर हजारों समर्थकों की भीड़ जमी रही। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि नेताओं को रामलीला मैदान पहुंचने में तीन घंटे लग गए। नेताओं के रामलीला मैदान में मंच पर एक साथ हाथ उठाकर समर्थकों का अभिवादन स्वीकार करते ही विपक्षी एकजुटता का बड़ा संदेश दिखाई दिया, जिससे लोगों में जबरदस्त उत्साह भर गया।
 
रैली में शामिल होने के लिए शनिवार रात से ही देश के विभिन्न राज्यों से लोगों का दिल्ली पहुंचना शुरू हो गया था। रविवार सुबह होते-होते रामलीला मैदान, आसपास की सड़कें, चौराहे और फ्लाईओवर पूरी तरह भीड़ से लबालब हो गए। मैदान से कई किलोमीटर दूर तक लोगों का हुजूम नजर आ रहा था। हाथों में तिरंगा, बैनर और पोस्टर थामे कार्यकर्ता 'वोट चोर, गद्दी छोड़' के गगनभेदी नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। कर्नाटक से आए प्रदर्शनकारी कई मीटर लंबा कपड़े का बैनर लेकर पहुंचे थे, जिस पर उन मतदाताओं के नाम दर्ज थे जिनका दावा था कि उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इस महारैली की मुख्य विशेषता यह रही कि इसमें केवल राजनीतिक कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि साधु-संत, युवा, छात्र, महिलाएं, बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। विभिन्न राज्यों से अपनी पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे लोग आकर्षण का केंद्र बने। रैली स्थल की ओर बढ़ते समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों, डफली और  लोकगीतों की धुन पर नाचते-गाते हुए विरोध जताया। कई जगहों पर कलाकारों ने नुक्कड़ नाटकों और कार्टून बैनरों के माध्यम से चुनावी अनियमितताओं पर प्रहार किया। ढोल की थाप पर उत्साह का यह माहौल रामलीला मैदान से कई किलोमीटर दूर तक देखने को मिला।
 
रैली के लिए आम जनता का समर्थन इस कदर दिखा कि ऑटो और टैक्सी चालकों ने लोगों को निशुल्क रामलीला मैदान तक पहुंचाया। इतनी भारी भीड़ के बावजूद कार्यकर्ताओं ने पूरा अनुशासन बनाए रखा। इस महारैली की गूंज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी साफ दिखाई दी। लोगों ने रैली से जुड़े तमाम वीडियो को साझा कर अपना समर्थन दिया। रैली की तस्वीरें, वीडियो और सांस्कृतिक प्रदर्शन की झलकियां दिनभर सोशल मीडिया पर छाई रहीं। राजनीतिक पंडितों के अनुसार इस महारैली का देशव्यापी व्यापक असर आगामी दिनों में मुख्य चुनाव आयुक्त और मोदी सरकार के खिलाफ जनआक्रोश में और वृद्धि के रूप में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

07:42 pm 01/11/2026

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

Mobile : 91-9811440461

editor@dhanustankar.com

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समाचार

1 - वोट चोरी के खिलाफ इंडिया गठबंधन की महारैली में उमड़ा जनसैलाब

2 - 1984 में जो हुआ वह सिर्फ एक दंगा नहीं था बल्कि एक तरह का नरसंहार था

3 - बेगम अख्तर की 52वीं पुण्यतिथि पर संगीत और सिनेमा का संगम

4 - गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर पाकिस्तान जाने वाली हर संगत को बिना रुकावट वीजा

5 - छत्रपति शिवाजी महाराज की गौरवगाथा को बड़े पर्दे पर लाएंगे भूषण कुमार

6 - घर बैठे शराब बुक करें ऐप के मामले में खुद ही एलबीडब्ल्यू हो गए

7 - मनजीत सिंह जीके के खिलाफ दर्ज मामलों में अदालती कार्रवाई तेज

8 - 30-31 अक्टूबर को होने वाले चाइना फ़िल्म फेस्टिवल में होगा चीनी भाषा की 11 फिल्मों का प्रदर्शन

9 - ‘सृष्टि दी चादर’ समारोह में विभिन्न धर्मों के नेता एकजुट हुए

10 - गुरु नानक विश्वविद्यालय(ननकाना साहिब) के अंतरराष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड में परमजीत सिंह सरना हुए शामिल

11 - अवैध निर्माण और प्रशासनिक लापरवाही की कीमत चुका रही है आम जनता

12 - खड़गे के आवास पर प्रदर्शन के दौरान हर्ष मल्होत्रा, राजेश भाटिया, मोहनलाल गिहारा सहित 200 कार्यकर्ता हुए डिटेन

13 - ‘अवेकनिंग’ स्वामी चिन्मयानंद पर बनी एक संगीतमय जीवनी

14 - 36 घंटे से बत्ती गुल होने पानी के लिए तरस रहे लोग सड़कों पर

15 - ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान-1 लागू होने के बावजूद दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब श्रेणी में

16 - पहला मुख्यमंत्री जिसपर कस्टम नियम 1962 के अंतर्गत रूपए 50 हजार का जुर्माना

17 - ‘दूसरा’ को लेकर सौरव गांगुली को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका

18 - दलीप सिंह पेरिस में भुलाए गए, मान फ्रांस में बजा रहे बांसुरी

19 - 1947 में देश आजाद हुआ पर क्या आजादी के साथ ही भारत का भरतीयकरण हो गया

20 - उप राष्ट्रपति ने किया बाण चलाकर बुराई के प्रतीक रावण का दहन

21 - रावण देगा दिल्ली वालों को तीन संदेश करो अहंकार, ट्रैफिक और प्रदूषण को खत्म

22 - त्यौहारों के सीजन में दिल्ली की सड़कों को खुदाई और अतिक्रमण से हों मुक्त

23 - राजस्थान के देशनोक, बीकानेर और जोधपुर में होगी कर्णिका की शूटिंग

24 - 250 फीट की ऊंचाई पर आकाश मार्ग से जब श्री राम और लक्ष्मण को अपने कंधों पर उठाए हनुमान जी

25 - यदि पंजाब में शिरोमणि अकाली दल की सरकार बनती है तो बंदी सिंहों की रिहाई उसकी पहली प्राथमिकता होगी

26 - चिट्टा पार्टी के साथ मिलकर पंजाब में फिर नशा बेचने का सपना

27 - ‘रिजीम चेंज’ (तख्तापलट) और अराजकता के जरिए सत्ता

28 - अल्बर्ट पिंटो याने कि प्रधानमंत्री को गुस्सा क्यूँ आता है

29 - केवट बने मनोज तिवारी, मुस्कुराये बिना नहीं रह सके नितिन नवीन

30 - युवाओं को गुमराह कर सत्ता परिवर्तन का सपना

31 - आराजक युवाओं के कानून तोड़ने को तिरंगे की लड़ाई बताना शर्मनाक

32 - ⁠विवाद के चलते बदला फिल्म का शीर्षक: ‘यादव जी की लव स्टोरी’ बनी ‘लव स्टोरी अभिमन्यु की’

33 - प्रतिबंधित धरना स्थल पर जबरन घुसने के आरोप में सौरभ दास एवं आशुतोष रांका 5 दिन की हिरासत में