
दिल्ली : बेअदबी के मामलों में श्री अकाल तख्त ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को दोषी करार दिया है ।हाल ही में आयोजित सिंह सभाओं के प्रतिनिधियों की बैठक में शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सरना ने जानकारी साँझा करते हुए कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह द्वारा जारी फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए सरना ने कहा कि वायरल वीडियो, जिसमें भगवंत मान जैसा दिखने वाला एक व्यक्ति सिख गुरुओं की तस्वीरों पर शराब छिड़कता हुआ दिखाई दे रहा है, वास्तविक है। दो स्वतंत्र फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की जांच के अनुसार यह वीडियो न तो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से बनाया गया है और न ही इसके साथ कोई छेड़छाड़ की गई है। पाँचों सिंह साहिबानों ने इस निष्कर्ष को सर्वसम्मति से स्वीकार किया है। हालांकि मान ने उन फोटोग्राफ़ों में उनके होने से इनकार किया है और कहा कि उनके ख़िलाफ़ साजिश के तहत यह वीडियो एआई से तैयार की गई है , लेकिन शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष एवं जागो पार्टी से मनजीत सिंह जीके का भी कहना है कि वीडियो की फॉरेंसिकजाँच के लिए दो लैब में भेजा गया था । दोनों ही लैब की रिपोर्टों में वीडियो में एआई की संभावना से इनकार किया गया है ।
पंथक के दोनों ही नेताओं का कहना है कि श्री अकाल तख्त ने उन सभी सिख विधायकों को बुलाया है जिन्होंने उस विवादित बेअदबी विरोधी कानून को पारित करने में सहयोग दिया था, जिसे जत्थेदार ने ‘काला कानून’ कहा है। यह कोई राजनीतिक बुलावा नहीं, बल्कि पंथ का आदेश है। जो भी सिख विधायक इस आदेश की अवहेलना करेगा, वह अपनी पार्टी को नहीं बल्कि वाहेगुरु को जवाबदेह होगा। करेगी उन्होंने आम सिखों से भी अपील की कि वे जत्थेदार के आह्वान के अनुसार भगवंत मान से सामाजिक दूरी बनाए रखें। उन्होंने कहा प्रत्येक गुरसिख और समस्त सिख संगत से अपील है कि वे जत्थेदार के आह्वान का पालन करते हुए भगवंत मान का सामाजिक बहिष्कार करें। उनके साथ मंच साझा न करें, उनके कार्यक्रमों में भाग न लें, अपने गुरुद्वारों में उनका स्वागत न करें और उन्हें वह सम्मान न दें जिसे पंथ उनसे वापस ले चुका है। पंजाब के हर गाँव, हर शहर और हर गुरुद्वारे में उन्हें पंथ के निर्णय का भार महसूस होना चाहिए।